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Bulimia: बुलिमिया क्या है?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar


Shilpa Khopade द्वारा लिखित · अपडेटेड 08/04/2021

Bulimia: बुलिमिया क्या है?

जानिए मूल बातें

बुलिमिया (Bulimia) किसे कहते हैं?

बुलिमिया, जिसे बुलिमिया नर्वोसा के रूप में भी जाना जाता है, एक खाने की बीमारी है। इस बीमारी में व्यक्ति अनियंत्रित खाना-खाने का शिकार हो जाता है। खूब सारा खाना खाने के बाद वो इससे छुटकारा पाने के लिए स्व-प्रेरित उल्टी (Self-induced vomiting) करने की कोशिश करने लगता है या इसे निकालने के लिए किसी दवा का सहारा ले सकता है। इस बीमारी को मानसिक स्वास्थ्य से जोड़कर भी देखा जाता है। बहुत से लोग जिन्हें बुलिमिया होता है, वे एनोरेक्सिया नर्वोसा से पीड़ित हो सकते हैं।

बुलिमिया (Bulimia) कितना आम है?

बुलिमिया ज्यादातर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को अधिक प्रभावित करता है। यह किशोर लड़कियों और युवा महिलाओं में भी अधिक सामान्य है। अगर आपको संदेह है या आपके किसी नजदीकी व्यक्ति को बुलिमिया से पीड़ित है तो अपने डॉक्टर से सलाह लें।

और पढ़ें : Bulimia Nervosa: बुलीमिया नेर्वोसा क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

जानिए इसके लक्षण

बुलिमिया (Bulimia) के लक्षण क्या हैं?

बुलिमिया के सामान्य संकेत और लक्षणों में शामिल हैं: दिन में विशिष्ट समय के बाद ज्यादा मात्रा में भोजन करना। अक्सर व्यक्ति अनअपेक्षित रूप से ज्यादा मात्रा में उच्च कैलोरी के खाद्य पदार्थ खाता है। इसके दौरान, व्यक्ति खाने पर नियंत्रण नहीं करता है। इस बीमारी के निम्न लक्षण हो सकते हैं-

  • खुद को उल्टी करने के लिए मजबूर करना,
  • अत्यधिक व्यायाम करना,
  • जुलाब या मूत्रवर्धक (पानी की गोलियां) का सेवन करना;
  • पुर्जिंग से अक्सर राहत मिलाना।

बुलिमिया वाले लोगों का वजन अक्सर सामान्य होता है, लेकिन वे अधिक वजन का महसूस करते हैं। क्योंकि हर व्यक्ति का वजन अक्सर सामान्य होता है, इसलिए अन्य लोग इस खाने के विकार को नहीं देख सकते हैं।

लक्षण जो अन्य लोग देख सकते हैं उनमें शामिल हैं:

  • व्यायाम करने में बहुत समय बिताना;
  • अचानक बड़ी मात्रा में भोजन करना या बड़ी मात्रा में भोजन खरीदना जो तुरंत पच जाए;
  • भोजन के तुरंत बाद नियमित बाथरूम जाना
  • जुलाब, आहार की गोलियां, एमेटिक्स (उल्टी पैदा करने वाली दवाई), या मूत्रवर्द्धक दवाइयों का सेवन करना।

सभी लक्षण ऊपर दिए नहीं गए हैं। अगर आपको किसी लक्षण के बारे में कोई परेशानी है, तो अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

मुझे अपने डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अपने डॉक्टर को यह बताना ज़रूरी है कि क्या आपको या आपके किसी नजदीकी व्यक्ति को बुलिमिया के लक्षण हैं। बुलिमिया वाले ज्यादातर लोग नहीं मानते की उन्हें कोई समस्या है। वे थेरेपी का विरोध कर सकते हैं लेकिन उन्हें यह याद जरूर दिलाएं कि बुलिमिया शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

और पढ़ें : Urticaria : पित्ती क्या है? जाने इसके कारण, लक्षण और उपाय

बुलिमिया के काऱण जानें

बुलिमिया (Bulimia) किस कारण होता है?

बुलिमिया का कारण अब तक पता नहीं चला है। ज्यादातर कम आत्मसम्मान वाले लोगों को बुलिमिया का खतरा ज्यादा होगा। इस में जेनेटिक, साइकोलॉजिकल, फॅमिली सोसाइटी और कल्चरल फैक्टर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बुलिमिया के कारण एक या एक से अधिक जोखिम बढ़ सकती हैं।

और पढ़ें : Mumps : गलसुआ क्या है? जाने इसके कारण ,लक्षण और उपाय

जानिए इसकी जोखिमों को

किन चीजों के कारण ये बीमारी बढ़ने का खतरा होता है?

जिन चीजों के कारण जोखिम बढ़ सकती है, उनमे शामिल हैं:

पुअर बॉडी इमेज: ऐसे कई हैं जो सुंदरता और सफलता को प्रभावित करते हैं। अगर आपकी सामाजिक छवि ख़राब हो तो आपको बुलिमिया हो सकता है

खुद में आत्म-सम्मान की कमी होना: कम आत्म-सम्मान होने से अवसाद, खुद का महत्व कम समझना।

आघात या सेक्शुअल एब्यूज हिस्ट्री: अध्ययनों से पता चला है कि जिन महिलाओं की बुलिमिया होता है उनमें यौन शोषण की हिस्ट्री मिली है।

अन्य मानसिक विकार: मेंटल प्रोब्लेम्स, गुस्से पर काबू न कर पाना, डिप्रेशन, एंग्जायटी डिसऑर्डर्स, ऑब्सेसिव-कम्पलसिव डिसऑर्डर

प्रोफेशन या एक्टिविटी होना: इसमें ऐसे व्यवसायों को शामिल किया जाता है जिनमें स्लिम होना जरुरी है। इसमें एक अभिनेत्री, एक मॉडल और एक डांसर का का होना शामिल है। इसमें एथलीट भी शामिल हो सकते हैं जिन्हें एक निश्चित वजन बनाए रखने की आवश्यकता होती है।

जीवन का मुख्य बदलाव: आमतौर पर जीवन का मुख्य बदलाव ज्यादा तनाव का कारण बन सकता है, जो बुलिमिया को ट्रिगर कर सकता है। इन जीवन बदलाओं में युवावस्था, कॉलेज जाना या ब्रेकअप होना शामिल हो सकता है।

सभी जोखिम कारक ऊपर नहीं दिए गए हैं इसका मतलब यह नहीं है कि आप बुलिमिया से प्रभावित नहीं हो सकते। आपको अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

निदान और उपचार

नीचे दी गई जानकारी किसी भी वैद्यकीय सुझाव का पर्याय नहीं है, इसलिए हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

इस बीमारी का निदान कैसे करते हैं?

एक उचित निदान देने के लिए, आपका डॉक्टर निचे दिए गए टेस्ट्स करने के की सलाह दे सकते हैं:

  • अपने मेडिकल हिस्ट्री अभ्यास करें,
  • फिजिकल टेस्ट्स करना,
  • अपनी भावनात्मक स्थिति को नापना,
  • न्यूट्रिशनल डेफिसिएन्सिएस और इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंसेस के लिए ब्लड टेस्ट करना,
  • डेंटल टेस्ट्स करना जिसमे कैविटीज या जिंजीवाइटिस को दर्शाता है, जिससे उल्टी में एसिड तैयार होता है।

और पढ़ें : Seborrheic dermatitis : सेबोरीक डर्मेटाइटिस क्या है? जाने इसके कारण, लक्षण और उपाय

बुलिमिया (Bulimia) का इलाज कैसे किया जाता है?

  • बुलिमिया का उपचार उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। उपचार से ये बीमारी ठीक होने के लिए बुलिमिया वाले लोगों यह स्वीकार करना जरुरी है की उन्हें ये बीमारी हुई है। साथ ही मदद की जरूरत भी होती है। उपचार के विकल्पों में नीचे दिए गए विकल्प शामिल हो सकते हैं:
  • अगर बीमारी की शुरुवात हो तो सपोर्ट ग्रुप्स की सहायता से बिना किसी कॉम्प्लीकेशन्स के ये ठीक हो सकती है।
  • ऐसे लोगों के लिए काउंसलिंग जैसे टॉक थेरेपी और न्यूट्रिशनल थेरेपी की आवश्यकता होती है, जो सपोर्ट ग्रुप्स के विकल्प करतें।
  • ड्रग थेरेपी में एंटीडिप्रेसेंट जैसे चयनात्मक सेरोटोनिन री-अपटेक इनहिबिटर शामिल हो सकते हैं। टॉक थेरेपी के साथ ड्रग थेरेपी इस बीमारी के लिए बहुत प्रभावी हो सकती है।
  • आमतौर पर अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता तब होती है, जब किसी व्यक्ति को एनोरेक्सिया, प्रमुख अवसाद है। साथ ही उल्टी को रोकने के लिए दवाओं की आवश्यकता होती है।

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

क्या कुछ घरेलू उपचार या जीवनशैली के बदलाव से ये बीमारी ठीक हो सकती है?

 दिए गए कुछ घरेलू नुस्खे और बदलाव आपके इस बीमारी को ठीक करने में मददगार साबित होंगे:

  • सपोर्ट ग्रुप्स में भाग लें। ये समूह आपको अपने तनाव से निपटने और ज्यादा भोजन या उल्टी रोकने में मदद कर सकते हैं।
  • अपने डॉक्टर द्वारा दिए गए इंस्ट्रक्शन का पालन करें।
  • सही पोषक आहार लें। आपके आहार में पोषक तत्वों और विटामिन की कमी हो सकती है। अपने पोषण नूट्रिशनिस्ट और डॉक्टर से बात करें कि आपको आहार में क्या-क्या खाना चाहिए।
  • हमेशा आप डॉक्टर या काउंसलर से बात करें कि आपके क्या सोच रहें हैं।
  • नियमित भोजन करें।
  • अपने तनाव को कम करने के उपाय करें।
  • खुद का ख्याल रहें। आपको अपने शरीर के साथ सहज होने और खुद से प्यार करने की आवश्यकता है।

अगर आपको कोई भी सवाल या चिंता सता रही है तो सही सुझाव के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

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