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क्या कोरोना वायरस के बाद दुनिया एक और नई घातक वायरल बीमारी से लड़ने वाली है?

क्या कोरोना वायरस के बाद दुनिया एक और नई घातक वायरल बीमारी से लड़ने वाली है?

ऐसा लगता है कि साल 2020 दुनिया भर में लोगों को सही नहीं रहने वाला है। साल की शुरुआत में ही कोरोना वायरस के प्रकोप ने दुनिया को डराकर रख दिया और इस के चलते लाखों लोगों की जान भी जा चुकी है। अब एक नई खबर यह आई है कि दुनिया में एक और घातक वायरल बीमारी फैल सकती है। खबर यह है कि दुनिया में क्रोनिक बी पैरालाइसिस वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। हालांकि अभी यह वायरस केवल मधुमक्खियों को बीमार बना रहा है, लेकिन तेजी से बढ़ रही बीमारी के कारण लोग डरने लगे हैं। लोगों को लग रहा है कि जैसे चमगादड़ से कोरोना के पैदा होने की बात दुनिया कह रही है। कहीं उसी तरह मधुमक्खी में होने वाला क्रोनिक पैरालाइसिस रोग इंसानों में न फैल जाए।

क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस का प्रकोपः भारत में भी लोग करते हैं मधुमक्खी का पालन

हालांकि यह शोध अभी विदेशों में ही किया गया है, लेकिन इस रिसर्च का परिणाम भारत के लिए भी चिंता पैदा करने वाला है। नोवल कोरोना वायरस ने भी पहले विदेश में ही तबाही मचाई थी और अब भारत में भी इसका प्रकोप बुरी तरह फैल चुका है। भारत में भी बहुतायत मात्रा में लोग मधुमक्खी पालन का काम करते हैं। ऐसे में यह अध्ययन मधुमक्खी पालकों के साथ-साथ दूसरे लोगों के लिए भी टेंशन की बात है। इस खोज के बाद अब सभी के लिए चिंता है कि कोरोना वायरस के बाद फिर क्रोनिक बी पैरालाइसिस वारयस का प्रकोप भी न फैल जाए।

क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस-Chronic Bee paralysis virus

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क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस का प्रकोपः 24 हजार मधुमक्खी पालकों से जुटाए गए आंकड़े

यूके के न्यूकैसल यूनिवर्सिटी के जर्नल नेचर कम्यूनिकेशन्स में प्रोफेसर जाइल्स बडेज की एक खबर प्रकाशित हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2007 से 2017 के बीच क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस से मधुमक्खी के संक्रमित होने की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। वैज्ञानिकों ने ये आंकड़े 24 हजार से अधिक मधुमक्खी पालकों के पास से जमा किए गए।

क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस-Chronic Bee paralysis virus

जांच में यह भी पता चला कि क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस सबसे पहले साल 2007 में केवल लिंकनशायर में पाया गया था, लेकिन एक दशक बाद यह 39 काउंटियों सहित छह वेल्श काउंटियों में भी देखा गया। वैज्ञानिकों ने इसी रिसर्च के आधार पर पाया कि क्रोनिक बी पैरालाइसिस बीमारी मधुमक्खियों में तेजी से बढ़ रही है।

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क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस का प्रकोपः मधुमक्खियों में होती है यह बीमारी

शोधकर्ताओं ने क्रोनिक बी पैरालाइसिस वारयस से बीमार होने के बाद मधुमक्खियों में कई लक्षण देखे। वैज्ञानिकों के अनुसार, क्रोनिक बी पैरालाइसिस वायरस से संक्रमित होने के बाद मधुमक्खियों के शरीर में असामान्य रूप से कंपकंपी होने लगती है। मधुमक्खी उड़ने में असमर्थ हो जाती है। मधुमक्खी के बाल झड़ जाते हैं, जिससे उसकी त्वचा दिखने लगती है। इन लक्षणों के कारण ही आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह मधुमक्खियों में यह बीमारी लगातार बढ़ती जा रही, कहीं कोविड-19 के बाद इससे इंसान भी संक्रमित न होने लगे।

यह खबर पढ़कर आप भी चिंता में पड़ गए होंगे, क्योंकि अभी जिस तरह कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचाया हुआ है, उससे लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ऐसे में अगर एक क्रोनिक बी पैरालिसिस जैसा दूसरा घातक वायरस दुनिया में आया, तो पता नहीं लोगों का क्या होगा।

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क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस का प्रकोपः एक हफ्ते में हो जाती है मधुमक्खियों की मृत्यु

वैज्ञानिकों के अनुसार, किसी मधुमक्खी को इस वायरस ने संक्रमित कर दिया, तो इससे धीरे-धीरे मधुमक्खी का पूरी कॉलोनी ही संक्रमित हो जाती है। इस बीमारी के कारण संक्रमित मधुमक्खियां एक सप्ताह के भीतर मर जाती हैं। इससे मधुमक्खी के छत्ते के बाहर ही मृत मधुमक्खियों का ढेर लग जाता है। इससे आस-पास की दूसरी मधुमक्खियों की कॉलोनियां भी संक्रमित हो जाती हैं।

क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस-Chronic Bee paralysis virus

क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस का प्रकोपः प्रोफेसर जाइल्स बडेज का दावा

प्रोफेसर जाइल्स बडेज ने यह भी बताया कि हमने इस विषय पर बहुत अधिक शोध किया है और हमारा विश्लेषण स्पष्ट रूप से इस बात की पुष्टि करता है कि मधुमक्खियों में क्रोनिक बी पैरालाइसिस वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। साल 2007 के बाद से इंग्लैंड और वेल्स में इस बीमारी में तेजी देखने को मिली है। हमारे रिसर्च के अनुसार, इससे मधुमक्खी पालकों में भी जोखिम की संभावना हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा हालांकि हम अभी तक यह नहीं जानते हैं कि मधुमक्खी पालकों की कॉलोनियों को इस हानिकारक बीमारी से खतरा क्यों है, लेकिन ऐसी संभावना हो सकती है।

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क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस का प्रकोपः सटीक जानकारी के लिए जारी है रिसर्च

शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि इससे संबंधित पूरी सटीक जानकारी के लिए हमें अलग-अलग जीनोटाइप वायरस पर रिसर्च करना होगा। हमें यह भी देखना है कि क्या यह बीमारी केवल वहीं हो रही है, जहां शौकिया रूप से मधुमक्खी का पालन किया जा रहा है या फिर पेशेवर मधुमक्खी में भी यह रोग फैल रहा है। इसके बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।

क्रोनिक बी पैरालिसिस वायरस-Chronic Bee paralysis virus

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अभी तक यही माना जाता था कि मधुमक्खी से होने वाली बीमारी आम होती है, जो थोड़ी दवाई करने पर कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन यह नई खबर सभी लोगों को डराने वाली है। दुनिया भर में लोग मधुमक्खियों का पालन करते हैं। भारत के कई राज्यों में भी मधुमक्खियों का बहुत अधिक पालन किया जाता है। ऐसे में अगर यह कल्पना सच साबित हुई और बीमारी मधुमक्खियों से इंसान को होने लगी, तो यह पूरी दुनिया के लिए एक चिंताजनक बात होगी। कोरोना वायरस के बाद अगर यह वायरस दुनिया में फैल गया, तो इससे भी कई लोगों की जान जा सकती है। उम्मीद की जा सकती है कि पहले से ही लोग कोरोना वायरस से बेहाल हैं और इससे पता नहीं लोगों का क्या होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो, तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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सूत्र

All accessed on-08/05/2020

1.Chronic bee paralysis as a serious emerging threat to honey bees
https://www.nature.com/articles/s41467-020-15919-0

2. Emergence of deadly honey bee disease revealed
https://www.newsbreak.com/news/0Ove6sSJ/emergence-of-deadly-honey-bee-disease-revealed

3.Honey bee colonies from across the UK are increasingly suffering from a viral disease, a new study has shown.-https://www.sciencedaily.com/releases/2020/05/200501092920.htm

4.Emergence of deadly honey bee disease revealed
https://indiaeducationdiary.in/emergence-of-deadly-honey-bee-disease-revealed/

5.Coronavirus-https://www.who.int/health-topics/coronavirus-

6.Coronavirus disease (COVID-19) Pandemic –https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019

7.India ramps up efforts to contain the spread of novel coronavirus-https://www.who.int/india/emergencies/novel-coronavirus-2019

8.#IndiaFightsCorona COVID-19 –https://www.mygov.in/covid-19

9.Emergence of deadly honey bee disease revealed- https://www.ncl.ac.uk/press/articles/latest/2020/05/chronicbeeparalysis/

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Suraj Kumar Das द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 12/05/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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