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शिशु को सही मात्रा में फॉर्मूला न देना हो सकता है उनके लिए हानिकारक, जानिए इस बारे में!

    शिशु को सही मात्रा में फॉर्मूला न देना हो सकता है उनके लिए हानिकारक, जानिए इस बारे में!

    जब आप अपने शिशु को फॉर्मूला फीड (Formula feed) कराने का प्लान करते हैं, तो ब्रेस्टमिल्क के साथ फॉर्मूला देते हुए या ब्रेस्ट मिल्क को फॉर्मूला (Formula) के साथ स्विच करते हुए आपके मन में कई सवाल होंगे। इनमें एक सवाल यह भी हो सकता है कि शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें (How much formula should given to baby)? शिशु को कितनी मात्रा में फीड कराना चाहिए, यह कोई साइंस नहीं है क्योंकि हर शिशु अलग होता है। लेकिन, हर माता-पिता के मन में यह सवाल जरूर होता है कि शिशु को रोजाना कितनी मात्रा में फॉर्मूला देना चाहिए ताकि उनकी जरूरतें पूरी हो सकें। आज हम आपको जानकारी देने वाले हैं कि शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें (How much formula should given to baby)? सबसे पहले जानते हैं फॉर्मूला फीडिंग गाइड के बारे में।

    फॉर्मूला फीडिंग गाइड (Formula feeding guide)

    जैसा कि पहले ही बताया गया है कि शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें (How much formula should given to baby), इसे लेकर कोई खास नियम नहीं है। लेकिन रूल ऑफ थंब के मुताबिक छह महीने से कम उम्र के शिशु जिन्होंने अभी ठोस आहार लेना शुरू नहीं किया है, उन्हें एक दिन में उनके 500 ग्राम बॉडी वेट के अनुसार 50 ग्राम फॉर्मूला देना चाहिए। अगर बच्चे का वजन चार किलोग्राम है तो उन्हें रोजाना 500 से 600 ग्राम फॉर्मूला दिया जा सकता है। लेकिन, याद रखें हर शिशु अलग होता है। यह गाइडलाइंस एक रफ आईडिया है।

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    यही नहीं, शिशु कि भूख भी रोजाना बदल सकती है। ऐसे में, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से बात कर सकते हैं। शुरुआत में शिशु की डिमांड के अनुसार ही उसे फीड करना चाहिए। यानी, जब वो यह संकेत दें कि वो भूखा हैं, उसे फॉर्मूला दें। हालांकि, शिशु आपको खुद यह नहीं बता सकता है कि उसे भूख लगी है। ऐसे में उन संकेत को समझना जरूरी है, जो इस प्रकार हैं:

    • बच्चे का अपने लिप्स को लीक करना
    • उनका अपने जबड़े, मुंह या सिर को खाने की तलाश में मूव करना
    • शिशु का हाथों को मुंह में डालना
    • मुंह खोलना
    • उतावलापन
    • रोना
    • अधिक अलर्ट होना

    समय के साथ शिशु में नियमित फीडिंग शेड्यूल विकसित हो जाता है और आप भी उनकी जरूरतों के बारे में जान जाएंगे। जिससे आपको यह पता चल जाएगा कि शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें (How much formula should given to baby)? अब जानते हैं फॉर्मूला फीडिंग चार्ट के बारे में।

    शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें, How much formula should given to baby

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    फॉर्मूला फीडिंग चार्ट (Formula feeding chart)

    अगर आप शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें (How much formula should given to baby), इस बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं, तो आपको फॉर्मूला-फीडिंग चार्ट की मदद लेनी चाहिए। जब शिशु पांच से छह महीने का होता है, तो वो सॉलिड फूड लेना शुरू कर देता है। इस दौरान उसे कितना फॉर्मूला मिल्क लेना चाहिए, इसके लिए फॉर्मूला फीडिंग चार्ट मददगार साबित हो सकता है। उम्र के मुताबिक शिशु को इस मात्रा में फॉर्मूला मिल्क देना चाहिए:

    • दो महीने का बेबी आमतौर पर हर तीन से चार घंटे में 85 ग्राम से लेकर 170 ग्राम फॉर्मूला ले सकता है। शिशु को लगभग दिन में छह बार इसे फीड करने के लिए दिया जा सकता है।
    • तीन महीने का बेबी हर चार घंटे में 110 ग्राम से लेकर 170 ग्राम फॉर्मूला ले सकता है। शिशु को लगभग दिन में छह बार इसे फीड करने के लिए दिया जा सकता है।
    • चार महीने के शिशु हर चार घंटे में 140 ग्राम से लेकर 200 ग्राम फॉर्मूला ले सकते हैं। शिशु को लगभग दिन में चार से छह बार इसे फीड करने के लिए दिया जा सकता है।
    • पांच महीने के शिशु दिन में पांच बार 170 ग्राम से लेकर 220 ग्राम फॉर्मूला ले सकते हैं। शिशु को लगभग दिन में कुल 500 से 900 ग्राम फॉर्मूला दिया जा सकता है।
    • छह महीने के शिशु दिन में चार से पांच बार 170 ग्राम से लेकर 220 ग्राम फॉर्मूला ले सकते हैं। शिशु को लगभग दिन में कुल 500 से 900 ग्राम फॉर्मूला दिया जा सकता है।

    अपने शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला देना चाहिए, यह जानने के लिए आप अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं

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    जैसे-जैसे शिशु बड़ा होता है उसकी फॉर्मूला की डिमांड भी बढ़ती है। लेकिन, शिशु को ओवरफीड न कराएं, ताकि उनका वजन सही रहे। हो सकता है कि आपका शिशु ऊपर बताई मात्रा से अधिक फॉर्मूला की डिमांड करे। अगर ऐसा है तो अपने डॉक्टर से बात करें। शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें (How much formula should given to baby), इस बारे में यह जानकारी बेहद जरूरी है। अब जानते हैं कि वो कौन से लक्षण हैं, जिनसे आपको यह पता चले कि शिशु पर्याप्त फॉर्मूला प्राप्त कर रहा है?

    शिशु को पर्याप्त फॉर्मूला मिल रहा है या नहीं, जानें

    शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें (How much formula should given to baby), इसके साथ ही आपको यह भी पता होना चाहिए कि शिशु को सही मात्रा में फॉर्मूला मिल रहा है या नहीं? आइए जानें इसके कुछ लक्षणों के बारे में:

    सही वजन (Weight gain)

    शिशु के पहले दस दिन का होने के बाद उनका वजन लगातार बढ़ता है और पहले साल उनकी हेल्दी ग्रोथ होती है। अगर आपके शिशु का वजन सही से बढ़ रहा है, तो यह इस बात का संकेत है कि उसे सही मात्रा में फॉर्मूला मिल रहा है।

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    हैप्पी बेबी (Happy baby)

    अगर फीडिंग के बाद आप का शिशु हैप्पी और सटिस्फाइड है, तो इसका अर्थ है उसको सही से फीड मिल रही है।

    वेट डायपर (Wet diaper)

    जन्म के कुछ दिन बाद शिशु दिन में तीन से चार बार डायपर गीला करता है। लेकिन, अगले कुछ दिनों में यह अमाउंट दिन में कम से कम छह से सात वेट डायपर हो जाता है। यह सब इस बात का संकेत हो सकते हैं कि आपका शिशु सही से फीड ले रहा है। उम्मीद है कि शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें (How much formula should given to baby), इस बारे में आपको यह जानकारों पसंद आई होगी। अब जानते हैं उन लक्षणों के बारे में जिनसे आपको पता चलता है कि शिशु को बहुत अधिक फॉर्मूला ले रहा है।

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    शिशु का अधिक फॉर्मूला लेने के लक्षण क्या हैं?

    शिशु आमतौर पर अपनी जरूरत के अनुसार सही मात्रा में खाने में निपुण होते हैं, लेकिन बोतल से दूध पीने वाले बच्चे कई बार बहुत ज्यादा दूध पी सकते हैं। अधिक मात्रा में फॉर्मूला लेना हानिकारक हो सकता है। शिशु में बहुत अधिक मात्रा में फॉर्मूला ले लिया है, तो इसके लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

    उल्टी आना (Vomiting): अगर फीडिंग के बाद अगर शिशु को उल्टी हो रही हो, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शिशु अधिक मात्रा में फॉर्मूला ले रहा है।

    पेट में दर्द (Tummy pain): फीडिंग के बाद पेट में दर्द ओवरफीडिंग का लक्षण हो सकता है। अगर शिशु रो रहा है, अपनी टांगों को फोल्ड कर रहा है तो यह पेट दर्द का साइन हो सकता है। आप शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें (How much formula should given to baby) के साथ ही फॉर्मूला के बारे में और अधिक जान ही गए होंगे। अब पाएं कुछ टिप्स फॉर्मूला फीडिंग के बारे में।

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    फॉर्मूला फीडिंग टिप्स (Formula feeding)

    फॉर्मूला फीडिंग शिशु के लिए सुरक्षित है। लेकिन, इसे कितनी मात्रा में और कितनी बार शिशु को देना चाहिए इस बारे में जानकारी होना जरूरी है। इसके लिए फॉर्मूला फीडिंग टिप्स इस प्रकार हैं:

    • आमतौर पर, शिशु भूख लगने पर खाता है और जब उसका पेट भर जाए तो खाना बंद कर देता है। अगर शिशु ओवरफीड करता है, तो वो ओबेसिटी का शिकार हो सकता है। इसलिए उसे ओवरफीड न कराएं।
    • अगर आपका शिशु रो रहा है, तो जरूरी नह यह कि वो भूखा हो। हो सकता है कि उसका डायपर गीला हो, उन्हें ठंड या गर्मी लग रही हो। तो ऐसे में उसे जबरदस्ती फीड न कराएं।
    • ग्रोथ स्पर्ट (growth spurts) के दौरान शिशु को अधिक भूख लग सकती है। ऐसे में इसे समझें और उन्हें सही मात्रा में फीड कराएं।

    शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूला दें, How much formula should given to baby

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    यह तो थी जानकारी शिशु को कितनी मात्रा में फॉर्मूलाफॉर्मूलादें (How much formula should given to baby), के बारे में। शिशु को उम्र और वजन के अनुसार सही मात्रा में फॉर्मूला देना बेहद जरूरी हैं। यदि आप अपने बच्चे के वजन को लेकर चिंतित हैं या यदि आपको लगता है कि उनका वजन बहुत तेजी से घट रहा है या उनका वजन बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से बात करें। अगर आपके मन में इस बारे में कोई भी सवाल है तो उसे भी डॉक्टर से अवश्य पूछें।

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    AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 24/05/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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