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ऑनलाइन स्कूलिंग से बच्चों की मेंटल हेल्थ पर पड़ता है पॉजिटिव इफेक्ट, जानिए कैसे

ऑनलाइन स्कूलिंग से बच्चों की मेंटल हेल्थ पर पड़ता है पॉजिटिव इफेक्ट, जानिए कैसे

ऑनलाइन स्कूलिंग के फायदे कोरोना महामारी के दौरान एकमात्र सहारा है। जब पूरी दुनिया में लॉकडाउन था, तब ऑनलाइन स्कूलिंग की मदद से बच्चों ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। ऑनलाइन क्लास करने से या फिर कई घंटों तक लैपटॉप के सामने बैठने पर बच्चों को शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन ऑनलाइन स्कूलिंग के फायदे भी हैं, जिनके बारे में कम ही लोगों को जानकारी है। अगर बच्चे को उसके पसंद का वातावरण मिलता है तो बच्चे का मानसिक विकास तेजी से होता है। ये बात हम सभी जानते हैं कि कुछ बच्चों को स्कूल का माहौल अच्छा नहीं लगता है लेकिन स्टडी (Study) करना अच्छा लगता है। ये जरूरी नहीं है कि सब बच्चों को ऐसा ही महसूस हो।कुछ बच्चों को स्कूल के स्थान पर घर का माहौल अधिक सुरक्षित लगता है। कुछ बच्चे स्कूल में तनाव भी महसूस करते हैं। ऑनलाइन स्कूलिंग के कारण बच्चे अपनी पसंदीदा जगह में रहकर स्टडी करते हैं जो कि उनके मानसिन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि आखिर कैसे ऑनलाइन स्कूलिंग के फायदे (Benefits of Online schooling) बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य या मेंटल हेल्थ (Mental health) को बेहतर बनाने का काम कर रहे हैं।

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ऑनलाइन स्कूलिंग के फायदे (Benefits of Online schooling) में शामिल हैं, बच्चे की मेंटल हेल्थ भी

कोर्स को लेकर नहीं होता है प्रेशर

ऑनलाइन स्कूलिंग में कुछ स्कूल बच्चों पर कोर्स (Course) को लेकर प्रेशर नहीं डालते हैं। हर क्लास में एक कोर्स होता है, जिसे तय समय पर पूरा किया जाता है, लेकिन ऑनलाइन क्लास में इसे लेकर छूट दी जाती है। बच्चों को जल्द से जल्द कोर्स को पूरा करने का प्रेशर नहीं है इस कारण से वो बिना प्रेशर या फिर बिना डेडलाइन के पढ़ाई करते हैं। कुछ टॉपिक ऐसे होते हैं, जो बच्चों को जल्दी समझ नहीं आते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बच्चों को अधिक समय दिया जाता है ताकि उन्हें समझने में कोई दिक्कत न हो। कहीं न कहीं ये बात मानसिक स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाती है।

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ऑनलाइन स्कूलिंग के फायदे (Benefits of Online schooling) में शामिल है फ्लेक्सिबल शेड्यूल

जब ऑनलाइन स्कूलिंग नहीं होती थी, तब बच्चों को एक तय समय में स्कूल जाना होता था। अगर किसी कारणवश बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा तो उसकी क्लास मिस हो जाती थी और साथ ही बच्चे की स्टडी भी मिस हो जाती है। लेकिन ऑनलाइन स्कूलिंग में फ्लेक्सिबल शेड्यूल के कारण बच्चों को ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ रहा है। ज्यादातर स्कूल बच्चों को उनकी पसंद के अनुसार फ्लेक्सिबल शेड्यूल की सुविधा दे रहे हैं ताकि बच्चे अपनी सुविधानुसार क्लास ज्वॉइन कर सकें।

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ऑनलाइन स्कूलिंग के फायदे: मिल रहा है पसंदीदा माहौल

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर पसंदीदा माहौल का बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य से क्या संबंध है। बच्चे हो या फिर किसी भी उम्र का व्यक्ति, अपनी पसंद का माहौल मिलने पर मानसिक खुशी मिलती है। स्कूल की वजह से बच्चे अक्सर अपनी पसंदीदा जगह पर जा नहीं पाते हैं। ऑनलाइन स्कूलिंग में ऐसा संभव है। बच्चे जहां जाना चाहे, वहां जा सकते हैं और साथ ही अपनी सुविधा के अनुसार क्लास भी ज्वाइन कर सकते हैं। अक्सर बच्चे अपनी दादी या फिर नानी के घर में खूब सुकून महसूस करते हैं। अब दादी या नानी के घर को बिना मिस किए बच्चे पढ़ाई भी कर रहे हैं। ये बातें बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाती हैं।

हमने आपको ऑनलाइन स्कूलिंग से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य (Mental health) पर पड़ने वाले सकारात्मक असर पर बताया है। लेकिन आपको इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि बच्चे कि अधिक देर तक कम्प्यूटर या फिर लैपटॉप के माध्यम से पढ़ने पर शरीर को नुकसान भी पहुंच सकते हैं। इस बारे में कोई भी दो राय नहीं हैं कि ऑनलाइन क्लासेस (Online classes) और ऑनलाइन स्कूल (Online school) ने पढ़ाई की राह आसान कर दी है, लेकिन ऐसे में सावधानी रखने की भी आवश्यकता है।

ऑनलाइन स्कूलिंग के फायदे (Benefits of online classes) को जानने के बाद रखें इन बातों का ख्याल

मिनिस्ट्री ऑफ ह्युमन रिसोर्स डेवलपमेंट की ओर से सिफारिश की गई थी कि प्री- प्राइमरी के बच्चों के लिए रोजाना आधे घंटे के लिए स्क्रीन टाइम, वहीं 1 से 8 क्लास के लिए 45 मिनट की क्लास ली जाए। लेकिन स्कूल ऐसा बिल्कुल भी नहीं कर रहे हैं। प्री-प्राइमरी स्कूल की दो घंटे से ज्यादा क्लास ली जा रही है। वहीं अन्य क्लास के बच्चों का भी स्क्रीन टाइम तय समय से ज्यादा ही है। ऐसे में बच्चों को हेल्थ संबंधि समस्या भी हो सकती है।

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सिरदर्द की समस्या

अधिक समय तक ऑनलाइन क्लास लेने से सिरदर्द की समस्या हो सकती है। कुछ बच्चों को आंख से पानी आने की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप बच्चे को कुछ देर का ब्रेक लेने को कहे।

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मूड स्विंग की समस्या

अधिक देर तक क्लास करने के कारण बच्चों को शारीरिक थकावट का एहसास अधिक होने लगता है। इस कारण से मूड स्विंग की समस्या भी हो सकती है। अगर आपको लग रहा है कि बच्चा अधिक देर तक ऑनलाइन क्लास ले रहा है तो आप इस बारे में स्कूल में भी बात कर सकते हैं।

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आंखों में लालिमा

जब अधिक समय स्क्रीन में गुजरता है तो बच्चों की आंखें (Babies eye) लाल हो जाती है। अगर बच्चा लगातार स्क्रीन को घंटों देखेगा तो आंखें कमजोर (Weak vision) होने की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में बेहतर होगा कि बच्चा पढ़ाई के बीच में आंखों को पानी से धुले और आंखों को बंद कर रिलेक्स भी करें।

सिर्फ घर के अंदर रहना नहीं है उपाय

कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। बच्चे दिनभर घर में रहते हैं और महामारी के डर के कारण घरों से बाहर भी नहीं निकल पा रहे हैं। घर के बाहर न जाना बेहतर है लेकिन बच्चों को घर की छत या फिर लॉन आदि में गेम खेलने को कहे। आप बच्चे को वॉक करने की सलाह भी दे सकते हैं। ऐसा करने से बच्चे को ताजगी महसूस होगी। ये काम रोजाना बच्चे को करने को कहें।

अगर ऑनलाइन स्कूलिंग के दौरान कुछ बातों पर ध्यान न दिया जाए तो इसके नकारात्मक यानी निगेटिव इफेक्ट भी देखने को मिलते हैं। बच्चों को जबरदस्ती ऑनलाइन क्लास (Online class) लेने के लिए न कहें। अगर बच्चे को समस्या महसूस हो रही है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। ऐसा करने से बच्चा कई परेशानियों से बच जाएगा। ऑनलाइन स्कूलिंग के फायदे (Benefits of Online schooling) तभी बच्चों को मिल पाएंगे जब उन्हें कुछ सावधानियों के साथ क्लास कराई जाए। आप इस बारे में अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से भी जानकारी ले सकते हैं।आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 08/07/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड