home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

थायरॉइड कैंसर क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

थायरॉइड कैंसर क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय
थायरॉइड कैंसर|क्या हैं थायरॉइड कैंसर के लक्षण?|कब दिखाएं डॉक्टर को ?|किस वजह से होता है थायरॉइड कैंसर?|किन लोगों को होता है थायरॉइड कैंसर का खतरा?|थायरॉइड कैंसर का इलाज|सर्जरी|थेरेपी|थायराइॅड कैंसर से कैसे बचें?

थायरॉइड कैंसर

थायरॉइड कैंसर (Thyroid cancer) क्या है ?

गले में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि में किसी असमान्य सेल का पैदा होना या गांठ बनना थायरॉइड कैंसर का प्रमुख लक्षण है। थायरॉइड ग्रंथि आपकी गर्दन के सामने वाले हिस्से में होती है जो तितली के आकार की होती है। यह ग्रंथि थायरॉक्सिन नामक हॉर्मोन बनाती है। यह हॉर्मोन शरीर की निम्नलिखित चीजों का नियंत्रण करता है-

  1. शरीर का मेटाबॉलिज्म
  2. ब्लड प्रेशर को
  3. दिल की धड़कन
  4. शरीर का तापमान
  5. शरीर का वजन

थायरॉइड कैंसर बेहद रेयर कैंसर है, जो बहुत कम लोगों को होता है। इसे एंडोक्राइन (endocrine) कैंसर भी कहते हैं। एंडोक्राइन का अर्थ होता है वो सिस्टम जो शरीर के रूटीन कामों को करने के लिए हॉर्मोन्स छोड़ता है। जिन लोगों को थायरॉइड कैंसर होता है वो जल्दी रिकवर कर लेते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि इस कैंसर का पता बहुत पहले चल जाता है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि ट्रीटमेंट के बाद भी इस कैंसर के वापस आने की संभावना बनी रहती है।

क्या हैं थायरॉइड कैंसर के लक्षण?

शुरुआती अवस्‍था में थायरॉइड कैंसर के लक्षण, आमतौर पर नजर नहीं आते। आपको तबतक लक्षण दिखाई नहीं देंगे जबतक आपकी थायरॉइड ग्रंथि स्वस्थ है। जब थायरॉइड कैंसर बढ़ता है तब निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं-

  1. गर्दन में गांठ
  2. लगातार कफ की समस्या
  3. आवाज में भारीपन
  4. गर्दन और गले में दर्द
  5. कुछ भी निगलने में तकलीफ

उपरोक्त के अलावा भी कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं। अगर आपको इन लक्षणों को लेकर कोई समस्या है तो एक बार अपने डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें। अगर आपको दिए गए लक्षण में कोई भी नजर आए तो लापरवाही न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

कब दिखाएं डॉक्टर को ?

अगर आपको निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए

अगर गले में अजीब सा उभार या सूजन हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। यह थायरॉइड कैंसर का प्रमुख लक्षण है।

और पढ़ें : Chalazion : पलकों पर गांठ की बीमारी कैसे होती है, जानिए इसके लक्षण और उपचार

किस वजह से होता है थायरॉइड कैंसर?

वैज्ञानिक अब भी थायरॉइड कैंसर होने की सटीक वजह नहीं जानते हैं। हालांकि, अन्य कैंसर की तरह हमारे सेल्स के जींस में बदलाव को भी एक बड़ी वजह माना जाता है। अन्य कैंसर की तरह ही थायरॉइड कैंसर भी लाइफस्टाइल में परिवर्तन की वजह से हो सकता है।

किन लोगों को होता है थायरॉइड कैंसर का खतरा?

निम्नलिखित लोगों को ज्यादा होता है थायरॉइड कैंसर का खतरा-

  1. पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ये कैंसर होने की संभावना ज्यादा होती है।
  2. लंबे समय तक किसी रेडिएशन के संपर्क में रहने वाले लोगों को भी थायरॉइड कैंसर हो सकता है। गले या सिर के ट्रीटमेंट के लिए उपयोग की गई रेडिएशन या किसी परमाणु संयंत्र दुर्घटना की चपेट में आने वाले लोग भी इसका शिकार होते हैं।

थायरॉइड कैंसर का इलाज

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा परामर्श का विकल्प नहीं है। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

  1. थायरॉइड कैंसर का पता फिजिकल या लैब टेस्ट द्वारा किया जा सकता है। टेस्ट में गर्दन में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि में विकृतिओं को देखा जाता है। असामान्य उभार या बड़ी गठानें नजर आती हैं
  2. इसके अलावा लैब टेस्ट में थायरॉइड फंक्शन टेस्ट, थायरोग्लोब्यूलिन टेस्ट, थायरॉइड अल्ट्रासाउंड, थायरॉइड स्कैन, थायरॉइड बयोप्सी, खून में कैल्शियम, फासफोरस आदि की जांच की जाती है।

कैसे होता है थायरॉइड कैंसर का इलाज?

थायरॉइड कैंसर का इलाज उसकी श्रेणी और उसके प्रकार के आधार पर होता है। इसके अलावा डॉक्टर मरीज के पूरे स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने के बाद इलाज का तरीका तय करते हैं। ज्यादातर मामलों में थायराइॅड के कैंसर का इलाज संभव है।

और पढ़ें : Claudication : क्लॉडिकेशन क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

सर्जरी

  • थायराइॅडेक्टॉमी (thyroidectomy) इसमें पूरी या आधी थायरॉइड ग्रंथि निकाली दी जाती है।
  • गले में मौजूद गठानें निकालना
  • थायरॉइड लोबेक्टॉमी (thyroid lobectomy) थायरॉइड ग्रंथि का कुछ भाग निकालना

थेरेपी

थायरॉइड हार्मोन थेरेपी

थायराइॅडेक्टॉमी (thyroidectomy) यानी थायरॉइड ग्रंथि निकाले जाने के बाद व्यक्ति को जिंदगीभर लीवोथायरॉक्सिन (levothyroxin, levothroid, synthroid ) आदि दवाईयां जिंदगी भर लेनी पड़ती हैं।

डॉक्टर समय-समय पर कुछ महीनों तक आपका ब्लड टेस्ट करेगा जिसके आधार पर आपको दवाईयों का सटीक डोज दिया जाने लगता है।

रेडियोएक्टिव आयोडीन

रेडियोएक्टिव आयोडीन ट्रीटमेंट के माध्यम से थायराइॅडेक्टॉमी (thyroidectomy) के बाद बचे हुए थायरॉइड टिशू को नष कर दिया जाता है, जो सर्जरी में बच जाते हैं।

रेडिएशन थेरेपी

इस थेरेपी में एक लेजर के जरिए प्रभावित जगह को रेडिएशन की मदद से ठीक किया जाता है।

कीमोथेरेपी

यह एक ड्रग ट्रीटमेंट है, जिसमें केमिकल्स की मदद से कैंसर सेल्स को मारा जाता है।

थायरॉइड कैंसर में कीमोथेरेपी का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है अगर व्यक्ति को किसी और थेरेपी से मदद ना मिले, तब।

और पढ़ें : Chemical burn: केमिकल से जलना क्या है?

थायराइॅड कैंसर से कैसे बचें?

  1. यूं तो थायरॉइड कैंसर को रोका नहीं जा सकता क्योंकि इसके होने का सटीक कारण कोई नहीं जानता। हालांकि, मेड्युलरी थायरॉइड कैंसर (MTC) एक ऐसा कैंसर है जो अनुवांशिक है और परिवार की कई पीढ़ियों को होता है। ऐसे में जेनेटिक टेस्ट कराकर इससे बचा जा सकता है।
  2. परमाणु संयंत्र, रेडिएशन या इससे प्रभावित इलाकों के पास जाने से बचें।

थायरॉइड कैंसर की जटिलताएं

थायरॉइड कैंसर का इलाज किए जाने के बावजूद थायरॉइड कैंसर दोबारा से हो सकता है। कई मामलों में इसका कारण यह होता है कि हटाए जाने से पहले ही कैंसर की सूक्ष्म कोशिकाएं आस-पास फैल गई हो। हालांकि देखा जाता है कि थायरॉइड कैंसर सर्जरी होने के कुछ सालों के बाद ही वापस लौट जाता है। लेकिन, कुछ मामलों में यह दस साल बाद तक भी आ सकता है। थायरॉइड कैंसर गर्दन के लिम्फ नोड्स में, सर्जरी के दौरान बच गए हों थायरॉइड टिश्यू और गर्दन के पास के हिस्से में दोबारा लौट सकता है।

दूसरी बार थायरॉइड कैंसर होने पर भी इसका इलाज किया जा सकता है। इसके लिए डॉक्टर कैंसर के वापस लौटने पर इसके लक्षणों की जांच के लिए ब्लड टेस्ट के साथ-साथ थायरॉइड स्केन भी कर सकता है।

उपरोक्त दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अगर आपको थायरॉइड कैंसर से जुड़े सवालों के जवाब चाहिए तो बेहतर होगा कि आप एक बाक डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। उपरोक्त दिए गए लक्षण अगर आपको महसूस हो रहे हो तो उन्हें इग्नोर न करें। अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना ना भूलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Signs and symptoms of medullary thyroid cancer – https://www.medicalnewstoday.com/articles/322518.php – accessed on 07/01/2020

thyroid cancer – https://www.everydayhealth.com/thyroid-cancer/guide/ – accessed on 07/01/2020

Visual Guide to Thyroid Cancer http://ncbi.nlm.nih.gov/pubmedhealth/PMH0002193/– –  accessed on 07/01/2020

Thyroid cancer – https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/thyroid-cancer/symptoms-causes/syc-20354161 – accessed on 07/01/2020

Thyroid Cancer-  cancer.org/cancer/thyroidcancer/detailedguide/thyroid-cancer accessed on 07/01/2020

Thyroid Cancer-mayoclinic.com/health/thyroid-cancer/DS00492– accessed on 07/01/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Piyush Singh Rajput द्वारा लिखित
अपडेटेड 10/07/2019
x