मंकीपॉक्स एक रेयर डिजीज है जो कि मंकीपॉक्स वायरस के इंफेक्शन या कहे कि संपर्क में आने की वजह से होती है। मंकीपॉक्स वायरस ऑर्थोपॉक्सीवायरस जीनस से संबंधित है जो कि पॉक्सवेरेडाय (Poxviridae) फैमिली से आता है। ऑर्थोपॉक्सीवायरस जीनस में वेरिओला वायरस (जो स्माॅलपॉक्स का कारण बनता है) वेसिनिया वायरस (जो स्माॅलपॉक्स के वैक्सीन में यूज किया जाता है) और काउपॉक्स वायरस आता है। यह वायरल जूनोसिस (जो कि जानवरों से इंसानों में फैलती है) है। कई बार इसके लक्षण स्माॅलपॉक्स के मरीजों में दिखने वाले लक्षणों की तरह पाए गए।

पहली बार 1958 में मंकीपॉक्स बीमारी के बारे में पता लगाया गया था। यह बीमारी उस कॉलोनी में पाई गई थी जहां पर बंदरों को रिसर्च के लिए रखा गया था। इसलिए इसका नाम मंकीपॉक्स पड़ा। मंकीपॉक्स का पहला ह्यूमन केस 1970 डेमोक्रेटिक पब्लिक कॉन्गो में दर्ज किया गया। इसका पता स्माॅलपॉक्स को खत्म करने के गहन प्रयास के दौरान लगा था। उस दौरान कॉन्गो बेसिन में ज्यादातर इस बीमारी के केसेज ग्रामीण, वर्षावन (rainforest) क्षेत्रों में पाए गए।
यह बीमारी ज्यादा अफ्रीकी देशों में पाई जाती है। अफ्रीका के बाहर यह बीमारी तीन बार पाई गई है। जिसमें 2003 में 47 केसेज यूनाइटेड स्टेट्स में पाए गए। इसके अलावा 2018 में यूनाइटेड किंगडम में 3 और इजरायल में 1 केस पाया गया। मंकीपॉक्स वायरस के दो अलग-अलग आनुवंशिक समूह (क्लोन) हैं- मध्य अफ्रीकी और पश्चिमी अफ्रीकी। सेंट्रल अफ्रीकन मंकीपॉक्स वायरस का मनुष्य के साथ सकंम्रण पश्चिम अफ्रीकी वायरस की तुलना में अधिक गंभीर होता है और इनकी मृत्यु दर भी अधिक होती है।
नहीं मंकीपॉक्स एक आम बीमारी नहीं है। इसे रेयर डिजीज की श्रेणी में रखा जाता है। यह जानवरों से इंसान में फैलने वाली बीमारी है। इस बीमारी का वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में घाव, बॉडी फ्लूइड, रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट्स और गंदी बेडशीट आदि से फैल सकता है।
इस बीमारी का इंक्यूबेशन पीरियड 6-13 दिन तक होता है पर ये 5-21 दिन तक का भी हो सकता है। मंकीपॉक्स के लक्षण स्मॉलपॉक्स के लक्षण की तरह ही होते हैं। इस बीमारी की शुरुआत निम्म लक्षणों से होती है।
अन्य लक्षण
त्वचा का फटना आमतौर पर बुखार आने के 1-3 दिनों के भीतर शुरू हो जाता है। चकत्ते के बजाय दाने चेहरे और पूरे शरीर पर हो जाते हैं। यह चेहरे (95% मामलों में), और हाथों और पैरों के तलवों (75% मामलों में) को प्रभावित करते हैं। इसके साथ ही म्यूक्यूस मेंब्रेन (70% मामलों में), जननांग (30%), और कंजकटिव (20%), साथ ही कॉर्निया को प्रभावित करते हैं।
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आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक चलने वाले लक्षणों के साथ मंकीपॉक्स एक स्व-सीमित बीमारी है। गंभीर मामले बच्चों में अधिक पाए जाते हैं और यह वायरस के जोखिम, रोगी की स्वास्थ्य स्थिति और जटिलताओं की प्रकृति से संबंधित होते हैं। इस बीमारी की गंभीरता सेकेंडरी इंफेक्शन, ब्रोन्कोनिमोनिया, सेप्सिस, एन्सेफलाइटिस और दृष्टि की हानि के साथ कॉर्निया के संक्रमण शामिल हो सकते हैं।
ऊपर बताए लक्षण आपको दिखाई देते हैं तो आपको डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। कई बार मंकीपॉक्स के लक्षण स्मालपॉक्स की तरह दिखने की वजह से कंफ्यूजन हो सकता है। इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
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मंकीपॉक्स (Monkeypox) बीमारी दो लोग के बीच इतनी आसानी से नहीं फैलती है। यह बीमारी तब होती है जब कोई आदमी इस वायरस से संक्रमित किसी जानवर, मनुष्य और वायरस के संपर्क में या फिर वायरस के संपर्क में आई वस्तु के संपर्क में तुरंत आता है। यह वायरस बॉडी में कटी-फटी त्वचा के माध्यम से प्रवेश कर सकता है। इसके अलावा यह रेस्पिरेटरी ट्रेक्ट और नाक, आंख और मुंह से भी बॉडी में प्रवेश कर सकता है। एक व्यक्ति से दूसरे में फैलना असामान्य है, लेकिन नीचे बताई परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है।
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इस रोग की पहचान करना इतना आसान नहीं है। कई बार लोग मंकीपॉक्स, स्माॅलपॉक्स और चिकनपॉक्स में कंफ्यूज हो सकते हैं। क्लीनिकल जांचों के द्वारा चिकनपॉक्स, मंकीपॉक्स, मीजल्स, बैक्टीरियल स्किन इंफेक्शन, स्केबीज, सिफलिस और दवाइयों से एलर्जी में आदि में अंतर किया जा सकता है।
यदि किसी को मंकीपॉक्स होने पर संदेह किया जाता है तो स्वास्थ्यकर्मी का एक उपयुक्त नमूना एकत्र करते हैं और उसे लेबोरेटरी में ले जाते हैं। मंकीपॉक्स की पुष्टि नमूना के प्रकार और गुणवत्ता और प्रयोगशाला परीक्षण के प्रकार पर निर्भर करती है। कई बार इन नमूनों को देश और विदेश में रिसर्च और उपयोगिता के आधार पर भेजे जाते हैं।
निम्न बातों का ध्यान रखकर मंकीपॉक्स से बचा सकता है।
JYNNEOSTM (जिसे इमामुने (Imvamune) या इवानवेक्स (Imvanex) के नाम से भी जाना जाता है) एक लाइव वायरस वैक्सीन है जिसे यू.एस. फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मंकीपॉक्स की रोकथाम के लिए अनुमोदित किया है। टीकाकरण संबंधी आचरण संबंधी सलाहकार समिति (ACIP) वर्तमान में इस दवा का मूल्यांकन कर रही है कि यह ऑर्थोपॉक्सवायरसों जैसे कि स्मालपॉक्स और मंकीपॉक्स के लिए कितनी उपयोगी है।
आपको जानकर दुख और हैरानी दोनों होंगी कि इस खतरनाक बीमारी का कोई इलाज अभी तक उपलब्ध नहीं है। हालांकि, कुछ एंटीवायरल दवाओं (Antiviral medicine) के उपयोग की जांच मंकीपॉक्स (Monkeypox) पर की जा रही है।
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हमें उम्मीद है कि इस बीमारी से जुड़ी ये जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
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Current Version
30/12/2021
Manjari Khare द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Nidhi Sinha