एनीमिया क्रोनिक डिजीज (Anemia chronic disease) क्या है?
एनीमिया यानी शरीर में खून की कमी होना बहुत ही सामान्य है। जैसे शरीर के लिए भोजन, वायु, पानी आदि आवश्यक है, वैसे ही शरीर में खून की मात्रा का सही होना भी बेहद आवश्यक है। शरीर में खून की कमी होना घातक हो सकता है या कई समस्याओं का कारण बन सकता है। शरीर में खून की कमी होना। यह वो स्थिति है जब शरीर में पर्याप्त स्वस्थ रेड ब्लड सेल्स (RBC) नहीं होते या बनते।
रेड ब्लड सेल्स (RBC) शरीर को ऑक्सिजन पहुंचाते हैं। एनीमिया कई तरह के होते हैं उन्हीं में से एक है एनीमिया क्रोनिक डिजीज। एनीमिया क्रोनिक डिजीज को ‘एनीमिया ऑफ इंफ्लामेशन’ भी कहा जाता है। एनीमिया क्रोनिक डिजीज (ACD) उन लोगों को प्रभावित करता है, जिन्हें ऐसी समस्याएं होती हैं, जो सूजन या दाह का कारण बनती है जैसे इन्फेक्शन (Infection), ऑटोइम्यून रोग (Autoimmune disease), कैंसर (Cancer) NIH एक्सटर्नल लिंक, क्रोनिक किडनी रोग।
एनीमिया क्रोनिक डिजीज का कारण (Cause of Anemia chronic disease)
एनीमिया की स्थिति में रोगी के रक्त में लाल ब्लड सेल्स सामान्य की तुलना में कम संख्या में होते हैं। कुछ स्थितियां जिनमे एनीमिया क्रोनिक डिजीज हो सकता है, वो इस प्रकार हैं:
- ऑटोइम्यून विकार (Autoimmune disorder) जैसे क्रोहन रोग, सिस्टमिक लुपस एरीथेमॅटोसस, संधिशोथ और अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative colitis) आदि भी एनीमिया क्रोनिक डिजीज का कारण हो सकते हैं।
- कैंसर: कैंसर (Cancer) भी इस एनीमिया क्रोनिक डिजीज का कारण है, जिसमें लिंफोमा और हॉजकिन रोग शामिल हैं।
- लंबे समय तक संक्रमण : अगर आप लंबे समय से संक्रमण से पीड़ित हैं, तो भी आपके शरीर में खून की कमी हो सकती है। यह संक्रमण इस प्रकार हैं जैसे बैक्टीरियल एंडोकार्डिटिस (Bacterial Endocarditis), ऑस्टियोमाइलाइटिस (हड्डी में संक्रमण), एचआईवी (HIV)/ एड्स (AIDS), लंग ऑब्सेस्स, हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B) या हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C)।
- एनीमिया क्रोनिक डिजीज धीरे-धीरे शुरू होता है। एनीमिया (Anemia) की गंभीर बीमारी एनीमिया क्रोनिक डिजीज है, जो रोगी में बहुत जल्दी विकसित होता है खासतौर पर उन रोगियों में जो गंभीर रोगों, ट्रामा और अन्य सूजन पैदा करने वाली स्थितियों के कारण अस्पताल में भर्ती होते हैं।
- उम्र के बढ़ने से साथ-साथ यह रोग बड़ी उम्र के लोगों में अधिक देखने को मिलती है। यानी, कुछ मामलों में वृद्ध लोगों में यह रोग जल्दी होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ सूजन और एनीमिया हो सकता है।
एनीमिया क्रोनिक डिजीज अक्सर अधिक प्रभावी नहीं होता। आप इसके किसी भी लक्षण को जल्दी नोटिस नहीं कर सकते हैं। लेकिन, इसके कुछ लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:
- कमजोरी या थकान महसूस होना
- सिरदर्द होना
- शरीर में पीलापन
- तेज हार्टबीट
- शरीर में दर्द होना
- बेहोशी
- फिजिकल एक्टिविटी के बाद या दौरान आसानी से थक जाना
- सांस लेने में समस्या होना
एनीमिया क्रोनिक डिजीज का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Anemia chronic disease)
ब्लड टेस्ट (Blood test) नियमित शारीरिक टेस्ट या जांच का हिस्सा है, ताकि डॉक्टर यह जान पाएं कि आपको एनीमिया है या नहीं। एनीमिया का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपके खून का सैंपल लेंगे। फिर परिणाम आने पर जानेंगे कि आपके शरीर में खून की कमी है या नहीं। डॉक्टर इसके लिए कई अन्य टेस्ट भी करा सकते हैं। डॉक्टर आपके शरीर में ACD का निदान कर सकते हैं, अगर वो आपके शरीर में यह समस्याएं हैं :
- आपको कोई पुरानी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या है जो एनीमिया का कारण बन सकती है।
- अगर आपके लक्षण और टेस्ट के परिणाम अन्य प्रकार के एनीमिया के बारे में नहीं बताते, जैसे कि पेरेनियस एनीमिया, हेमोलिटिक एनीमिया, या आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया। यानी, आपके टेस्ट के परिणामों से इन एनीमिया के बारे में पता नहीं चलता तो हो सकता है कि आप एनीमिया क्रोनिक डिजीज से ग्रस्त हैं।
डॉक्टर आपको निम्नलिखित टेस्ट करवाने के लिए कह सकते हैं। एनीमिया का पहला लक्षण पीलापन है, लेकिन इसका कारण जानना बहुत आवश्यक है। इसमें आपके यह टेस्ट कराए जा सकते हैं।
- कम्पलीट ब्लड काउंट
- रेटिकुलोसाइट काउंट
- सीरम फेरिटिन स्तर
- सीरम आयरन का स्तर
- बोन मेरो टेस्ट (कैंसर से बचने के लिए कई दुर्लभ मामलों में)
एनीमिया क्रोनिक डिजीज का उपचार कैसे किया जाता है? (Treatment for Anemia chronic disease)
एनीमिया का अधिकतर मामलों में उपचार की आवश्यकता नहीं होती। लेकिन इन स्थितियों में इसका उपचार करना आवश्यक है, जैसे :
- अधिक गंभीर एनीमिया, जैसे कि क्रोनिक किडनी डिजीज (Kidney disease), कैंसर (Cancer), या एचआईवी (HIV) / एड्स (AIDS) के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं।
1) ब्लड ट्रांसफ्यूशन
2) नस के माध्यम से अगर आयरन दिया जाए।
3) एरीथ्रोपोईएटिन
- क्रोनिक कंडीशन जो एनीमिया क्रोनिक डिजीज का कारण बनती हैं।
- कई स्थितियों में एनीमिया क्रोनिक डिजीज रोग हो सकता है जो इस प्रकार हैं:
1) ऑटोइम्यून रोग, जैसे कि संधिशोथ बाहरी लिंक या ल्यूपस बाहरी लिंक
2) कैंसर (Cancer)
3) क्रोनिक इन्फेक्शन्स, जैसे HIV/AIDS एक्सटर्नल लिंक और ट्यूबरक्लोसिस एक्सटर्नल लिंक
4) इंफ्लेमेटरी बोवेल रोग (IBD), जैसे क्रोहन डिजीज या अल्सरेटिव कोलाइटिस
5) अन्य क्रोनिक रोग जिनमें सूजन शामिल है, जैसे मधुमेह और हार्ट फेलियर
डॉक्टर सबसे पहले एनीमिया क्रोनिक डिजीज के कारणों का पता लगाएंगे, उसके बाद सही उपचार शुरू करेंगे। इसके साथ ही आपको अपने खाने-पीने का भी ध्यान रखना होगा और साथ ही डॉक्टर से सभी निर्देशों का पालन करना पड़ेगा।
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- डॉक्टर आपको CKD से संबंधित एनीमिया के उपचार, कैंसर के लिए कीमोथेरेपी उपचार, या एचआईवी (HIV) के लिए उपचार के लिए एरीथ्रोपोइएसिस-स्टिमुलेटिंग एजेंट्स (ESAs) एपॉइटिन अल्फा बाहरी लिंक या डरबेपोएटिन अल्फा बाहरी लिंक लेने की सलाह दे सकते हैं।
- ESAs अधिक रेड ब्लड सेल्स (RBC) बनाने के लिए बोन मेरो का कारण बनते हैं। आपके डॉक्टर आपको ESAs एक शॉट के रूप में दे सकते हैं और इसके साथ ही आपको यह भी सिखा सकते हैं कि आप खुद घर पर इन शॉट्स को कैसे ले सकते हैं।
- डॉक्टर आपको आयरन सप्लिमेंट्स लेने की सलाह दे सकते हैं जो आपको गोलियों या शॉट्स के रूप में दिए जा सकते हैं।
- इस रोग के दौरान अपना और अपने खानपान का खास ध्यान रखें। अपने आहार के लिए अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें। आपके डॉक्टर आपको कुछ सप्लीमेंटस लेने की सलाह भी दे सकते हैं।