भारत में कोरोना वायरस के कारण कैदी रिहा हाेंगे! ईरान में भी हो चुकी है 54 हजार कैदियों की रिहाई   

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

कोरोना वायरस की चर्चा और कोराना वायरस का खौफ फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। कोरोना वायरस से  बचने का फिलहाल सिर्फ एक ही उपाय बताया जा रहा है और वो है सोशल डिस्टेंसिंग। इसको बढ़ावा देने के लिए देशभर के लॉकडाउन के बाद कोरोना वायरस के कारण कैदी रिहा होंगे इस पर चर्चा शुरू हो गई है।

कोरोना वायरस के भारत में दस्तक देने के बाद इसके बढ़ते संक्रमण की वजह से स्कूल, कॉलेज, जिम, स्विमिंग पूल और थियेटर जैसी जगहों पर पहले ही बंद के आदेश दिए गए हैं। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण पर ब्रेक लगाने के लिए केंद्र और  राज्य सरकारें जरूरी कदम उठा रही हैं। वहीं कोरोना वायरस का खौफ और इसके बढ़ते संक्रमण का असर अब जेल प्रशासन पर भी देखने को मिल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के कारण कैदी रिहा करने पर भी विचार किया जा रहा है। दिल्ली की तिहाड़ जेल प्रशासन ने 3000 कैदियों को रिहा करने की तैयारी शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार और सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइंस के अनुसार दिल्ली के तिहाड़, रोहणी और मंडोली जेल में कैद 17000 से ज्यादा कैदियों में से तकरीबन 3000 कैदियों को रिहा किया जाएगा।

बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मार्च 2020 को भारत की जनता को संबोधित करते हुए 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू का आदेश दिया था। 22 मार्च 2020 (रविवार) को भारत में जनता कर्फ्यू के पालन के बाद 24 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री की ओर से संबोधन में यह कहा गया कि भारत के सभी राज्यों में 21 दिन का लॉक डाउन किया जा रहा है।

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कोरोना के कारण कैदी रिहा करने का फैसला ईरान ने भी लिया

कोरोना वायरस के कारण कैदी रिहा होने की खबरें सिर्फ भारत से ही नहीं आ रही बल्कि ईरान में भी यह फैसला लिया गया है। ईरान की मीडिया द्वारा जारी की गईं रिपोर्ट्स के अनुसार 54 हजार कैदियों को COVID-19 की वजह से रिहा किया गया है। दरअसल ऐसी जेल जहां कैदियों की संख्या ज्यादा है वहां कोरोना वायरस न फैले इसे ध्यान में रखकर कोरोना वायरस के कारण कैदी रिहा करने का फैसला लिया गया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अगुवाई वाली बेंच ने भारत के सभी राज्यों को एक कमेटी बनाने का आदेश दिया है। इस कमेटी के अंतर्गत अंडरट्रायल्स कैदियों को कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए जेल से रिहा किए जाने पर विचार करेगी। इन कैदियों को जमानत या पेरोल पर जेल से रिहा किया जा सकता है।

कोरोना वायरस के कारण कैदी रिहा हो सकते हैं और इस दौरान क्या प्रॉसेस रहेगा इस बारे में हैलो स्वास्थ्य की टीम ने मुंबई के बोरीवली कोर्ट के एडवोकेट क्षितज आर. मेहता (नानूभाई) से बात की। उन्होंने बताया कि “कोरोना वायरस की वजह से जेल में बंद ऐसे कैदी जिन्हें 7 साल या इससे कम की सजा दी गई है उन्हें जेल से रिहा कर देना चाहिए। मुंबई के बोरीवली कोर्ट से कुछ ऐसे कैदियों को रिहा भी किया गया है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इन कैदियों को अब जेल आने की जरूरत नहीं है बल्कि इन्हें सिचुएशन कंट्रोल होने पर वापस कोर्ट आना पड़ेगा।

देश का नागरिक और एक वकील होने के नाते मैं भी चाहता हूं कि 7 साल की सजा वाले कैदियों को कुछ वक्त के लिए जेल से बाहर जाने की अनुमति मिल जाए। कोर्ट परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करना संभव नहीं हो पाता है। इसलिए भी यह फैसला लेना बेहद जरूरी है। जेल के अंदर कैदियों की संख्या इतनी ज्यादा होती है की वहां भी कोरोना वायरस के फैलने का खतरा बना रहता है और अगर कोई एक भी व्यक्ति अगर इस बीमारी से संक्रमित होता है, तो उस व्यक्ति की वजह से वकील, कोर्ट आने वाले डॉक्टर, मजिस्ट्रेट के साथ-साथ अन्य लोगों तक यह बीमारी फैल सकती है। मैं 41 साल से लगातार डॉमेस्टिक और क्रिमिनल केस लड़ता आ रहा रहा हूं। केस के सिलसिले में मुझे कई बार जेल का भी रुख करना पड़ता है। यहां साफ-सफाई की कमी की वजह से इंफेक्शन का खतरा बना रहता है। इसलिए कोरोना वायरस के कारण कैदी रिहा होते हैं, तो यह सभी के लिए अच्छा होगा।”

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क्या है कोरोना वायरस?

COVID-19 कई वायरस के प्रकारों का एक समूह होता है, जो विशेषरूप से स्तनधारियों और पक्षियों में बीमारियों का कारण बन जाता है। यह RNA वायरस होता है। मनुष्यों में सांस लेने में बाधा पहुचता है। आसान शब्दों में इसे समझा जाए तो इस संक्रमण की वजह से सांस लेने में परेशानी होती है, ऐसी स्थिति में पेशेंट की मौत भी हो जाती है। गाय और सूअर में यह अतिसार और मुर्गियों में यह ऊपरी श्वास तंत्र के रोग का कारण बनता है।

इस बीमारी को रोकने के लिए कोई दवा या वैक्सीन अभी तक उपलब्ध नहीं है और उपचार मरीज के इम्यून सिस्टम पर निर्भर करता है। इम्यून सिस्टम अगर मजबूत होगा तो इस बीमारी से लड़ना भी आसान हो सकता है। देखा जाए तो कोरोना वायरस की वजह से ज्यादातर बुजुर्गों की ही मौत हुई है। इसलिए इस संक्रमण से बचकर रहना जरूरी होता जा रहा है।  इसमें रोग के लक्षणों (जैसे कि डीहाइड्रेशन, बुखार, सर्दी-खांसी आदि) का उपचार किया जाता है ताकि संक्रमण से लड़ते हुए शरीर की शक्ति बनी रहे।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार जब कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित होता है, तो उसके छींकने और खांसने पर इसके विषाणु हवा में फैल जाते हैं और अन्य लोगों को भी संक्रमित कर देते हैं। इस बीमारी से जुड़े रिसर्च जारी हैं, जिससे लोगों का सही इलाज किया जा सके और उन्हें स्वस्थ रखा जा सके।

कोरोना के लक्षण

COVID-19 लोअर रेस्पिरेट्री ट्रेक्ट इलनेस के लक्षण को समझा जा सकता है, जैसे कि निमोनिया (pneumonia) या ब्रोंकाइटिस ( bronchitis) जैसी शारीरिक परेशानी। ऐसे व्यक्ति जिन्हें कार्डियोपल्मोनरी रोग ( cardiopulmonary disease), डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर  या कमजोर इम्युन सिस्टम की समस्या है, उन्हें यह वायरस आसानी से अपना शिकार बना सकता है। कोरोना वायरस के लक्षण सर्दी-जुकाम का अहसास दिला सकते हैं। सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण के साथ ही निम्नलिखित लक्षण भी महसूस किए जा सकते हैं या देखे जा सकते हैं। जैसे-

ऐसे लक्षण कोरोना वायरस की ओर इशारा करते हैं लेकिन, यह ऊपर बताए गए लक्षण सामान्य बुखार या मलेरिया के भी हो सकते हैं। इसलिए परेशान न हों और सतर्क रहें। बेहतर होगा इस परेशानी को अपने हेल्थ एक्सपर्ट के साथ साझा करें। क्योंकि बीमारी छुपाने से यह आपके साथ-साथ आपके करीबियों के लिए भी घातक हो सकती है।

कोरोना से बचने के लिए लॉक डाउन है ऐसे वक्त में आपको अपना और अपने परिवार का विशेष ख्याल रखें। इस समय आपके पास वक्त की कमी नहीं है तो आप समय से सो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार रात के वक्त सोने से मस्तिष्क और शरीर दोनों ही आराम की स्थिति में आ जाते हैं। गहरी नींद की वजह से शरीर में एंटीबॉडीज विकसित होती है। एंटीबॉडीज विशेषकर वाइट ब्लड सेल्स का निर्माण करते हैं। एंटीबॉडीज और वाइट ब्लड सेल्स शरीर का इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग करते हैं। स्ट्रॉन्ग इम्यून सिस्टम रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाते हैं।

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कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथ की सफाई निम्नलिखित तरीके से करें।

स्टेप 1- सबसे पहले पानी का नॉब खोलें।

स्टेप 2- पानी का टेम्प्रेचर हल्का गर्म हो।

स्टेप 3- हाथ को पानी से गीला करें।

स्टेप 4- फिर सोप लगाएं।

स्टेप 5- अब दोनों हाथों को अच्छी तरह 20 सेकेंड आपस में आगे-पीछे और उंगलियों के बीच में आराम से रगड़ें।

स्टेप 6- अंत में हाथ धो लें।

अगर आपको कोरोना वायरस से जुड़े लक्षण या परेशानी समझ आती है, तो इसे टाले नहीं। इसका घरेलू इलाज न शुरू करें। कोरोना वायरस से जुड़े किसी तरह के कोई भी सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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