Sunk Cabbage : पत्ता गोभी क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

उपयोग

पत्ता गोभी (Sunk Cabbage) का इस्तेमाल किसलिए किया जाता है?

पत्ता गोभी (Sunk Cabbage) का इस्तेमाल प्रमुख तौर पर इन बीमारियों के इलाज में किया जाता है।

भारतीय घरों में पत्ता गोभी (Sunk Cabbage) का इस्तेमाल पेट में दर्द, पेट और आंतों के अल्सर, एसिड रिफ्लक्स (जीईआरडी) के लिए किया जाता है। गोभी का उपयोग अस्थमा और मॉर्निंग सिकनेस के इलाज के लिए भी किया जाता है। इसका उपयोग कमजोर हड्डियों (ऑस्टियोपोरोसिस), साथ ही फेफड़े, पेट, कोलन, स्तन और अन्य प्रकार के कैंसर को जड़ से खत्म करने के लिए भी किया जाता है।

छोटे शिशुओं को स्तनपान कराने वाली महिलाएं सूजन और दर्द से राहत पाने के लिए कभी-कभी गोभी के पत्तों का इस्तेमाल करती हैं। कुछ स्थानों पर महिलाएं गोभी के पत्तों के अर्क स्तनों पर भी लगाती हैं। गोभी पर हुए शोध में यह बात सामने आई है कि ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों को राहत दिलाने के लिए गोभी का इस्तेमाल किया जाता है।

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गोभी कैसे करती हैं काम?

गोभी में ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो शरीर को कैंसर से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। गोभी शरीर में एस्ट्रोजेन का उपयोग करने के तरीके को बदल सकती है, जिससे स्तन कैंसर का खतरा कम हो जाता है। कुछ स्थितियों में गोभी का इस्तेमाल शरीर में सूजन कम करने के लिए किया जाता है।

छोटे शिशुओं को स्तनपान कराने वाली महिलाएं दर्द से राहत पाने के लिए के लिए भी गोभी या इसके पेस्ट का इस्तेमाल करती हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, साबूत गोभी के पत्ते सूजन और दर्द से राहत पाने के लिए किया जाता है।

मूत्राशय कैंसर: शोध में यह बात सामने आई है कि अधिक मात्रा में गोभी, ब्रोकली जैसी सब्जियां खाने से मूत्राशय कैंसर से राहत मिल सकती है।

कोलोरेक्टल कैंसर: कुछ लोगों को गोभी खाना बिल्कुल भी पंसद नहीं होता है, लेकिन गोभी पर हुए शोध में यह बात सामने आई है कि एक निश्चित मात्रा में फूलगोभी, ब्रोकली जैसी चीजें खाते हैं उन्हें कोलोरेक्टल कैंसर से छुटकारा मिल सकता है।

हाई कोलेस्ट्रॉल: गोभी पर हुए प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि 3-9 सप्ताह के लिए फल और अन्य सब्जियों वाले पेय में गोभी और ब्रोकोली को लिया जाए तो इससे हाई कोलेसट्रॉल से छुटकारा मिल सकता है।

पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस: प्रारंभिक अनुसंधान से पता चलता है कि गोभी के पत्तों के आवरण को दिन में 2 बार, 4 सप्ताह के लिए किया जाए तो घुटने के पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस को खत्म किया जा सकता है। आप चाहे तो गोभी के पत्तों का जेल बनाकर भी इसे ऑस्टियोआर्थराइटिस में इस्तेमाल कर सकते हैं।

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सावधानियां और चेतावनी

गोभी का सेवन करते वक्त सावधानियां और चेतावनी?

गोभी का इस्तेमाल अगर एक निश्चित मात्रा में किया जाए तो यह सुरक्षित है। हालांकि चेहरे पर गोभी का पेस्ट लगाने से कई बार लोगों को जलन,सूजन और दर्द जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप गोभी का पेस्ट लगा रहे हैं और आपको किसी तरह की परेशानी होती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करिए।

  • अगर आप गर्भवती हैं या फिर शिशु को स्तनपान करवा रही हैं तो गोभी का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। ऐसा इसलिए है कि गर्भावस्था में महिला को खानपान का ध्यान रखना जरूरी है, ऐसे में अगर गोभी का सेवन किया जाए, तो कई बार यह नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसलिए एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
  • अगर आप कोई स्वास्थ्य संबंधी दवाई का सेवन कर रहे हैं तो इसका सेवन करने से बचें।
  • अगर आपको किसी तरह की एलर्जी या दवाई से नुकसान है तो गोभी का सेवन बिना डॉक्टर के सुझाव के न करें।
  • आपको कोई अन्य बीमारी, विकार या कोई चिकित्सीय उपचार चल रहा है तो इसका सेवन न करें।
  • यदि आपको किसी तरह के खाने, जानवर या सामान से एलर्जी है तो गोभी का सेवन करने से बचना चाहिए।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की ज़रुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना ज़रुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

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कितना सुरक्षित है गोभी का सेवन?

अगर आप गोभी का सेवन भोजन में सब्जी के तौर पर कर रहे हैं तो इसका सेवन पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन, अगर आप इसका इस्तेमाल दवा या औषधि के रूप में करना चाहते हैं तो डॉक्टर या किसी हर्बल विशेषज्ञ से सलाह लें।

गोभी के साइड इफ़ेक्ट

गोभी खाने से मुझे क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं?

एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल):

गोभी का इस्तेमाल कुछ दवाओं के साथ किया जाए तो यह नुकसानदायक साबित हो सकती है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) के साथ गोभी का इस्तेमाल किया जाए तो एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) की प्रभावशीलता कम हो जाती है।

लीवरः

अगर आप लीवर से संबंधित किसी तरह की दवाई का सेवन कर रहे हैं तो गोभी का इस्तेमाल करने से बचें। लीवर में ली जाने वाली दवाओं के साथ गोभी का इस्तेमाल करते है तो यह दवा की प्रभावशीलता को कम कर सकती है। लीवर की बीमारी और ट्रासप्लांट में ली जाने वाली दवाओं में क्लोजापाइन (क्लोजारिल), साइक्लोबेनेराप्रिन (फ्लेक्सिरिल), फ्लूवोक्सामाइन शामिल हैं। जरूर नहीं है कि हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित ही हों, इसलिए एक बार इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लीजिए।

गोभी को ऑक्साज़ेपम (सेरेक्स) के साथ लेने से ऑक्साज़ेपम (सेरेक्स) की प्रभावशीलता कम हो सकती है। अगर आप किसी भी तरह की दवाई का इस्केमाल कर रहे हैं तो एक बार गोभी का किसी भी रूप में इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर, हर्बलिस्ट की सलाह जरूर लीजिए।

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गोभी की खुराक

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह ज़रुर लें।

स्तनपान के दौरान बढ़े हुए स्तन और होने वाले दर्द के लिएः घर में रहने वाले छोटे शिशुओं को दूध पिलाने के दौरान अक्सर महिलाओं को दर्द का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गोभी के पत्तों को ब्रा के अंदर रोजाना लगभग पत्ता ब्रा के अंदर या ठंडे तौलिया के नीचे एक संपीड़ित के रूप में पहना जाता है जब तक कि गोभी का पत्ता शरीर के तापमान (लगभग 20 मिनट) तक मिनट तक रखने की सलाह दी जाती है। आप इस प्रक्रिया को एक सप्ताह तक दोहरा सकती हैं। इस प्रक्रिया को दोहराने के बाद आपको एहसास होगा कि कुछ ही दिनों में आपको स्तनों के दर्द से राहत मिल गई है।

गोभी किस रूप में आती है?

आमतौर पर गोभी सर्दियों के मौसम में किसी भी दुकान पर आसानी से उपलब्ध होती है। लेकिन वर्तमान में बाजार में गोभी के चिप्स, गोभी के रस का सिरप और कई तरह के ड्राई प्रोडक्ट्स उपलब्ध है।

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रिव्यू की तारीख जुलाई 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 22, 2019