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बढ़े वजन से चाहिए छुटकारा, तो अपनाएं हायपोथायरॉइडिज्म के लिए वेट लॉस टिप्स

बढ़े वजन से चाहिए छुटकारा, तो अपनाएं हायपोथायरॉइडिज्म के लिए वेट लॉस टिप्स

थायरॉइड की बीमारी अपने साथ कई समस्याएं लेकर आती है। अगर आपको अचानक से थकान का अनुभव होने लगा है या फिर वजन बिना किसी कारण के बढ़ रहा है, तो ये हायपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism) के लक्षण हो सकते हैं। जिन लोगों को भी हायपोथायरॉइडिज्म की समस्या (Hypothyroidism problem) होती है, उनके मन में ये सवाल जरूर आता है कि आखिर क्यों उनका वजन तेजी से बढ़ रहा है और कैसे वजन को कंट्रोल किया जा सकता है? अगर आप अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करें और कुछ बातों का ध्यान रखें, तो आप वजन को नियंत्रित रख सकते हैं। जानिए हायपोथायरॉइडिज्म के लिए वेट लॉस टिप्स (Weight Loss Tips for Hypothyroidism) किस तरह से आपकी वजन घटाने में सहायता कर सकते हैं।

हायपोथायरॉइडिज्म के लिए वेट लॉस टिप्स (Weight Loss Tips for Hypothyroidism)

हायपोथायरॉइडिज्म (Hypothyroidism) की समस्या होने पर मेटाबॉलिज्म (Metabolism) धीमा हो जाता है, जिसके कारण वजन बढ़ने लगता है। ऐसे में वेट लॉस (Weight loss) करना कठिन हो जाता है। अगर कोई थायरॉइड हॉर्मोन रिप्लेसमेंट (Thyroid hormone replacement) का ट्रीटमेंट लेता है, तो भी वेट बढ़ने की समस्या हो सकती है। आप नीचे दिए गए कुछ टिप्स अपनाकर देख सकते हैं, जो आपका वजन घटाने में मदद कर सकते हैं।

और पढ़ें: कोरियन वेट लॉस डायट : जो आपके वजन को कम ही नहीं करती, बल्कि मेंटेन भी रखती है!

कीटोजेनिक डायट और इंटरमिटेंट फास्टिंग (Ketogenic diet and intermittent fasting)

थायरॉइड की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आपको डॉक्टर से जांच कराने के बाद दवाओं का सेवन करना पड़ेगा। साथ ही आपको अपने खानपान पर भी ध्यान देने की जरूरत है। आपको वेट लॉस के लिए कीटोजेनिक डायट और इंटरमिटेंट फास्टिंग (ketogenic diet and intermittent fasting) अपनाकर देखनी चाहिए। कीटोजेनिक डायट में हाय फैट ( high-fat), प्रोटीन (adequate-protein), लो कार्बोहायड्रेट (low-carbohydrate) ली जाती है। वहीं इंटरमिटेंट फास्टिंग के दौरान आपको 24 घंटे में 16 से 18 घंटे फास्ट रखना होता है, जबकि आप आठ से 10 घंटे के बीच खा सकते हैं। हायपोथायरॉइडिज्म के लिए वेट लॉस टिप्स (Weight Loss Tips for Hypothyroidism) के लिए आप ये तरीका अपना सकते हैं लेकिन पहले एक्सपर्ट से जानकारी जरूर लें।

और पढ़ें: मेरिट्रीम सप्लीमेंट क्या है, क्या यह वजन कम करने में मददगार है?

पेलियो डायट प्लान (Paleo Diet Plan)

पेलियो डायट प्लान (Paleo Diet Plan) भी आपका वजन कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। जिन लोगों को थायरॉइड की समस्या होती है, उन्हें क्रैविंग के साथ ही ज्यादा भूख लगती है। ऐसे में कुछ भी खा लेने से शरीर पर बुरा असर पड़ता है और वजन भी बढ़ता जाता है। पेलियो डायट में फैट बहुत कम मात्रा में होता है। डायट में मुख्य रूप से वेजीटेबल्स, फ्रूट्स और ड्राय फ्रूट्स को शामिल किया जाता है। आपको अपनी डायट में शुगर, प्रोसेस्ड फूड्स और डेयरी प्रोडक्ट का सेवन बंद कर देना चाहिए। आप डायट में ग्रिल्ड वेजीटेबल्स, फ्रूट सलाद, वेजीटेबल सैलेड, ऑलिव ऑयल, एग, ग्रिल्ड मछली आदि शामिल कर सकते हैं।

फायदेमंद हो सकते हैं प्रोबायोटिक्स सप्लिमेंट्स (Probiotic supplement)

प्रोबायोटि का सेवन करने से इंटेस्टाइनल बैक्टीरिया की ग्रोथ में हेल्प मिलती है। प्रोबायोटिक्स सप्लिमेंट्स का सेवन करने से पहले आपको डॉक्टर से एक बार सलाह लेनी चाहिए कि सप्लिमेंट्स की कितनी मात्रा लेना सही रहेगा। आप चाहे तो प्रोबायोटि से भरपूर योगर्ट या फिर प्रोबायोटि दूध का सेवन भी कर सकते हैं। ये डायजेशन को सही रखने में भी मदद करते हैं। आपके लिए ये हायपोथायरॉइडिज्म के लिए वेट लॉस टिप्स (Weight Loss Tips for Hypothyroidism) बेहतर परिणाम दे सकता है।

खाने में शामिल करें एंटीइंफ्लामेटरी फूड्स (Anti-Inflammatory Foods)

अगर आप खाने में एंटीइंफ्लामेटरी फूड्स शामिल करते हैं, तो ये ज्वाइंट्स पेन के साथ ही ड्रिप्रेशन को भी कंट्रोल करने का काम करता है। हायपोथायरॉइडिज्म के कारण अक्सर लोगों को इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एंटीइंफ्लामेटरी फूड्स इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा प्रणाली को शांत बनाने में मदद करता है और शरीर में आई सूजन को भी कम करता है। इसमें जरूरी न्यूट्रिएंट्स जैसे कि विटामिन बी, जिंक, सेलेनियम, आयरन और विटामिन सी आदि भी होते हैं, जो थायरॉइड फंक्शन के लिए जरूरी होता है। आपको खाने में लीफी ग्रीन वेजीटेबल्स के साथ ही टमाटर, फैटी फिश, नट्स आदि का सेवन जरूर करना चाहिए। हायपोथायरॉइडिज्म के लिए वेट लॉस टिप्स (Weight Loss Tips for Hypothyroidism) में आप इस टिप्स को बिना सोचे अपना सकते हैं।

और पढ़ें: पेलियो बनाम कीटो डायट: इनमें क्या है अंतर, साल 2021 में वेट लॉस के लिए कौन सी है बेस्ट?

दवाओं का रोजाना करें सेवन (Medicines)

जिन लोगों तो थायरॉइड की समस्या होती है, डॉक्टर उन्हें रोजाना लिवोथायरॉक्सिन (Levothyroxine) की खुराक लेने की सलाह देते हैं। ये दवा खाली पेट खाने की सलाह दी जाती है। अगर आप रोजाना दवा का सेवन सही समय पर करते हैं, तो वजन को नियंत्रित किया जा सकता है। अगर आप दवा खाना अक्सर भूल जाते हैं, तो ये थायरॉइड का लेवल बिगाड़ सकता है। ऐसे में वेट कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। अगर आप वेट कंट्रोल करना चाहते हैं, तो पहले थायरॉइड कंट्रोल करें। दवाओं का सेवन रोजाना करें और खानपान पर भी ध्यान दें।

और पढ़ें: क्यों फीमेल हॉर्मोनल इम्बैलेंस का उपचार है जरूरी?

एक्सरसाइज और योग (Exercise and Yoga) को कहें ‘हां’

वेट लॉस के लिए केवल डायट चेंज करना ही पर्याप्त नहीं होता है। आपको रेग्युलर एक्सरसाइज के साथ ही योग भी करना चाहिए। वर्कआउट शरीर के एक्स्ट्रा कैलोरी को घटाने का काम करता है। आपको वजन कम करने के लिए सप्ताह में करीब 300 मिनट तक एरोबिक एक्सरसाइज (Aerobic exercise) करनी चाहिए। आप रोजाना जॉगिंग, बाइक राइडिंग, या फिर टेनिस खेल सकते हैं। ये एक्टिविटी आपके वजन को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है। अगर आप ज्यादा देर तक एक्सरसाइज नहीं कर सकते हैं, तो आप 10 से 20 मिनट का ब्रेक लेकर एक्सरसाइज कर सकते हैं। अगर आपको लगता है कि आपके पास समय की कमी है, तो आप रोजाना आधे घंटे की वॉक भी कर सकते हैं। वॉक भी शरीर के वजन को नियंत्रित रखने में मदद करती है।

आप स्ट्रेस दूर करने के लिए रोजाना कुछ समय के लिए योग करें। आप रोजाना सूर्य नमस्कार(Surya Namaskar) , बालासन, हलासन, भ्रामरी प्राणायाम आदि की मदद से स्ट्रेस को दूर कर सकते हैं। थायरॉइड का कारण स्ट्रेस भी हो सकता है। अगर आप थायरॉइड को कंट्रोल में रखेंगे, तो बहुत सी समस्याएं अपने आप ही ठीक हो जाएंगी। आप चाहे तो इस बारे में अधिक जानकारी के लिए योग एक्सपर्ट से भी बात कर सकते हैं।

आप कुछ टिप्स की हेल्प से अपने वजन को कंट्रोल कर सकते हैं। एक्सरसाइज के साथ ही योग भी आपके वजन को कम करने में सहायता करेगा। हम उम्मीद करते हैं कि आपको हायपोथायरॉइडिज्म के लिए वेट लॉस टिप्स (Weight Loss Tips for Hypothyroidism) संबंधित ये आर्टिकल पसंद आया होगा। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

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लेखक की तस्वीर
4 weeks ago पर Bhawana Awasthi के द्वारा लिखा
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