बच्चों के लिए डायपर चुनते समय इन बातों का रखें ख्याल

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अपडेट डेट जनवरी 13, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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आपको शिशु की देखभाल के लिए डायपर्स के महत्व को समझना चाहिए। शिशु की त्वचा काफी कोमल होती है इसलिए इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि जिस डायपर का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे शिशु को किसी तरह के साइड इफेक्ट्स न हो। कई बार पेरेंट्स भ्रम में रहते हैं कि उन्हें अपने शिशु के लिए किस तरह के डायपर का चुनाव करना चाहिए। आप या तो कपड़ों के बने डायपर्स इस्तेमाल कर सकते हैं या डिस्पोजेबल डायपर्स का।

डॉ शांति रॉय (प्रसव एवं शिशु रोग विशेषज्ञ, पटना) कहती हैं, ‘चाहे आप कपड़े के डायपर इस्तेमाल करें या डिस्पोजेबल डायपर आपको अपने नवजात शिशु की देखभाल करने के लिए  डायपर के मामले में एक सही जानकारी रखना जरूरी है। आप किसी भी तरह का डायपर इस्तेमाल करें, दिन भर में समय-समय पर शिशु का डायपर बदलते रहना जरूरी है। पहले गांवों में (कई जगहों पर अब भी) अधिकतर लोग कपड़ों से बने डायपर (Cloth Diaper) का इस्तेमाल करते थे।’ 

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कपड़ों के डायपर्स (Cloth Diaper) क्या होते हैं ?

क्लोथ डायपर सामान्य रुप से कपड़े से बनाएं जाते हैं। इसके लिए मूल रुप से सूती (Cotton) कपड़े को इस्तेमाल में किया जाता है।

कपड़ों के डायपर्स (Cloth Diapers) के फायदे

कपड़ों के डायपर्स को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही इसके इस्तेमाल से शिशु के जांघों पर लाल चकत्ते होने की आशंका बहुत हद तक नहीं होती है। कपड़े से बने डायपर मुलायम होते हैं। इनके इस्तेमाल से शिशु की त्वचा पर रैश नहीं होते हैं। इसमें किसी तरह के केमिकल्स भी नहीं होते हैं।

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कपड़ों के डायपर्स (Cloth Diapers) पहनाने के अन्य फायदे

  • सस्ता और आसान विकल्प है। चाहें तो घर पर भी इसे बना सकते हैं।
  • गर्मी के मौसम में कपड़ों के डायपर्स शिशु के लिए आरामदेह होते हैं।
  • कपड़े के डायपर हल्के होते हैं, इसके कारण शिशु को कोई भार नहीं लगता है।
  • शिशु के गुप्त हिस्सों में हवा लगती है, जिससे रैशेज, पसीने आदि की समस्या नहीं होती।

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कपड़ों के डायपर्स (Cloth Diapers) के इस्तेमाल के लिए ध्यान देने वाली बातें

जब आप कपड़ों के डायपर (Cloth Diapers) का चुनाव करते हैं, तो आपको अधिक सावधानी बरतनी होती है। कपड़ों के डायपर आपको अच्छे तरीके से साफ करने होते हैं। ताकि इससे शिशु को किसी प्रकार का संक्रमण होने से रोका जा सके। इसके अलावा कपड़ों के डायपर कम लिक्विड (पेशाब) सोख पाते हैं।

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डिस्पोजेबल डायपर्स (Disposable Diapers) क्या हैं ?

डिस्पोजेबल डायपर, वे डायपर होते हैं, जिन्हें आप इस्तेमाल करने के बाद फेंक देते हैं। इसे बनाने के लिए सिंथेटिक डिस्पोजेबल मेटैरियल का इस्तेमाल किया जाता है। इन डायपर का इस्तेमाल केवल एक बार ही किया जाता है। बहुत सी कंपनी डिस्पोजेबल डायपर का निर्माण करती हैं।

डिस्पोजेबल डायपर्स (Disposable Diapers) के फायदे

डिस्पोजेबल डायपर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह यूज करने में काफी सुविधाजनक होते हैं। आप एक बार इन्हें उपयोग करने के बाद फेंक देते हैं। इसलिए आपको कम परेशानी का सामना करना होता है। इसके अलावा, डिस्पोजेबल डायपर गीलापन भी अधिक सोखते हैं।

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डिस्पोजेबल डायपर्स (Disposable Diapers) के अन्य फायदे

  • सर्दियों में शिशु बहुत पेशाब करते हैं। डिस्पोजेबल डायपर्स पहनाने से उन्हें गीलेपन का एहसास कम होता है।
  • शिशु बेफिक्र हो कर जहां मर्जी वहां खेल पाता है, क्योंकि बिस्तर गीला होने का डर नहीं रहता।
  • इससे शिशु की हाइजीन बनाए रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा डायपर्स बदलने के दौरान ऐंटी रैशेज क्रीम या पाउडर लगाने से शिशु को कोई समस्या भी नहीं होती है।

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डिस्पोजेबल डायपर्स (Disposable Diapers) के इस्तेमाल के लिए ध्यान देने वाली बातें

डिस्पोजेबल डायपर कपड़ों के डायपर्स की तुलना में थोड़े महंगे होते हैं और इसका दोबारा उपयोग नहीं किया जा सकता है। इसलिए आपको ये अधिक खरीदने पड़ते हैं। डिस्पोजेबल डायपर सिंथेटिक फैब्रिक से बने होते हैं। इनमें इस्तेमाल किए जाने वाले केमिकल्स हानिकारक हो सकते हैं, क्योंकि साथ ही इनके उपयोग से बच्चों को रैश होने के खतरे भी ज्यादा होते हैं।

डायपर से होने वाले चकत्तों (Diaper Rashes) से बचने के लिए जितनी जल्दी हो सके शिशु के डायपर बदलें। रोज कुछ घंटों के लिए शिशु को बिना डायपर के रखें, ताकि बच्चे के पिछले हिस्से में थोड़ी हवा लग सके।

बच्चों के डिस्पोजेबल डायपर्स चुनते समय इन बातों का रखें ख्याल

बच्चों के लिए डायपर्स चुनना आसान नहीं है। बाजार में बहुत से ब्रांड है, जो अपने-अपने प्रोडक्ट को बेहतर साबित करने की होड़ में लगे हुए हैं। सारे ही ब्रांड अपने डायपर्स को इस तरह मार्केट करते हैं कि लगता है कि वे ही बेस्ट हैं। ऐसे में पेरेंट्स को डायपर चुनते वक्त इन बातों का रखना चाहिए ख्याल।

सोखने की क्षमता

डायपर का काम होता है कि वह बच्चों के पेशाब और मल को अच्छे से सोख सकें और साथ ही लीक न करें और न ही भारी महसूस हो। अगर डायपर लीक करता है, तो बच्चे की स्किन गीलेपन की संपर्क में आती है और इस कारण उसे रैशेज या अन्य तकलीफें हो सकती हैं।

गीलापन बताने के लिए इंडिकेटर

आज के दौर में कई ब्रांड्स ऐसे हैं, जो डायपर्स में इंडिकेटर देते हैं, जो बताता है कि डायपर कब पूरी तरह भर चुका है। इनमें इंडिकेटर लाइन्स होती है, जो कलर बदलती हैं और बताती है कि अब डायपर इससे ज्यादा लिक्विड नहीं सोख सकता है। ऐसे में मां के लिए बहुत आसान हो जाता वे बस इन लाइन्स को देखकर पता लगा लेती हैं कि अब डायपर बदलने की जरूरत है।

डायपर की सॉफ्टनेस भी देखें

बच्चों की त्वचा बहुत ही नाजुक और सेंसिटिव होती है। ऐसे में डायपर के मैटेरियल का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। पेरेंट्स ध्यान दें कि डायपर ऐसे मैटेरियल का बना हो जिससे बच्चों को कोई परेशानी न हो। साथ ही यह फैब्रिक हवा के फ्लो को न रोके।

डायपर की फिटिंग

डायपर खरीदते समय पेरेंट्स यह भी देखें कि डायपर कितना स्ट्रेच हो सकता है। डायपर के स्ट्रेचेबल होने से यह बच्चे को ठीक से फिट आता है और साथ ही बच्चे को इससे इरीटेशन नहीं होती है।

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