प्रेग्नेंसी वीक 39 के दौरान आपके शिशु का वजन 3.5 किलोग्राम और लंबाई 50 सेंटीमीटर तक हो चुकी होती है। इसके बाद शिशु की लंबाई जन्म होने तक नहीं बढ़ती। कभी-कभी गर्भनाल शिशु की गर्दन से लिपटी रहती है। सामान्यतः इससे कोई खतरा नहीं होता, लेकिन अगर डिलीवरी की संभावित तारीख से पहले गर्भनाल की वजह से कोई जटिलता आती है, तो सीजेरियन डिलीवरी की जाती है। हालांकि, गर्भनाल में गांठ लगने की स्थिति की संभावना काफी कम होती है और करीबन एक प्रतिशत प्रेग्नेंसी में भी ऐसी स्थिति देखने को मिलती है। शिशु के शरीर को गर्म रखने के लिए उसके शरीर पर हर हफ्ते करीब 200 ग्राम तक फैट चढ़ता है।

प्रेग्नेंसी वीक 39 तक आपके शिशु के शरीर पर मौजूद वर्निक्स की परत और लानूगो हेयर गायब हो जाते हैं। आपका शरीर प्लासेंटा के द्वारा शिशु तक एंटीबॉडी पहुंचाता है, जिससे जन्म के 6 से 12 महीने तक शिशु के इम्यून सिस्टम को इंफेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है। प्रेग्नेंसी वीक 39 के दौरान शिशु की छाती पूर्ण रूप से विकसित हो चुकी होती है। अगर आपके गर्भ में पुरुष शिशु पल रहा होता है, तो प्रेग्नेंसी वीक 39 में उसके टेस्टिस ग्रोइन एरिया से स्क्रोटम तक नीचे जाते हैं।
प्रेग्नेंसी वीक 39 में आपका बेबी बंप फेफड़ों से दूर नीचे की तरफ चला जाता है, जिससे आपको पिछले कुछ हफ्तों के मुकाबले सांस लेने में आसानी महसूस होती है। गर्भावस्था के 39वे सप्ताह (प्रेग्नेंसी वीक 39) में आपके गर्भ में मौजूद एम्नियोटिक फ्लूड धीरे-धीरे कम होने लगता है। हॉर्मोन की वजह से आपके शिशु के जननांग जन्म के समय सूजे हुए दिख सकते हैं। लेकिन हॉर्मोन के स्तर के सामान्य होने के बाद यह स्थिति भी सामान्य हो जाती है।
और पढ़ें – Pregnancy 7th Week : प्रेग्नेंसी वीक 7, जानिए लक्षण, शारीरिक बदलाव और सावधानियां
ब्रेक्सटन हिक्स कॉन्ट्रैक्शन को नकली लेबर भी कहा जाता है, जो कि प्रेग्नेंसी वीक 39 में कई बार महसूस होता है। यह संकुचन असली लेबर की तरह ही दर्दनाक और गंभीर हो सकता है, लेकिन असली लेबर की तरह यह नियमित नहीं होते और इनकी फ्रीक्वेंसी बढ़ती नहीं है।
प्रेग्नेंसी वीक 39 के दौरान एम्नियोटिक सैक किसी भी समय टूटने के लिए तैयार रहती है। जब यह टूट जाती है, तो अचानक आपकी वजाइना से फ्लूड निकलने लगता है। हालांकि, लेबर होने तक फ्लूड नहीं निकलता है। कुछ गर्भवती महिलाओं को फ्लूड निकलवाना पड़ता है, ताकि उनका लेबर हो सके। जब आपको महसूस हो कि आपकी वजाइना से फ्लूड निकलने लगा है, तो तुरंत एंबुलेंस बुलाकर या खुद अस्पताल पहुंचे।
और पढ़ें- Pregnancy 11th Week : प्रेग्नेंसी वीक 11, जानिए लक्षण, शारीरिक बदलाव और सावधानियां
कभी-कभी प्री-मैच्योर बर्थ करना बेहतर होता है। खासतौर से तब, जब आपका डॉक्टर आपके बेहतर स्वास्थ्य के लिए इसकी सलाह दे। अगर आपकी ड्यू डेट को गुजरे हुए दो हफ्ते बीत चुके हैं, तो भी प्री-मैच्योर बर्थ करना जरूरी हो जाता है।
और पढ़ें : Pregnancy 28th Week : प्रेग्नेंसी वीक 28, जानिए लक्षण, शारीरिक बदलाव और सावधानियां
कई लोगों का मानना होता है कि हर्बल मेडिसिन की मदद से गर्भवती महिलाओं में लेबर जल्दी लाया जा सकता है। हालांकि, लेबर के लिए हर्बल मेडिसिन के उपयोग के सुरक्षित होने पर कोई रिसर्च नहीं है। इसलिए, आपको बिना डॉक्टर की सलाह के किसी हर्बल मेडिसिन का सेवन नहीं करना चाहिए।
प्रेग्नेंसी वीक 39 के दौरान भी आपके मेडिकल डायग्नोस्टिक टेस्ट पिछले हफ्तों वाले ही रहते हैं। इस दौरान डॉक्टर आपके शिशु के आकार का अंदाजा लगाकर डिलीवरी डेट का अनुमान लगा सकता है। प्रेग्नेंसी वीक 39 के दौरान किए जाने वाले टेस्ट्स निम्नलिखित हैं।
[mc4wp_form id=’183492″]
इसके अलावा आप डॉक्टर के पास जाने से पहले अपने सभी सवालों और चिंता की एक सूची बना सकती हैं। जिससे, आपको अपने डॉक्टर से बातचीत करने में आसानी होगी और आपके मन में कोई शंका बाकी नहीं रह जाएगी।
नींद कम आना
प्रेग्नेंसी वीक 39 के दौरान आपको चिंता हो सकती है, कि कम नींद लेने से आपके शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। लेकिन, सच यह है कि आपके जागे होने पर भी शिशु नींद ले सकता है। ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आपकी नींद से शिशु की नींद का कोई सीधा संबंध है। हालांकि, मनुष्य के लिए पर्याप्त नींद लेना आवश्यक है। कम नींद लेने से आपके स्वास्थ्य, कार्यों पर असर पड़ सकता है।
और पढ़ें – क्या फिंगरिंग से आप गर्भवती हो सकती हैं? जानिए फिंगरिंग और प्रेग्नेंसी में संबंध
माइग्रेन की दवाई
प्रेग्नेंसी वीक 39 में आपको डॉक्टर के बिना सलाह या मना करने पर माइग्रेन के लिए किसी दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए। कुछ पुरानी दवाइयों का सेवन करने से आपकी रक्त वाहिकाओं में सिकुड़न आ सकती है और आपके शिशु की रक्त वाहिकाओं पर भी बुरा असर पड़ सकता है। अगर प्रेग्नेंसी के शुरुआती चरण में आपके शिशु की रक्त वाहिकाओं में कसाव आ जाता है, तो इससे आपके शिशु के बाउल के विकास में रुकावट आ सकती है और स्पाइन तक जाने वाली आर्टरी टूट सकती है, जिससे आपका शिशु को लकवा मार सकता है।
हालांकि, ऐसी दवाइयों का सेवन करने से आपके शिशु पर होने वाले प्रभावों पर पर्याप्त शोध मौजूद नहीं है। लेकिन, इसी तरह के कुछ मामलों को देखा गया है।
अगले आर्टिकल में हम प्रेग्नेंसी वीक 40 के बारे में बात करेंगे।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Stages of pregnancy – https://www.womenshealth.gov/pregnancy/youre-pregnant-now-what/stages-pregnancy – Accessed on 1/1/2020
What happens in the tenth month of pregnancy? – https://www.plannedparenthood.org/learn/pregnancy/pregnancy-month-by-month/what-happens-tenth-month-pregnancy – Accessed on 1/1/2020
Pregnancy – week by week – https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/pregnancy-week-by-week – Accessed on 1/1/2020
Fetal development – https://medlineplus.gov/ency/article/002398.htm – Accessed on 1/1/2020
Current Version
23/11/2020
Aamir Khan द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Sanket Pevekar
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar