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थायरॉइड कैंसर क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

थायरॉइड कैंसर|लक्षण|कब दिखाएं डॉक्टर को ?|किस वजह से होता है थायरॉइड कैंसर?|किन लोगों को होता है थायरॉइड कैंसर का खतरा?|इलाज|सर्जरी|थेरेपी|थायराइॅड कैंसर से कैसे बचें?
थायरॉइड कैंसर क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

थायरॉइड कैंसर

थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) क्या है ?

गले में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि में किसी असमान्य सेल का पैदा होना या गांठ बनना थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) का प्रमुख लक्षण है। थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid gland) आपकी गर्दन के सामने वाले हिस्से में होती है जो तितली के आकार की होती है। यह ग्रंथि थायरॉक्सिन नामक हॉर्मोन बनाती है। यह हॉर्मोन शरीर की निम्नलिखित चीजों का नियंत्रण करता है-

  1. शरीर का मेटाबॉलिज्म
  2. ब्लड प्रेशर (Blood pressure) को
  3. दिल की धड़कन (Heart beat)
  4. शरीर का तापमान (Body temperature)
  5. शरीर का वजन

इस बारे में केजीएमयू हॉस्पिटल के एंडोक्रानोलाॅजिस्ट डॉक्टर डी हिमांशू का कहना है कि थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) बेहद रेयर कैंसर है, जो बहुत कम लोगों को होता है। इसे एंडोक्राइन (Endocrine) कैंसर भी कहते हैं। एंडोक्राइन का अर्थ होता है वो सिस्टम जो शरीर के रूटीन कामों को करने के लिए हॉर्मोन्स छोड़ता है। जिन लोगों को थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) होता है वो जल्दी रिकवर कर लेते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि इस कैंसर का पता बहुत पहले चल जाता है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि ट्रीटमेंट के बाद भी इस कैंसर के वापस आने की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा बच्चाें में थायराॅइड तितली के आकार की ग्रंथी होती है, जोकि हमारे शरीर में ठीक कॉलरबोन के उपर स्थित होती है। यह ग्रंथी हाॅर्मोन से बनाती है। बच्चों और सभी में प्रमुख रूप से थायराॅइड दो प्रकार के देखे जाते हैं, पहला हायपरथायराइड, इसमें अधिक मात्रा में थायराॅइड हाॅर्मोन बनते हैं, जबकि दूसरे प्रकार के हायपोथायराइड में हाॅर्मोन का उत्पादन कम होता है। बच्चों में यह दोनों प्रकार ज्यादा देखने को मिलते हैं। संतुलित आहार आर फाइबरयुक्त भोजन और उचित उपचार से थायराइड ग्रंथी ठीक तरह से काम कर सकती है।

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लक्षण

क्या हैं थायरॉइड कैंसर के लक्षण? (Symptoms of Thyroid cancer)

शुरुआती अवस्‍था में थायरॉइड कैंसर के लक्षण, आमतौर पर नजर नहीं आते। आपको तबतक लक्षण दिखाई नहीं देंगे जबतक आपकी थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid gland) स्वस्थ है। जब थायरॉइड कैंसर बढ़ता है तब निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं-

  1. गर्दन में गांठ (Nodes in neck)
  2. लगातार कफ (Cough) की समस्या
  3. आवाज में भारीपन
  4. गर्दन और गले में दर्द
  5. कुछ भी निगलने में तकलीफ

उपरोक्त के अलावा भी कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं। अगर आपको इन लक्षणों को लेकर कोई समस्या है तो एक बार अपने डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें। अगर आपको दिए गए लक्षण में कोई भी नजर आए तो लापरवाही न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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कब दिखाएं डॉक्टर को ?

अगर आपको निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए

अगर गले में अजीब सा उभार या सूजन हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। यह थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) का प्रमुख लक्षण है।

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किस वजह से होता है थायरॉइड कैंसर?

वैज्ञानिक अब भी थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) होने की सटीक वजह नहीं जानते हैं। हालांकि, अन्य कैंसर की तरह हमारे सेल्स के जींस में बदलाव को भी एक बड़ी वजह माना जाता है। अन्य कैंसर की तरह ही थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) भी लाइफस्टाइल में परिवर्तन की वजह से हो सकता है।

किन लोगों को होता है थायरॉइड कैंसर का खतरा?

निम्नलिखित लोगों को ज्यादा होता है थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) का खतरा-

  1. पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ये कैंसर (Cancer) होने की संभावना ज्यादा होती है।
  2. लंबे समय तक किसी रेडिएशन (Radiation) के संपर्क में रहने वाले लोगों को भी थायरॉइड कैंसर हो सकता है। गले या सिर के ट्रीटमेंट के लिए उपयोग की गई रेडिएशन या किसी परमाणु संयंत्र दुर्घटना की चपेट में आने वाले लोग भी इसका शिकार होते हैं।

इलाज

थायरॉइड कैंसर का इलाज (Treatment for Thyroid cancer)

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

  1. थायरॉइड कैंसर का पता फिजिकल या लैब टेस्ट द्वारा किया जा सकता है। टेस्ट में गर्दन में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि में विकृतिओं को देखा जाता है। असामान्य उभार या बड़ी गठानें नजर आती हैं
  2. इसके अलावा लैब टेस्ट में थायरॉइड फंक्शन टेस्ट, थायरोग्लोब्यूलिन टेस्ट, थायरॉइड अल्ट्रासाउंड, थायरॉइड स्कैन, थायरॉइड बयोप्सी, खून में कैल्शियम, फासफोरस आदि की जांच की जाती है।

कैसे होता है थायरॉइड कैंसर का इलाज? (Treatment for Thyroid cancer)

थायरॉइड कैंसर का इलाज उसकी श्रेणी और उसके प्रकार के आधार पर होता है। इसके अलावा डॉक्टर मरीज के पूरे स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने के बाद इलाज का तरीका तय करते हैं। ज्यादातर मामलों में थायराइॅड के कैंसर का इलाज (Treatment) संभव है।

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सर्जरी

  • थायराइॅडेक्टॉमी (Thyroidectomy) इसमें पूरी या आधी थायरॉइड ग्रंथि निकाली दी जाती है।
  • गले में मौजूद गठानें निकालना
  • थायरॉइड लोबेक्टॉमी (Thyroid lobectomy) थायरॉइड ग्रंथि का कुछ भाग निकालना

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थेरेपी

थायरॉइड हार्मोन थेरेपी (Thyroid Hormone Therapy)

थायराइॅडेक्टॉमी (Thyroidectomy) यानी थायरॉइड ग्रंथि निकाले जाने के बाद व्यक्ति को जिंदगीभर लीवोथायरॉक्सिन (levothyroxine, levothroid, synthroid ) आदि दवाईयां जिंदगी भर लेनी पड़ती हैं।

डॉक्टर समय-समय पर कुछ महीनों तक आपका ब्लड टेस्ट (Blood test) करेगा जिसके आधार पर आपको दवाईयों का सटीक डोज दिया जाने लगता है।

रेडियोएक्टिव आयोडीन (Radioactive iodine)

रेडियोएक्टिव आयोडीन ट्रीटमेंट के माध्यम से थायराइॅडेक्टॉमी (Thyroidectomy) के बाद बचे हुए थायरॉइड टिशू को नष कर दिया जाता है, जो सर्जरी में बच जाते हैं।

रेडिएशन थेरेपी (Radiation therapy)

इस थेरेपी में एक लेजर के जरिए प्रभावित जगह को रेडिएशन की मदद से ठीक किया जाता है।

कीमोथेरेपी (Chemotherapy)

यह एक ड्रग ट्रीटमेंट है, जिसमें केमिकल्स की मदद से कैंसर सेल्स को मारा जाता है।

थायरॉइड कैंसर में कीमोथेरेपी (Chemotherapy) का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है अगर व्यक्ति को किसी और थेरेपी से मदद ना मिले, तब।

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थायराइॅड कैंसर से कैसे बचें?

  1. यूं तो थायरॉइड कैंसर को रोका नहीं जा सकता क्योंकि इसके होने का सटीक कारण कोई नहीं जानता। हालांकि, मेड्युलरी थायरॉइड कैंसर (MTC) एक ऐसा कैंसर है जो अनुवांशिक है और परिवार की कई पीढ़ियों को होता है। ऐसे में जेनेटिक टेस्ट कराकर इससे बचा जा सकता है।
  2. परमाणु संयंत्र, रेडिएशन या इससे प्रभावित इलाकों के पास जाने से बचें।

थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) की जटिलताएं

थायरॉइड कैंसर का इलाज किए जाने के बावजूद थायरॉइड कैंसर दोबारा से हो सकता है। कई मामलों में इसका कारण यह होता है कि हटाए जाने से पहले ही कैंसर (Cancer) की सूक्ष्म कोशिकाएं आस-पास फैल गई हो। हालांकि देखा जाता है कि थायरॉइड कैंसर सर्जरी होने के कुछ सालों के बाद ही वापस लौट जाता है। लेकिन, कुछ मामलों में यह दस साल बाद तक भी आ सकता है। थायरॉइड कैंसर गर्दन के लिम्फ नोड्स में, सर्जरी के दौरान बच गए हों थायरॉइड टिश्यू (Thyroid tissue) और गर्दन के पास के हिस्से में दोबारा लौट सकता है।

दूसरी बार थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) होने पर भी इसका इलाज किया जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर कैंसर के वापस लौटने पर इसके लक्षणों की जांच के लिए ब्लड टेस्ट के साथ-साथ थायरॉइड स्केन भी कर सकता है।

उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) से जुड़े सवालों के जवाब चाहिए तो बेहतर होगा कि आप एक बाक डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। उपरोक्त दिए गए लक्षण अगर आपको महसूस हो रहे हो तो उन्हें इग्नोर न करें। अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना ना भूलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Thyroid Cancer-mayoclinic.com/health/thyroid-cancer/DS00492– accessed on 07/01/2020

लेखक की तस्वीर badge
Piyush Singh Rajput द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 20/09/2021 को
और Hello Swasthya Medical Panel द्वारा फैक्ट चेक्ड