बच्चों में फूड एलर्जी का कारण कहीं उनका पसंदीदा पीनट बटर तो नहीं

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अपडेट डेट सितम्बर 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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फूड एलर्जी तब होती है जब बच्चों का शरीर खाने में पाए जाने वाले हार्मलेस प्रोटीन के खिलाफ रिएक्ट करता है। बच्चों में फूड एलर्जी खाना खाने के तुरंत बाद दिखने लगती है। बच्चों में फूड एलर्जी के रिएक्शन अलग-अलग हो सकते हैं। इसके अलावा बहुत सी चीजें हैं, जो बच्चों में फूड एलर्जी जैसी लग सकती हैं इसलिए माता-पिता के लिए इनमें अंतर पहचानना जरूरी है। नए अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार, छोटे बच्चों में फूड एलर्जी किसी भी खाने से हो सकती है, वह अंडा, दूध या मीट भी हो सकता है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि बच्चों में फूड एलर्जी वाले एक तिहाई से कम बच्चों को एपिनेफ्रीन दिया गया था, एक दवा लक्षणों को कम कर देती है और उनकी एलर्जी को कम कर सकती है।

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बच्चों में फूड एलर्जी के लक्षण

अगर आपके शिशु में फूड एलर्जी की परेशानी है, तो आपको उनके अंदर इनमें से कोई भी लक्षण दिख सकते हैं। हर किसी की एलर्जी का स्तर अलग-अलग होता है और इसका इलाज भी अलग होता है। लेकिन, हम आपको शिशु में फूड एलर्जी के सामान्य लक्षण बताएंगे।

बच्चों में फूड एलर्जी से त्वचा संबंधी समस्याएं

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बच्चों में फूड एलर्जी से पेट की समस्याएं

अगर बच्चों में फूड एलर्जी से शरीर के कई क्षेत्र प्रभावित होते हैं, तो रिएक्शन गंभीर या यहां तक कि खतरनाक भी साबित हो सकता है। इस तरह की एलर्जी की प्रतिक्रिया को एनाफिलेक्सिस (anaphylaxis) कहा जाता है और इसकी वजह से बच्चों को तुरंत मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है।

ये बीमारियां बच्चों में फूड एलर्जी नहीं

आपका खाना कई बीमारियों का कारण बन सकता है। इन बीमारियों को कभी-कभी बच्चों में फूड एलर्जी समझ लिया जाता हैं। यह परेशानियां बच्चों में फूड एलर्जी नहीं हैं:

  • फूड पॉइजनिंग- बच्चों को डायरिया या उल्टी होने पर इसे फूड एलर्जी समझ लिया जाता है। लेकिन, यह आमतौर पर खराब भोजन या खाना ठीक से न पकाने की वजह से खाने में बैक्टीरिया के कारण होता है।
  • ड्रग अफेक्ट- कुछ चीजें जैसे कि सोडा या कैंडी में कैफीन आपके बच्चे को अस्थिर या बेचैन बना सकती है।
  • त्वचा में जलन- अक्सर ऐसा खाने में पाए जाने वाले एसिड के कारण हो सकता हैं जैसे संतरे का रस या टमाटर से बने प्रोडक्ट।
  • डायरिया- अधिक शुगर की वजह से बहुत छोटे बच्चों को यह हो सकता है। अगर कई बार बच्चे को ज्यादा जूस दें तब भी यह परेशानी हो सकती है।

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भोजन से संबंधित कुछ बीमारियों को एलर्जी के बजाय इनटॉलेरेंस या फूड सेंसटिविटी कहा जाता है क्योंकि इसका कारण इम्यून सिस्टम की परेशानी नहीं होती। लैक्टोज इनटॉलेरेंस एक फूड इनटॉलेरेंस का उदाहरण है, जो अक्सर फूड एलर्जी के समझ लिया जाता है। लैक्टोज इनटॉलेरेंस तब होती है जब किसी व्यक्ति को दूध में मौजूद मिल्क शुगर को पचाने में परेशानी होती है, जिसे लैक्टोज कहा जाता है। इससे पेट में दर्द होता है, पेट फूल जाता है और पतला मल निकलता है।

कभी-कभी खाने में मिलाए जाने वाले केमिकल्स जैसे फूड या डाई के खिलाफ रिएक्शन को बच्चों में फूड एलर्जी समझना गलत है। हालांकि कुछ लोग खाने में मिलने वाले एडिटिव्स के खिलाफ सेंसिटिव हो सकते हैं लेकिन इसे बच्चों में फूड एलर्जी समझना गलत है।

फूड आयटम जो बच्चों में फूड एलर्जी का कारण बनते हैं

कोई भी खाना कभी भी बच्चों में फूड एलर्जी का कारण हो सकता है लेकिन ज्यादातर फूड एलर्जी इन कारणों से होती हैं:

  • गाय का दूध
  • अंडे
  • मूंगफली
  • सोया
  • गेहूं
  • नट्स (जैसे अखरोट, पिस्ता, पेकान, काजू)
  • मछली (जैसे ट्यूना, सामन, कॉड)
  • शेलफिश (जैसे झींगा, झींगा मछली)
  • मूंगफली, नट्स और सी फूड बच्चों में फूड एलर्जी का गंभीर और सबसे आम कारण हैं। मांस, फल, सब्जियां, अनाज और तिल जैसे खाने की चीजों से भी एलर्जी होती है।

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अच्छी खबर यह है कि बचपन के दौरान बच्चों में होने वाली फूड एलर्जी अक्सर समय के साथ ठीक हो जाती है। यह अनुमान है कि 80% से 90% अंडे, दूध, गेहूं और सोया एलर्जी 5 साल की उम्र तक अपने आप खत्म हो जाती है। कुछ एलर्जी समय के साथ नहीं भी जाती हैं। उदाहरण के लिए पांच में से एक बच्चे को सिर्फ मूंगफली की एलर्जी खत्म हो जाती है और बाकी बच्चों में नट या सीफूड एलर्जी भी खत्म हो जाती है। आपका बाल रोग विशेषज्ञ आपके बच्चों में फूड एलर्जी को ट्रैक करने के लिए टेस्ट कर सकता है और यह बता सकता है कि आपके बच्चे की एलर्जी खत्म हो गई या अभी भी है।

बच्चों में फूड एलर्जी को कैसे डायग्नोस करें

अगर आपके बच्चे में फूड एलर्जी है, तो आपका डॉक्टर इस बारे में पूछ सकता है

  • आपके बच्चे के लक्षण
  • रिएक्शन कितनी बार होता है
  • कुछ ऐसा खाने के बाद और लक्षणों की शुरुआत के बीच का समय
  • परिवार के किसी भी सदस्य को एलर्जी, एक्जिमा और अस्थमा जैसी परेशानी है

इसके अलावा डॉक्टर किसी भी दूसरे कारण की तलाश करेंगे, जो एलर्जी के लक्षणों का कारण बन सकते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपके बच्चे को दूध पीने के बाद दस्त लगते हैं, तो डॉक्टर यह देखने के लिए जांच कर सकते हैं कि क्या लैक्टोज इनटॉलेरेंस के कारण यह हो सकता है। सीलिएक डिसीज (Celiac disease) एक ऐसी स्थिति जिसमें व्यक्ति प्रोटीन ग्लूटन को बर्दाश्त नहीं कर सकता इसकी वजह से भी बच्चों में कुछ लक्षण देखने को मिल सकते हैं।

डॉक्टर आपको बच्चों में फूड एलर्जी के लिए एक एलर्जी विशेषज्ञ के पास भेज सकता है, जो आपसे अधिक सवाल पूछेगा और एक बॉडी टेस्ट करेगा।

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