एस्पिरिन पॉइज़निंग क्या है, जानिए इसके लक्षण, कारण और उपचार, एस्पिरिन एसिटाइलसैलिसिलिक एसिड (Acetylsalicylic acid) का दूसरा नाम है। यह दवा एक आम दर्द निवारक की तरह इस्तेमाल की जाती है। यूनानी चिकित्सक हिप्पोक्रेट्स ने पांचवी शताब्दी ईसा पूर्व में इस दवाई के उपयोगों का पता लगाया था। शुरुआत में उन्होंने दर्द दूर करने और बुखार खत्म करने के लिए विलो की छाल (Willow Bark) से निकाले गए पावडर का इस्तेमाल किया। इस तरह एस्पिरिन ईजाद हुई। एस्पिरिन की अधिक मात्रा लेने या नियमित तौर पर लेने पर एस्पिरिन पॉइज़निंग (Aspirin Poisoning) की समस्या हो जाती है। एस्पिरिन पॉइज़निंग से आमाशय व आंतों में छाले, अमाशय में रक्तस्त्राव (Bleeding In intestine) होने लगता है। हालांकि एस्पिरिन के कई फायदे भी है जिसमें हार्ट अटैक के तुरंत बाद एस्पिरिन लेकर एक और हार्ट अटैक के रिस्क को कम किया जा सकता है। एक रिसर्च के अनुसार एस्पिरिन कैंसर से भी बचाव करती है। इस दवाई को 16 साल से कम उम्र के बच्चे को नहीं दी जाती, क्योंकि इससे कम उम्र के बच्चों में रेये सिंड्रोम होने का खतरा होता है। अगर आप एस्पिरिन का ज्यादा इस्तेमाल करते है तो आपको एस्पिरिन पॉइज़निंग के बारे में जानना जरूरी है। तो आइये जानते है एस्पिरिन पॉइज़निंग के कारण, लक्षण और उपचार के बारे में।

एस्पिरिन पॉइज़निंग क्या है जानने के बाद जानिए इसके लक्षण। अगर कोई व्यक्ति एस्पिरिन का ज्यादा सेवन करता है तो उसे एस्पिरिन पॉइज़निंग हो सकती है। जब एस्पिरिन पॉइज़निंग (Aspirin Poisoning) शरीर में एक सीमा से अधिक बढ़ जाती है तब शुरूआती लक्षण में कान में टिनिटस (tinnitus) और सुनने में दिक्कत होना जैसी समस्याएं दिखाई देती है। सामान्यतौर पर एस्पिरिन पॉइज़निंग के निम्न लक्षण दिखाई देते है-
एस्पिरिन पॉइज़निंग क्या है जानने के बाद जानिए एस्पिरिन पॉइज़निंग के लक्षण। एस्पिरिन का एक तय मात्रा से ज्यादा सेवन करने से एस्पिरिन पॉइज़निंग होता है। हालाँकि अलग-अलग लोगों में एस्पिरिन पॉइज़निंग के अलग-अलग कारण हो सकते है। कई लोगों में एस्पिरिन पॉइज़निंग (Aspirin Poisoning) अचानक भी हो सकती है। बच्चों में भी संयोगवश पॉइज़निंग के मामले देखे गए है। बच्चों और बुजुर्गो दोनों में ही हद से अधिक एस्पिरिन लेने से पॉइज़निंग हो जाती है। कई दवाइयां हैं जैसे कि ओवर-द-काउंटर और प्रिस्क्रिप्शन दवाएं- दोनों में एस्पिरिन जैसे पदार्थ होते है इनका सेवन करने से कई बार अनजाने में भी एस्पिरिन पॉइज़निंग हो जाती है। कई लोगों को तो एस्पिरिन लेने से ही ब्लीडिंग शुरू हो जाती है। जिन्हें ब्लड क्लॉटिंग की समस्या है उन्हें तो बिलकुल भी एस्पिरिन नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह खून को पतला कर देती है।
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एस्पिरिन पॉइज़निंग क्या है जानने के बाद जानिए एस्पिरिन पॉइज़निंग की जांच कैसे की जाती है। किसी व्यक्ति में एस्पिरिन के ओवर डोज या एस्पिरिन पॉइज़निंग के लक्षण दिखाई देते है तो चिकित्सक एस्पिरिन पॉइज़निंग की जांच की सलाह देते है। एस्पिरिन पॉइज़निंग की जांच ऐसे की जाती है-
एस्पिरिन पॉइज़निंग क्या है जानने के बाद जानिए एस्पिरिन पॉइज़निंग का इलाज कैसे किया जाता है। किसी व्यक्ति में एस्पिरिन के ओवरडोज के लक्षण दिखाई दे रहे है या एस्पिरिन पॉइज़निंग के लक्षण दिखाई दे रहे है तो उसे तुरंत चिकित्सक से सलाह लेकर इलाज करवाना जरूरी है। डॉक्टर एस्पिरिन पॉइज़निंग का इलाज ऐसे करते है-
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हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।
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