home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

पैंक्रियाटिक कैंसर में क्या खाएं और किन चीजों का सेवन न करें?

पैंक्रियाटिक कैंसर में क्या खाएं और किन चीजों का सेवन न करें?

कैंसर वो बीमारी है, जिसमें हमारे शरीर में सेल्स अनियंत्रित रूप से बढ़ते हैं। यह सेल्स शरीर के किसी भी अंग में ग्रो कर सकते हैं। कैंसर को एक गंभीर रोग माना जाता है, लेकिन इसका उपचार संभव है। इसके उपचार में दवाईयां, थेरेपी, सर्जरी के साथ ही हेल्दी लाइफस्टाइल भी शामिल है। आज हम पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) के बारे में बात करने वाले हैं। इसके साथ ही पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) के बारे में भी आपको जानकारी देंगे। सबसे पहले जानिए पैंक्रियाटिक कैंसर क्या है?

पैंक्रियाटिक कैंसर क्या है? (Pancreatic Cancer)

पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic Cancer) की स्थिति में अनियंत्रित सेल की ग्रोथ पैंक्रियाज (Pancreas) यानी अग्न्याशय के हिस्से में शुरू होती है। इसके लक्षणों में पीलिया या पेट में दर्द शामिल हैं, जो इस कैंसर के लास्ट स्टेज तक पहुंचने पर नजर आ सकते हैं। पैंक्रियाज हमारे शरीर में गॉलब्लेडर के पास पेट के पीछे स्थित अंग है। इसमें वो ग्लैंड्स होते हैं, जो हॉर्मोन्स बनाते हैं। इनमें इंसुलिन और एंजाइम शामिल हैं। इसके सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

पैंक्रियाटिक कैंसर डायट

और पढ़ें : पैंक्रियाटिक न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर: कुछ ऐसे संभव है इस रेयर ट्यूमर का उपचार!

पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Pancreatic Cancer)

अधिकतर मामलों में पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षणों को एडवांस्ड स्टेजेस तक नोटिस नहीं कर किया जा सकता हैं। इसके साथ ही इसमें लक्षण अन्य हेल्थ कंडीशंस के जैसे भी हो सकते हैं, जिसके कारण इसका निदान और भी मुश्किल हो सकता है। हालांकि इसके लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

  • पेट और पीठ में दर्द (Abdominal or Back Pain)
  • पीलिया (Jaundice)
  • भूख में कमी और वजन का कम होना (Low Appetite and Weight Loss)
  • गॉलब्लेडर और लिवर में सूजन (Swelling of the Gallbladder or Liver)
  • ब्लड क्लॉट्स (Blood Clots)
  • पल्मोनरी एम्बोलिस्म (Pulmonary Embolism)
  • डायबिटीज (Diabetes)
  • जी मचलना और उल्टी (Nausea and Vomiting)
  • बुखार और ठंड लगना (Fever and Chills)
  • थकावट (Fatigue)
  • डायरिया और कब्ज (Diarrhea or Constipation)
  • अपच (Indigestion)
  • पीलिया के कारण रैश (Rash due to Jaundice)

अगर कैंसर फैल जाए, तो इसके लक्षण अग्न्याशय के अलावा शरीर के अन्य भागों में भी दिखाई दे सकते हैं। इस कैंसर के लक्षणों को मैनेज करने में खानपान की भी विशेष भूमिका है। इसलिए पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) के बारे में जानना जरूरी है।

और पढ़ें : स्टेज 1 पैंक्रियाटिक कैंसर: कैंसर के लक्षणों और इलाज को समझें यहां!

पैंक्रियाटिक कैंसर में डायट की भूमिका

पैंक्रियाटिक कैंसर का प्रभाव मरीज की भूख पर पड़ता है। ऐसे में उन्हें क्या और कितनी मात्रा में खाना चाहिए, इसके बारे में पता होना बेहद जरूरी है। अगर किसी रोगी में इस समस्या का निदान हुआ है तो सही डायट उसके उपचार का एक हिस्सा हो सकता है। इस दौरान कुपोषण से निपटने और रोगी के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए सही न्यूट्रिशन लेना जरूरी है। पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) कुछ खास ट्रीटमेंट स्ट्रेटिटिज के लिए एक जरूरी कॉम्पोनेन्ट है, जिसका फोकस सेलुलर मेटाबॉलिज्म पर होता है। आहार और खाद्य पदार्थ संभावित रूप से वजन घटाने में भी मदद कर सकते हैं। इसलिए आपको यह पता होना चाहिए कि इस स्थिति में आपको क्या खाना है और किस चीज का सेवन आपको बिलकुल भी नहीं करना है। जानिए ,पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) किस तरह की होनी चाहिए।

और पढ़ें : स्टेज 2 पैंक्रियाटिक कैंसर: कैंसर के लक्षणों और इलाज को समझें यहां!

पैंक्रियाटिक कैंसर में क्या खाएं? (What to eat in Pancreatic Cancer)

कैंसर की स्थिति में रोगी के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन सा आहार उनका शरीर आसानी से पचा सकता है। इस समस्या में प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स से युक्त आहार का सेवन सबसे सही रहता है। यही नहीं, अपने वजन को सही रखने के लिए आपको पौष्टिक लेकिन कम मात्रा में खाना चाहिए। जानिए पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) में क्या खाएं?

पैंक्रियाटिक कैंसर डायट में किन खाद्य पदार्थों को शामिल करें?

पैंक्रियाटिक कैंसर के रोगी को अपने खानपान का खास ध्यान रखना चाहिए। जानिए, उन्हें किन चीजों को अपने आहार में शामिल करना चाहिए?

फल और सब्जियां (Fruits and Vegetables)

द वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड इंटरनेशनल (The World Cancer Research Fund International ) के अनुसार कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को दिन में कम से कम पांच बार नॉन-स्टार्ची सब्जियों और फलों का सेवन करना चाहिए। कच्ची सब्जियों की तुलना में पकी हुई सब्जियां जल्दी पच जाती हैं। यही नहीं खट्टे फलों, हरी पत्तेदार सब्जियों, बेरीज आदि में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स, फायबर और फायटोकेमिकल्स (Phytochemicals) भी होते हैं। यह हेल्दी सब्जियां और फल इस प्रकार हैं:

  • ब्लूबेरी (Blueberries)
  • ब्रोकोली (Broccoli)
  • संतरा (Oranges)
  • पालक (Spinach)

और पढ़ें : Vulvar cancer: वल्वर कैंसर रेयर है, लेकिन इलाज भी संभव है!

लीन प्रोटीन (Lean Protein)

प्रोटीन से भरपूर आहार इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मददगार है। यह सेल्स व टिश्यूज की मरम्मत में भी मदद करता है। आसानी से पचने वाले प्रोटीन सोर्स इस प्रकार हैं :

  • अंडे (Eggs)
  • टोफू (Tofu)
  • फिश (Fish)
  • पोल्ट्री (Poultry)

पैंक्रियाटिक कैंसर डायट

हाय फायबर स्टार्च (High-Fiber Starches)

कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइयड्रेट्स, फायबर से भरपूर होते हैं और इनसे ब्लड शुगर लेवल जल्दी नहीं बढ़ता है। लेकिन, सिंपल कार्बोहायड्रेट्स के मामले में ऐसा नहीं होता। यही नहीं, कॉम्प्लेक्स कार्बोहायड्रेट्स से एनर्जी भी भरपूर मिलती है। इसके अच्छे विकल्प इस प्रकार हैं:

  • आलू (Potatoes)
  • बीन्स (Beans)
  • दालें (Lentils)
  • ओटमील (Oatmeal)
  • ब्राउन राइस (Brown Rice)

ग्रीन टी (Green Tea)

ग्रीन टी में पॉलीफेनोल्स होता है, जिसमें एंटी-कैंसर गुण होते हैं। यानी, ग्रीन टी भी इस समस्या से राहत पाने मदद कर सकती है। पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) में इसे शामिल करना न भूलें।

Quiz : कैंसर के बारे में कितना जानते हैं आप? क्विज से जानें

<script> (function() { var qs,js,q,s,d=document, gi=d.getElementById, ce=d.createElement, gt=d.getElementsByTagName, id="typef_orm", b="https://embed.typeform.com/"; if(!gi.call(d,id)) { js=ce.call(d,"script"); js.id=id; js.src=b+"embed.js"; q=gt.call(d,"script")[0]; q.parentNode.insertBefore(js,q) } })() </script>

हेल्दी फैट्स (Healthy fats)

फैट्स संपूर्ण हेल्थ के लिए जरूरी है। इनसे हमें एनर्जी मिलती है और शरीर के तापमान को सही रखने में भी यह मददगार है। हेल्दी फैट्स में मोनोअनसेचुरेटेड (Monounsaturated) और पॉलीअनसेचुरेटेड (Polyunsaturated) फैट्स शामिल हैं, जैसे :

पैंक्रियाटिक कैंसर, पैंक्रियास की ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त इंसुलिन बनाने की क्षमता को कम कर सकता है, जिससे डायबिटीज हो सकती है। डायबिटीज पैंक्रियाटिक कैंसर के होने का एक रिस्क फैक्टर भी हो सकता है। अगर आपको पैंक्रियाटिक कैंसर और डायबिटीज की समस्या है, तो आपको ऐसे आहार की जरूरत होगी, जो आपकी ब्लड शुगर लेवल को कम रखे। इसके लिए ऐसे विकल्पों को चुनें जो शुगर में कम हों और फायबर अधिक हो। जैसे प्लांट बेस्ड फूड फल, सब्जियां आदि। इसे साथ ही आपको कुछ चीजों से बिलकुल दूर रहना चाहिए। जानिए पैंक्रियाटिक कैंसर डायट में किन चीजों को शामिल नहीं करना चाहिए

और पढ़ें : Secondary Bone Cancer: सेकंडरी बोन कैंसर क्या है?

पैंक्रियाटिक कैंसर डायट में किन खाद्य पदार्थों को शामिल न करें?

कुछ खाद्य पदार्थों को पचाना बहुत मुश्किल होता है। यही नहीं, इनके सेवन से न केवल लक्षण गंभीर हो सकते हैं, बल्कि आपको बदतर भी महसूस हो सकता है। ऐसे में ऐसे आहार का सेवन भी नहीं करना चाहिए, जिनसे लक्षण बढ़ें जैसे डायरिया या उल्टी आदि। जानिए इस समस्या में किस आहार का सेवन करने से बचना चाहिए:

  • रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट (Red Meat and Processed Meat) : इन्हें पचाना बेहद मुश्किल होता है। इसलिए इनका सेवन करने से बचना चाहिए।
  • फैटी, तला हुआ और ग्रीसी आहार (Fatty, Fried and Greasy Food) : फैटी, तले हुए और ग्रीसी आहार के साथ ही हाय फैट फूड का सेवन करने से भी बचना चाहिए क्योंकि यह बैचेन करने वाले लक्षणों का कारण बन सकते हैं जैसे डायरिया और गैस आदि।
  • एल्कोहॉल (Alcohol) : अधिक एल्कोहॉल का सेवन करने से पैंक्रियाटिक कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है या इसके लक्षण बदतर हो सकते हैं।
  • शुगर और रिफायन्ड कार्बोहाइड्रेट्स (Sugar and Refined Carbohydrates) :अगर आपको ग्लूकोज इनटॉलेरेंस या अन्य कोई समस्या तो शुगर इंटेक के बारे में डॉक्टर से बात करें। कैंसर से पीड़ित बहुत से लोगो को सिम्पल कार्बोहायड्रेट्स या चीनी वाले आहार को पचाने में समस्या होती है। इसके साथ ही पैंक्रियाटिक कैंसर की समस्या में धूम्रपान करने से भी बचें।

द नेशनल पैंक्रियास फाउंडेशन (The National Pancreas Foundation) के अनुसार इस समस्या से पीड़ित व्यक्ति कई बार कुछ भी खाने में समस्या महसूस करते हैं। हालांकि, जब रोगी ठीक भी हों, तब भी उसे लौ फैट फ़ूड का सेवन ही करना चाहिए। अगर रोगी ठीक महसूस नहीं कर रहा है तो कई बार अपने पैंक्रियास को रेस्ट दें और आहार की मात्रा को सीमित कर दें। डॉक्टर आपको इसके बारे में सही सलाह दे सकते हैं कि आपको कब, क्या और कितनी मात्रा में लेना है। पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) के साथ ही कुछ अन्य चीजों का ध्यान रखें भी जरूरी है। यह चीजें इस प्रकार हैं।

और पढ़ें : Uterine Cancer: यूटेराइन कैंसर क्या है?

पैंक्रियाटिक कैंसर की स्थिति के लिए कुछ टिप्स (Tips for Pancreatic Cancer)

पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) के साथ-साथ कुछ और सावधानियां बरतने की भी जरूरत हो सकती है, ताकि मरीज जल्दी ठीक हो सके। जानिए कौन सी हैं यह चीजें:

सही वजन को मेंटेन करें (Maintain Weight)

पैंक्रियाटिक कैंसर की स्थित में इसके उपचार में कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जरी आदि शामिल होती हैं। जिनसे रोगी का वजन बहुत कम हो सकता है। ऐसे में अधिक वजन कम न हो, इसके लिए आपका अपने वजन को मेंटेन रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में अपने आहार का खास ध्यान रखें।

शरीर में पानी की कमी न होने दें (Stay Hydrated)

सही पैंक्रियाटिक कैंसर के साथ ही कैंसर के उपचार के पर्याप्त फ्लूइड का सेवन भी जरूरी है ताकि डिहाइड्रेशन न हो। इसके साथ ही कैफीन युक्त पेय पदार्थों का सेवन करने से भी बचें

बॉवेल हैबिट्स में बदलाव को नोटिस करें (Notice Bowel Habits)

पैंक्रियाटिक कैंसर और उपचार के कारण बॉवेल हैबिट्स में बदलाव आ सकता है जैसे डायरिया, कब्ज, ब्लोटिंग और गैस होना आदि। ऐसे में अगर आप अपनी बॉवेल हैबिट्स में कोई भी बदलाव नोटिस करें तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

रिस्क के बारे में जानें

पैंक्रियाटिक कैंसर और इसके उपचार न्यूट्रिशन इश्यूज के जोखिम को बढ़ाते हैं, जिसमें कुपोषण (Malnutrition) भी शामिल है। कुपोषण तब होता है जब प्रभावित व्यक्ति को सही न्यूट्रिशन नहीं मिल पाता है या उनका शरीर उसे एब्सॉर्ब नहीं कर पाता है। जिससे हेल्थ कम्प्लीकेशन का जोखिम बढ़ता है। ऐसे में आपका वजन कम हो रहा हो या आपको कोई अन्य समस्याएं हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।

और पढ़ें : Small intestine cancer: छोटी आंत का कैंसर क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

खाने के बाद करें इंतजार

खाना खाने के एकदम बाद न तो लेटें और न ही सोएं। क्योंकि, ऐसा करने से आपको हार्टबर्न जैसी समस्या हो सकती है। पैंक्रियाटिक कैंसर के सामान्य साइड इफेक्ट हैं हार्टबर्न, गैस, ब्लोटिंग आदि। इनसे बचने के लिए भी आपके चिकित्सक आपको सही राय दे सकते हैं।

विटामिन या सप्लीमेंट (Vitamin or Supplements)

कोई भी विटामिन या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लें। क्योंकि, कैंसर की कुछ दवाईयां या उपचार के तरीके इन विटामिंस या सप्लीमेंट्स के साथ इंटरेक्ट कर सकते हैं।

एक्टिव रहें

कैंसर की स्थिति में जितना सही पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) को लेना और आराम करना जरूरी है, उतना ही जरुरी है एक्टिव रहना। इसलिए दिन में कुछ समय व्यायाम के लिए भी निकालें। आप इस कैंसर के दौरान कौन सा व्यायाम कर सकते हैं, यह राय भी आप अपने डॉक्टर से ले सकते हैं।

Pancreatic Cancer Diet)

तनाव से बचें

तनाव किसी भी समस्या को बदतर बना सकता है। ऐसे में तनाव से बचना जरूरी है। इसके लिए आप अपने परिवार और दोस्तों का सपोर्ट लें। योग और मेडिटेशन से भी आपको लाभ हो सकता है। अधिक समस्या होने पर डॉक्टरों की मदद लेना न भूलें। इसके साथ ही पर्याप्त नींद लेना भी आवश्यक है।

और पढ़ें : पैंक्रियाटिक कैंसर में इम्यूनोथेरिपी के दौरान किया जाता है इन दवाओं का इस्तेमाल!

यह तो थी पैंक्रियाटिक कैंसर डायट (Pancreatic Cancer Diet) के बारे में पूरी जानकरी। याद रखें, जिस आहार को आप इस दौरान चुनते हैं, वो कई चुनौतीपूर्ण लक्षणों को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। हेल्दी फ़ूड से आपको ऊर्जा से भरपूर रहने में भी मदद मिल सकती है। कौन सा आहार आपके लिए बेहतर है, इसके लिए आप डॉक्टर और डायटिशन की सहायता ले सकते हैं। सही उपचार, डॉक्टर की सलाह, पोषक तत्वों से भरपूर आहार और अन्य हेल्दी आदतों से न केवल आप इस समस्या से जल्दी रिकवर हो पाएंगे, बल्कि इससे आपके जीवन की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।

health-tool-icon

बीएमआर कैलक्युलेटर

अपनी ऊंचाई, वजन, आयु और गतिविधि स्तर के आधार पर अपनी दैनिक कैलोरी आवश्यकताओं को निर्धारित करने के लिए हमारे कैलोरी-सेवन कैलक्युलेटर का उपयोग करें।

पुरुष

महिला

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
लेखक की तस्वीर badge
AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 17/06/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड