home

What are your concerns?

close
Inaccurate
Hard to understand
Other

लिंक कॉपी करें

छींकने के बाद क्यों कहते हैं 'गॉड ब्लेस यू', जानें छींक से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

छींकने के बाद क्यों कहते हैं 'गॉड ब्लेस यू', जानें छींक से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

अक्सर देखा जाता है कि जब किसी को छींक आती है, तो कोई न कोई ‘गॉड ब्लेस यू’ कह ही देता है। इसके पीछे अलग-अलग धारणाएं सुनने को मिलती है, जैसे की कई लोगों का यह मानना है कि छींक (Sneezing) के दौरान आप के दिल की धकड़न (Heart beat) रुक जाती है। तो ऐसे मिथक कहां से आए है? जानते हैं छींक से जुड़े ऐसे ही रोचक तथ्यों के बारे में।

और पढ़ें : किसी के साथ प्यार में पड़ने से लगता है डर, तो हो सकता है फिलोफोबिया

छींक (Sneeze) क्यों आती है?

छींक (Sneeze)

लोगों के मन में एक धारणा है कि छींक सर्दी-जुकाम (Cold and cough) के कारण आती है या फिर एलर्जी (Allergy) के कारण भी् छींक आती है। लेकिन छींक आने के पीछे की साइंस थोड़ी अलग है। छींक आना हमारे शरीर के सुरक्षा तंत्र का ही एक हिस्सा है। जब हमारे शरीर में नाक या मुंह के द्वारा कोई भी बाहरी कण शरीर में जाता है तो शरीर को उसे बाहर भेजने की कोशिश करता है। ऐसे में फेफड़ों से हवा, नाक और मुंह के मार्ग से होते हुए तेजी से बाहर आती है। जिसे हम छींक (Sneezing) कहते हैं। छींकने के लिए हमारी नाक और मस्तिष्क दोनों जिम्मेदार होते हैं।

और पढ़ें : क्या आप जानते हैं? दुनिया की सबसे महंगी ब्रा के बारे में?

छींक से जुड़े रोचक तथ्य (Facts of Sneezing)

छींक आने पर दिल रुक जाता है?

छींकने के दौरान (Sneezing), नाक के तंत्रिका के अंत में गुदगुदी बड़ी ही तेजी के साथ शुरू होती है, जो आपके मस्तिष्क (Brain) को एक संदेश भेजती है कि उसे अपने नाक को परेशान करने वाले कणों से छुटकारा पाने की जरूरत है। आप पहले एक गहरी सांस लेते है, यह आपकी छाती की मांसपेशियों को मजबूत करता है। फिर आपके फेफड़ों में हवा का दबाव बढ़ जाता है, आपकी जीभ आपके मुंह में उपर की ओर दब जाती है और अचानक आपकी नाक के माध्यम से आपकी सांस तेजी से बाहर निकलती है। लेकिन इसमें दिल रुकने का कहीं कोई नामो निशान नहीं होता है।

किसी के छींकने के बाद लोग क्यों कहते हैं, ‘गॉड ब्लेस यू’

इस प्रतिक्रिया के मूल के अनुसार अलग-अलग मिथक है। एक धारणा यह है कि रोम में ऐसा एक रोग उत्पन्न हुआ था, जिसे बुबोनिक प्लेग कहते थे। प्लेग के लक्षणों में से एक खांसना और छींकना था और यह माना जाता है कि पोप ग्रेगरी I (ग्रेगरी द ग्रेट) ने व्यक्ति के छींकने के बाद ‘भगवान का आशीर्वाद’ (गॉड ब्लेस यू कहा था) देने का सुझाव दिया था, जिसके अनुसार यह प्रार्थना उन्हें मृत्यु से बचाएगी।

और पढ़ें : डिलिवरी के बाद बच्चे को देखकर हो सकती है उदासी, जानें बेबी ब्लूज से जुड़े फैक्ट्स

छींक की औसतन गति कितनी होती है?

छींक आती तो बहुत जोर से है, लेकिन सोचे वाली बात यह है कि छींक की भी कुछ स्पीड होगी। हमारे छींक की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकता है। दूसरे शब्दो में कहा जा सकता है कि हमारी छींक चीता से बराबरी कर सकती है। चीता को धरती का सबसे तेज दौड़ने वाला जानवर कहा जाता है। जिसकी रफ्तार लगभग 109 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। तो हमारी छींक भी चीते की स्पीड से कम थोड़े है।

छींकने के बाद हमारी नाक के साथ क्या होता है?

हवा का दबाव आया और छींक बाहर निकल गई। लेकिन जरा सोचिए कि इसके बाद आपके नाक की क्या स्थिति होती है। एक रिसर्च के मुताबिक हमारी नाक की छींकने के बाद रिबूट हो जाती है। जैसे कम्प्यूटर काम करते-करते थक जाता है तो आप उसे रिबूट करते हैं। वैसे ही छींकने के बाद हमारी नाक के बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं औऱ हमारी नाक फिर से रीबूट हो जाती है।

और पढ़ें : जनाब बातें तो रोज ही होती हैं, आज बातचीत के बारे में बात करें?

छींकने पर किटाणु कितने दूर तक जाते हैं?

छींकने की स्पीड के बारे में तो पता चल गया। लेकिन छींकने के बाद हमें हमारे छींक के साथ जो बैक्टीरिया या जर्म निकल रहे हैं वो लगभग पांच फिट की दूरी तक जाते हैं। ऐसे में उतने दूरी के अंदर में अगर कोई भी आता है तो वह उस जर्म के संपर्क में आ सकता है।

और पढ़ें : नेत्रहीन व्यक्ति भी सपनों की दुनिया में लगाता है गोते, लेकिन ऐसे

छींकने पर इतनी तेज आवाज क्यों आती है?

कुछ लोगों के छींकने की आवाज इतनी तेज होती है कि दूसरे के कान के तोते उड़ा देते हैं। लेकिन आपको जान कर हैरानी होगी कि नाक से नहीं बल्कि वो तेज आवाज मुंह से आती है। जब तेजी से हवा का दबाव बाहर निकलता है तो हमारे मुंह से ‘आछू’ की आवाज आती है। लेकिन ये आछू भाषा के हिसाब से अलग-अलग होता है। फ्रेंच में एट्कम, इटैलियन में हप्सू, जापानी में हाकुशॉन और स्वीडिश में अट्जो कहते हैं। जबकि आछू इंग्लिश शब्द है।

छींकते समय आछू (ACHOO) क्यों बोल पड़ते हैं लोग?

जान कर हैरानी होगी कि सूरज की रोशनी या तेज रोशनी भी आपके छींकने की वजह बन सकती है। इस स्थिति को ऑटोसोमल डॉमिनेंट कॉम्पेलिंग हेलियोऑफ्थैल्मिक आउटबर्स्ट सिंड्रोम कहते हैं [ Dominant Compelling Helio-Ophthalmic Outburst (ACHOO) Syndrome]। जिसका संक्षिप्त रूप ACHOO (Autosomal Compelling Helio-Ophthalmic Outburst (ACHOO) syndrome) लोगों के समझने के लिए बनाया गया है, यहीं से छींकते समय आछू कहने का सिलसिला शुरू हुआ।

और पढ़ें : महिलाओं से जुड़े रोचक तथ्य: पुरुषों से ज्यादा रंग देख सकती हैं महिलाएं

क्या सोते समय भी छींक आ सकती है?

मन में कभी सवाल आया ही होगा कि क्या सोते समय भी छींक आ सकती है? इसका जवाब है, नहीं। सोते समय खर्राटे आ सकते हैं, लेकिन छींक नहीं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि आपके छींक के लिए जिम्मेदार नसें सोते समय रिलैक्स फॉर्म में होती हैं। अगर कोई भी चीज आपको सोते समय अगर आपकी नाक में चली जाती है तो आपकी नींद खुलती है और फिर आपको छींक आती है।

एक बार में इंसान को कितने बार छींक आती है?

अमूमन इंसान को लगातार एक या दो बार छींक आती है। लेकिन कभी-कभी लगातार पांच से छह बार भी छींक आ सकती है। इतनी बार छींकना बहुत सामान्य बात है। वहीं, छींकने में एक महिला ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। इंग्लैंड की रहने वाली एक महिला को जोना ग्रिफिथ्स ढाई साल तक लगातार छींकती रहीं। जब डोना साल की थीं तभी उन्हें 13 जनवरी, 1981 से 16 सितंबर 1983 तक लगातार छींकें आती रहीं। इसके बाद अचानक से उनकी छींकें आनी बंद हो गई। लेकिन किसी भी वैज्ञानिक को ये समझ में नहीं आया कि उन्हें लगातार छींकें आने का कारण क्या था।

छींकने से होता है वर्कआउट

कभी-कभी आपको इतनी जोरदार छींक आती है कि आपका अंग-अंग हिला हुआ सा महसूस होता है। छींकने के बाद ऐसा लगना लाजमी है, क्योंकि जब आप छींकते हैं तब आपके गले, डायफ्राम, पेट और सीने की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होता है। जिसके कारण इन अंगों का वर्कआउट हो जाता है।

नए संशोधन की डॉ. शरयु माकणीकर द्वारा समीक्षा

स्वस्थ रहने के लिए योगासन को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनायें।

 

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

11 Surprising Sneezing Facts https://www.webmd.com/allergies/features/11-surprising-sneezing-facts#1 Accessed 17 December, 2019

Everything You Need to Know About Sneezing https://www.healthline.com/health/sneezing Accessed 17 December, 2019

What Happens When You Sneeze? https://www.everydayhealth.com/cold-and-flu/what-happens-when-you-sneeze.aspx Accessed 17 December, 2019

Coughing & Sneezing https://www.cdc.gov/healthywater/hygiene/etiquette/coughing_sneezing.html Accessed 17 December, 2019

What to know about making yourself sneeze https://www.medicalnewstoday.com/articles/320284.php Accessed 17 December, 2019

Molecular modulation of airway epithelial ciliary response to sneezing https://www.fasebj.org/doi/10.1096/fj.11-202184 Accessed 17 December, 2019

Longest sneezing fit https://www.guinnessworldrecords.com/world-records/67595-longest-sneezing-fit Accessed 17 December, 2019

ACHOO Syndrome https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK109193/ Accessed 17 December, 2019

लेखक की तस्वीर badge
Aamir Khan द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/05/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड