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बच्चों को दस्त होने पर ना दें ये फूड्स

बच्चों को दस्त होने पर ना दें ये फूड्स

छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम कमजोर होने की वजह से वे जल्दी ही संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं। जिसकी वजह से बच्चों में सर्दी-जुकाम के साथ-साथ दस्त भी होना एक आम समस्या है। बच्चों को दस्त के दौरान पूप पानी की तरह निकले लगता है। इसे डायरिया भी कहते हैं।

अक्सर बच्चों में डायरिया का कारण वायरस और बैक्टीरिया होते हैं। हालांकि, बच्चों को दस्त लगना सामान्य है जो ज्यादा दिनों तक नहीं रहती है। लेकिन दस्त, के चलते बच्चे के शरीर से काफी मात्रा में लिक्विड बाहर निकल जाता है। इससे बच्चे का शरीर कमजोर भी हो जाता है।

बच्चे के दस्त रोकने के उपाय क्या हैं, बच्चों को उल्टी दस्त के दौरान क्या नहीं देना चाहिए जानते हैं इस आर्टिकल में।

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दस्त क्या है?

दस्त तब होता है जब बच्चे का पूप (मल त्याग) पानी जैसा होता है। बच्चा एक दिन में तीन या इससे अधिक बार स्टूल पास कर सकता है। बच्चों को दस्त एक या दो दिनों तक रह सकता है जो अपने आप ठीक भी हो सकता है। यदि दस्त दो दिनों से अधिक समय तक रहता है, तो आपके बच्चे को गंभीर समस्या हो सकती है।

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दस्त के प्रकार

बच्चों को दस्त – अल्पकालिक (तीव्र) दस्त

छोटे बच्चों में यह दस्त एक या दो दिनों तक रहता है और खुद-ब-खुद चला जाता है। यह बैक्टीरिया संक्रमण से दूषित भोजन या पानी के कारण हो सकता है। ऐसा भी हो सकता है कि आपका बच्चा वायरस से बीमार हो जाए।

बच्चों को दस्त – दीर्घकालिक (क्रोनिक) डायरिया

इसमें बच्चों को उल्टी दस्त की समस्या हफ्तों तक रहती है। ऐसा इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की वजह से या आंतों की बीमारी के कारण भी हो सकता है। इसमें अल्सरेटिव कोलाइटिस (Ulcerative colitis), क्रोहन रोग या सीलिएक रोग शामिल हैं। गियार्डिया (Giardia) पैरासाइट के कारण गियार्डियासिस (GIARDIASIS)संक्रमण होता है जो क्रॉनिक दस्त का कारण हो सकता है।

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बच्चों को दस्त किन कारणों से होता है? (Cause of Diarrhea in kids)

डायरिया कई कारणों से हो सकता है जैसे-

  • जीवाणु संक्रमण (Bacterial infection
  • विषाणुजनित संक्रमण (Viral infection)
  • कुछ फूड्स को पचाने में परेशानी (Food intolerance)
  • फूड एलर्जी
  • पैरासाइट जो खाने या पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं
  • दवाओं का रिएक्शन
  • आंतों की बीमारी, जैसे कि आईबीडी (इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज)
  • पेट और आंत के कार्य करने में समस्या (फंक्शनल बाउल डिसऑर्डर), जैसे कि इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम
  • पेट या पित्ताशय की थैली की सर्जरी।

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बच्चों में दस्त के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Diarrhea in kids)

अक्सर बच्चों को पहले पेट में दर्द होता है, इसके बाद दस्त होते हैं जो तीन से पांच दिनों तक रह सकते हैं। इसके अन्य लक्षण हो सकते हैं:

  • बुखार
  • भूख में कमी
  • मतली (उल्टी से पहले एक असहज भावना)
  • खूनी दस्त
  • उल्टी
  • बच्चे को हरे दस्त
  • अनियंत्रित पूपिंग
  • वजन कम होना
  • डिहाइड्रेशन

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बच्चे के दस्त रोकने के उपाय क्या हैं? (Treating Diarrhea in Children)

कई मामलों में, आप हमेशा की तरह अपने बच्चे को खाना खिलाना जारी रख सकते हैं। आमतौर पर बिना किसी बदलाव या उपचार के दस्त समय पर चले जाएंगे। लेकिन, जब बच्चों को दस्त होते हैं, तो –

  • अगर बच्चा खाना खाने योग्य है तो उसे एक बड़ी मील की बजाय थोड़ा-थोड़ा खिलाएं।
  • उबला हुआ खाना दें।
  • बच्चे को केले और अन्य फ्रेश फ्रूट्स खिलाएं।
  • पकी सब्जियां जैसे गाजर, बीट्स आदि का सेवन है जरूरी।
  • बिना डॉक्टरी सलाह के बच्चे को एंटी डायरिया दवाइयां न दें।
  • कम वसा वाले दूध, पनीर या दही का उपयोग करें। यदि डेयरी उत्पाद दस्त को बदतर बना रहे हैं या गैस और सूजन पैदा कर रहे हैं, तो आपके बच्चे को कुछ दिनों के लिए डेयरी उत्पादों को खाने या पीने से रोकने की आवश्यकता हो सकती है।
  • बच्चे में दस्त को रोकने के लिए चावल का पानी भी उपयोग किया जा सकता है। राइस वॉटर एक बेहतरीन इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन की तरह काम करता है।
  • बच्चों को उल्टी दस्त से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसके लिए उन्हें इलेक्ट्रोलाइट्स दें। डॉक्टर की सलाह से पानी के साथ ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) भी दे सकते हैं।
  • बच्चे को नारियल का पानी भी दिया जा सकता है। यह होम ग्लूकोज इलेक्ट्रोलाइट के रूप में बेहतर काम करता है। हल्के दस्त और डिहाइड्रेशन से बच्चों को बचाने के लिए ताजे नारियल का पानी पिलाएं।

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बच्चों के दस्त लगने पर इनसे करें परहेज

  • बच्चों को दस्त होने पर कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए, जिनमें तले हुए खाद्य पदार्थ, चिकने खाद्य पदार्थ, प्रोसेस्ड या फास्ट फूड (processed foods), पेस्ट्री, डोनट्स और सॉसेज शामिल हैं। बच्चों को सेब का जूस और फुल स्ट्रेंथ फ्रूट जूस देने से बचना चाहिए क्योंकि इससे स्टूल और लूज हो सकता है।
  • अपने बच्चे की डायट में दूध या अन्य डेयरी उत्पादों को सीमित करें या बंद कर दें। खासकर अगर इनके सेवन से बच्चे के दस्त और बदतर हो रहे हैं या उन्हें गैस की समस्या हो रही है।
  • बच्चों को उन फलों और सब्जियों से भी बचना चाहिए जो गैस का कारण बन सकते हैं, जैसे कि ब्रोकली, मटर, मिर्च, बीन्स, जामुन, छोले, हरी पत्तेदार सब्जियां, और मकई।
  • बच्चे को कैफीन और कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से बचना चाहिए।

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बच्चों को दस्त से बचाने के लिए क्या करें?

अक्सर बच्चों में डायरिया बैक्टीरिया या वायरस की वजह से होता है। इसलिए बच्चों का उचित ध्यान जरूरी होता है। जैसे-

  • साफ-सफाई पर ध्यान दें,
  • साफ और पोषण युक्त भोजन खिलाएं,
  • बच्चे को हाइड्रेट रखें,
  • समय-समय बच्चे को मेडिकल जांच के लिए पीडिअट्रिशन के पास ले जाएं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ब्रेस्टफीड करने वाले शिशुओं में दस्त होने की संभावना कम होती है?

हां, फॉर्मूला मिल्क की तुलना में ब्रेस्ट मिल्क पीने वाले शिशुओं में डायरिया की संभावना कम होती है। दस्त के जोखिम को स्तनपान कम कर देता है। एक रिपोर्ट की माने तो ब्रेस्टफीडिंग न करने वाले शिशुओं में दस्त की वजह से मृत्यु की संभावना ज्यादा रहती है।

क्या मुझे बच्चे के दस्त के दौरान ब्रेस्टफीडिंग कराते समय ओआरएस देना चाहिए?

हां, यदि आप स्तनपान करवा रही हैं, तो भी बच्चे को ओआरएस दिया जा सकता है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है।

क्या बच्चे को दस्त होने पर सॉलिड फूड देना बंद कर देना चाहिए?

अगर आपका बच्चा दस्त से पहले सॉलिड फूड ले रहा था, तो तुरंत इसे न बंद करें। इसकी बजाय बच्चे को हल्का खाना खिलाएं जो पोषण से भरपूर हो।

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डॉक्टर को कब दिखाएं?

बच्चों को उल्टी दस्त की समस्या तो आम है लेकिन इसे हल्के में न लें। क्रोनिक डायरिया बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आपको अपने बच्चे में दस्त के निम्न लक्षण दिखें तो डॉक्टर से संपर्क करें –

  • दो दिन बाद भी दस्त की स्थिति में सुधार न आना
  • शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)

अगर आपके बच्चे को दस्त के कारण पानी की कमी होने लगी है तो उसे आपातकालीन कक्ष में ले जाने की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके अलावा दस्त के साथ 102 डिग्री से अधिक बुखार, काला मल, पेट में दर्द या मल में खून आने पर भी डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

नवजात शिशु में दस्त के ये लक्षण दिखना हो सकता है आपातकालीन स्थिति का संकेत –

  • बिना आंसुओं के रोना
  • मल में खून या कालापन दिखाई देना
  • 3 या उससे अधिक घंटों में डायपर गिला न करना
  • 24 घंटों में स्थिति में सुधार न आना
  • मुंह या जीब सुखना
  • पेट, गालों या आंखों का दबा हुआ लगना

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निष्कर्ष

दस्त की स्थिति का मुख्य कारण बच्चों का खानपान होता है। तो वहीं इसका इलाज भी सही आहार ही होता है। यदि आपके बच्चे को दस्त की समस्या है तो उससे ज्यादा से ज्यादा आराम, पर्याप्त मात्रा में पानी और कुछ घंटों बाद उसे केले, चावल, सेब और ब्रेड (टोस्ट) का सेवन करवाएं।

एक या दो दिन के बाद आप चाहें तो बच्चे को नरम आहार का सेवन करवाना भी शुरू कर सकते हैं जैसे की लीन चिकन और अंडे की भुजिया (Scrambled eggs).

इस डाइट का सेवन करने से इलाज की प्रक्रिया में तेजी आती है और बच्चे को जल्द ही आराम भी महसूस होने लगता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Nutritional Management of Acute Diarrhea in Infants and Children. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK219096/. Accessed On 11 May 2020

Vomiting and Diarrhea in Children. https://www.aafp.org/afp/2001/0215/p775.html. Accessed On 11 May 2020

Diets for Constipation. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4291444/. Accessed On 11 May 2020

Young Coconut Water for Home Rehydration in Children With Mild Gastroenteritis. https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/1496708/. Accessed On 11 May 2020

Diarrhea. https://kidshealth.org/en/parents/diarrhea.html. Accessed On 11 May 2020

When your child has diarrhea. https://medlineplus.gov/ency/patientinstructions/000693.htm. Accessed On 11 May 2020

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Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 22/06/2021 को
डॉ. पूजा दाफळ के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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