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देवदार के फायदे एवं नुकसान - Health Benefits of Deodar Tree (Devdaru)

परिचय|सावधानियां और चेतावनी|साइड इफेक्ट्स|डोसेज|उपलब्धता
    देवदार के फायदे एवं नुकसान - Health Benefits of Deodar Tree (Devdaru)

    परिचय

    देवदार (Deodar Tree) क्या है?

    देवदार का पेड़ अपने औषधीय गुणों के कारण अधिक जाना जाता है। आयुर्वेद में भी इसके बारे में बताया गया है। यह पेड़ सौ से दो सौ साल तक जिंदा रहता है। जितना पूराना यह पेड़ होता है उतना ही यह इलाज के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसका साइंटिफिक नेम सीड्रस देओदार (Cedrus deodara) है। यह पिनासिए परिवार से ताल्लुक रखता है। इस पेड़ की जड़, छाल, काठ और फल का इस्तेमाल दवाओं में किया जाता है। इसका इस्तेमाल न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर, अस्थमा, प्रुरिटस (Pruritus), बुखार, जख्म को भरने के लिए किया जाता है। इसके तेल को अर्थराइटिस और सिरदर्द में लगाने की सलाह दी जाती है। यह देवदारा (Devadara) और देवदारू (Devdaru) के नाम से भी जाना जाता है।

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    देवदार (Deodar Tree) का उपयोग किस लिए किया जाता है?

    इसका इस्तेमाल सूजन को दूर, इन्सोम्निया, कफ, यूरिनरी डिसचार्ज, इचिंग, टीबी, ऑफथालमिक डिसऑर्डर, माइंड डिसऑर्डर, त्वचा रोग आदि के लिए किया जाता है। इसकी पत्तियों को सूजन को दूर करने के लिए उपयोगी माना जाता है। इसकी लकड़ी एक्पेक्टोरेंट के रूप में काम करती है, जिसका इस्तेमाल बवासीर, मिर्गी, किडनी और मूत्राशय में पथरी आदि विकारों के लिए किया जाता है। इसके तेल में एंटीसेप्टिक प्रॉपर्टीज होती है जिस वजह से इसका प्रयोग त्वचा रोग, घाव को भरने, डायफोरेटिक और कीटनाशक को ठीक करने के लिए किया जाता है। यह फंगल रोगों के लिए भी प्रभावकारी माना जाता है। एरोमा थेरेपी में भी एंग्जायटी को दूर करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।

    आयुर्वेद में इसे पैरालिसिस, किडनी स्टोन, फीवर, बाहरी इंजरी, भूख न लगना, पेट में दर्द, फंगस, बैक्टीरिया, डायबिटीज आदि के लिए उपयोगी बताया गया है। इसकी लकड़ी के काढ़े को बुखार के इलाज और यूरिन के दौरान होने वाले दर्द के लिए दिया जाता है। इसके तने का काढ़ा डायरिया और डिसेंटरी में रिकमेंड किया जाता है। अस्थमा पेशेंट्स के लिए इस जड़ी बूटी को बेहद कारगर माना जाता है। यह कोल्ड, कफ, फ्लू, साइनसाइटिस में भी यह राहत प्रदान करता है। यह लिवर को दुरुस्त रखने के साथ शरीर को डिटॉक्सिफाई कर रक्त से अशुद्धियों को दूर करता है।

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    कैसे काम करता है देवदार (Deodar Tree) ?

    देवदार स्वाद में कड़वा होता है। इसमें पंजेंट (pungent) और एस्ट्रिजेंट (astringent) प्रॉपर्टीज होती हैं। यह कफ और वट दोष को दूर करने में मदद करता है। इस पौधे के कई हिस्सों में एंटी-इन्फलामेटरी, इम्यूनो मॉड्यूलेटरी, एंटीस्पासमोडिक, एंटीकैंसर, एंटीएपोपटोटिक, एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इसकी लकड़ी से निकाले गए तेल का प्रयोग एंटी-इन्फलामेटरी एक्टिविटी के लिए किया जाता है।

    • एंटीसेप्टिक: रोग पैदा करने वाले सूक्ष्मजीवों की वृद्धि को रोकता है
    • एंटीफर्टिलिटी: प्रजनन क्षमता को कम करता है
    • एंटीइन्फलामेट: सूजन को दूर करता है
    • डयुरेटिक: यूरिन पास करने में मदद करता है
    • कीटनाशक: कीड़ों को मारता है
    • एंटीस्पास्मोडिक: मांसपेशियों की ऐंठन से राहत प्रदान करता है
    • एस्ट्रींजेंट: नरम कार्बनिक ऊतक को रोकता है
    • कार्मिनेटिव: ऐलिमिटरी ट्रैक्ट में गैस से निजात दिलाता है। पेट दर्द या पेट फूलना में इसका इस्तेमाल किया जाता है
    • एंटीवायरल: वायरस के खिलाफ लड़ता है

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    सावधानियां और चेतावनी

    कितना सुरक्षित है देवदार (Deodar Tree) का उपयोग?

    निम्न परिस्थितियों में देवदार का इस्तेमाल करने से परहेज करना चाहिए:

    • यदि आपको कोई डिसऑर्डर, रोग या मेडिकल कंडीशन है तो देवदार का सेवन करने से बचें। यह आपकी स्थिति को पहले से ज्यादा गंभीर बना सकता है।
    • यदि आप किसी दवा का सेवन करते हैं तो भी इस जड़ी बूटी का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि यह दवा के साथ इंटरैक्ट कर सकती है। इससे साइड इफेक्ट होने का खतरा होता है।
    • यदि आपको किसी दूसरी हर्ब्स से एलर्जी है, तो भी इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक से कंसल्ट करें।

    देवदार का सेवन कितना सुरक्षित है इस बात की जानकारी के लिए फिलहाल और रिसर्च की जरूरत है। इस हर्ब को इस्तेमाल करने से पहले इसके रिस्क और फायदे को अच्छी तरह से समझ लें। इसका इस्तेमाल हमेशा अपने हर्बल स्पेशलिस्ट या डॉक्टर की देख रेख में ही करें।

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    साइड इफेक्ट्स

    देवदार (Deodar Tree) का सेवन करने से मुझे किन-किन साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है?

    देवदार का सीमित मात्रा में इस्तेमाल ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है। कई शोध के अनुसार इसका सेवन करने से किसी तरह के खास साइड इफेक्ट्स नहीं देखने को मिले हैं। 2003 में कीड़े (insects) पर किए गए एक शोध के अनुसार, देवदार का सेवन करने से कीड़ों के नर्वस सिस्टम प्रभावित हुए थे। हालांकि दवाओं की तुलना में जड़ी बूटी को लेकर कोई सख्त नियम नहीं हैं। इन्हें लेकर अधिक शोध की जरूरत है। इसलिए यदि आप इसका सेवन कर रहे हैं तो अपने चिकित्सक की देख रेख में ही करें। इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने चिकित्सक से इससे होने वाले फायदों और नुकसान के बारे में जानकारी ले लें।

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    डोसेज

    देवदार (Deodar Tree) को लेने की सही खुराक क्या है?

    देवदार की खुराक को लेकर कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। इसकी खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकता है। इसलिए कभी भी इसकी खुराक खुद से निर्धारित करने की गलती न करें। आपकी ये छोटी सी गलती आपके स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। डॉक्टर आपकी मेडिकल कंडिशन, उम्र और दूसरे कारकों को देखते हुए इसकी खुराक आपके लिए निर्धारित करते हैं। इसके अच्छे परिणामों के लिए बेहतर होगा कि आप इसका इस्तेमाल डॉक्टर की देखरेख में ही करें।

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    उपलब्धता

    किन रूपों में उपलब्ध है देवदार (Deodar Tree)?

    देवदार निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:

    • देवदार बार्क पाउडर (Devdar bark powder)
    • देवदार वूड ऑयल (Devdar wood oil)
    • देवदार टेबलेट (Devdar tablet)

    अगर आपका इससे जुड़ा किसी तरह का कोई सवाल है, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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    सूत्र

    PHYTOCHEMISTRY AND PHARMACOLOGY OF CEDRUS DEODERA: https://ijpsr.com/bft-article/phytochemistry-and-pharmacology-of-cedrus-deodera-an-overview/?view=fulltext Accessed June17, 2020

    Phytochemistry and pharmacology of Cedrus deodera: https://www.researchgate.net/publication/266039594_Phytochemistry_and_pharmacology_of_Cedrus_deodera_An_Overview Accessed June17, 2020

    A comparative toxic effect of Cedrus deodara oil on larval protein contents: https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S1319562X17301547 Accessed June17, 2020

    Studies on the Anti-Inflammatory and Analgesic Activity of Cedrus Deodara: https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/10350366/ Accessed June17, 2020

    PROTECTIVE EFFECT OF CEDRUS DEODARA: https://pdfs.semanticscholar.org/198b/7975c084196dee664692f1909eb8b5f0eb8d.pdf Accessed June17, 2020

    Anxiolytic and anticonvulsant activity of alcoholic extract of heart wood of Cedrus deodara roxb. in rodents: https://academicjournals.org/journal/JMPR/article-abstract/2D1720016676 Accessed June17, 2020

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    Mona narang द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 19/06/2020 को
    डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड