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यह 7 संकेत दर्शाएंगे कि आप हो रहे हैं इमोशनल एब्यूज का शिकार

यह 7 संकेत दर्शाएंगे कि आप हो रहे हैं इमोशनल एब्यूज का शिकार

किसी भी रिश्ते की बुनियाद प्यार और विश्वास पर टिकी होती है, लेकिन जब एक पार्टनर दूसरे को बात-बात पर नीचा दिखाने लगे, उसकी भावनाओं को आहत करने लगे तो रिश्तों में दरार आने लगती हैं। ऐसे रिश्तों में पार्टनर किसी तरह की शारीरिक हानि नहीं पहुंचाता है, लेकिन मेंटली टॉर्चर करता है या बात-बात पर अपशब्द कहना, ताने मारना आदि इमोशनल एब्यूज है। इसमें भले ही शरीर पर जख्म नहीं दिखते हैं, लेकिन दिल पर गहरी चोट लगती है। इमोशनल एब्यूज वैसे तो किसी भी रिश्ते में हो सकता है, लेकिन सबसे ज्यादा पति-पत्नी के रिश्तों में होता है। कहीं आप भी तो इमोशनल एब्यूज के शिकार नहीं हो रहे हैं यह जानने के लिए पढ़िए यह लेख।

क्या है इमोशनल एब्यूज?

इमोशनल एब्यूज यानी भावनात्मक शोषण का असर किसी भी शारीरिक चोट से अधिक होता हैं, क्योंकि चोट के जख्म तो भर जाते हैं, लेकिन दिल पर लगी चोट के घाव जल्दी नहीं भरते हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति का आत्मविश्वास डगमगाने लगता है। यदि आपका पार्टनर बात-बात पर आपको ताने मारता है, अपशब्द कहता है, हर काम में खामी निकालता है, आपको नीचा दिखाने की कोशिश करता है, इल्जाम लगाता है, हर गलती के लिए आपको दोषी बताता है, हर वह काम करता है जिससे आपके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचे तो यह सब इमोशनल एब्यूज की श्रेणी में आता है। लंबे समय तक ऐसे रिश्ते में रहने से पीड़ित व्यक्ति के मन में असुरक्षा और डर की भावना घर कर जाती है और उसका आत्मविश्वास कम होने लगता है

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इमोशनल एब्यूज के संकेत

रिश्ते को बचाने की कोशिश करना अच्छी बात है, लेकिन जब आपके रिश्ते में इमोशनल एब्यूज एक सीमा से बाहर चला जाए तो उसे रोकना आपकी जिम्मेदारी बनती हैं। यदि आपको अपने रिश्ते में यह संकेत मिले तो समझ जाइए कि आप भी भावनात्मक शोषण का शिकार हो रहे हैं।

हमेशा मनोबल गिराने वाली बातें करना- जब भी आप कुछ नया काम करने की बात करती हैं या अपनी कोई उपलब्धि बताती हैं, तो पार्टनर आपकी तारीफ करने और आपको प्रोत्साहित करने की बजाय ताने मारते हैं और आपका मनोबल गिराने वाली बातें करते हैं जैसे- ‘यह काम तुम जैसे लोगों के बस का नहीं है’, ‘तुम्हें ये प्रोजेक्ट इसलिए मिला क्योंकि तुम्हारे कलीग ने मदद की, वरना तुम में इतनी काबिलियत ही कहा हैं।’ यदि हमेशा पार्टनर आपसे ऐसी ही बातें करते हैं, तो समझ लीजिए की आप इमोशनल अत्याचार का शिकार हो रही हैं।

हर चीज को कंट्रोल करना- घर के किसी भी फैसले में आपसे सहमति न लेना और अपनी हर बात मनवाना, जो वह कह रहे हैं चाहे सही हो या गलत आपको उनका आदेश मानना ही पड़ता है, कई बार आपके बनाए प्लान को भी बिना आपकी सहमति के कैंसल कर देना। घर की छोटी से लेकर बड़ी चीज और फैसले अकेले ही डिसाइड करना भी इमोशनल एब्यूज की निशानी है।

हमेशा आलोचना करना- आप चाहे घर में हो या दस लोगों के बीच में पार्टनर हर बार आपकी आलोचना करता है जैसे तुम्हें कपड़े पहनने का ढंग नहीं है, कैसे बात करती हो ज़रा भी तमीज नहीं है, तुम्हारा तो स्टैंडर्ड ही लो है आदि बातें करके आपका आत्मविश्वास गिराने की कोशिश करता है। सबके सामने भी वह आप पर ताने कसने से बाज नहीं आते, भले ही आपको कितना भी बुरा क्यों न लगे, लेकिन उन्हें आपकी भावनाओं की ज़रा भी कद्र नहीं होती और वह कभी नहीं चाहतें कि आपके अंदर आत्मविश्वास जगे तो समझ लीजिए कि आप पर इमोशनल अत्याचार हो रहा है।

लड़ाई-झगड़ा- आपके द्वारा पूछी गई साधारण सी बात का भी चिल्लाकर जवाब देना, कुछ भी पूछने पर तुरंत लड़ाई शुरू कर देना और फिर आपकी बात सुने बिना ही इतना चिल्लाना की मजबूरन बिना किसी गलती के भी आपको गिल्टी फील होने लगे तो समझ लीजिए कि आप गलत रिश्ते में हैं। एब्यूजिव पार्टनर की आदत होती है बिना बात के लड़ाई करने की।

अकेलेपन का एहसास- इमोशनल एब्यूज का पीड़ित व्यक्ति के मस्तिष्क पर बहुत गहरा असर होता है। पार्टनर के एब्यूजिव व्यवहार की वजह से उसका बाकी रिश्तों पर से भी विश्वास उठ जाता है, उसे लगने लगता है कि उसके पार्टनर की तरह ही बाकी के लोग भी उसकी परवाह नहीं करतें और इस तरह से वह खुद को अपने परिवार और दूसरों से भी दूर करने लगता है, नतीजतन अकेलेपन का शिकार हो जाता है। यदि आपके साथ ही ऐसा हो रहा है तो आप इमोशनल एब्यूज का शिकार हो रहे हैं।

इल्जाम लगाना- घर में या ऑफिस में भी कुछ गलत होने पर यदि पार्टनर उसके लिए आपको ही जिम्मेदार ठहराता है, उसकी लाइफ में जो कुछ भी गलत होता है उसका इल्जाम आप पर डाल देता है तो यह भावनात्मक शोषण की निशानी है।

धमकी- जब भी आप अपनी बात कहना चाहते हैं या अपने मन को कुछ करना चाहते हैं तो पार्टनर आपको इमोशनल ब्लैकमेल करता है, आत्महत्या करने की धमकी देता है या खुद को किसी किसी भी अन्य तरह से नुकसान पहुंचाने की धमकी देता है तो यह इमोशनल एब्यूज का संकेत है। समय रहते आपको इन संकेतों को पहचानकर खुद को इस स्थिति से बाहर निकालने की कोशिश करनी चाहिए।

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इमोशनल एब्यूज का प्रभाव

इमोशनल एब्यूज का पीड़ित के दिमाग पर बहुत गहरा असर होता है। रिसर्च के मुताबिक भी भावनात्मक शोषण का किसी पर उतना ही गहरा असर होता है जितना की शारीरिक शोषण का। ऐसा व्यक्ति खुद को बेकार समझने लगता है, उसका आत्मविश्वास चला जाता है, खुद के लिए जीना छोड़ देते हैं, अपनी खुशी के बारे में नहीं सोचतें, उन्हें लगता है कि वह कभी कुछ अच्छा कर ही नहीं सकतें, खुद को दोस्तों से भी दूर कर देते हैं और कई बार तो डिप्रेशन का भी शिकार हो जाते हैं।

इमोशनल अत्याचार से कैसे करें डील?

यदि आप ऐसे रिश्ते में है जहां आपको रोज ही भावनात्मक शोषण का शिकार होना पड़ रहा है, तो आपको जल्द ही कुछ कदम उठाने की जरूरत हैः

  • खुद को प्राथमिकता दें और अपनी सेहत और खुशी का ख्याल रखें।
  • एक सीमा तय करें और पार्टनर से शांति से कहें कि वह आपकी इस तरह बेइज्जती नहीं कर सकतें और न ही आप पर चिल्ला सकते हैं।
  • हर बात के लिए खुद को दोष न दें।
  • खुद को दूसरी काम में व्यस्त कर लें।
  • दोस्तों और परिवार से बात करें।
  • यदि आपको लगता है कि बात नहीं बन सकती, तो इस रिश्ते से बार निकलने में ही आपकी भलाई है

 

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Shilpa Khopade द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 27/10/2020 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड