दस्त होना कर देता शरीर का बुरा हाल, राहत पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट July 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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दस्त होना अक्सर खराब खाना या दूषित पानी पीने की वजह से होता है। यह दो से तीन दिन में अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन, जल्दी ठीक न हो, तो यह चिंता की बात बन सकती है, क्योंकि तब इसका कारण पेट में इंफेक्शन होना हो सकता है। दरअसल, दस्त में बेहत पतला मल त्याग होता है, जिसमें पानी की अधिकता रहती है। इस कारण शरीर से काफी पानी निकल जाता जाता है और बॉडी डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाती है। दस्त होना बेहद आम समस्या है लेकिन बेहद तकलीफ भरा होता है। ऐसे में जानें कैसे घरेलू नुस्खों से डायरिया में आराम पाया जा सकता है।

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घरेलू उपाय से रुक सकता है दस्त होना

1.नमक चीनी का घोल:

दस्त होना ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में पानी की काफी कमी हो जाती है। इसलिए 1 -2 घंटे के अंतराल पर नमक और चीनी का घोल बनाकर पीना चाहिए। इससे शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती और ज्यादा कमजोरी भी नहीं आती। इसके लिए आप चाहे तो एक बोतल में चीनी और नमक का घोल बनाकर रख सकते हैं और थोड़ा -थोड़ा करके पी सकते हैं।

2.ओआरएस का घोल लें:

लूज मोशन में ओआरएस का घोल शरीर में खनिज और पानी की कमी को पूरा करता है इसलिए डॉक्टर भी लूज मोशन होने पर ओआरएस का घोल पिलाने की सलाह देते हैं।

3.केला और सेब:

बार-बार दस्त होना तकलीफदेह हो सकता है। ऐसे में सेब और केला खाने से डायरिया में आराम मिलता है। केला खाने से दस्त में कमी आती है। इसलिए डायरिया में सेब और केले का मुरब्बा खाना चाहिए। 

4.दूध न पिएं:

डायरिया होने पर दूध या दूध से दूध से बनी कोई भी चीज न खाएं क्योंकि ये आसानी से पचती नहीं हैं और परेशानी को बढ़ाने का काम करती हैं।

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5.हल्की और आसानी से पचने वाली चीजें खाएं:

दस्त होना पेट के लिए काफी असहनीय होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप खाना पूरी तरह से बंद न करें। इससे कमजोरी आ सकती है। इसलिए थोड़ी -थोड़ी देर में कुछ हल्का और आसानी से पचने वाला खाएं। डायरिया में मूंग की दाल, दलिया और मूंग की खिचड़ी खा सकते हैं।

6.नारियल पानी:

दस्त होना डिहाइड्रेशन का कारण बनता है। इससे शरीर में पानी की कमी तो होती ही है साथ ही जरूरी पोषक तत्वों के निकल जाने से शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। नारियल पानी पीने से शरीर को जरूरी मिनरल्स तो मिलते ही हैं और पानी की कमी भी नहीं होती।

7.दही:

दही का सेवन डायरिया में काफी फायदेमंद है क्योंकि दही के बैक्टीरिया पेट के लिए अच्छे होते हैं। इसलिए लूज मोशन होने पर दिन में 2 से 3 बार दही का सेवन जरूर करें।

डायरिया वैसे तो कोई बहुत गंभीर बीमारी नहीं है क्योंकि इसमें दो से तीन दिन में अपने आप आराम मिल जाता है लेकिन, इस दौरान शरीर काफी कमजोर हो जाता है। इसलिए इन घरेलू नुस्खों से आप डायरिया में राहत पा सकते हैं लेकिन अगर आराम न मिले तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।

डायरिया/दस्त होना क्या है? इसे ऐसे समझें

आमतौर पर दो या उससे अधिक बार बेहद पतला मल त्याग होना दस्त होना यानी डायरिया माना जाता है। आमतौर पर दस्त होना सामान्य कारणों से होता है, जिसकी वजह से व्यक्ति को तुरंत मल त्याग करने की इच्छा, पेट में तेज दर्द, घबराहट, पेट में हलचल जैसे समस्याएं होती हैं। वहीं अगर दस्त होने का कारण कोई इंफेक्शन है, तो दस्त के साथ खून, बुखार और ठंड लगना, चक्कर आना और सिरदर्द की शिकायत होती है। व्यक्ति के शरीर में सबसे पहले डिहाइड्रेशन के लक्षण साफ नजर आने लगते हैं। जैसे मुंह सूखना, बार-बार प्यास लगना, ताकत की कमी, पेशाब की कमी जैसे लक्षण नजर आते हैं।

इसके अलावा ये लक्षण भी नजर आ सकते हैं

दस्त होना कब खतरनाक हो सकता है?

दस्त होना तब जानलेवा भी हो सकता है जब इसकी वजह से शरीर में बहुत ज्यादा डिहाइड्रेशन होने लग जाए। बच्चों और वयस्क में डायरिया के ये लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की मदद लेना अनिवार्य है।

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वयस्कों में

  • अगर दो दिन से बिना रुके लगातार दस्त हो रहे हों।
  • दस्त के साथ 102 डिग्री या उससे ज्यादा का बुखार हो।
  • बार-बार उल्टियां हो रही हों।
  • 24 घंटे के अंदर छह या उससे अधिक बार दस्त लगना
  • पेट या रेक्टम में भयानक दर्द होना
  • दस्त में पस या खून निकलना

उपरोक्त लक्षण अगर ज्यादा उम्रदराज व्यक्ति में दिखाई दें, तो उन्हें बिना देर किए डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

बच्चों में

बच्चों के पेरेंट्स या केयरटेकर को निम्नलिखित लक्षणों के नजर आते ही डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए

  • अगर बच्चे को 24 घंटे से ज्यादा समय से दस्त हो रहे हों
  • दस्त के साथ 102 डिग्री या उससे ज्यादा का बुखार हो।
  • बार-बार उल्टियां हो रही हों
  • पेट या रेक्टम में भयानक दर्द होना
  • दस्त लगने के साथ डिहाइड्रेशन के लक्षण नजर आ रहे हों।

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डायरिया होने के कारण क्या हैं?

कई मामलों में डॉक्टर्स को दस्त लगने के कोई खास कारण पता नहीं चलते। ऐसे दस्त 4 दिन में अपने आप ठीक हो जाती हैं, लेकिन अगर किसी को लंबे समय तक डायरिया ठीक नहीं होता तो उसे एक्यूट डायरिट या ट्रैवलर्स डायरिया भी कहते हैं। इस तरह का डायरिया इंफेक्शन, लंबी यात्रा या किसी दवाई के साइड इफेक्ट की वजह से होता है। इंफेक्शन की वजह से डायरिया तब होता है जब आप किसी वायरस, बैक्टीरिया या पैरासाइड का शिकार बन जाते हैं। ट्रैवलर्स डायरिया तब होता है जब व्यक्ति लंबी यात्राएं करता है और किसी नए खाने की वजह या दूषित पानी या खाने का शिकार हो जाता है। इसके अलावा दवाइयों की वजह से भी दस्त लग सकते हैं। कई तरह की दवाइयां जैसे एंटीबायोटिक, एंटएसिड्स आदि से भी दस्त लगने की संभावना रहती है।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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