फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय क्या हैं?

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

फूड पॉइजनिंग के लक्षण पहले ज्यादा समझ में नहीं आते हैं, फिर अचानक से शरीर में कई तरह के परिवर्तन होने लगते हैं। फूड पॉइजनिंग के लक्षण किटाणुओं (बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट) पर डिपेंड करते हैं, जो दूषित खाने के साथ ही शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। जर्म्स खाने को टॉक्सिक बनाते हैं। फूड प्वाइजनिंग के लक्षण अक्सर दूषित खाना खाने के कारण ही दिखते हैं। खाना विभिन्न कारणों से दूषित हो सकता है। खाने में उपस्थित जर्म्स के शरीर में चले जाते हैं और परेशानी खड़ी कर देते हैं। फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय से आप बिना दवा खाए राहत पा सकते हैं। 

फूड पॉइजनिंग क्या है ?

इस स्थिति में आपको उल्टी, पेट दर्द या फिर डायरिया हो सकता है। साथ ही कमजोरी और घबराहट का एहसास भी हो सकती है। बैक्टीरिया या वायरस से संक्रमित खाना खाने से आपको फूड पॉइजनिंग की परेशानी आ सकती है। संक्रमण की संभावना खाना बनाते समय या फिर हैंडलिंग के दौरान हो सकती है। खाना बनाने के हर लेवल पर सफाई का ध्यान रखने से आप फूड पॉइजनिंग से बच सकते हैं। अगर आप संक्रमित खाना खाते हैं तो आपको फूड पॉइजनिंग हो सकती है।

फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या हैं?

इसके लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं। जैसे-

ऊपर बताए गए लक्षणों के अतिरिक्त कुछ अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। यदि आपको इनमें से कोई लक्षण नजर आता है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

खाना दूषित कैसे हो जाता है ?

पैथोजन उन सभी फूड में पाया जाता है, जो इंसान खाता है। जब खाने को पकाया जाता है तो हीट के कारण पैथोजन मर जाते हैं। जब खाना कुकिंग प्रोसेस से होकर नहीं जाता है तो फूड प्वाइजनिंग की संभावना बढ़ जाती है। अगर खाना बनाने वाला व्यक्ति हाथ को सही से नहीं धुलता है तो भी खाना ऑर्गेनिज्म के कॉन्टेक्ट में आ जाता है। इस कारण से भी खाना दूषित हो जाता है और व्यक्ति में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पैदा करता है। मांस, अंडे और डेयरी उत्पाद अक्सर दूषित होते हैं। पानी भी कई कारणों से दूषित हो जाता है और उसमें उपस्थित ऑर्गेनिज्म शरीर में पहुंचकर बीमारी पैदा करते हैं।

फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय क्या हैं?

भागती हुई जिंदगी में अधिकतर कामकाजी लोग बाहर का खाना खाने की वजह से या फिर साफ खाना न खाने से फूड पॉइजनिंग की परेशानी आ सकती है।

फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय को अपना कर आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं : 

  • फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय में सबसे पहले खाने से परहेज करें। अगर बहुत ज्यादा उल्टी हो रही है तो शुरुआती कुछ घंटों में कुछ भी खाने से परहेज करें। इस स्थिति में आपका पेट कुछ भी पचाने की क्षमता खो चुका होता है।  इस स्थिति में कुछ भी खाना समस्या को और अधिक बढ़ा सकता है। 
  • फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय में इसकी स्थिति में आपके शरीर में पानी की कमी आ सकती है। इसलिए शरीर में आयन और मिनरल की मात्रा बनाए रखने के लिए इलेक्ट्रोलाइट और पानी पिएं। इलेक्ट्रोलाइट आमतौर पर सोडियम और पोटैशियम का घोल होता है जो शरीर में पानी की मात्रा के साथ ही हृदय की गति को भी नियंत्रित रखता है। इन मिनरल्स की कमी होने पर शरीर सही ढंग से काम करना बंद कर देगा। इसलिए आप फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय में पानी को जरूर शामिल करें। 

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  • एक बार पेट के स्थिर हो जाने पर कोशिश करें की एकदम से भारी तला, भुना खाना न खाएं। धीरे -धीरे आसानी से पच जाने वाले खाने से शुरुआत करें। फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय में भूख लगने पर आप खिचड़ी, दलिया या फिर ओट्स खा सकते हैं। साथ ही जूस और फलों का सेवन भी सही रहेगा।
  • आराम करें क्योंकि शरीर डीहाइड्रेट हो सकता है। लगातार मोशन और उल्टी की वजह से शरीर कमजोर हो जाता है। फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय में इसलिए आराम शामिल है, जितना हो सके आराम करें और कोई भी शारीरिक परिश्रम वाला काम न करें।
  • फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय में कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से बचें। एल्कोहॉल, सॉफ्ट ड्रिंक, बहुत अधिक मसालेदार खाना और मोटापा बढ़ाने वाला खाना न खाएं। इससे स्थिति अधिक खराब हो सकती है। 
  • फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय डेरी प्रोडक्ट यानी दूध से बनी हुई चीजों का सेवन न करें। ये भारी होती हैं और इन्हें पचाने में अधिक समय लगता है। साथ ही इस स्थिति में ये संक्रमण को भी बढ़ावा दे सकती हैं।
  • फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय में फ्रूट जूस और कोकोनट वॉटर शरीर में कार्बोहाइड्रेट को रिस्टोर करते हैं और थकान की समस्या को भी दूर करते हैं। ऐसे में कैफीन युक्त पदार्थ को लेने से बचना चाहिए। कैमोमाइल, पिपरमेंट आदि से युक्त चाय लेने से पेट में जलन की समस्या से राहत मिलती है। इमोडियम (Imodium ) और पेप्टो-बिस्मोल( Pepto-Bismol) जैसी ओवर-द-काउंटर मेडिसिन लेने से लूज मोशन की समस्या में राहत मिल सकती है।

इन बातों का ध्यान रखने से आप फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय कर सकते हैं।  हालांकि, बहुत गंभीर स्थिति के होने पर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। कई बार फूड पॉइजनिंग के घरेलू उपाय दूसरे शरीर में कारगर नहीं होता। इसलिए शरीर के अनुसार सटीक इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहेगा। डॉक्टर आपकी स्थिति के हिसाब से आपको दवाइयां देंगे जिससे आपको जल्द ही राहत मिल जाएगी। फूड पॉइजनिंग के ठीक होने में लगभग तीन से चार दिनों का समय लगता है। ये इसपर भी निर्भर करेगा कि आपने कैसा खाना खाया है और उससे आपको कितनी हानि हुई है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 13, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया फ़रवरी 11, 2020

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