जानें किस तरह से जल्द ठीक कर सकते हैं यूटीआई (Urinary Tract Infection)

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Update Date दिसम्बर 19, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें
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यूटीआई यानि कि यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन एक ऐसी समस्या जो सुनने में काफी सामान्य है। लेकिन समय से इलाज न करने पर यह घातक भी साबित हो सकता है। यूटीआई होने के बाद लोग काफी परेशान रहते हैं, क्योंकि वह सही तरीके से इलाज नहीं करते हैं। जबकि थोड़ा सा ध्यान देने से 24 घंटे के अंदर ही अपने आप यूटीआई से राहत पा सकते हैं। कभी-कभी तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTIs) खुद ही चार से पांच दिनों में खत्म हो जाता है। 

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यूटीआई होने पर रखें इन बातों का ध्यान

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTIs) के लक्षणों को समझें

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTIs) का सबसे पहला इलाज है उसके लक्षणों को जानना है। यूटीआई के लक्षण निम्न प्रकार हैं : 

अगर आप गर्भवती हैं और आपको यूटीआई की समस्या हुई है तो आप डॉक्टर से तुरंत मिलें। क्योंकि यूटीआई के अलावा यीस्ट इंफेक्शन या कुछ और भी हो सकता है। जिसके लिए डॉक्टर यूरीन टेस्ट के द्वारा ही आपके यूटीआई व अन्य इंफेक्शन की जांच करते हैं। 

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यूटीआई में एंटीबायोटिक्स का सेवन है जरूरी

संक्रमण चाहे कोई भी हो, उसके इलाज के लिए एंटीबायोटिक  जरूरी  है। अक्सर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTIs) एंटीबायोटिक्स के सेवन से ही ठीक होते हैं। डॉक्टर के परामर्श पर ही एंटीबायोटिक्स का सेवन करें। जिससे संक्रमण सात से आठ दिनों में ठीक हो जाएगा। यूटीआई में दी जाने वाली एंटीबायोटिक्स हैं- नाइट्रोफ्यूरैनटोनिन और ट्रिमेथॉप्रिम के साथ सल्फामेथॉक्साजोल। इसके अलावा सिप्रोफ्लॉक्सासीन, फॉस्फोमाइसिन और लेवोफ्लॉक्सासीन भी दिया जाता है।

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दवाओं का कोर्स पूरा करें

डॉक्टर द्वारा दी गई एंटीबायोटिक्स का कोर्स पूरा करें। अगर आपने दवा के कोर्स को पूरा नहीं किया तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTIs) फिर से हो सकता है। यूं तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTIs) के लक्षण तीन से चार दिन में खत्म हो जाता है, लेकिन फिर भी दवाओं के कोर्स को पूरा करना बेहद जरूरी है। वहीं, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं के खत्म हो जाने के बाद आप एक बार और डॉक्टर को दिखा लें। जिससे ये पता चल जाएगा कि आपको और एंटीबायोटिक्स लेनी है या नहीं लेनी है।

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यूटीआई के कॉम्प्लिकेशन को समझें

यूटीआई के साथ कई तरह के कॉम्पिलकेशन हैं। यूटीआई आग चल कर ब्लैडर इंफेक्शन, फिर किडनी इंफेक्शन का रूप ले लेता है। कभी-कभी तो ब्लड पॉइजनिंग भी हो जाती है। वैसे ये कॉम्प्लिकेशन सामान्य नहीं है। बहुत कम लोगों में ये समस्या देखने को मिलती है। खास कर ये समस्याएं उन लोगों को होती है जिन्हें डायबिटीज होता है। अगर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है तो आपको संक्रमण आपको जल्दी प्रभावित करेगा। वहीं, गर्भवती महिलाओं के लिए यूटीआई जानलेवा भी साबित हो सकता है। 

वहीं, पुरुषों में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTIs) बहुत कम होता है, लेकिन जिन्हें प्रभावित करता है उन्हें दोबारा यूटीआई हो सकता है। साथ ही प्रोस्टेट इंफेक्शन होने का भी खतरा रहता है। ज्यादा समस्या होने पर मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती भी होना पड़ सकता है। 

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यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTIs) का रामबाण इलाज है पानी

एंटीबायोटिक्स से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का इलाज किया जा सकता है। लेकिन, इसके साथ ही आपको ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए। आपको हर घंटे में एक गिलास पानी पीना चाहिए। पानी का जितना ज्यादा सेवन करेंगे उससे मूत्रमार्ग में यूटीआई के बैक्टीरिया पेशाब के साथ बाहर निकल जाएंगे। जिससे यूटीआई जल्दी से जल्दी ठीक हो जाएगा। ज्यादा पानी पीने से आपको पेशाब भी बहुत लगेगी, तो आपको जब भी पेशाब आए तो आप कर लें। पेशाब को रोकने की कोशिश न करें। अगर आप पेशाब को रोकंगे तो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन बद से बदतर हो जाएगा। 

करौंदे का जूस पिएं

क्रैनबेरी जूस

क्रैनबेरी यानी कि करौंदा यूटीआई में बहुत फायदेमंद औषधि है। यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में लोग करौंदे को घरेलू उपाय के तरह प्रयोग करते हैं। करौंदे का जूस बना कर पीने से संक्रमण ठीक होता है। आप एक दिन में 750 मिलीलीटर से 1 लीटर तक क्रैनबेरी जूस ले सकते हैं। इसे एक साथ न पी कर आप तीन से चार बार में पिएं। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के बैक्टीरिया फ्लश हो कर बाहर निकल जाएगा। लेकिन, अगर आपके परिवार में किसी को किडनी से संबंधित समस्या है तो आप भी करौंदे का जूस न पिएं। 

जूस की जगह आप क्रैनबेरी का कैप्सूल भी ले सकते हैं। लेकिन अगर आप खून को पतला करने की दवाएं खा रहे हैं तो आप क्रैनबेरी कैप्सूल न लें। ओउलु यूनिवर्सिटी के पिडीयाट्रिक डिपार्टमेंट के अध्ययन के अनुसार अगर एक महिला रोज एक क्रैनबेरी की टैबेलेट लेती है या दिन में तीन बार क्रैनबेरी जूस पीती है तो उसे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन नहीं हो सकता है। क्योंकि महिलाओं के योनि में लैक्टोबैसिलस नामक बैक्टीरिया रहता है और वह यूटीआई के बैक्टीरिया को खत्म करता है। करौंदा लैक्टोबैसिलस को बढावा देने का काम करता है। वहीं, आप विटामिन-सी का सेवन भी कर सकते हैं। 

मादक पदार्थों के सेवन को कहें ‘ना’

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में मादक पदार्थों का सेवन न करें। ये दवा के असर को कम करने के साथ ही आपकी रिकवरी में बाधक बनता है। इसके अलावा आप सॉफ्ट ड्रिंक्स, कैफीन और एल्कोहॉल का भी सेवन न करें। 

यूरिनरी ट्रैक्ट की सफाई का रखें ध्यान

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन को रोकने के लिए हमेशा यूरिनरी ट्रैक्ट की साफ सफाई रखें। पेशाब करने के बाद आगे से पीछे की तरफ वजायना को पोछें। अगर आप पीछे से आगे की तरफ पोछेंगे तो बैक्टीरिया बाहर निकलने के बजाए अंदर जाएगा। इस तरह से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन जल्दी ठीक नहीं हो पाएगा। 

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सेक्स के बाद यूरीन जरूर डिस्चार्ज करें

सेक्स करने के बाद योनि और पेनिस को साफ करना चाहिए। इससे अगर योनि में कोई बैक्टीरिया चला भी गया है तो यूरीन के साथ बाहर निकल जाएगा। इसके बाद गुप्तांग को पोछ कर क्लीन करें। वहीं, सेक्स के दौरान ल्यूब्रिकेंट्स के रूप में तेल या बॉडी लोशन का इस्तेमाल न करें, क्योंकि ये इंफेक्शन को बढ़ावा  देते  हैं। इसके अलावा हमेशा सुरक्षित सेक्स करें।    

कॉटन के अंडरगारमेंट्स का प्रयोग करें

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन ठीक न होने के पीछे कुछ कपड़े भी जिम्मेदार होते है। इसलिए अंडरगारमेंट हमेशा कॉटन का ही पहनें, जिससे बैक्टीरिया को नमी कम मिलेगी और उसके फैलने का जोखिम भी कम हो जाएगा। इसके अलावा टाइट पैंट्स पहनने से परहेज करें। क्योंकि त्वचा को हवा न लगने से भी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन सही नहीं हो पाता है और संक्रमण बद से बदतर हो जाता है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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