सफर में उल्टी आना रोकने के असरदार उपाय, आ सकते हैं काम

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट September 2, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

हम में से बहुत से लोगों को बस में लंबा सफर करने पर उल्टी आती है। सफर के दौरान इस तरह से उल्टी आना सफर के मजे को खराब तो करता ही है साथ ही आपकी सेहत भी खराब कर सकता है। सफर में उल्टी आना एक बहुत सामान्य परेशानी है। हम में से बहुत से लोगों को इसकी वजह से सफर के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सफर में उल्टी आना मोशन सिकनेस से जुड़ा हुआ है। मोशन सिकनेस की वजह से केवल सफर में उल्टी ही नहीं बल्कि कई बार ऊंचाई पर जाने से, पानी को देखने से या झूले पर चढ़ने से भी परेशानी हो सकती है।

और पढ़ें: हैंगओवर (Hangover) में उल्टी से बचने के लिए ये गोली आएगी आपके काम

सवाल

मुझे बस में सफर में उल्टी आती है उसका क्या कारण है, इसे कम करने के लिए क्या करना चाहिए?

जवाब

आपके जैसे बहुत से लोगों को कार, बस, ट्रेन या फ्लाइट में सफर के दौरान  उल्टी जैसा महसूस होता है जिसे मेडिकल भाषा में मोशन सिकनेस कहा जाता है। बार-बार मोशन की वजह से हमारे कान के अंदर डिर्स्टबेंस होता है जिसकी वजह से हमें उल्टी आती है। यह सबसे ज्यादा कॉमन बच्चों, और प्रेग्नेंट महिलाओं में होता है। ज्यादातर यह शरीर के इंबैलेंस की वजह से होता है। शरीर में इंबैलेंस की वजह से आपको उल्टी और चक्कर जैसा महसूस होता है। इससे बचने के बहुत से उपाय है। लेकिन पहले ये जानना जरुरी है कि आपको मोशन सिकनेस है।

और पढ़ें: बाबा रामदेव के फिटनेस सिक्रेट करें फॉलो और रहें ताउम्र फिट एंड हेल्दी

सफर में उल्टी आना और मोशन सिकनेस को कैसे पहचानें?

मोशन सिकनेस के ज्यादातर मामलों का इलाज आसान और घर पर खुद से किया जा सकता है। मोशन सिकनेस की वजह से परेशानी धीरे-धीरे बढ़ जाती और घर पर ठीक नहीं की जा सकती जैसे कान के रोगों, बैंलेंस की समस्या, और नर्वस सिस्टम में परेशानी को डॉक्टर से दिखाया जा सकता है।

मोशन सिकनेस को डायग्नोस करने के लिए डॉक्टर आपके लक्षणों के बारे में पूछेगा और यह पता लगाएगा कि आमतौर पर क्या करने से समस्या होती है (जैसे नाव में सवारी करना, फ्लाइट में उड़ान भरना या कार में ड्राइविंग)। मोशन सिकनेस को डायग्नोस करने के लिए आमतौर पर लैब टेस्ट की जरुरत नहीं होती हैं। सफर में उल्टी आना मोशन सिकनेस का एक ऐसा लक्षण है जो लोगों में आसानी से दिखता है।

सफर में उल्टी आना है परेशानी

मोशन सिकनेस के परेशान करने वाले लक्षण आमतौर पर तब रुकते हैं जब मोशन रुकता है, लेकिन यह हमेशा सच नहीं होता है। ऐसे बहुत से लोग हैं जो यात्रा खत्म होने के कुछ दिन बाद तक भी लक्षणों का शिकार होते हैं। ज्यादातर लोग जिन्हें पहले सफर के दौरान मोशन सिकनेस की वजह से सफर में उल्टी आना या दूसरी परेशानी होती है तो वे अपने डॉक्टर से पूछ सकते हैं कि अगली बार इसे कैसे रोका जाए?

और पढ़ें: बड़ी-बड़ी बीमारियों को करे छूमंतर, जानिए नारियल पानी के फायदे

अगर आपको सफर में उल्टी आना और मोशन सिकनेस की परेशानी है तो आप इन उपायों को आजमा सकते हैंः

सफर में उल्टी आना है परेशानी तो देखें होराइजन

ये एक सामान्य सुझाव है कि बस चलती गाड़ी की खिड़की से बाहर देखें और यात्रा की दिशा में होराइजन की ओर टकटकी लगाए रहें। होराइजन यानी कि वह लाइन जहां धरती और आसमान एक-दूसरे को टच करते हुए दिखते हैं। यह आपको बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है।

सोकर कम करें सफर में उल्टी आना

रात में सफर के दौरान या जिनको फ्लाइट में सफर के दौरान विंडो सीट नहीं मिलती वो अपनी आंखे बंद करके सफर कर सकते हैं। आंखे बंद करने के साथ आप झपकी भी ले सकते हैं। यह आंखों और कान के बीच मोशन सिकनेस से होने वाले संघर्ष से बचाता है।

सफर में उल्टी आना कम करेगी च्यूंगम

आम और हल्की मोशन सिकनेस जो आपको कार में बैठने से होती है उससे राहत पाने का एक सरल तरीका है चबाना। जिन लोगों को कार के सफर में उल्टी आना एक बड़ी परेशानी है वो च्यूंगम से अपनी इस परेशानी को कम कर सकते हैं। जब कभी आप कहीं सफर पर निकल रहे हैं तो हमेशा अपने पास च्यूंगम रखें। ये ना केवल आपको कार में होने वाली मोशन सिकनेस से बचाता है बल्कि यह फ्लाइट में सफर के दौरान उल्टी की समस्या को भी कम करता है।

च्यूंगम हालांकि केवल एक चीज नहीं है जो कार के सफर में उल्टी आना और उसके हल्के प्रभावों को दूर करने के लिए चबाया जा सकती है। सफर में उल्टी आना कम करने के लिए आप कुछ मीठा भी खा सकते हैं। इसके अलावा केवल सामान्य रूप से चबाने से विजन और बैलेंस की परेशानी को कम किया जा सकता है।

और पढ़ें: क्या ज्यादा पानी पीना हो सकता है नुकसानदायक?

ताजी हवा रोक सकती है सफर में उल्टी आना

ताजा ठंडी हवा भी मोशन सिकनेस को थोड़ा राहत दे सकती है। जिन लोगों को सफर के दौरान मोशन सिकनेस यानी की सफर में उल्टी आने की परेशानी है वह कार या गाड़ी के एसी को बंद कर खिड़की से ताजी हवा भी ले सकते हैं। यह सफर में उल्टी आना या दूसरी परेशानी को कम करता है। हालांकि ताजी हवा के लिए कई बार आपको बाहर की दुर्गंध भी आ सकती है जिससे कुछ लोगों को मतली की परेशानी भी हो सकती है।

अदरक भी है सफर में उल्टी का रामबाण इलाज

अदरक की वजह से सफर में उल्टी आना और दूसरी परेशानी ठीक हो सकती है। अदरक को मोशन सिकनेस का एक अचूक इलाज माना जाता है। आजकल यह टैबलेट के रूप में उपलब्ध है। लक्षणों को कम करने के लिए अदरक को डायरेक्ट चबाया जा सकता है। हालांकि इस पर अभी भी बहस है कि चबाने की वजह से सफर में उल्टी आना कम होता है या अदरक इसमें मदद करता है।

सफर में उल्टी आना रोकना है तो ये तरीके अपना सकते हैंः

  1.     सफर करने से 1-2 घंटे पहले मोशन सिकनेस की दवा खाएं।
  2.     हमेशा ऐसी पोजिशन में बैठे कि आपकी आंखें ठीक वहीं मोशन महसूस करें जो आपका शरीर और कान महसूस कर रहा है।
  3.     कार में हमेशा आगे की सीट पर बैठें और खिड़की से बाहर ताजी हवा लें और बाहर का नजारा देखें।
  4.      फ्लाइट में खिड़की की तरफ बैठें और बाहर देखें। इसके अलावा प्लेन में विंग के पास बैठें जहां मोशन सबसे कम महसूस होता है।
  5.      यात्रा के दौरान किताब ना पढ़ें।
  6.     बहुत तेज सुगंध, मसालेदार और ऑयली खाना खाने से बचें।
  7.      सफर करने से पहले कुछ घरेलू नुस्खे आजमाएं। अदरक मोशन सिकनेस को कम करता है तो अदरक से बना चॉकलेट या च्यूंगम खाएं

आपको ये सब फॉलो करने से आराम मिलेगा, अगर इनसे कोई फर्क नहीं पड़ता तो अपने डॉक्टर से बात करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Prochlorperazine: प्रोक्लोरपेराजाइन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

प्रोक्लोरपेराजाइन का इस्तेमाल मिचली और उल्टी रोकने के लिए किया जाता है। Prochlorperazine का उपयोग खासतौर पर सर्जरी या कैंसर के इलाज के दौरान उल्टी रोकने में होता है।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anoop Singh

Ascoril Syrup : एस्कोरिल सिरप क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

जानिए एस्कोरिल सिरप की जानकारी in hindi, फायदे, लाभ, एस्कोरिल सिरप उपयोग, इस्तेमाल कैसे करें, कब लें, कैसे लें, कितना लें, खुराक, Ascoril syrup डोज, ओवरडोज, साइड इफेक्ट्स, नुकसान, दुष्प्रभाव और सावधानियां।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Anu sharma

Erythema migrans : एरीथेमा माइग्रेन क्या है?

जानिए एरीथेमा माइग्रेन क्या है in hindi, एरीथेमा माइग्रेन के कारण, जोखिम और उपचार क्या है, Erythema migrans को ठीक करने के लिए आप इस तरह के घरेलू उपाय अपना सकते हैं।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Anoop Singh

क्या आपने बनाई प्रेग्नेंसी चेकलिस्ट? जान लें इसके फायदे

प्रेग्नेंसी चेकलिस्ट in hindi. पहली तिमाही से आखिरी तिमाही तक बहुत जरूरी है Pregnancy checklist फॉलो करना। जान लीजिए इसके फायदे..

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nikhil Kumar

Recommended for you

Emeset: एमसेट

Emeset: एमसेट क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh
प्रकाशित हुआ June 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
तीसरी तिमाही में उल्टी होना-Vomiting in third trimester

क्या तीसरी तिमाही में उल्टी होना नॉर्मल है? जानें कारण और उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ May 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
मॉर्निंग सिकनेस-Morning sickness

Morning sickness: मॉर्निंग सिकनेस क्या है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Bhawana Sharma
प्रकाशित हुआ April 2, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Cinnarizine+Dimenhydrinate: सिनेरीजीन+डिमेनहाइड्रिनेट

Cinnarizine+Dimenhydrinate: सिनेरीजीन+डिमेनहाइड्रिनेट क्या है? जानिए इसके उपयोग, डोज और सावधानियां

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Sunil Kumar
प्रकाशित हुआ February 12, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें