म्यूकोपोलिसेकेरीडोसिस टाइप II (Mucopolysaccharidosis type II) के कई नाम से जाना जाता है। जैसे- एमपीएस 2, हंटर सिंड्रोम और 12एस(S) डिफिसियेंसी। एमपीएस 2 शरीर के कई हिस्सो को प्रभावित करता है। यह अनुवांशिक बीमारी होती है। यह बीमारी ज्यादातर लड़को में पाया जाता है। उनका शरीर एक प्रकार के शुगर को नहीं तोड़ सकता है, जो हड्डियों को बनाता है, त्वचा और अन्य टीशू को।
कुछ शुगर अपने सेल्स में निर्मित होती हैं और मस्तिष्क सहित शरीर के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचाते हैं। वास्तव में जो भी होता है वह हर व्यक्ति में अलग-अलग पाया जाता है।

अगर आपके बेटे को म्यूकोपोलिसेकेरीडोसिस टाइप II (Mucopolysaccharidosis type II) बीमारी है, तो कुछ चीजों के जरिए आप उसे खेलने में मदद कर सकते हैं। जैसे- दोस्तों के जरिए, और कुछ ऐसे खेल जो दूसरे अन्य बच्चे खेलते हो, भले ही वह अपने दोस्तों से अलग क्यों न दिखता हो।
हालांकि हंटर सिंड्रोम का कोई इलाज नहीं है, लेकिन इसे मैनेज करने और लक्षणों के साथ जीने में मदद करने के तरीके हैं।
इस बीमारी के लक्षण अधिकांश लोगों में अलग अलग होते हैं। यह डिसऑर्रडर न्यूरोनोपैथिक (neuronopathic) के रूप में, शारीरिक और मानसिक विकास 2-4 साल की उम्र के बाद धीरे- धीरे गंभीर होने लगता है।
आमतौर पर एमपीएस 2 के ये लक्षण होते हैं:
यही नहीं इसके लक्षण में शरीर के हिस्सों में भी बदलाव आते हैं। जैसे:
ये विशेषताएं 2 से 4 साल की उम्र के बीच देखने को मिलते हैं। हाइड्रोसिफ़लस (Hydrocephalus)(मस्तिष्क के अंदर गहरी कैविटी में द्रव निर्माण होना) आमतौर पर 4 साल की उम्र के बाद एमपीएस II के रूप में पाया जाता है।
जब किसी लड़के का मस्तिष्क प्रभावित होता है, तो संभावना है कि उसे ये लक्षण हो सकते हैं:
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जिन लड़को को एमपीएस 2 की बीमारी होती है उनके अंदर एक प्रकार की प्रोटीन नहीं बनाती है क्योंकि उनके डीएनए के एक छोटे टुकड़े में कुछ समस्या होती है। जिसे जीन कहा जाता है, जो उनकी मां से आता है।
जिनके पिता को एमपीएस 2की बीमारी होती है, उनकी बेटी के लिए समस्या हो सकती है क्योंकि इस कारण उनके बेटी में भी ये समस्या पैदा हो सकती है, लेकिन जब तक वह अपनी माँ से जीन नहीं लेगी, तब तक उसे यह बीमारी नहीं होगी।
यह संभव है, लेकिन बहुत ज्यादा संभावना नहीं भी है कि एमपीएस 2 बीमारी विकसित हो सकती है, भले ही उनके परिवार में किसी को यह बीमारी रही हो।
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अक्सर डॉक्टरों को अन्य मेडिकल कंडिशन को पहले नियमबद्ध करना पड़ता है। आपका डॉक्टर आपसे ये सवाल पूछ सकता है:
यदि डॉक्टर आपके बेटे के लक्षणों को नहीं पहचान पाते हैं, तो वे हंटर सिंड्रोम के लिए परीक्षण करके जांच करेंगे:
डॉक्टरों को जब यह सुनिश्चित हो जाता है कि यह हंटर सिंड्रोम है, तब वह परिवार के सदस्यों को जीन की समस्या के बारे में बताने के लिए सही समय मानते हैं।
यदि आप गर्भवती महिला हैं और आप जानती हैं कि आप में यह बीमारी वाले जीन हैं या आपका पहला बच्चा हंटर सिंड्रोम से पीड़ित है, तो आप पता लगा सकती हैं कि आप जिस बच्चे को जन्म देने वाली हैं वह इस बीमारी से प्रभावित है या नहीं। अपने गर्भावस्था में शुरुआती परीक्षण के बारे में अपने डॉक्टर से बात जरूर करें।
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आप अपने डॉक्टर से ये कुछ सवाल पुछ सकते हैं:
प्रारंभिक उपचार से कुछ लॉन्ग-टर्म डैमेज को रोका जा सकता है।
एंजाइम रिप्लेसमेंट थेरेपी (ईआरटी) हंटर सिंड्रोम से जूझ रहे लड़कों के रोग को कम किया जा सकता है। जो शरीर में प्रोटीन नहीं बनाते हैं उसके जगह को रिप्लेस करता है। ईआरटी इस बीमारी को ठीक करने में मदद कर सकता है:
ईआरटी उन बच्चों का प्राथमिक उपचार है जिनके दिमाग प्रभावित नहीं होते हैं। यह मस्तिष्क में रोग को कम नहीं करता है।
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अस्थि मज्जा (Bone marrow) और गर्भनाल ब्लड (umbilical cord blood ) ट्रांसप्लांट– ये ट्रांसप्लांट आपके बच्चे के शरीर में सेल्स को लाते हैं जो उनके शरीर के प्रोटीन गायब होते हैं। नए सेल्स अस्थि मज्जा ((Bone marrow)) डोनर से आती हैं, जिनके सेल्स आपके बच्चे या नवजात शिशुओं के गर्भनाल ब्लड(umbilical cord blood) की स्टेम सेल्स से मेल खाती हैं।
ये दोनों उपचार हाई-रिस्क वाले हैं। वे आमतौर पर केवल तभी उपयोग करते हैं जब अन्य उपचार संभव नहीं हो पाते हैं।
गंभीर हंटर सिंड्रोम वाले लड़कों के लिए प्रभावी उपचार खोजने के लिए रिसर्च चल रहा है।
लक्षणों का इलाज- इस बीमारी से आपके बच्चे के शरीर के कई अलग-अलग हिस्से प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए आपको स्थिति को मैनेज करने के लिए कई डॉक्टरों को दिखाने की आवश्यकता होगी, जिनमें ये डॉक्टर शामिल हैं:
दवा या सर्जरी जटिलताओं को कम कर सकती है। फिजिकल थेरेपी जोड़ और मूवमेंट के समस्याओं को कम करती है और व्यावसायिक थेरेपी(occupational therapy) के जरिए भी समस्याओं को कम कर सकते हैं। यह शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक स्थिती वाले व्यक्तियों को समाज में अपने कार्यों को करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक कौशल सिखाते हैं ताकि उन्हें अपनी चीजें करना आसान हो सके।
अगर आपको नींद की समस्या है, तो मेलाटोनिन(melatonin) जैसी दवाएं ठीक करने में मदद कर सकती हैं। लेकिन इसे डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
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Current Version
30/09/2021