home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

Vitex-agnus-castus: निर्गुण्डी क्या है?

उपयोग|निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?|निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) के क्या साइड इफेक्ट्स हैं?|निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) से क्या रिएक्शन हो सकते हैं?|डोसेज
Vitex-agnus-castus: निर्गुण्डी क्या है?

उपयोग

निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) का इस्तेमाल किसलिए होता है?

निर्गुण्डी एक पेड़ की झाड़ी है, जो भूमध्य सागर और मध्य एशिया में उगती है। निर्गुण्डी की झाड़ी लंबी और इसकी पत्तियां उंगलियों के आकार में होती हैं। इसमें नीले और बैंगनी रंग के फूल होते हैं। साथ ही इसका फल (रसभरी) जामुनी रंग का होता है। इसकी रसभरी (फल) और बीच का इस्तेमाल दवाइयां बनाने में होता है।

निर्गुण्डी को निम्नलिखित स्थितियों में मौखिक रूप से लिया जाता है:

  • मासिक धर्म की अनियमित्ता
  • प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस)
  • प्रीमेंस्ट्रुअल डायफोर्कि डिसऑर्डर (पीएमडीडी)
  • मेनोपॉज के लक्षण
  • फाइब्रोसाटिक ब्रेस्ट्स
  • महिला इनफर्टिलिटी
  • गर्भपात रोकने
  • प्रोस्टेट के बड़ा होने
  • स्तनपान में वृद्धि

पुरुषों में यूरिन का फ्लो बढ़ाने, बढ़ी प्रोस्टेट ग्लैंड का उपचार करने और संभोग की इच्छा को कम करने के लिए निर्गुण्डी का इस्तेमाल होता है। कुछ लोग मुहांसे, घबराहट, नींद की दिक्कत, सिर दर्द, माइग्रेन, आंख दर्द, बॉडी का इंफ्लमेशन, फ्रैक्चर और सूजन को कम करने के लिए निर्गुण्डी का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, कुछ लोग परजीवियों को त्वचा से निकालने और कीड़ों के काटने से बचने के लिए निर्गुण्डी को स्किन पर लगाते हैं।

और पढ़ें – अमरबेल के फायदे एवं नुकसान : Health Benefits of Amarbel

निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) कैसे कार्य करती है?

निर्गुण्डी के कार्य करने के तरीकों के संबंध में पर्याप्त शोध उपलब्ध नही हैं। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बालिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें। हालांकि, ऐसा माना जाता है कि निर्गुण्डी हॉर्मोन्स को प्रभावित करती है, जो महिला के रिप्रोडक्टिव साइकल नियमित करते हैं।

[mc4wp_form id=”183492″]

निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) का इस्तेमाल करने से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

निम्नलिखित परिस्थितियों में निर्गुण्डी का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें:

  • यदि आप गर्भवती हैं या स्तनपान करा रही हैं। दोनों ही स्थितियों में सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही दवाइयों के सेवन की सलाह दी जाती है।
  • यदि आप अन्य दवाइयों का सेवन कर रहे हैं। इस सूची में वह दवाइयों शामिल हैं, जो बाजार में बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के खरीद के लिए उपलब्ध हैं।
  • यदि आपको निर्गुण्डी के किसी पदार्थ से या अन्य किसी दवा या औषधि से एलर्जी है।
  • यदि आपको कोई बीमारी, डिसऑर्डर या मेडिकल कंडिशन है।
  • यदि आपको निर्गुण्डी के किसी अन्य पदार्थ या अन्य प्रकार जैसे फूड, डाई, प्रिजरवेटिव या जानवरों से एलर्जी है या आपको किसी अन्य औषधि से एलर्जी है।

अन्य दवाइयों के मुकाबले आयुर्वेदिक औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नहीं हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) कितनी सुरक्षित है?

  • निर्गुण्डी का फल ज्यादातर मामलों में मौखिक रूप से उचित तरीके से सेवन करने पर सुरक्षित है।
  • बीजों के रस को उचित तरीके से त्वचा पर लगाना सुरक्षित है।

विशेष सावधानियां और चेतावनी

प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग: प्रेग्नेंसी और ब्रेस्टफीडिंग के दौरान निर्गुण्डी का सेवन करना संभवतः असुरक्षित हो सकता है। चिंता की बात यह है कि निर्गुण्डी हाॅर्मोन्स में हस्तक्षेप कर सकता है। यदि आप प्रेग्नेंट हैं या ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं तो इसका इस्तेमाल ना करें।

हाॅर्मोन्स के लिहाज से संवेदनशील स्थिति माने जाने वाले जाने वाले एंडोमेट्रियोसिस, यूट्राइन फाइब्रॉइड्स या ब्रेस्ट, यूटरस, ओवरी के कैंसर में निर्गुण्डी हार्मोन्स पर प्रभाव डाल सकती है और इससे एस्ट्रोजेन का स्तर प्रभावित हो सकता है। यदि आप हार्मोन्स के लेकर संवेदनशील हैं तो निर्गुण्डी का इस्तेमाल ना करें।

इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF): इस दौरान निर्गुण्डी आईवीएफ की प्रभाविकता को प्रभावित कर सकती है। यदि आप आईवीएफ की प्रक्रिया से गुजर रही हैं तो इसका इस्तेमाल ना करें।

पार्किंसन रोग (Parkinson’s disease): इस स्थिति में निर्गुण्डी में मौजूद रसायन मस्तिष्क पर प्रभाव डाल सकते हैं। पार्किंसन रोग में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों के प्रभाव के समान ही निर्गुण्डी के रसायन दिमाग पर असर डालते हैं। इस स्थिति में यह पार्किंसन रोग के इलाज को प्रभावित कर सकती है।

सिजोफ्रेनिया (Schizophrenia) या अन्य मानसिक विकार: निर्गुण्डी दिमाग में मौजूद डोपामाइन (Dopamine) नामक केमिकल को प्रभावित कर सकती है। कुछ दवाइयां डोपाइमन के स्तर को कम करने में मदद करती हैं। अन्य मानसिक विकारों के इलाज के दौरान निर्गुण्डी का सेवन उपचार को प्रभावित कर सकता है।

और पढ़ें – पर्पल नट सेज के फायदे एवं नुकसान: Health Benefits of purple nut sedge

निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) के क्या साइड इफेक्ट्स हैं?

असामान्य साइड इफेक्ट्स को मिलाकर निर्गुण्डी से पेट खराब, उबकाई, खुजली, लालिमा, सिर दर्द, मुंहासे, सांस लेने में दिक्कत और वजन बढ़ने जैसे दुष्प्रभाव सामने आते हैं। निर्गुण्डी का इस्तेमाल करने पर कुछ महिलाओं को अपने मासिक धर्म के प्रवाह में बदलाव नजर आता है।

हर व्यक्ति को इन साइड इफेक्ट्स का अनुभव नहीं होता है। उपरोक्त दुष्प्रभाव के अलावा भी निर्गुण्डी के अन्य साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिन्हें सूची बद्ध नहीं किया गया है। यदि आप निर्गुण्डी के साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।

और पढ़ें – रामदाना के फायदे और नुकसान : Health Benefit of Ramdana

निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) से क्या रिएक्शन हो सकते हैं?

निर्गुण्डी आपकी मौजूदा दवाइयों के साथ रिएक्शन कर सकता है या दवा का कार्य करने का तरीका परिवर्तित हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से संपर्क करें।

निम्नलिखित प्रोडक्ट्स के साथ निर्गुण्डी रिएक्शन कर सकती है:

  • गर्भ निरोधक गोलियां: यह बॉडी में हार्मोन के स्तर में बदलाव कर सकती है। गर्भ निरोधक गोलियों में हार्मोन होते हैं। निर्गुण्डी को गर्भनिरोधक गोलियों के साथ लेने से इनकी प्रभाविकता घट सकती है। यदि आप गर्भ निरोधक के साथ निर्गुण्डी का सेवन कर रहे हैं तो अतिरिक्त रूप से गर्भ निरोधक जैसे कंडोम का इस्तेमाल करें। कुछ गर्भ निरोधक गोलियों में एथीनील ऐस्ट्राडिओल (ethinyl estradiol) और लिवोनोगेस्ट्रल (levonorgestrel) ट्रिफासिल (Triphasil), एथीनील ऐस्ट्राडिओल और नोरिथिनड्रोन (norethindrone) (Ortho-Novum 1/35, Ortho-Novum 7/7/7) और अन्य गर्भ निरोधक दवाइयों के साथ यह रिएक्शन कर सकती है।
  • एस्ट्रोजेन: निर्गुण्डी बॉडी में एस्ट्रोजेन हार्मोन का स्तर को परिवर्तित कर सकती है। ऐसे में एस्ट्रोजेन की गोलियों के साथ निर्गुण्डी का सेवन करने से इनकी प्रभाविकता कम हो सकती है। इन एस्ट्रोजेन गोलियों में कॉनजुगेटेड इक्वाइन एस्ट्रोजेन्स (conjugated equine estrogens (प्रेमारिन) (Premarin), एथीनील ऐस्ट्राडिओल), ऐस्ट्राडिओल और अन्य गर्भ निरोधी गोलियां आती हैं।
  • एंटीसाइकोटिक दवाएं (Antipsychotic drugs): निर्गुण्डी दिमाग में मौजूद डोपामाइन (Dopamine) नामक कैमिकल को प्रभावित कर सकती है। कुछ मानसिक विकार की दवाइयां डोपाइमन के स्तर को कम करने में मदद करती हैं। अन्य मानसिक विकारों के इलाज के दौरान निर्गुण्डी का सेवन उपचार को प्रभावित कर सकता है।

निम्नलिखित मानसिक विकार रोधी दवाइयों के साथ निर्गुण्डी रिएक्शन कर सकती है:

  • क्लोरप्रोमाजाइन (chlorpromazine थ्रोजाइन (Thorazine))
  • क्लोजापाइन (clozapine)
  • क्लोजारिल (Clozaril)
  • फ्लूफेनाजाइन (fluphenazine)
  • प्रोलिक्सिन (Prolixin)
  • हेलोपराइडोल (haloperidol)
  • हालडोल (Haldol)
  • ओलनजापाइन (olanzapine)
  • जयप्रेक्सा (Zyprexa)
  • परफेंजाइन (perphenazine)
  • ट्रिलाफोन (Trilafon)
  • प्रोक्लोरपरजाइन (prochlorperazine)
  • कोम्पाजाइन (Compazine)
  • क्वेटापाइन (quetiapine)
  • सेरोक्यूल (Seroquel)
  • रिसपराइडोन (risperidone)
  • रिसपरडाल (Risperdal)
  • थाइओरिजाडाइन (thioridazine)
  • मेलारिल (Mellaril)
  • थिओथेक्सेन (thiothixene)
  • नावनेन (Navane) और अन्य दवाइयां।
  • डोपामाइन एगोनिस्ट्स (दवाइयां): इसमें मौजूद कैमिकल दिमाग को प्रभावित करते हैं। पार्किंसन रोग में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों के प्रभाव के समान ही निर्गुण्डी के रसायन दिमाग पर असर डालते हैं। इस स्थिति में पार्किंसन रोग की दवाइयों के साथ इसका सेवन करने से साइड इफेक्ट्स की संभावना बढ़ जाती है।

निम्नलिखित दवाइयां पार्किंसन रोग के इलाज में इस्तेमाल होती हैं:

  • ब्रोमोक्रोप्टाइन (bromocriptine)
  • पारलोडेल (Parlodel)
  • लेवोडोपा (levodopa)
  • डोपार(Dopar), कंपोनेंट ऑफ सिनमेट (component of Sinemet))
  • प्रेमिपेक्सोल (pramipexole)
  • मिरापेक्स (Mirapex)
  • रोपिनिरोल (ropinirole)
  • रेक्विप (Requip)
  • मेटोक्लोप्रामाइड: निर्गुण्डी दिमागी कैमिकल्स को प्रभावित करती है। वहीं, मेटोक्लोप्रोमाइड (Metoclopramide) (Reglan) भी डोपामाइन को प्रभावित करती है। इस स्थिति में मेटोक्लोप्रामाइड के साथ निर्गुण्डी का सेवन करना संभवतः इसकी प्रभाविकता को कम कर सकता है।

और पढ़ें – Ashwagandha : अश्वगंधा क्या है?

डोसेज

उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।

निर्गुण्डी (Vitex-agnus-castus) का सामान्य डोज क्या है?

अध्ययनों में निम्नलिखित डोसेज पर वैज्ञानिक शोध किया गया है:

प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) और अन्य स्थितियों में निर्गुण्डी का डोज अलग-अलग हो सकता है। निर्गुण्डी का डोज इसकी फॉर्म्युलेशन पर निर्भर करेगा।

  • रोजाना vitex agnus-castus extract Ze 440 (प्रेफेमिन (Prefemin), जेल्लर (Zeller AG)) 20 mg लें।
  • रोजाना vitex agnus-castus extract BNO 1095 (एग्नुकास्टोन (Agnucaston)/ साइक्लोडोनोन (Cyclodynon), बायोनोरिका एजी (Bionorica AG) 20mg लें।
  • निर्गुण्डी के सूखे फल के एक्स्ट्रैक्ट (6.7-12.5:1) का एक कैप्सूल फेमिक्युर (Femicur) दिन में दो बार।
  • दिन में निर्गुण्डी के फ्रूट एक्स्ट्रैक्ट डोज की अधिकतम मात्रा 20-40mg है।

हर मरीज के मामले में इसका डोज भिन्न हो सकता है। जो डोज आप लेते हैं वो आपकी उम्र, हेल्थ और अन्य कारकों पर निर्भर करता है। औषधियां हमेशा सुरक्षित नहीं होती हैं। इसके उपयुक्त डोज की जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।

और पढ़ें – गिलोय के फायदे एवं नुकसान: Health Benefits of Giloy

निर्गुण्डी किन रूपों में उपलब्ध है?

निर्गुण्डी निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:

  • निर्गुण्डी का एक्स्ट्रैक्ट
  • निर्गुण्डी का लिक्विड एक्सट्रैक्ट

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Vitex agnus-castus extracts for female reproductive disorders: a systematic review of clinical trials/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/23136064/Accessed on 7 July, 2020

Vitex agnus castus for premenstrual syndrome/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6494412/Accessed on 7 July, 2020

The Treatment of Premenstrual Syndrome With Preparations of Vitex Agnus Castus: A Systematic Review and Meta-Analysis/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/28237870/Accessed on 7 July, 2020
Systematic Review of Premenstrual, Postmenstrual and Infertility Disorders of Vitex Agnus Castus/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5308513/Accessed on 7 July, 2020
लेखक की तस्वीर badge
Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 07/07/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड