home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

स्वाइन फ्लू होने से बचाव के लिए कैसी हो डायट?

स्वाइन फ्लू होने से बचाव के लिए कैसी हो डायट?

यूनियन हेल्थ एंड फैमली वेलफेयर मिनिस्ट्रीज की ओर से जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2018 में स्वाइन फ्लू के 2,375 इससे ज्यादा मरीज रजिस्टर्ड किए गए। वहीं इसी वर्ष 221 से ज्यादा लोगों की इसी बीमारी की वजह से मौत हुई थी। स्वाइन फ्लू संक्रमण के कारण तो होता है लेकिन, ये कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में आसानी से होजाता है। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आहार को पौष्टिक रखना बेहद जरूरी है।

कैसा हो आपका आहार स्वाइन फ्लू जैसे बीमारी (संक्रमण) से बचने के लिए?

स्वस्थ रहने के लिए आपको अपने आहार में ऐसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए जिनसे ऊर्जा और पोषण दोंनों प्राप्त हों। ऐसा संतुलित आहार आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर नहीं होने देता और स्वाइन फ्लू जैसी संक्रमित बीमारी आपको नहीं होती।

और पढ़ें : पोर्क खाने से नहीं होता है स्वाइन फ्लू, जानें H1N1 से जुड़ी 4 अफवाहें

स्वाइन से बचाव के लिए इन चीजों का नियमित सेवन करें

  • फल

    विटामिन-सी युक्त फल जैसे कीवी, लीची, अमरुद, चेरी, ब्लैक्बेरी, पपीता, संतरा और स्ट्रॉबेरी का सेवन करने से फायदा मिल सकता है। इनसे प्राप्त होने वाला विटामिन- और अन्य मिनरल्स स्वास्थ के लिए फायदेमंद होते हैं। ध्यान रखें कि सर्दी-जुकाम होने की स्थिति में खट्टे फलों का सेवन न करें।

  • हरी पत्तेदार सब्जियां

    हरी पत्तीदार सब्जियों में विटामिन-सी और विटामिन-ई दोनों ही प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। पालक, फूल गोभी, पत्ता गोभी, तोरी, लौकी और भिंडी जैसी अन्य हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए। इससे भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

  • ब्रॉथ (सूप)

    आप मांसहारी हों या शाकाहारी लेकिन, आपको उस हिसाब से अपने आहार में सब्जियों या चिकन या मीट से बना सूप जरूर शामिल करना चाहिए। सूप का सेवन बीमारी के दौरान या फिर ठीक होने पर भी किया जा सकता है। इससे शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती है।

  • पानी

    रोजाना 2 से 3 लीटर पानी पीने की आदत डालें। अगर आप कम पानी पीते हैं, तो धीरे-धीरे पानी की मात्रा बढ़ा सकते हैं। क्योंकि बीमारी या फ्लू के दौरान शरीर में पानी की कमी तेजी से होती है। आप चाहें तो ग्रीन टी, जिंजर टी, हर्बल टी या इलेक्ट्रॉल का सेवन किया जा सकता है।

  • दलिया

    किसी भी बीमारी के दौरान या सामान्य स्थिति में भी दलिया सेहत के लिए लाभदायक होता है

  • साबुत अनाज

  • साबुत अनाज और कद्दू के बीज जो स्वाइन फ्लू के खिलाफ एंटीबॉडी भी बनाते हैं।

    • मसाले

      फ्लू के कारण चेस्ट में परेशानी या साइनस की समस्या हो सकती है। इसलिए काली मिर्च और हल्दी का सेवन किया जा सकता है। लेकिन, ध्यान रहे मसालेदार खाने से परहेज करें।

    और पढ़ें : आम बुखार और स्वाइन फ्लू में कैसे अंतर करें ?

    निम्नलिखित पदार्थों का सेवन न करें, जैसे:

    • शराब

      यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कम करता है और निर्जलीकरण का कारण बनता है।

    • कैफीन युक्त पे पदार्थ

      कॉफी, ब्लैक-टी और सोडा जैसे पे पदर्थों के सेवन से शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

    • जंक फूड

      चिप्स, कुरकुरे, बर्गर जैसे अन्य पदार्थों का सेवन न करें।

    • पैक्ड फूड

      पैक्ड फूड, पैक्ड जूस या फ्रोजन खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।

    इम्यूनिटी बढ़ाने और स्वाइन फ्लू से बचने के लिए इन स्वस्थ खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करने के साथ-साथ डॉक्टर से सलाह लेकर स्वस्थ रहा जा सकता है। लेकिन, कुछ खाद्य पदार्थों ऐसे भी होते हैं जिनके सेवन से परेशानी महसूस हो, इसलिए आहार के बारे में डॉक्टर से अवश्य सलाह लें।

    कैसे होता है स्वाइन फ्लू?

    स्वाइन फ्लू जिसे H1N1 या स्वाइन इन्फ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है। यह मनुष्य में होने वाली संक्रमित बीमारी है। इस बीमारी का नाम स्वाइन फ्लू इसलिए रखा गया है क्योंकि यह सुअर यानी स्वाइन से मनुष्यों में फैलता है। मनुष्यों में फैलने के बाद ये दूसरे मनुष्यों में आसानी से फैल जाता है। इसका वायरस का शरीर के अंदर प्रवेश करने के साथ ही शरीर में कई अलग तरह के बदलाव हो सकते हैं और मरीज कई तरह की परेशानी महसूस कर सकता है।

    नेशनल हेल्थ पोर्टल (NHP) के अनुसार H1N1 वायरस जिसकी वजह से पेंडेमिक (स्वाइन फ्लू) होता है, पूरे विश्व में कुछ खास मौसम जैसे दिसंबर से फरवरी महीने के बीच होता है। लेकिन, यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलता है। यूनियन हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर मिनिस्ट्रीज की ओर से जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2018 में स्वाइन फ्लू के 2,375 इससे ज्यादा मरीज रजिस्टर्ड किए गए। वहीं इसी वर्ष 221 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।

    स्वाइन फ्लू के कारण

    स्वाइन फ्लू के कुछ ही कारण हैं। उनमें शामिल हैं:

    संक्रमित सुअर

    • किसी भी कारण संक्रमित सुअर के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। क्योंकि इस बीमारी की शुरुआत संक्रमित सुअर या पक्षियों के संपर्क में आने के कारण होता है।

    संक्रमित व्यक्ति

    • यह सामान्य कारण होने के साथ-साथ गंभीर भी हो सकती है। क्योंकि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहने वाले लोग या परिवार के सदस्यों में इसका खतरा बढ़ जाता है।

    माता-पिता किन-किन बातों का रखें ख्याल?

    • बच्चों को रोज नहाएं या नहाने की आदत डालें। नहाने के पानी में एंटीसेप्टिक लिक्विड या पानी में नीम के पत्ते भी डाल कर नहा सकते हैं।
    • नाश्ता (ब्रेकफास्ट) में बच्चे को पौष्टिक आहार दें जैसे उबले हुए अंडे, दूध, ओट्स या ब्राउन ब्रेड आदि।
    • दोपहर के खाने (लंच) में बच्चों को जंक फूड या नूडल्स देने के बजाए रोटी (पराठा/पूरी), हरी सब्जी दें। आप चाहें तो बच्चों को हरी सब्जियों से बना स्टफ पराठा भी दे सकते हैं। बच्चे बड़े ही स्वाद से खा सकते हैं। ठीक इसी तरह रात के खाने का भी ध्यान रखें और खाने के बाद और सोने से पहले गर्म दूध जरूर पीने की आदत डालें।
    • बच्चों को विटामिन-सी युक्त फल खिलाएं। इन फलों में शामिल है कीवी, लीची, अमरुद, चेरी, ब्लैक्बेरी, पपीता, संतरा और स्ट्रॉबेरी। फलों के नियमित सेवन करने से फायदा मिल सकता है।
    • छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखें जैसे बच्चे का स्कूल या डे केयर सेंटर बंद हो जाता है तो आप क्या करेंगे? ऐसी स्थिति में बच्चे के साथ कौन रहेगा, उसके पौष्टिक खाने-पीने की व्यवस्था रखें।
    • बच्चे के खिलौने भी साफ रखें। क्योंकि इससे भी इंफेक्शन का खतरा हो सकता है।
    • बच्चे को अगर सर्दी-जुकाम है तो बच्चे की नाक की सफाई करें। सर्दी-जुकाम की समस्या अगर ज्यादा दिनों तक रहती है तो डॉक्टर से संपर्क करें।
    • बच्चे को हाथ धोकर खाना खाने की आदत लगाएं।
    • खेलने के बाद बच्चों का हाथ पैर धोएं।
    • गंदगी वाले स्थान पर बच्चों को जाने से रोकें।

    हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

    सूत्र
    लेखक की तस्वीर
    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 07/05/2021 को
    Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
    x