कभी आपने अपने बच्चे की जीभ के नीचे देखा? कहीं वो ऐसी तो नहीं?

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

टंग टाई के कारण बहुत से बच्चे सही से दूध नहीं पी पाते तो कई सारे बच्चे बोल नहीं पाते हैं। कई बार इसके कोई लक्षण नजर नहीं आते, ऐसे में परेशानी की बात नहीं होती है लेकिन यदि यह समस्या बच्चे को प्रभावित कर रही है तो टंग टाई ट्रीटमेंट के तहत सर्जरी की आवश्यक्ता होती है।

क्या है टंग टाई(Tongue Tie Treatment)?

जब जीभ से जुड़ा लिंग्वल फ्रेनुलम (lingual frenulum) टिश्यु जो जीभ की निचली सतह को मुंह से जोड़ता है वह छोटो या मोटा हो, या ज्यादा जुड़ा हो तो उसे टंग टाई कहते हैं। टंग टाई के ही कारण जीभ का मूवमेंट प्रभावित हाेता है।

बहुत कम लोग टंग टाई की समस्या के बारे में जानते हैं। टंग-टाई को एन्काइलोग्लोसिया (Ankyloglossia) भी कहा जाता है। इस बीमारी से बहुत कम बच्चे पीड़ित होते हैं। यह समस्या बच्चे के जन्म से जुड़ी होती है।। लड़कियों के बजाए लड़कों में यह समस्या ज्यादा देखी गई है। दुनियाभर में 4 से 11 प्रतिशत नवजात शिशुओं में यह विकार देखा जा सकता है। टंग टाई में बच्चे की जीभ का यह हिस्सा असामान्‍य रूप से कम और तंग होता है। इससे जीभ के मूवमेंट में समस्‍या आती है। टंग टाई के कारण बच्चों को र, ट, ड, ल आदि अक्षर बोलने में दिक्कत होती है।

क्यों होता है टंग टाई (Tongue Tie)?

टंग टाई के निर्धारित कारण के बारे में अभी तक विशेषज्ञ पता नहीं लगा पाए हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह जेनेटिक हो सकता है।

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टंग टाई (Tongue Tie) के लक्षण क्या हैं?

टंग टाई का सभी बच्चों में अलग-अलग प्रभाव देखा जा सकता है।

  • बोलने में समस्या होती है या कई बच्चों को कुछ खास अक्षरों को बोलने में परेशानी होती है।
  • खाने-पीने में भी टंग टाई समस्या पैदा कर सकता है।
  • सबसे बड़ी दुविधा यह है कि नवजात शिशु मां का दूध भी जीभ की सही मूवमेंट न होने के कारण सही से नहीं पी पाता। चूंकि मां का दूध पीने में बच्चे को जीभ का बहुत मूवमेंट करना पड़ता है।
  • ओरल हाइजिन में भी समस्या आ सकती है। दांतों की सफाई हो या जीभ की सफाई हो जीभ का अच्छे से मूवमेंट करना जरूरी होता है। जिंजिवाइटिस (gingivitis), मसूड़ों में सूजन, दांत दर्द भी इससे जुड़ी समस्या हो सकती है।
  • आईसक्रीम खानी हो, किस करना हो या मुंह से जुड़े इंस्ट्रूमेंट यानी माउट ऑर्गन आदि बजाना हो तो समस्या हो सकती है।
  • सामने के नीचे की ओर वाले दांतों में गैप भी आ सकता है।
  • कई बच्चों में टंग टाई का कोई प्रभाव नहीं भी देखा जा सकता है।

टंग-टाई का इलाज

टंग टाई के उपचार के बारे में ​भी विशेषज्ञों के अलग-अलग मत हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि जन्म के साथ ही यदि डॉक्टर को यह विकार बच्चे में नजर आती है तो मां-शिशु के हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने से पहले ही इसका इलाज करना देना चाहिए। वहीं दूसरे विशेषज्ञों का मत है कि वक्त देना चाहिए और यदि बच्चे की दिनचर्या में टंग टाई बाधा डाल रही हो तो ही सर्जरी करनी चाहिए।

फ्रेनोटॉमी

फ्रेनोटॉमी एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसे एनेस्थिसिया देकर भी किया जा सकता है और बिना एनेस्थिसिया के भी किया जा सकता है। डॉक्टर लिंगुअल फ्रेनुलम की जांच करते हैं और फिर फ्रेनुलम को अलग कर देते हैं। यह एक त्वरित प्रक्रिया है और इसमें ​बहुत कम दर्द होता है।  फ्रेनोटॉमी के तुरंत बाद बच्चा मां का दूध पी सकता है।

फ्रेनोटॉमी से जुड़ी समस्या

हालांकि, टंग टाई ट्रीटमेंट फ्रेनोटॉमी से बहुत कम समस्या होती है फिर भी खून बहना, इंफेक्शन, जीभ या सलाइवरी ग्लैंड को नुकसान पहुंचने का डर रहता है।

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फ्रेनुलोप्लास्टी

टंग टाई ट्रीटमेंट यदि फ्रेनोटॉमी के लिए लिंगुअल फ्रेनुलम ज्यादा बड़ा होता है तो फ्रेनुलोप्लास्टी करनी पड़ती है। फ्रेनुलोप्लास्टी एनेस्थिसिया देने के बाद ही किया जाता है। सर्जरी के बाद फ्रेनुलम को अलग कर दिया जाता है और सर्जरी को टांके लगाकर बंद कर दिया जाता है। यह टांके बाद में खुद ही समय के साथ घुल जाते हैं। इन्हें अलग से नहीं निकालना पड़ता है। कई मामलों में इसके लिए लेजर का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसके बाद टांके की भी जरूरत नहीं पड़ती।

फ्रेनुलोप्लास्टी से जुड़ी समस्या

फ्रेनोटॉमी और फ्रनुलोप्लास्टी दोनों टंग टाई ट्रीटमेंट की एक ही तरह की समस्या होती है। इसमें भी इंफेक्शन, जीभ को नुकसान आदि हो सकते हैं। फ्रेनुलोप्लास्टी के बाद टंग एक्सरसाइज करने के लिए बोला जाता है ताकि जीभ में मूवमेंट ज्यादा हो सके।

टंग टाई ट्रीटमेंट से बच्चे की जीभ का मूवमेंट शुरू हो जाता है लेकिन, कुछ दिनों तक बच्चों की देखभाल करनी भी जरूरी है। चूंकि सर्जरी के बाद बच्चों को काफी दिक्कत हो सकती है। अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही कदम उठाएं।

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रिव्यू की तारीख नवम्बर 22, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया जनवरी 14, 2020

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