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ड्यूकन डायट: जानें क्यों वेट कम करने के लिए जानी जाती है ये डायट

ड्यूकन डायट: जानें क्यों वेट कम करने के लिए जानी जाती है ये डायट

ज्यादातर लोग खाने में हेल्दी फूड्स को शामिल करने की कोशिश करते हैं। जिन लोगों का वजन बढ़ने लगता है, उन्हें खाने के प्रति कुछ चूजी होना पड़ता है। ऐसे लोग खाने में अक्सर फैट को इग्नोर करते भी दिखते हैं। वैसे ये सच भी है कि अगर वजन तेजी से बढ़ रहा है तो बेहतर होगा कि अपनी डायट में कुछ सुधार किया जाए। बॉडी के हिसाब से ही भोजन में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट आवश्यकतानुसार लेना चाहिए। लो कार्ब डायट की तरह ही ड्युकन डायट से भी वजन को कम किया जा सकता है। अगर आप भी वजन कम करने के बारे में सोच रहे हैं तो बेहतर होगा कि एक बार ड्युकन डायट के बारे में भी जानकारी लें।

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ड्यूकन डायट को किसने खोजा ?

कुछ लोग तेजी से वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए ये डायट सही है। ड्यूकन डायट की हेल्प से बिना हंगर यानी भूख के वेट लॉस किया जा सकता है। हो सकता है कि आप ये डायट अपनाएं तो आपका भी वेट कम हो जाए। ड्यूकन डायट कॉम्प्लीकेटेड होती है। ड्यूकन डायट में बहुत से हेल्दी फूड को इग्नोर करना पड़ता है, लेकिन ड्यूकन डायट को लॉन्ग टर्म वेट लॉस के लिए सही नहीं माना जा सकता है। ड्यूकन डायट हाई प्रोटीन, लो कार्ब वेट लॉस डायट है। जिसे चार फेज में बांटा जा सकता है। इस डायट को डॉ. पियरे डुकन ने सन 1970 में क्रिएट किया था। वेट मैनेजमेंट के लिए फ्रेंच जर्नल प्रेक्टिशनर ने इस डायट के बारे में जानकारी दी थी। जब उन्हें इस डायट का फायदा दिखाई दिया तो उन्होंने इसे साल 2000 में बुक के जरिए पब्लिश किया। ड्यूकन डायट से रिलेटेड बुक 32 से ज्यादा कंट्रीज में रिलीज भी की। ड्यूकन डायट की हेल्प से लोगों ने बिना भूखे रहे वेट को कम किया ।

ड्यूकन डायट या हेल्दी डायट क्या है ?

हेल्दी डायट यानी ड्यूकन डायट वेट के अकॉर्डिंग ही लेनी चाहिए। आपकी एज, वेट लॉस हिस्ट्री और दूसरे फैक्टर के बेस पर ही ड्यूकन डायट काम करती है। जानिए क्या हैं ड्यूकन डायट के चार फेस ।

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अटैक फेज (1–7 days)

अटैक फेज के दौरान अल्टीमेट प्रोटीन को डायट में शामिल किया जाता है। साथ ही रोजाना 1.5 टेबलस्पून ओट्स ब्रेन को शामिल करें।

  • लीन बीफ, वील, वेनिसन, बाइसन
  • लीन पोर्क
  • लिवर, किडनी
  • फिश और सेलफिश
  • अंडा
  • नॉन फैट डेयरी प्रोडक्ट
  • मिल्क, योगर्ट, कॉटेज चीज
  • टोफू
  • सीटन (गेंहू में पाए जाने वाले ग्लूटेन से)
  • 1.5 लीटर पानी रोजाना
  • ओट्स का चोकर रोजाना 1.5 चम्मच
  • आर्टिफिशियल स्वीटनर्स
  • नींबू का रस
  • 1 चम्मच तेल या घी

क्रूज फेज (1–12 months)

इस फेज में अल्टरनेट डे में लीन प्रोटीन और नॉन स्टार्ची सब्जियों (veggies ) को खाने में शामिल करना चाहिए।

  • पालक, लेट्यूस और अन्य पत्तेदार साग
  • ब्रोकली, फूलगोभी और ब्रसेल्स स्प्राउट्स
  • बेल पीपर
  • एस्परैगस
  • आटिचोक (Artichokes)
  • एगप्लांट
  • खीरा
  • अजवायन
  • टमाटर
  • मशरूम
  • हरी सेम
  • प्याज, लीक्स
  • स्फेगटी स्क्वैश
  • कद्दू
  • शलजम
  • एक गाजर या बीट्स रोजाना
  • ओट्स के चोकर के 2 चम्मच

कंसोलिडेशन फेज ( (5 days )

लीन प्रोटीन की अधिक मात्रा के साथ ही अधिक मात्रा में सब्जियां लेनी चाहिए। साथ ही 2.5 टेबलस्पून ओट्स ब्रान को रोजाना खाने में शामिल करें।

क्या खाएं और कब खाएं जानने के लिए वीडियो देख लें एक्सपर्ट की राय

फ्रूट्स

दिन में एक कप फ्रूट्स लेना जरूरी है। फ्रूट्स में चॉप्ड मेलन, मीडियम एप्पल, ऑरेंज, पीयर, किवी आदि को शामिल किया जा सकता है। एक कप फ्रूट्स से मतलब 100 ग्राम फल से है।

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ब्रेड

ब्रेड में मल्टी ग्रेन ब्रेड को शामिल करना सही रहेगा। आप चाहे तो ब्रेड में थोड़ा सा मक्खन लगा सकते हैं।

चीज

रोजाना खाने के साथ 40 ग्राम चीज को खाने में शामिल किया जा सकता है।

स्टार्च

खाने में 225 ग्राम स्टार्च को शामिल करना चाहिए। आप खाने में पास्ता और अन्य ग्रेन्स को शामिल कर सकते हैं। साथ ही कॉर्न, बींस और आलू को भी लिया जा सकता है।

मीट

रोस्ट लैंब, पोर्क। सप्ताह में एक से दो बार इसे लिया जा सकता है।

सेलीब्रेन मील

सप्ताह में एक दिन प्योर प्रोटीन डे होना चाहिए। इसमे अटैक फेज में शामिल किए गए फूड को शामिल किया जा सकता है। साथ ही 2.5 टेबलस्पून ओट्स के चोकर को भी खाने में शामिल करें।

स्टेबिलाइजेशन फेज (Stabilization Phase)

इस फेज में कंसोलिडेशन फेज को ही फॉलो किया जाता है, लेकिन कुछ रूल्स को स्टेबल कर दिया जाता है। साथ ही ओट्स की मात्रा को डायट में बढ़ा दिया जाता है। स्टेबिलाइजेशन फेज में कंसोलिडेशन फेज की मील को शामिल किया जा सकता है। साथ ही प्रत्येक सप्ताह में एक बार प्योर प्रोटीन फूड को शामिल करें। खाने में ध्यान देने के साथ ही एक्सरसाइज पर भी ध्यान देना जरूरी है। स्टेयर्स का यूज कर रहे हैं तो लिफ्ट का यूज न करें। ओट्स के चोकर को खाने में शामिल करें।

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क्या ड्यूकन डायट या हेल्दी डायट करती है वेट कम ?

जल्दी वेट कम करने के लिए ड्यूकन डायट या हेल्दी डायट अपनाई जा सकती है। ड्यूकन डायट के पहले फेज में वजन तेजी से कम होता है। जिन लोगों को वजन तेजी से घटाना होता है, उन्हें पहले ही फेज में बहुत मोटीवेशन मिलता है। हो सकता है कि आगे के फेज आपको डिफिकल्ट महसूस हो, लेकिन पूरे फेज कम्प्लीट करने के बाद वजन में परिवर्तन महसूस किया जा सकता है। हो सकता है कि ड्यूकन डायट लेने से मूंह से बदबू का एहसास हो या फिर मूंह सूखा महसूस हो। कब्ज की समस्या या फिर बाॅवेल प्रॉब्लम भी हो सकती है।

हमें उम्मीद है कि ड्यूकन डायट पर आधारित यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। इस आर्टिकल में हमने इस डायट से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी देने की कोशिश की है। अगर आप भी इस बारे में सोच रहे हैं जो पहले डॉक्टर या डायटीशियन से एक बार सलाह जरूर लें फिर अपनी डायट में परिवर्तन करें। कई बार ड्यूकन डायट लेने से शरीर को कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं। सभी लोगों को सभी प्रकार के डायट प्लान सूट नहीं करते हैं। बेहतर फूड का चयन आपके शरीर को हेल्दी रखेगा। बिना डॉक्टर की सलाह से अपनी डायट को चेंज न करें।

ड्यूकन डायट तथ्यों पर है निर्भर

ड्यूकन डायट को लेकर मौजूदा समय में उतने शोध नहीं किए गए हैं, जो इसकी उपयोगिता को सही प्रमाणित कर सकें। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपे एक शोध के अनुसार पॉलिश महिला ने ड्यूकन डायट अपनाई। इसके तहत महिला ने रोजाना करीब हजार से लेकर सौ ग्राम प्रोटीन सेवन किया है। इसके तहत महिला ने करीब 33 पाउंड यानि 15 केजी वजन महज आठ से दस सप्ताह में ही कम कर लिया। वहीं कई शोध यह बताते हैं कि हाई प्रोटीन डायट और लो कार्ब डायट का वजन कम करने में काफी महत्तव है।

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वजन के लिए प्रोटीन है काफी मददगार

बता दें कि जब प्रोटीन और फैट मिलकर ग्लूकोज बनाते हैं, उस दौरान कार्ब का सेवन कम कर प्रोटीन का ज्यादा सेवन करने को ग्लूकोनिओजिनिसिस (gluconeogenesis) कहा जाता है।

कार्ब और फैट की तुलना में जैसे-जैसे कोई प्रोटीन का सेवन ज्यादा करता है, उसके शरीर में मेटॉबॉलिक रेट में भी इजाफा होता है। यह आपको संतुष्टि का एहसास दिलाता है। वहीं प्रोटीन का सेवन करने से भूख लगाने वाले हॉर्मोन घेरिलिन (ghrelin) को कम करता है और फुलफिलनेस हॉर्मोन को बढ़ाने में मदद करता है। इस कारण आप अपने आप ही कम खाना खाने लगते हैं।

बता दें कि ड्यूकन डायट कई हाई प्रोटीन डायट से अलग होता है, यह कार्ब व फैट के सेवन को कम करता है। इसमें हाई प्रोटीन, लो कार्ब और लो फैट डायट शामिल होता है। एक शोध के अनुसार वैसे लोग जो फैट के साथ हाई प्रोटीन डायट लेते हैं, लो कार्ब मील लेते हैं। वो लोग सामान्यत: 69 कैलोरी बर्न करते हैं। शुरुआती समय में ड्यूकन डायट को लो इन फाइबर डायट भी कहा जाता था।

हमेशा ले एक्सपर्ट की सलाह फिर अपनाए यह डायट

ड्यूकन डायट को अपनाने के पूर्व हमेशा एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। बता दें कि हाई प्रोटीन ड्यूकन डायट अपनाने से आप ज्यादा तेजी से वजन कम कर सकते हैं। लेकिन इसे लंबे समय तक अपनाना काफी मुश्किल भरा होता है। कुल मिलाकर कहा जाए, तो इसे अपनाने से जल्द से जल्द वजन को कम किया जा सकता है। यह डायट कारगर है। इस डायट को अपनाने वाले हेल्दी फूड का सेवन कम कर पाते हैं, क्योंकि उन्हें उसे खाने की इच्छा ही नहीं होती है। ऐसे में किन लोगों को यह डायट अपनाना चाहिए और किसे नहीं? यह जानने के लिए एक्सपर्ट की राय लें। वहीं उनके बताए अनुसार ही डायट का सेवन करें, बताए दिशा निर्देशों को अपनाकर हेल्दी लाइफ पाएं। नहीं तो इसके दुष्परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं।

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सूत्र

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Assessment of food intakes for women adopting the high protein Dukan diet/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/26024402/ / Accessed on 15 sept 2020

Gluconeogenesis and energy expenditure after a high-protein, carbohydrate-free diet/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/19640952/ / Accessed on 15 sept 2020

Postprandial thermogenesis is increased 100% on a high-protein, low-fat diet versus a high-carbohydrate, low-fat diet in healthy, young women/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/11838888/ / Accessed on 15 sept 2020

The influence of thermic effect of food on satiety/https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/9683329/ /Accessed on 15 sept 2020

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 15/10/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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