home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

बच्चे को फूड एलर्जी से बचाने के लिए अपनाएं ये तरीके

बच्चे को फूड एलर्जी से बचाने के लिए अपनाएं ये तरीके

स्वस्थ्य जीवन की धार बचपन से ही तय होता है। इसके लिए बच्चे को स्वस्थ खाना दे कर आप उसका जीवन स्वस्थ कर सकते हैं। लेकिन, कई बार बच्चों को खाने वाली किसी चीज से फूड एलर्जी (Food Allergy) हो जाती है। इसके लिए हैलो स्वास्थ्य ने वाराणसी के सृष्टि क्लिनिक के बाल रोग विशेषज्ञ पी. के. अग्रवाल से बात की। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि खानपान से संबंधित चीजों से भी ना सिर्फ बच्चों को बल्कि बड़ों को भी एलर्जी (Allergy) हो जाती है। रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार फूड एलर्जी की समस्या तब होती है, जब बॉडी की इम्यून सिस्टम (Immune system) किस विशेष खाने-पीने की चीजों के लिए असामान्य प्रतिक्रिया करती है। एलर्जिक रिएक्शन (Allergic reaction) प्रायः कम होते हैं, लेकिन अगर इस समस्या को ज्यादा दिनों तक इग्नोर किया जाए, तो स्थिति गंभीर भी हो सकती है। बच्चों में विशेष रूप से दूध (Milk) और अंडे से एलर्जी (Egg allergy) की समस्या हो सकती है। वहीं बड़ों को फलों (Fruits) और सब्जियों (Vegetables) से भी एलर्जी की समस्या हो सकती है।

और पढ़ें : बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है सही पोषण, जानिए 6 साल के बच्चों का फूड चार्ट

फूड एलर्जी (Food Allergy) क्या है?

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि खानपान के माध्यम से इंसान के शरीर में कोई बाहरी पदार्थ आता है तो इम्यून सिस्टम (Immune system) उसके प्रति गंभीर प्रतिक्रिया करता है। इसी प्रतिक्रिया को एलर्जी (Allergy) कहते हैं। जिस चीज के खाने से एलर्जी हो जाती है उसे एलर्जन (Allergen) कहते हैं।

और पढ़ें : बच्चों को सर्दी- जुकाम से बचाने के लिए अपनाएं ये 5 डेली हेल्थ केयर टिप्स

फूड एलर्जी के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Food Allergy)

फूड एलर्जी के क्या लक्षण निम्नलिखित हैं। जैसे:

  • अगर कोई चीज खाने के बाद पेट में दर्द (Stomach pain) होना।
  • किसी खाद्य या पेय पदार्थों के सेवन के बाद सिरदर्द (Headache) होना।
  • खाना खाने या किसी भी चीज को खाने के बाद जी मिचलाना।
  • खाने के बाद उल्टी (Vomiting) होना।
  • शरीर पर चकते पड़ना या लाल निशान पड़ना।
  • बार-बार चक्कर आना
  • शरीर में चुनचुनाहट महसूस होना।

ये सभी एलर्जी या फूड एलर्जी के लक्षण हैं। हालांकि कभी-कभी इनसे भी अलग लक्षण हो सकते हैं। अगर आप ऐसे लक्षण महसूस करते हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से कंसल्टेशन करें।

और पढ़ें : एग से है एलर्जी? तो कोई बात नहीं! अब अंडा नहीं डायट में इन्हें करें शामिल

फूड एलर्जी के प्रकार कौन-कौन से हैं? (Types of Food Allergy)

फूड एलर्जी निम्नलिखित दो तरह के होते हैं। जैसे:

  1. फिक्स्ड फूड एलर्जी (Fixed food allergy)इसमें एलर्जी के लक्षण स्पष्ट होते हैं। जिस चीज से बच्चे को एलर्जी (Allergy in kids) होती है, उसे खाते ही उसके शरीर में एलर्जी के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।
  2. साइक्लिकल फूड एलर्जी (Cyclical food allergy)नाम से ही स्पष्ट है कि एक चक्रीय प्रक्रिया है। ज्यादातर बच्चों को यही एलर्जी होती है। किसी भी एलर्जन के खाने के बाद शरीर तुरंत एलर्जी के लक्षण (Allergy symptoms) प्रकट नहीं करता है। जह एलर्जी के लक्षण दिखे तो बच्चे को तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं।

और पढ़ें : स्किन एलर्जी से राहत पाने के 4 आसान घरेलू उपाय

एलर्जन से बचाव कैसे करें? (Precaution for allergen)

एलर्जन से बचाव के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें। जैसे:

  • सबसे पहले आपको सजग रहना होगा कि क्या खाने से आपके बच्चे को एलर्जी (Food Allergy) हो सकती है। जिस चीज को खाने से बच्चे को एलर्जी है उसे बैन कर दें। उस फूड को खाने से बच्चे को दोबारा भी एलर्जी हो सकती है।
  • छोटे बच्चों की देखभाल तो आप कर लेती हैं। लेकिन, जब बच्चा बड़ा होने लगता है और स्कूल जाने लगता है तो उसका विशेष ध्यान दें। बच्चे को सिखाएं की वह दूसरों का खाना ना खाए। किसी अन्य व्यक्ति का जूठा खाना ना खाए। ऐसा करने से उसको एलर्जी (Allergy) हो सकती है।
  • बच्चे को कभी भी बाहर का खाना ना खाने दें। कुछ पैरेंट्स बच्चे को स्कूल की कैंटीन (Cantine) से खाने के लिए कहते हैं। ऐसा करना गलत है। आपका बच्चा अगर बाहर जा रहा है तो आप उसे अपने हाथों से बना खाना ही दें। जिससे बच्चे को एलर्जी (Allergy in child) होने का जोखिम कम रहेगा।
  • बच्चे को साफ-सफाई की आदत सिखाएं। बच्चे को बताएं कि वह स्कूल या कही भी खाता है, उस स्थान को साफ (Clean) कर के ही बैठे। साथ ही खाने से पहले और खाने के बाद हाथ जरूर धुल ले। साथ ही बच्चे को जिस घर का ही चम्मच से खाना खाने के लिए कहें।

एलर्जन से बचाव के लिए इन ऊपर बताई गईं बातों का ध्यान रखें। ऐसा करने से एलर्जन की समस्या (Allergy problem) से बचा जा सकता है।

और पढ़ें : Allergy Blood Test : एलर्जी ब्लड टेस्ट क्या है?

फूड एलर्जी की समस्या है, तो कहीं बाहर जाने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

अगर आपको या आपके परिवार में किसी को फूड एलर्जी (Food Allergy) यानी किसी भी खाने-पीने की चीजों से एलर्जी (Allergy) है, तो ऐसी स्थिति में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जैसे:

  • बच्चा अगर किसी पार्टी में जा रहा है तो आप पहले ही पार्टी वाले स्थान पर बोल दें कि आपके बच्चे को किन फूड्स से एलर्जी (Food allergy) है। साथ ही बच्चे को भी समझा कर भेजें कि वह एलर्जी पैदा करने वाली चीजों को ना खाए।
  • अगर आपके बच्चे को किसी फूड से एलर्जी (Food Allergy) है तो यह बात उसके दोस्तों और स्कूल के टीचर्स (School teachers) को जरूर बताएं। साथ ही उसे बाहर ऐसी चीजें ऑफर करने से मना करें।
  • अगर आप नहीं समझ पा रहे हैं कि आपके बच्चे को किस चीज से एलर्जी है तो उसके लिए एक फूड डायरी बनाएं। जिसमें हर रोज सुबह के नाश्ते से रात के खाने तक में दी गई चीजों का विवरण लिखें। बच्चे को आपने खाने को कब क्या दिया ऐसा लिखने से बच्चे के एलर्जी के इलाज में मदद मिलेगी।
  • कहते है ना कि जागरूकता ही सबसे पहला इलाज है। तो आप बच्चे को पैक्ड फूड (Packed food) देने से पहले पैकेट पर लिखा विवरण ध्यान से पढ़ लें। ताकि आप जान सके कि इसमें कोई ऐसी चीज तो नहीं जो बच्चे को नुकसान (Side effects) करेगी।

इन आसान टिप्स को अपना कर आप बच्चे के अंदर होने वाली एलर्जी से बचा सकती हैं। इसके अलावा किसी भी तरह की परेशानी सामने आने पर आप किसी अच्छे डॉक्टर से जरूर मिलें। ताकि, समय रहते आपके बच्चे का इलाज हो सके। बड़ों एवं बच्चों में फूड एलर्जी का आयुर्वेदिक इलाज (Ayurvedic treatment) भी किया जाता है। इसलिए आप बीमारी की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द संपर्क कर सकते हैं और बीमारी से निजात पा सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र
लेखक की तस्वीर
Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 3 weeks ago को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
x