home

What are your concerns?

close
Inaccurate
Hard to understand
Other

लिंक कॉपी करें

अब सिर्फ 1 रुपए में मिलेगा सैनेटरी नैपकिन, सरकार ने लॉन्च की 'सुविधा'

अब सिर्फ 1 रुपए में मिलेगा सैनेटरी नैपकिन, सरकार ने लॉन्च की 'सुविधा'

पीरियड्स के दौरान हाइजीन को बेहतर बनाने के लिए महिलाओं को अब जन औषधि केंद्रों पर सैनेटरी नैपकिन सिर्फ एक रूपए में मिलेगा, जो अभी 2.50 रूपए में मिलता है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) 2015-16 के चौथे दौर के अनुसार, ग्रामीण भारत में सैनेटरी नैपकिन का उपयोग केवल 48.2 प्रतिशत ही है। वहीं, 23 प्रतिशत लड़कियों ने पीरियड्स की वजह से स्कूल छोड़ने को मुख्य कारण बताया। यौन और प्रजनन स्वास्थ्य और अधिकारों के लिए काम करने वाली संगठन रटगर्स के आंकड़ों की मानें तो उनमें से 28 प्रतिशत लड़कियों ने कहा कि वे पीरियड्स के दौरान स्कूल नहीं जाती हैं क्योंकि उनके पास पीरियड्स के दौरान सैनेटरी नैपकिन का उपयोग करने के लिए कोई सस्ती सुविधा नहीं होती है।

Mansukh Mandaviya Tweet on WomenEmpowerment

इन सारी समस्याओं के चलते मोदी सरकार ने एक रूपए में मिलने वाले ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी नैपकिन (oxo biodegradable napkins) लॉन्च किए हैं। ‘सुविधा’ नाम के ये पैड्स देश में मौजूद 5500 जन औषधि केंद्रों पर मिलेंगे। अब तक चार पैड्स वाला पैक 10 रुपए में मिलता था, लेकिन अब ये सिर्फ चार रूपए में मिलेंगे।

Manasukh Mandaviya Tweet on WomenEmpowerment - Delivering as Promised

जानें क्या हैं बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी नैपकिन?

बायोडिग्रेडेबल का अर्थ होता है ऐसा पदार्थ या चीज जो आसानी से नष्ट किया जा सके। इससे पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान नहीं होता है। मार्केट में मिलने वाले सिंथेटिक फाइबर जैसे प्लास्टिक से बनने वाले पैड्स पर्यावरण को दूषित करते हैं वहीं, महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए भी ये ठीक नहीं होते हैं। बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी नैपकिन इस्तेमाल करने में भी मुलायम होते हैं और इनसे इंफेक्शन होने का खतरा भी नहीं होता है।

पीरियड्स के दौरान हाइजीन

महिलाओं के शरीर की अन्य प्रतिक्रियाओं की ही तरह मेन्स्ट्रुअल साइकिल भी महिलाओं के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। वहीं पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ख्याल रखना भी जरूरी हो जाता है। इस दौरान हाइजीन का ख्याल न रखने से महिलाओं को कई बीमारियां तक हो सकती है, जो जानलेवा तक साबित हो सकती है। ऐसे में सेनिटरी नैपकिन सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं। वहीं दुनिया भर में मेन्स्ट्रुअल साइकिल और सैनिटरी नैपकिन को लेकर की मिथक भी फैले हुए हैं। इसके अलावा पीरियड्स के दौरान सही डायट लेना भी जरूरी है। इससे न सिर्फ दर्द को कम किया जा सकता है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। पीरियड्स के दौरान हाइजीन मेंटेन करने के कुछ टिप्स हैं:

सैनिटरी नैपकिन को सही समय पर बदलें

पीरियड्स के दौरान सैनिटरी नैपकिन को चार से छह घंटों के अंदर बदल लेना चाहिए। अगर आप मेन्स्ट्रुअल कप का इस्तेमाल कर रही हैं, तो इसे भी इतने ही समय में साफ करने की जरूरत होती है। समय पर सैनिटरी नैपकिन बदलने से वजायना की सफाई भी होती रहती है। मासिक धर्म के समय जब खून जब शरीर से निकलता है, तो हमारे शरीर के कई जर्म्स को आकर्षित करता है, जो खून में जमा होने लगते हैं। जिसके कारण वजायना में जलन, खुजली, चकत्ते या मूत्र मार्ग में संक्रमण का कारण बनते हैं।

इस्तेमाल के बाद सैनेटरी नैपकिन का क्या करें

एक बार इस्तेमाल कर लेने के बाद सैनेटरी नैपकिन कहीं भी न फेंक दें। सैनेटरी नैपकिन को सीधे कूड़े में भी न फेंके। आजकल इन्हें सही तरीके से डंप करने के लिए कई तरह की मशीने उपलब्ध है। कोशिश करें कि सैनेटरी नैपकिन को इन्हीं मशीनों में डालें। लेकिन, अगर आप इस्तेमाल किए हुए सैनेटरी नैपकिन को कूड़ेदान में डाल रही हैं, तो पहले सैनेटरी नैपकिन को किसी कवर से अच्छी तरह लपेंटे फिर ही इन्हें फेंकें। सैनेटरी नैपकिन को अगर खुले में फेंक दिया जाए, तो बैक्टीरिया और इंफेक्शन फैलने की आशंका बनी रहती है। साथ ही यह ध्यान रखें कि कभी भी सैनेटर नैपकिन को फ्लश भी नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से टॉयलेट ब्लॉक हो सकता है। साथ ही यह भी याद रखें कि सैनेटरी नैपकिन बदलने के बाद हाथों को भी अच्छे से साफ कर लें।

सैनेटरी नैपकिन ही नहीं अंडरगारमेंट्स भी बदलें

पीरियड्स के दौरान हर रोज नहाएं और कपड़ों के साथ ही अंडरगारमेंट्स भी बदलें। अंडरगारमेंट्स हमेशा कॉटन का ही पहनें, ताकि वजायना को ताजी हवा मिलती रहे। कॉटन शरीर के पसीने को भी अच्छे से सोखता है, इसलिए कॉटन का ही इस्तेमाल करें। सैनेटरी नेपकिन बदलते समय अंडरगारमेंट्स पर भी ध्यान दें और देखें कि इसे बदलने की जरूरत तो नहीं।

 

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Menstrual Hygiene, Managemen ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5838436/ – accessed on 05/01/2020

Menstrual Hygiene Management and Waste Disposal in Low and Middle Income Countries https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6266558/ accessed on 05/01/2020

A novel banana fiber pad for menstrual hygiene in India https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC7995390/ accessed on 05/01/2020

Sanitary Products for Your Period – https://teens.webmd.com/features/sanitary-products#1 – accessed on 05/01/2020

Why Do Menstrual Pads Cause Rashes? – https://www.healthline.com/health/rashes-from-pads – accessed on 05/01/2020

How to Swim During Your Period With Pads – https://www.livestrong.com/article/246721-how-to-swim-with-your-period-and-pads/ – accessed on 05/01/2020

लेखक की तस्वीर badge
Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 12/05/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड