हाल ही मेडिकल स्टडी से ये बात सामने आई है कि आइस टी फायदे बहुत से होते हैं। आइज टी पीने से कैविटीज की समस्या से राहत पीती है। जो लोग सोडा ज्यादा पीते हैं, उनमे कैविटीज की समस्या होती है। अगर आपको रोजाना सोडा पीने की आदत है तो बेहतर होगा कि आप अपनी आदत बदल लें और आइस टी पीना शुरू कर दें। कॉफी के आदी लोग भी आइस टी को चूज कर सकते हैं।
अगर आप घर में आइस टी के मजे लेना चाहते हैं तो आपको ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जानिए घर में कैसे ग्रीन आइस टी तैयार की जा सकती है।
- 5 ग्रीन टी बैग
- 10 कप पानी
- एक नींबू
- आइस क्यूब्स
- शुगर (अगर आप लेना चाहते हैं)
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विधि
1.ग्रीन आइस टी बनाने के लिए सबसे पहले पानी उबालें। अब पानी में ग्रीन टी बैग डाले।
2. अब टी बैग को 5-7 मिनट पानी में रहने दें।
3. अब पानी को ठंडा करने के लिए उसे आइस क्यूब से भरे ग्लास में डाल दें।
4. अगर पानी कम लग रहा हो तो और पानी मिलाएं।
5.अगर आपको शुगर यूज करनी है तो डालें, वरना रहने दें।
6. नींबू को आधा काटें और निचोड़ें। ध्यान रखें कि नींबू का बीच ग्लास के अंदर न जाएं।
7. अब आइस के कुछ और क्यूब को ग्रीन आइस टी में मिला दें। तैयार हो गई आपकी ग्रीन आइस टी।
अगर आपको ग्रीन टी नहीं पसंद है तो आप चाय पत्ती का यूज कर सकती हैं। ब्लैक आइस टी बनाने के लिए दो कप पानी में दो चम्मच चाय पत्ती डालें। फिर कुछ समय के लिए उबालें। अगर आपको पुदीने की पत्तियां पसंद हैं तो कुछ पत्तियां भी पानी में डाल दें। उसके बाद पानी को ठंडा होने के लिए रख दें। फिर नींबू और चीनी मिलाएं। एक कप में आइस क्यूब डाल दें और फिर चाय का पानी डाल दें। अगर आपको शुगर एड करना हैं तो कर सकते हैं। सोडा या अन्य स्वीट ड्रिंक से अच्छा ऑप्शन आइस टी है। अगर आपने पहले कभी आइस टी नहीं पिया है तो एक बार इसे जरूर ट्राई करें।
हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है। अगर आपको कोई परामर्श चाहिए तो पहले एक बार डॉक्टर से संपर्क करें।