Eczema (Infants): बेबी एक्जिमा क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट दिसम्बर 4, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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परिचय

बेबी एक्जिमा क्या है?

एक्जिमा एक स्किन संबंधी समस्या है। वैसे तो यह समस्या किसी में भी देखने को मिल सकती है, लेकिन शिशुओं में ज्यादा देखने को मिलती है। छोटे शिशुओं को एक्जिमा 2 साल से कम उम्र में प्रभावित करता है। इसके कारण शिशु की त्वचा पर खुजली होने लगती है, लाल रैशेज पड़ जाते हैं. बच्चे खुजली को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं इस वजह से बार बार खुजलाने से वहां घाव होने की भी संभावना रहती है। कुछ सावधानियां बरतकर इससे बचा जा सकता है। साथ ही कुछ घरेलु उपाय और दवाओं का सेवन करने से इसे नियंत्रण किया जा सकता है।

कितना सामान्य है बेबी एक्जिमा का होना?

छोटे शिशुओं में यह त्वचा संबंधी समस्या होना एक आम बात है। नवजात के शरीर को पर्याप्त पोषण और मॉइश्चराइजर न मिलने के कारण यह समस्या हो सकती है। इस समस्या से संबंधित अगर कोई भी सवाल आपके मन में है या आप इसके बारे में जानकारी चाहते हैं तो नजदीकी अस्पताल या अपने डॉक्टर से संपर्क करें। 

और पढ़ें : बच्चों में एक्जिमा के शुरुआती लक्षण है लाल धब्बे और ड्राइनेस

लक्षण

बेबी एक्जिमा के क्या लक्षण है?

बेबी एक्जिमा होने का मतलब है कि बच्चे की त्वचा सही तरीके से काम नहीं कर रही है। एक्जिमा में बच्चे की त्वचा ड्राय हो जाती है, जिससे संक्रमण होने का खतरा रहता है। बच्चे की त्वचा पर पर्याप्त नमी न होने के कारण एलर्जी,  पानी, धूल मिट्टी त्वचा के भीतरी कणों में आसानी से प्रवेश कर जाती है, जिससे एलर्जी का खतरा और बढ़ जाता है। कुछ मामलों में स्थिति ज्यादा खराब हो सकती है, जिसका इलाज समय रहते करवाना बहुत जरूरी है।

बेबी एक्जिमा के लक्षणों में शामिल हैः

इसके अलावा कुछ अन्य लक्षण भी सामने आते हैं :

  • त्वचा पर लाल निशान पड़ना
  • त्वचा के किसी हिस्से में सूजन 

मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

ऊपर बताएं गए लक्षणों में किसी भी लक्षण के सामने आने के बाद आप डॉक्टर से मिलें। इस बात का ध्यान रखें कि बेबी एक्जिमा हर बच्चे पर अलग-अलग प्रभाव दिखाता है, इसलिए इनमें से कोई प्रभाव आपको दिखता है, तो तुरंत अपने डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल में जाएं। अगर आपके मन में बेबी एक्जिमा को लेकर कोई सवाल है तो अपने डॉक्टर या किसी स्पेशलिस्ट से इस बारे में सलाह लें।

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कारण

बेबी एक्जिमा होने के कारण क्या है?

  • बेबी एक्जिमा का मुख्य कारण जीन्स होते हैं यानि की यह बीमारी अगर माता-पिता में से किसी को भी है तो बच्चे में इसके होने की संभावना अधिक हो जाती है। 
  • बच्चे के शरीर में बहुत कम फैटी कोशिकाओं यानि की सेरामाइड्स बनता है तो इस स्थिति में स्किन काफी ड्राई हो जाती है और बच्चे को एक्जिमा होने का खतरा रहता है। 
  • आजकल वायु प्रदूषण, धूल के कण के कारण भी बच्चों में एक्जिमा के लक्षण देखने को मिलते हैं। 
  • कुछ मामलों में एक्जिमा खाने के कारण भी हो सकती है, इसलिए बच्चे को किसी तरह के विशेष प्रकार के खाने से एलर्जी है तो इससे दूरी बनाकर रखें। 

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जोखिम

जैसा कि पहले ही बताया गया कि एक्जिमा त्वचा से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। इसके कारण लाल चकते, स्किन का ड्राय होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अधिक खुजली करने से उस जगह पर घाव भी हो सकता है.  इस बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर या नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। 

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उपचार

अगर बच्चे को स्किन पर किसी तरह की कोई समस्या होती है जैसे त्वचा के किसी हिस्से का पीला पड़ना, पपड़ी का जमना, मवाद भरे फफोले जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एक्जिमा के इलाज के लिए कुछ खास तरह की क्रीम और मलहम के साथ एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन भी किया जा सकता है। ध्यान रहे कि बच्चे की त्वचा काफी नाजुक होती है, इसलिए किसी भी तरह की क्रीम को लगाने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। 

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बेबी एक्जिमा का निदान कैसे किया जाता है?

  • बेबी एक्जिमा का पता लगाने के लिए मरीज को डॉक्टर के पास ले जाएं और सभी टेस्ट को विस्तार पूर्वक करवाएं। 
  • कभी भी बच्चे को ओवरड्रेस न करें। सर्दियों के मौसम में बच्चे के शरीर को गर्म रखने के लिए ज्य़ादा कंबल का प्रयोग न करें। ज्यादा कंबल की परत होने के कारण पसीना आएगा और इससे उसकी त्वचा को नुकसान होगा। 
  • सर्दियों के मौसम में स्किन ज्यादा ड्राई होती है, इसलिए बच्चे की त्वचा को समय-समय पर मॉइश्चराइज करते रहे। 

और पढ़ें : नवजात शिशु का मल उसके स्वास्थ्य के बारे में क्या बताता है?

बेबी एक्जिमा का इलाज कैसे होता है?

बेबी एक्जिमा का इलाज स्किन स्पेशलिस्ट द्वारा ट्रीटमेंट लेकर किया जा सकता है। स्किन स्पेशलिस्ट बच्चे के शरीर पर होने वाले चकत्ते के कारणों का कई टेस्ट के जरिए पता लगा सकता है। शुरुआती चरण में कई तरह के लोशन या लाइट क्रीम लगाने की सलाह दी जा सकती है। कुछ मामलों में डॉक्टर बेबी की स्किन पर पाउडर को लगाने की सलाह भी दे सकते हैं। 

शुरुआत में डॉक्टर बच्चे की स्किन पर लगाने के लिए बच्चों को लाइट पाउडर या कम स्टेरॉयड क्रीम को इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं। 

और पढ़ें : गर्भावस्था में HIV और AIDS होने के कारण क्या शिशु भी हो सकता है संक्रमित? 

घरेलू उपचार

जीवनशैली में होने वाले बदलाव क्या हैं, जो बेबी एक्जिमा को ठीक करने में मदद कर सकते हैं?

  • कुछ मामलों में समय अनुसार दवा का सेवन करने और त्वचा को मॉइश्चराइज करने के बावजूद एक्जिमा के लक्षण कम नहीं हो सकते है। इससे राहत पाने के लिए आपको रोजाना के लाइफस्टाइल में थोड़ा सा बदलाव करने की आवश्यकता है। 
  • बच्चे के एक्जिमा होने का मुख्य कारण स्किन का अत्यधिक ड्राय होना है। इसलिए बच्चे की स्किन को समय-समय पर लोशन, क्रीम या बेबी ऑयल के साथ मॉइश्चराइज करें। 
  • बच्चे को नहलाते समय ड्राय साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि बच्चे को एक्जिमा है तो साबुन से एलर्जी और भी ज्यादा बढ़ सकती है। 
  • बच्चों के कपड़े धोते समय डिटर्जेंट पाउडर या बार का इस्तेमाल न करें। बच्चे के कपड़े माइल्ड, अनसेंटेड बॉडी और लॉन्ड्री साबुन से धोएं। 
  • बच्चे को नहाने के लिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। गर्म पानी स्किन को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और बच्चे की स्किन पर ज्यादा देर तक नमी बनी रहती है। 
  • नहाने के तुरंत बाद बच्चे की स्किन पर मॉश्चराइजर अवश्य लगाएं, क्योंकि नहाने के दौरान साबुन का इस्तेमाल करने से नमी खो जाती है। इसलिए जरूरी है कि इसे दोबारा मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल किया जा सके। 
  • बच्चे को कभी भी स्लिक या सैंथेटिक मेटेरियल के कपड़ें ना पहनाएं। बच्चे को हर मौसम में सूती कपड़े ही पहनाएं। सूती कपड़े शरीर में आरामदायक होते हैं और हर मौसम में स्किन के लिए बेस्ट मानें जाते हैं। 
  • सर्दियों में बच्चों के शरीर को गर्म रखने के लिए कई सारे कंबल का इस्तेमाल न करें। बहुत अधिक कंबल या गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने से शरीर ज्यादा गर्म होता है और पसीना आते है, जिससे एक्जिमा की समस्या बढ़ सकती है। 
  • स्किन पर लाल चकते या निशानों पर बच्चे खुजली न करें इसलिए उनके नाखूनों को हमेशा काटकर रखें। 

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