home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

Thrombophlebitis : थ्रोम्बोफ्लिबिटिस क्या है?

परिचय |लक्षण |कारण |जोखिम |उपचार |घरेलू उपचार
Thrombophlebitis : थ्रोम्बोफ्लिबिटिस क्या है?

परिचय

थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) क्या है?

थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) एक प्रकार की सूजन है जो नसों में पैदा होती है और ये सूजन रक्त का थक्का जमने के कारण होती है। ये आमतौर पर पैरों में होती हैं। रक्त का थक्का रक्त कोशिकाओं का एक ठोस रूप है जो एक साथ जमा हो जाती हैं। रक्त का थक्का सामान्य रक्त प्रवाह के कार्यों में रुकावटें पैदा कर सकता है और ये बेहद खतरनाक भी हो सकता है। थ्रोम्बोफ्लिबिटिस त्वचा की परत या मांसपेशियों की परत की गहराई में शुरू हो सकता है।

ये स्थिति आमतौर पर पैरों में होती हैं, लेकिन थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) शरीर के अन्य हिस्सों में होना भी मुमकिन है। रक्त का थक्का के कारण गर्दन या बाजू में भी सूजन आ सकती है, लेकिन ये बेहद ही कम मामलों में देखा जाता है।

थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) सतही नसों को प्रभावित करता है और ये डीप वेन थ्रोम्बोसिस स्थति से बेहद अलग होती है। थ्रोम्बोफ्लिबिटिस के लक्षण जैसे सूजन, लालिमा, प्रभावित नसों के आसपास सूजन आना।

कितना सामान्य है थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) होना?

थ्रोम्बोफ्लिबिटिस

सुपरफिशियल थ्रोम्बोफ्लिबिटिस की घटना अस्पष्ट बनी हुई है, लेकिन यह डीप वेन थ्रोम्बोफ्लिबिटिस की तुलना में अधिक माना जाता है, जिसका अनुमान लगभग 1000 प्रति है। हालांकि उम्र जोखिम कारक नहीं है, उम्र के साथ अन्य जोखिम कारकों की घटनाओं में वृद्धि होती है, जिससे सुपरफिशियल थ्रोम्बोफ्लेबिटिसिस होता है। सुपरफिशियल थ्रोम्बोफ्लेबिटिसिस वृद्ध लोगों में अधिक आम, और महिलाओं में अधिक आम (50-70%) देखा जाता है। हालांकि, 60 से अधिक उम्र के लोगों में जटिलताओं की संभावना कम है।

और पढ़ें : क्यों होती है पैरों में झनझनाहट? जानिए इसके घरेलू उपाय

लक्षण

थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) के क्या लक्षण है?

अगर थक्के के कारण रक्त प्रवाह आपके किसी एक नस में धीमा पड़ जाता है, तो आपको ;

  • प्रभावित क्षेत्र पर लालिमा, सूजन और इरिटेटेड स्किन हो सकती है।
  • अगर प्रभावित क्षेत्र पर दबाव पड़ता है तो दर्द और सूजन की स्थिति बिगड़ सकती है .
  • सूजी हुई नसे जिसकी वजह से त्वचा के अंदर आपको ठोस पदार्थ जैसा महसूस होता है।
  • पैर या टखने में सूजन (एंकल या फुट में)
  • टखने को हिलाने से दर्द होना (ध्यान रखें थ्रोम्बोफ्लिबिटिस शरीर के अन्य हिस्सों में भी हो सकता है, लेकिन ये आमतौर पर पैरों में ही होता है)
  • अगर पैर में दर्द या सूजन होती है तो डॉक्टर तो डॉक्टर को सम्पर्क करें या अगर निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं तो ;
  • एक पैर अन्य पैर के मुकाबले अधिक गर्म, सूजा हुआ, लाल या दर्द या इरिटेटेड महसूस होगा।
  • प्रभावित लिंब पीला या ठंडा दिखाई देगी या आप ठंडा और बुखार जैसा महसूस करेंगे।
  • अचानक खांसी जिसमें खून भी आ सकता है
  • छाती में दर्द या छाती में कसाव आना
  • कंधे, कमर, जबड़े, बाजू में दर्द होना
  • तेज-तेज सांस लेना या सांस लेने में दिक्कत
  • सांस लेते पर दर्द होना
  • ह्रदय गति तेज होना।

मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

अगर प्रभावित क्षेत्र पर लालिमा, नसों में सूजन आ जाती है तो अपने डॉक्टर को जरूर बताएं, खासकर तब जब आपको थ्रोम्बोफ्लिबिटिस के लिए एक या उससे ज्यादा जोखिम होता है। अगर आपके पैरों में सूजन आती है और दर्द होता है और सांस लेने में दिक्कत शुरू होती है या जब आप सांस लेते हैं तो छाती में दर्द होता है तो तुरंत चिकित्साकालीन सहायता लें।

और पढ़ें : पैरों को मजबूती देने के लिए करें प्लियोमेट्रिक एक्सरसाइज, कुछ इस तरह

कारण

थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) के क्या लक्षण है? होने के कारण क्या है?

रक्त का थक्का जमने से थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) हो सकता है। ट्रामा या सर्जरी के बाद बिस्तर से न उठने जैसी निष्क्रियता, रक्त के थक्कों का एक प्रमुख कारण है। अगर आप काफी लम्हे समय तक एक ही पोजीशन में बैठे रहते हैं, जैसे हवाई जहाज में सफर या गाडी का सफर तो ऐसे में भी रक्त का थका जम सकता है।

लम्बे समय तक गाडी में सफर करने से या हवाई जहाज में बैठने के दौरान अगर आप समय-समय पर उठते हैं या हाथ पैरों को स्ट्रेच करते हैं तो रक्त का थक्का जमने का जोखिम कम हो सकता है। मूवमेंट होने से रक्त परिसंचरण होता है, जिससे रक्त कोशिकाएं एक साथ नहीं जुड़ती।

अगर आपकी रक्त कोशिकाओं को चोट लग जाती हैं तब भी रक्त का थक्का जम सकता है। लिंब में ट्रामा से नसों में चोट का कारण बन सकता है .चिकित्सा प्रक्रिया में इंट्रावीनस नीडल्स से रक्त कोशिकाओं को पहुँचने वाली चोट से रक्त का थक्का नहीं जमता। इस तरह की चोट रक्त के थक्कों का कम सामान्य कारण है।

कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिनकी वजह से आसानी से रक्त का थक्का जम सकता है, जैसे ;

  • पेसमेकर होने से
  • सेंट्रल वेनस आईवी लाइन होने से
  • कैंसर होने से
  • अनुवांशिक स्थिति जो रक्त का जमने का कारण बनती है
  • प्रेग्नेंसी के समय
  • मोटापे के दौरान
  • वेरोकोस वीन्स के दौरान
  • हॉर्मोन थेरेपी के दौरान जैसे बर्थ कंट्रोल पिल्स
  • धूम्रपान
  • पहले से ही परिवार में थ्रोम्बोफ्लिबिटिस का इतिहास
  • 60 साल से अधिक उम्र के होने से

और पढ़ें : पैरों के लिए लंजेस (lunges) एक्सरसाइज है सबसे बेस्ट !

जोखिम

थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) के साथ मुझे क्या समस्याएं हो सकती हैं?

जिसके भी पैरों में परिसंचरण सही नहीं होता है तो उन्हें ये स्थिति हो सकती है। इसमें गर्भवती महिला, जिसे प्रेग्नेंसी के दौरान या बाद में थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) हो सकता है। जो लोग आईवी के कारण हॉस्पिटल में हैं, उनमें भी ये जोखिम हो सकता है।

अन्य चीजें जो जोखिम की संभावनाएं बढ़ा देती हैं उन्हें ये स्थिति हो सकती हैं जैसे ;

  • कुछ प्रकार का कैंसर
  • बर्थ कंट्रोल या हॉर्मोन के लिए हॉर्मोन एस्ट्रोजन का इस्तेमाल करना
  • रिप्लेसमेंट
  • 60 साल से अधिक उम्र
  • मोटापा
  • धूम्रपान
  • परिवार में पहले रक्त के थक्के की हिस्टरी
  • बाजू या पैर के बीच में नसों में केथेटर्स लगाना।

और पढ़ें : अचानक दूसरों से ज्यादा ठंड लगना अक्सर सामान्य नहीं होता, ये है हाइपोथर्मिया का लक्षण

उपचार

यहां प्रदान की गई जानकारी को किसी भी मेडिकल सलाह के रूप ना समझें। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) का निदान कैसे किया जाता है?

कुछ मामलों में, आपका डॉक्टर समस्या को देखने के लिए कोई बड़ा टेस्ट नहीं करेगा। प्रभावित क्षेत्र की स्थिति और लक्षणों से भी स्थिति का निदान करना बेहद आसान है। अगर प्रभावित क्षेत्र की स्थिति और लक्षणों से डॉक्टर को सही तरीके से कुछ पता नहीं चलता है, तो वो इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे थक्के की उपस्तिथि पता चल सके। इमेजिंग तकनीज जैसे अल्ट्रासॉउन्ड, सीटी स्कैन और एएमआरआई स्कैन।

कुछ अन्य मामलों में, आपका डॉक्टर वेनोग्राम का विकल्प चुन सकता है। इसमें डाई को नसों में इंजेक्ट किया जाता है जो कि ये प्रक्रिया एक्सरे में दिखाई देती है। आपका डॉक्टर एक्सरे लेगा और उसमें जमा थक्के को देखेगा।

थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) का इलाज कैसे होता है?

सुपरफिशियल थ्रोम्बोफ्लिबिटिस के लिए, आपका डॉक्टर दर्द वाले क्षेत्र पर गर्माहट देने के लिए कुछ लगा सकता है, प्रभावित क्षेत्र को ऊपर उठाकर रखने के लिए बॉस कटा है, मेडिकल स्टोर से नॉन स्टेरॉइडल सूजन रोधी दवा खाने के लिए और कम्प्रेशन जुर्राबें पहनने के लिए बोल सकता है। यह स्थिति आमतौर पर खुद ब खुद सुधर जाती है। आपका डॉक्टर दोनों प्रकार के थ्रोम्बोफ्लिबिटिस का इलाज करने के लिए इन ट्रीटमेंट की सलाह दे सकता है जैसे –

  • खून को पतला करने की दवा। अगर आपको डीप वेन थ्रोम्बोसिस है, तो डॉक्टर आपको खून पतला करने के लिए इंजेक्शन लगा सकते हैं जैसे लो मॉलिक्युलर वेट हेपरिन या फोंडापरिनॉक्स, ये बड़े रूप में रक्त का थक्का बनने से बचाएंगे। इस ट्रीटमेंट के बाद ओरल एन्टीकोगुलेंट वार्फरिन या बड़े रूप में रक्त का थक्का जमने से बचाने के लिए कुछ महीने तक नई राईवररोक्सबन लेने के लिए बोल सकता है। अगर आपका डॉक्टर ब्लड थिनर लेने की सलाह देता है, तो ध्यानपूर्वक उसका पालन करें। ज्याद गंभीर साइड इफेक्ट्स से अत्यधिक ब्लीडिंग हो सकती है।
  • जमे हुए रक्त के थक्के को खत्म करने की दवा। इन दवाओं के साथ ट्रीटमेंट जैसे ऑल्टप्लास रक्त के थक्के को खत्म करती है। जिसे थ्रोम्बोलिसिस कहते हैं, ये ट्रीटमंट अत्यधिक डीवीटी के लिए इस्तेमाल किया जाता है जैसे कुछ मामलों में जिसमें रक्त का थक्का फेफड़ों (पल्मनरी एम्बोलस) में बनने लगता है।
  • कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स। कम्प्रेशन स्टॉकिंग्स पहनने से सूजन से बचाव करने में मदद मिलती है और डीवीटी की जटिलताओं की संभावना कम हो जाती है।
  • फ़िल्टर। कुछ मामलों में, खासकर जब आप ब्लड थिनर नहीं ले सकते, तो ऐसे में फ़िल्टर को पेडू की ख़ास नसों में डाला जाता है जिससे थक्का को जमने से बचाया जाता है, जो पैरों की नसों में पहुंचकर फेफड़ों तक चली जाती है। आमतौर पर, जरूरत न होने पर फ़िल्टर को निकाल लिया जाता है। अगर आपके फ़िल्टर डाला गया है, तो अपने डॉक्टर से इसे निकालने के बारे में पूछें।
  • वेरिकोस वीं स्ट्राइपिंग। आपका डॉक्टर वेरिकोस वीन्स को निकाल सकता है जो इस प्रक्रिया में दर्द या बार-बार थ्रोम्बोफ्लिबिटिस का कारण बनती है। इसमें लम्बी नसों को हटाया जाता है। नसों को निकालने से पैरों में रक्त परिसंचरण में कोई रुकावट पैदा नहीं होता है क्योंकि पैरों में गहराई में मौजूद नसे रक्त की अधिक मात्रा को इख्ठा रखती है और पैरों में रक्त प्रवाह को पहुंचाती हैं।

और पढ़ें : जानें ऑटोइम्यून बीमारी क्या है और इससे होने वाली 7 खतरनाक लाइलाज बीमारियां

घरेलू उपचार

जीवनशैली में होने वाले वदलाव क्या हैं, जो मुझे थ्रोम्बोफ्लिबिटिस (Thrombophlebitis) को ठीक करने में मदद कर सकते हैं?

अगर आपको सुपरफिशियल थ्रोम्बोफ्लिबिटिस है तो आपका डॉक्टर आपको स्थिति की देखभाल करने की सलाह दे सकता है। वो आपको कुछ सलाह दे सकते हैं जैसे ;

  • गर्म सिकाई
  • सहारा देने वाली जुर्राबें
  • लिंब को एलिवेट करके रखना
  • सूजनरोधी दवा का इस्तेमाल करने के लिए बोल सकता है जैसे आईबुप्रोफेन (एडविल मोटरीन)
  • एंटीबायोटिक्स लेना।

आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Anoop Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/04/2021 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
x