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हेल्दी रहने के लिए जानिए स्वस्थ आहार क्यों है जरूरी?

हेल्दी रहने के लिए जानिए स्वस्थ आहार क्यों है जरूरी?

स्वास्थ्य से आहार का गहरा संबंध है, हम जो खाते और पीते हैं उससे ही हमारी सेहत अच्छी या खराब बनती है। आपने गौर किया होगा कि कुछ लोग बार-बार बीमार पड़ते रहते हैं, लेकिन कुछ के साथ ऐसा नहीं होता, क्योंकि वह हमेशा स्वस्थ आहार (healthy eating) को अपनाते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे हेल्दी रहने के लिए स्वस्थ आहार टिप्स (healthy eating tips) के अंतर्गत किन-किन पोषक तत्वों का होना जरूरी है और इसके फायदे।

स्वस्थ आहार का क्या मतलब है? (What is healthy eating)

हेल्दी ईटिंग यानी स्वस्थ आहार का मतलब है घर का बना पौष्टिक तत्वों (nutrients) से भरपूर खाना, जिसमें सभी पोषक तत्व संतुलित मात्रा में शामिल हो। जैसे प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट से लकर विटामिन्स तक डायट में सबकुछ होन चाहिए। इसे बैलेंट डायट (balance diet) भी कहा जाता है। इस तरह का स्वस्थ आहार आपको पूरी तरह से स्वस्थ रखता है। ऐसा आहार आपको पूरे दिन एनर्जेटिक और संतुष्ट भी रखता है जिससे आप बाकी समय जंक फूड (junk food) या फास्ट फूड (fast food) खाने से बच जाते हैं। स्वस्थ आहार में दाल से लेकर सब्जियां और दूध से लेकर साबूत अनाज और फलों का शामिल किया जाता है।

स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ आहार कितनी जरूरी है और इसे कैसे अपनी दिनचर्या में जोड़ा जा सकता है? (Importance of healthy eating)

स्वस्थ आहार (healthy eating) मोटापा, हार्ट डिसीज (heart disease), डायबिटीज (diabetes), कैंसर और स्ट्रोक जैसी कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मददगार है। फल, सब्जियों और डायट्री फाइबर जैसी हेल्दी चीजों को डायट में शामिल करना चाहिए और ट्रांसफैट, सैचुरेटेड फैट, शुगर और सोडियम की मात्रा कम से कम रखें, क्योंकि ये आपको अनहेल्दी बना देता है। स्वस्थ आहार टिप्स (healthy eating tips) को अपनी अपनी दिनचर्या में आप कुछ इस तरह शामिल कर सकते हैं।

  • भोजन में हमेशा एक हरी सब्जी को शामिल करें।
  • हल्की भूख लगने पर स्नैक्स के रूप में फल खाएं।
  • हमेशा सीजनल फल और सब्जियां खाएं।
  • हर तरह की फल और सब्जी को डायट में शामिल करें।
  • खाने में नमक और चीनी की मात्रा सीमित करें।
  • अचार, पापड़, चिप्स, नमकीन जैसे चीजों में नमक की मात्रा अधिक होती है, इनका सेवन न करें या सीमित मात्रा में करें।
  • इसी तरह केक, पेस्ट्री, पैकेट वाले जूस व अन्य पेय पदार्थों में चीनी की मात्रा अधिक होती है इसकी बजाय आप ताजे फलों का जूस या गुड़ से बनी मीठी चीजें खा सकते हैं।

और पढ़ें- मेरिट्रीम सप्लीमेंट क्या है, क्या यह वजन कम करने में मददगार है?

स्वस्थ आहार के अंतर्गत किन बातों का समावेश होता है? (Things incorporate in healthy eating)

इस बारे में एनएफएक्स के फिटनेस एक्सपर्ट आदित्य सिंह का कहना है कि फिट रहने के लिए हेल्दी डायट के साथ खाने के समय का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। एक बार में हैवी फूड की बजाए छोटे-छोटे मिल लेने चाहिए। आप हर दो घंटे में कुछ न कुछ हेल्दी खाएं। इससे आपका मेटाबॉल्जिम भी अच्छा बना रहेगा, जैसे कि आपका ब्रेकफास्ट थोड़ा हैवी हो और उसके दो घंटे बाद आपने एक फल खा लिया । फिर लंच आपका हैवी हुआ तो शाम के नाश्ते में रोस्टेड चना या पोहा आदि ले लिया। फिर दो घंटे के बाद सूप ले लिया और उसके दो घंटे बाद हल्का डिनर लें। फिर सोने से पहले दूध लें। इसलिए की डायट ज्यादा प्रभावकारी पायी गई है। इन सभी की मात्रा आपकी कैलोरी इंटेक पर डिपेंट है। आहार या हेल्दी ईटिंग के (healthy eating) तहत सिर्फ संतुलित आहार लेना ही शामिल नहीं है, बल्कि समय पर भोजन करना भी जरूरी है। नाश्ता कभी स्किप नहीं करना चाहिए, दोपहर का खाना भी समय पर खाएं और रात का भोजन जल्दी करें यानी सोने से करीब 2 घंटे पहले। रात में हल्का भोजन करें ताकि वह आसानी से पच जाए। इसके अलावा पानी और अन्य हेल्दी ड्रिंक्स जैसे नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन करते रहें, ताकि ताकि डिहाइड्रेशन (dehydration) की समस्या न हो। स्वस्थ रहने के लिए डायट के साथ ही फिजिकली एक्टिव (physically active) रहना भी जरूरी है, इसलिए रोजाना एक्सरसाइज करें।

हेल्दी ईटिंग में कैलोरी और एनर्जी को कैसे बैलेंस किया जा सकता है?

स्वस्थ आहार -healthy eating

शरीर की ऊर्जा (energy) की जरूरत को पूरा करने यानी कि एक्टिव रखने के लिए कैलोरी (calorie) की जरूरत पड़ती है, क्योंकि यही एनर्जी देता है। लेकिन कैलोरी का स्रोत हेल्दी होना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर को एनर्जी देते हैं, लेकिन जब आप अनहेल्दी कार्ब्स का सेवन करते हैं तो यह अनहेल्दी तरीके से आपका वजन बढ़ाकर बीमार कर सकता है जैसे पिज्जा, बर्गर या मैदे से बनी चीजों का सेवन। जबकि साबूत अनाज कार्होबाइड्रेट (carbohydrate) का हेल्दी स्रोत है तो स्वस्थ आहार के अंतर्गत अपनी ऊर्जी का जरूरतों को पूरा करने के लिए आप गेहूं, दलिया, ब्राउन राइस, रागी, बाजरा जैसे साबूत अनाज को डायट में शामिल कर सकते हैं। इससे वजन भी कंट्रोल में रहता है और आपको एनर्जी यानी कैलोरी की भी आपूर्ति होती है।

और पढ़ें – विशेष स्थिति के लिए आहार भी हो विशेष, ऐसा कहना हैं एक्सपर्ट का

स्वस्थ आहार के अनुसार आपको डायट में किन न्यूट्रिएंट्स की जरूरत पड़ेगी? (Which nutrients are essential for healthy eating)

स्वस्थ आहार (healthy eating) के तहत आपकी डायट में इन पोषक तत्वों का होना जरूरी है-

प्रोटीन- प्रोटीन (protein) आपको एनर्जी देने के साथ ही मूड और कॉग्निटिव फंक्शन (cognitive function) के लिए भी जरूरी है। एनिमल प्रोटीन की बाजय प्लांट बेस्ड प्रोटीन को अपने आहार में शामिल करना चाहिए है जैसे- राजमा, सोयबीन, चना, मूंग, अंडे आदि।

फैट- सभी फैट बुरे नहीं होते। दिल और मस्तिष्क को सुचारू रूप से काम करने के लिए थोड़ी मात्रा में हेल्दी फैट की जरूरत होती है, जैसे ओमेगा 3। यह इमोशनल और फिजिकल हेल्थ दोनों के लिए ज़रूरी है। इसलिए डायट में ओमेगा 3 फैटी एसिड (omega 3 fatty acid) से भरपूर चीजें जैसे अखरोट (walnut), अलसी (flax seed), सैलमन ( salmon (एक प्रकार की मछली) को जरूर शामिल करें। रोजाना एक चम्चम अलसी खाकर भी आप ओमेगा 3 की जरूरत को पूरा सकते हैं।

फाइबर- डायट में फाइबर (fiber) से भरपूर फल, सब्जियां, नट्स और अनाज को शामिल करना जरूरी है। इससे आपका पाचन (digestion) ठीक रहता है और यह दिल की बीमारियों, स्ट्रोक (storke) और डायबिटीज (diabetes) के खतरे को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा यह वजन कम (weight loss) करने और आपकी त्वचा को सुंदर बनाने में भी मददगार है। फाइबर से भरपूर चीजें खाने से पेट देर तक भरा रहता है। फाइबर की जरूरत पूरी करने के लिए आप डायट में बीन्स, दाल, बेरीज, ताजे फल और सब्जियां, साबूत अनाज, ओट्स आदि को शामिल कर सकते हैं।

कैल्शियम- कैल्शियम (calcium) की जरूरत हर उम्र के लोगों को पड़ती है। यह हड्डियों के विकास और मजबूती के लिए जरूरी है। कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत है दूध और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स (dairy products)। इसलिए दूध, दही, पनीर आदि को डेली डायट का हिस्सा बनाएं।

कार्बोहाइड्रेट- कुछ लोगों को लगता है कि वजन घटाने के लिए कार्ब्स फूड (carbs food) से परहेज जरूरी है, लेकिन सच तो यह है कि शरीर को एनर्जेटिक रखने के लिए थोड़ी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट जरूरी है। लेकिन इसका स्रोत हेल्दी होना चाहिए। कार्ब्स की जरूरत को पूरा करने के लिए साबुत अनाज व फल और सब्जियां खाएं। इससे चर्बी नहीं बढ़ती है और शरीर को ऊर्जा भी मिलती रहती है।

और पढ़ें- पोषण से भरे ये 8 ड्रिंक्स इस सर्दी के मौसम में आपको रखेंगे स्वस्थ और फिट

हेल्दी ईटिंग में होल फ़ूड कितना जरूरी है? ( Importance of whole food in healthy eating)

होल फूड (whole food) प्रोसेस्ड नहीं होते और कुदरती होते हैं, इसलिए शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद है। स्वस्थ आहार (healthy diet) को जरूरी बताने वाले विशेषज्ञ होल फूड खाने पर जोर देत हैं जिसमें शामिल है-

  • रिफाइंड अनाज (refined grains) की जगह साबुत अनाज (whole grains)।
  • फाइबर (fiber) और विटामिन्स (vitamins) के लिए सप्लीमेंट्स की बजाय फल (fruit), सब्जियां (vegetables) और बीन्स खाएं।
  • चिकन नगेट्स की बजाय स्किनलेस चिकन ब्रेस्ट जो हेल्दी तरीके से पकाया गया हो खाएं। चिकन नगेट्स में अतिरिक्त फैट, फ्लेवर और प्रिज़र्वेटिव्स होता है।
  • पोटैटो चिप्स की बजाय बेक्ड पोटैटो तो हल्की खट्टी क्रीम के साथ खाएं।
  • रासबेरी (raspberry) टोस्टर पेस्ट्रीज की बजाय नाश्ते में ताजी बेरीज खाएं।
  • इसी तरह तले हुए स्नैक्स (snacks) की बजाय बेक्ड और उबली हुई चीजें खाएं।

हेल्दी ईटिंग के अंतर्गत आपको किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए? (What should you eat when eating healthy)

स्वस्थ आहार -healthy eating

स्वस्थ आहार के तहत इन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए-

  • ओटमील (oatmeal)
  • ड्राई फ्रूट्स (Dry fruits)
  • दालें (pulses)
  • ब्रोकोली (broccoli)
  • सेब (apple)
  • ब्लूबेरी (blueberry)
  • एवोकाडो (avocado)
  • चिया सीड (chia seed)
  • साबुत अनाज (whole grain)
  • हरी पत्तेदार सब्जियां (green leafy vegetables)
  • शकरकंद (sweet potato)
  • ऑयली फिश (oily fish)
  • चिकन (chicken)
  • अंडे (egg)

किन पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए?

स्वस्थ आहार (healthy eating) में इन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए-

  • मीठे पेय व मीठे पदार्थ
  • व्हाइट ब्रेड
  • मैदे से बनी चीजें
  • मीठे ब्रेकफास्ट सीरियल
  • पेस्ट्री, केक, कुकीज
  • जंक फूड/फास्ट फूड
  • प्रोसेस्ड मीट
  • प्रोसेस्ड चीज़
  • हाई कैलोरी कॉफी ड्रिंक
  • तली, मसालेदार चीजें
  • ज्यादा नमक वाली चीजें

आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये डायट टिप्स” data-url=”https://helloswasthya.com/aahar-aur-poshan/special-diets/ayurvedic-diet/”>और पढ़ें – आयुर्वेद के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये डायट टिप्स

हेल्दी ईटिंग में पोर्शन कंट्रोल कैसे किया जा सकता है? (How to control portion in healthy eating)

स्वस्थ आहार के लिए पोर्शन कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप निम्न तरीके अपना सकते हैं-

  • छोटी प्लेट या कटोरी में खाना निकालें।
  • प्लेट का इस्तेमाल पोर्शन गाइड के रूप में करें, जैसे सब्जी आधा प्लेट, प्रोटीन वाली चीजें एक तिहाई हिस्सा, कार्ब्स एक चौथाई और फैट वाली चीजें आधा टेबलस्पून।
  • इसी तरह आहार का पोर्शन मापने के लिए मुट्ठी का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे प्रोटीन वाली चीजें एक मुट्ठी, कार्ब्स आधा मुट्ठी।
  • खाने से आधे घंटे पहले पानी पीएं।
  • कोई भी खाना धीरे-धीरे आराम से चबाकर खाएं इससे आपको पता चलेगा कि कितना खाया है और संतुष्टि का एहसास होगा जिससे आप अतिरिक्त खाने से बच जाएंगे।

हेल्दी ईटिंग को लम्बे समय तक कैसे फॉलो किया जा सकता है? (How to follow healthy eating for long time)

स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ कुछ समय के लिए नहीं, बल्कि आपको लंबे समय तक स्वस्थ आहार (healthy diet) को अपनाना होगा। इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है-

  • इस बात पर गौर करें कि आप हेल्दी ईटिंग हैबिट्स (healthy eating habits) को क्यों अपनाना चाहते हैं, आपका मकसद क्या है, वजन कम करना, अच्छा दिखना या पूरी तरह से स्वस्थ रहना।
  • घर में जंक फूड (junk food) न लाएं और ग्रोसरी शॉपिंग के समय भी सिर्फ हेल्दी चीजों की शॉपिंग करें।
  • अपनी पसंदीदा आइसक्रीम या पेस्ट्री से हमेशा के लिए दूरी बनाने की जरूरत नहीं है, महीने में एक बार थोड़ी मात्रा में इसे खा सकते हैं, इससे आपको संतुष्टि मिलेगी।
  • अपने साथ हेल्दी स्नैक्स जैसे चना, फल, ड्राई फ्रूट्स रखें।
  • ट्रैवलिंग के दौरान भी हेल्दी ईटिंग का ध्यान रखें।
  • स्वस्थ आहार के साथ ही एक्सरसाइज भी करनें, इससे आप मोटिवेटेड रहेंगे।
  • नाश्ते में हाई प्रोटीन (high protein) वाली चीजें खाएं।

हेल्दी ईटिंग में सप्लीमेंट का क्या रोल है? (Importance of supplements in healthy eating)

स्वस्थ आहार (healthy diet) में पोषक तत्वों (nutrients) के कुदरती स्रोत पर जोर दिया जाता है। आहार से मिलने वाला विटामिन, प्रोटीन और मिनरल्स ही सबसे अच्छा होता है, लेकिन किन्हीं वजहों से यदि किसी व्यक्ति में किसी खास विटामिन या मिनरल्स की कमी होती है तो विशेषज्ञ की सलाह पर डायट्री सप्लीमेंट ले सकता है।

इस तरह हेल्दी इटिंग हर व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है, जिसे अपनाकर आप अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रख सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ दिन पहले को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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