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तो क्या HIV की इस दवा से होगा कोरोना वायरस का इलाज?

तो क्या HIV की इस दवा से होगा कोरोना वायरस का इलाज?

एपेक्स हेल्थ रिसर्च बॉडी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने नोवल कोरोना वायरस की मेडिसिन के उपयोग के लिए DCGI से आपातकालीन स्वीकृति मांगी थी। ऑफिशियल सोर्स से बुधवार को जानकारी मिली की ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले दवाओं के संयोजन को नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) के इंफेक्शन से जूझ रहे लोगों के उपचार के लिए प्रतिबंधित इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल गई है। गर्वनमेंट के सोर्स के अनुसार ICMR ने DCGI से रिस्ट्रिक्टेड यूज के लिए एमरजेंसी अप्रूवल मांगा था। दवा का यूज एचआईवी पेशेंट के लिए किया जाता है। लोपनावीर और रिटोनावीर (lopinavir and ritonavir) को रेस्प्रिरेटरी एलिमेंट (सांस संबंधी बीमारी) के लिए यूज किया जाता है। आईसीएमआर ऑफिशियल्स ने कहा है कि ये ड्रग्स कोरोना वायरस से लड़ने के लिए पावरफुल है।

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नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) के इलाज के समय ली जाएगी पेशेंट से सहमति

दवाओं के लिए इन कॉम्बिनेशन के साथ ही अन्य ड्रग्स को चीन में क्लिनिकल ट्रायल में यूज किया जा रहा है, जहां से नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) की उत्पत्ति हुई है। साथ ही दवा का ट्रायल थाइलैंड के पेशेंट के साथ भी किया जा रहा है। DCGI ने नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) के ट्रीटमेंट इन ड्रग्स के कॉम्बिनेशन पर किसी भी प्रकार ऑब्जेक्शन नहीं लगाया है। सोर्स के हवाले से बताया गया है कि किसी भी पेशेंट में इस दवा का प्रयोग करने से पहले उसको इस बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही उस व्यक्ति से सहमति भी ली जाएगी। भारत में अब तीन नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) के केस कंफर्म हो चुके हैं। केरल में रहने वाले सभी स्टूडेंट वुहान में स्टडी कर रहे थे। भारत वापस आने पर तीन लोगों का वायरस टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है।

भारत में नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) से बचाव के लिए समय-समय पर लोगों को एडवाइजरी जारी की जा रही हैं। साथ ही लोगों को नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) से बचाव के लिए सावधानियां भी बताई जा रही हैं। इंडो-तिब्बतन बॉर्डर में करीब 401 लोगों को अलग किया गया है। ये लोग वुहान से एयर इंडिया की फ्लाइट से भारत वापस आए हैं। भारत के 21 एयरपोर्ट में विदेश से आने वाले सभी लोगों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। बॉर्डर क्रॉसिंग और इंटरनेशनल सी पोर्ट में भी लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। अब चूंकि नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) दुनिया भर मे फैल रहा है, तो किसी भी अन्य देश जाने पर लोगों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी जा रही है।

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कोविड- 19 से अब तक 565 लोगों की जा चुकी है जान

नए अपडेट के अनुसार, कोरोना वायरस से अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस वक्त कोरोना वायरस के ग्लोबल टोटल कंफर्म केस की संख्या 28,273 है, जबकि इस वायरस के कारण 565 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 25 एयरलाइंस को बंद कर दिया गया है, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति चीन से बाहर नहीं जा सकता है। साथ ही नौ देशों में चीन के लोगों के आगमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चीन की ट्रेनों में रोजाना के कंपेयर में 80 प्रतिशत लोगों की कमी देखी जा रही है और ज्यादातर लोग वायरस के डर से घर में ही रह रहे हैं।

वुहान से लौटे करीब 650 लोगों को अंडर ऑब्जरवेशन में रखा गया है। ये सभी लोग एयर इंडिया की फ्लाइट से चीन के वुहान शहर से भारत लौटे हैं। जिस भी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण दिख रहे हैं, उन्हें ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में रिफर किया जा रहा है। साथ ही जिन लोगों को माइल्ड कोल्ड की समस्या है, उन्हें भी सेपरेट ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। नेशनल हेल्थ कमिशन ने न्यू ट्रीटमेंट और डायग्नोज के लिए गाइडलाइन जारी की है। आपको बताते चले कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने पर माइल्ड कोल्ड के लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे कि व्यक्ति को जुकाम में महसूस होता है। ठीक उसी तरह के लक्षण कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने पर दिखाई देते हैं। साइंटिस्ट नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) के लिए वैक्सीन की खोज में लगे हुए हैं।

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निलंबित कर दिया गया है वीजा

भारत को कोरोना वायरस के खतरे से बचाने के लिए भारत सरकार पूरी तरह से प्रयास में लगी हुई है। किसी भी देश से आने वाले लोगों के लिए 5 फरवरी से पहले जारी किए गए वीजा को निलंबित कर दिया गया है। इसमे रेगुलर और ई-वीजा को शामिल किया गया है। भारत में कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। साथ ही दूर-दराज गांव में जिन लोगों को कोरोना वायरस के बारे में जानकारी नहीं है, उनके लिए भारत सरकार की ओर से अवेयरनेस प्रोग्राम भी किए जा रहे हैं।

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नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) – ये सामान्य लक्षण न करें इग्नोर

नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) का संक्रमण जल्दी समझ में नहीं आता है। खांसी की समस्या, बुखार और सांस लेने में तकलीफ आदि लक्षण देखने को मिलते हैं। नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) के संक्रमण के कारण सामान्य सर्दी से लेकर गंभीर बीमारियों जैसे कि मध्य पूर्व रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS)-CoV और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS-Cov) जैसी बीमारियों का कारण बनता है। अगर इस बीमारी से बचना है तो संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनना बहुत जरूरी है। साथ ही आप चीन से लौटने के 28 दिनों के भीतर अगर बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

अधिकतर कोरोना वायरस हानिकारक नहीं होते हैं। लेकिन, कोरोना वायरस के सार्स (SARS) और मार्स (MERS) प्रकार इंसानों के लिए खतरनाक हो सकते हैं। जानवरों में पहला कोरोना वायरस पहली बार 1937 में पक्षियों में संक्रमित ब्रोंकाइटिस वायरस के रूप में मिला था और इसके बाद पहला ह्यूमन कोरोना वायरस 1960 में सामान्य जुकाम से ग्रसित मरीजों की नाक में पाया गया।

अगर आपको नोवल कोरोना वायरस (2019-nCoV) के बारे में जानकारी नहीं है तो इस बारे में डॉक्टर से जानकारी ले सकते हैं। भारत सरकार अपनी आधिकारिक वेबसाइट में समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर रहा है। बेहतर होगा कि जानकारी से अपडेट रहे। साफ-सफाई का ध्यान रखें।


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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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