World Immunization Day: बच्चों का वैक्सीनेशन कब कराएं, इम्यून सिस्टम को करता है मजबूत

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट November 10, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

घर में नए मेहमान के आते ही मां-बाप की जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। फिर चाहें उसके पालन-पोषण की बात हो या बच्चों का वैक्सीनेशन करवाने की। मां-बाप को बच्चे के जन्म के साथ ही उसके टीकाकरण को लेकर अधिक जागरुक हो जाने की जरूरत होती है। बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर उनकी इस जागरुकता की वजह है टीकाकरण के बाद बच्चे को होने वाली गंभीर बीमारियों से बचाव। आज हम आपको बताएंगे बच्चों का वैक्सीनेशन क्या है, इन्हें कब लगवाना चाहिए और इसके फायदे क्या हैं।

और पढ़ें : बेबी केयर के लिए 10 टिप्स जो हर पेरेंट को जानना है जरूरी 

बच्चों का वैक्सीनेशन क्या है?

बच्चों का वैक्सीनेशन कराना उनको गंभीर बीमारियों से बचाने का एक सरल और असरदार तरीका है। यह न केवल रोगों से रक्षा करने में मदद करता है। बल्कि, यह बीमारी को बढ़ने से रोककर बड़े समुदाय की सुरक्षा करता है।

कुछ बीमारियों से लड़ने के लिए इम्यून सिस्टम को ट्रिगर करने का काम बच्चों का वैक्सीनेशन करता है। अगर एक टीका लगाया गया व्यक्ति इन बीमारियों के संपर्क में आता है, तो उनका इम्यून सिस्टम ज्यादा असरदार तरीके से प्रतिक्रिया करने में सक्षम होता है, जिससे बीमारी को और अधिक विकसित होने से रोका जा सके या इसकी गंभीरता को कम किया जा सके।

बच्चों का वैक्सीनेश किन बचपन की बीमारियों से करता है बचाव?

बच्चों का वैक्सीनेशन कराने से उन्हें कई गंभीर बीमारियों से बचपन में ही बचाया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं:

बच्चे इन स्थितियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने से लेकर, गंभीर स्वास्थ्य स्थितियों (कैंसर, ब्रेन डैमेज और बहरेपन सहित) में पड़ सकते हैं और कभी-कभी यह और भी घातक हो सकते हैं। उच्च टीकाकरण दरों के कारण इनमें से कई बीमारियां अभी कम हो गई हैं। हालांकि, ये बीमारियां अभी भी मौजूद हैं और इन बीमारियों से होने वाले दुष्प्रभावों या जटिलताओं के जोखिम टीकाकरण से होने वाले दुष्प्रभावों के से कहीं अधिक हैं।

और पढ़ें : World Polio Day: पोलियो क्या है, जानें इसके लक्षण और इलाज

बच्चे का वैक्सीनेशन कब कराना चाहिए?

राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम अनुसूची निश्चित समय पर कुछ टीकों को लगाने की सलाह देता है। बच्चों का वैक्सीनेशन का किस समय कराया जाना चाहिए इसके लिए पेडिएट्रक (बच्चों के डॉक्टर)  से बात करके आप और अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है। वहीं, कुछ बच्चों को अतिरिक्त टीके भी लगवाने पड़ सकते हैं। अगर आप अनिश्चित हैं, तो अपने डॉक्टर या टीकाकरण प्रोवाइडर से बात करें। 8 से 10 साल में छात्रों को स्कूल-आधारित कार्यक्रम के माध्यम से जरूरी टीके भी दिए जाते हैं।

बच्चों का वैक्सीनेशन कराने में देरी न करें

बच्चों को जीवन के शुरूआती समय में घातक बीमारियों से बचाने के लिए बच्चों के वैक्सीनेशन में देरी करने के बजाय बताए गए समय पर टीके लगवाना जरूरी होता है। अजन्मे शिशुओं को उनकी मां के एंटीबॉडी द्वारा संरक्षित किया जाता है, जो जन्म के बाद कुछ महीनों तक रहता है। एक बार जब ये एंटीबॉडीज खराब हो जाते हैं, तो शिशुओं को गंभीर संक्रमण और बीमारियां होने का खतरा होता है। इन एंटीबॉडीज के गायब होने से पहले शिशु अपने पहले टीकाकरण के फेज में होता है। शिशुओं के लिए टीकों की सलाह दी जाती है क्योंकि उनका इम्यूनिटी सिस्टम पूरी तरह से मैच्योर नहीं होता है, जिससे उनके शरीर में बैक्टीरिया और वायरस का बनना और बढ़ना आसान हो जाता है।

और पढ़ें : 6 सामान्य लेकिन, खतरनाक शिशु स्वास्थ्य मुद्दे

कब-कब कराएं बच्चों का वैक्सीनेशन 

  • गर्भावस्था
  • जन्म
  • चार महीने
  • 6 महीने
  • 7 – 11 महीने
  • 12 महीने 
  • 12- 23 महीने
  • 4 – 6 साल
  • 7 -10 साल
  • 11 – 12 साल
  • 13 – 18 वर्ष
  • 23 वर्ष

क्या बच्चों का वैक्सीनेशन सुरक्षित है?

टीकाकरण बच्चों को गंभीर बीमारी से बचाने का एक बहुत ही सुरक्षित उपाय  है। हालांकि, कोई भी दवा 100% सुरक्षित नहीं हो सकती है। टीकाकरण का सबसे जरुरी लाभ है कि वह एक जानलेवा बीमारी से ग्रसित होने के जोखिमों को दूर करता हैं। उपयोग किए जाने वाले सभी टीके व्यापक लैब में अलग-अलग टेस्ट से गुजरते हैं और उन्हें चिकित्सीय सामान प्रशासन (Therapeutic Goods Administration) द्वारा उपयोग के लिए सुरक्षित बताया जाता है। इससे पहले कि किसी वैक्सीन को लाइसेंस दिया जा सके, इसे सुरक्षित रखने के लिए कई वर्षों तक परीक्षण किया जाता है और यह काम करता है। टीका को लेकर सुरक्षा के बारे में कोई भी शंका होने पर अपने डॉक्टर या टीकाकरण करने वाले के साथ बात करें।

और पढ़ें : त्वचा के इस गंभीर रोग से निपटने के लिए मिल गयी है वैक्सीन

क्या बच्चे को बीमारी के दौरान भी टीका लगाया जा सकता है?

अगर टीकाकरण के दिन आपके बच्चे कोअधिक बुखार हो, तो आपके बच्चे का टीकाकरण नहीं किया जाना चाहिए। अगर आप अनिश्चित हैं, तो चिकित्सीय सलाह लें। अपने चिकित्सक से जांच कराएं कि क्या आपके बच्चे को कभी एलर्जिक रिएक्शन हुए हैं या वह कीमोथेरेपी जैसे उपचार से गुजर रहा है, जो इम्यूनिटी सिस्टम को कमजोर करते हैं।

क्या बच्चों का वैक्सीनेशन कराने के दुष्प्रभाव होते हैं?

सभी दवाओं की तरह टीकों के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। लगभग ये सभी मामूली प्रतिक्रियाएं हैं, जैसे इंजेक्शन वाली जगह दर्द या हल्का बुखार। अधिकांश साइड-इफेक्ट कम समय के लिए होते हैं और लंबी समस्याओं का कारण नहीं बनते हैं। एक मामूली रिएक्शन भी दिखता है कि टीका इम्यूनिटी सिस्टिम पर जरूरी प्रभाव डाल रहा है। अधिक गंभीर दुष्प्रभाव बहुत कम देखने को मिलते हैं । लेकिन इसमें एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाएं (एनाफिलेक्सिस सहित) हो सकती हैं। रोटावायरस टीकाकरण में पहली और दूसरी वैक्सीन की खुराक के बाद पहले कुछ हफ्तों में 17,000 में से 1 शिशु को कुछ परेशानी हो सकती है। 

बच्चो का वैक्सीनेशन कहां कराएं ?

अपने आसपास के सरकारी अस्पताल या बाल स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर पता करें कि क्या वे मुफ्त टीकाकरण करते हैं। आप अपने बच्चे को अपने डॉक्टर द्वारा भी टीका लगवा सकती हैं। जिसमें टीका मुफ्त होगा, आपका डॉक्टर परामर्श शुल्क ले सकता है।

बच्चों का वैक्सीनेशन कराने के बाद इन बातों का रखें ख्याल

  • पोलियो की खुराक के तुरंत बाद बच्चे को स्तनपान कराया जा सकता है।
  • बीसीजी का वैक्सीनेशन बच्चे को जहां लगा हो वहां कोई रिएक्शन या फफोला हो तो घबराएं नहीं।
  • बच्चों का वैक्सीनेशन कराने के बाद अगर उसे कोई एलर्जी हो या बुखार आए तो घबराएं नहीं डॉक्टर से सलाह लें।
  • टीका लगने वाली जगह पर अगर सूजन हो, तो उस पर ठंडे पानी की पट्टी रख सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

Quiz: इम्यूनिटी बूस्टिंग के लिए क्या करना चाहिए क्या नहीं , जानने के लिए यह क्विज खेलें

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए क्या नहीं? नैचुरल न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स कौन-से होते हैं? इम्यूनिटी बूस्टर क्विज खेलें और जानें।

के द्वारा लिखा गया Mousumi dutta
इंफेक्शस डिजीज, कोरोना वायरस June 17, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

Diphtheria : डिप्थीरिया (गलाघोंटू) क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

डिप्थीरिया क्या है, बच्चों में होने वाले गलाघोंटू रोग के लक्षण, गलाघोंटू रोग के कारण और टीकाकरण के बारे में जानें। Diphtheria in Hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Ankita mishra

बुजुर्गों का इम्यून सिस्टम ऐसे करें मजबूत, छू नहीं पाएगा कोई वायरस या फ्लू

बुजुर्गों को इम्यून सिस्टम बढ़ाने के उपाय की जरूरत होती है, क्योंकि इससे वह किसी वायरस या बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण से बच पाते हैं। आइए, जानते हैं कि किन इम्यूनिटी बूस्टिंग टिप्स को अपनाना चाहिए। immunity power, tips to increase immunity, rog pratirodhak kshamta kaise badhaen hindi mein

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Surender aggarwal
सीनियर हेल्थ, स्वस्थ जीवन May 12, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

कोरोना के डर से बच्चों को कैसे रखें स्ट्रेस फ्री?

जानिए क्या हैं कोरोना के डर से बच्चों को टेंशन फ्री करने के उपाय? किन-किन टिप्स को फॉलो करना है जरूरी? लॉकडाउन के दौरान बच्चे को कैसे रखें इंगेज?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
इंफेक्शस डिजीज, कोरोना वायरस April 3, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

इम्यून सिस्टम क्विज

इम्यून सिस्टम क्विज खेल कर जानें इससे जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स

के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ August 24, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

Quiz : अपनी पसंद-नापसंद से जानिए संक्रमण से कितना लड़ सकता है आपका शरीर

के द्वारा लिखा गया Surender aggarwal
प्रकाशित हुआ August 13, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें
बच्चों को क्या खिलाएं/Winter Food For Kids

सर्दी के मौसम में गर्म रखने के लिए बच्चों को क्या खिलाना अच्छा होता है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया shalu
प्रकाशित हुआ August 5, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
योग का शरीर से संबंध

प्रसिद्ध योग विशेषज्ञों से जानिये योग का शरीर से संबंध क्या है? हेल्दी रहने का सीक्रेट!

के द्वारा लिखा गया Mousumi dutta
प्रकाशित हुआ June 25, 2020 . 2 मिनट में पढ़ें