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क्या आप फूड बोर्न डिजीज और फूड प्वाइजनिंग को एक समझते हैं, जानें दोनों में अंतर

क्या आप फूड बोर्न डिजीज और फूड प्वाइजनिंग को एक समझते हैं, जानें दोनों में अंतर

कई बार खराब खाने या पानी का सेवन करने के बाद लोगों की तबीयत खराब हो जाती है, जिसे कुछ लोग फूड प्वाइजनिंग तो कुछ लोग फूड बोर्न डिजीज कहते हैं। हालांकि, दोनों शब्दों को बोलते हुए लोगों का मतलब एक ही होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि असल में इन दोनों शब्दों का बुनियादी मतलब अलग-अलग है। शायद आप नहीं जानते होंगे, क्योंकि अधिकतर बार इन दोनों ही स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण भी एक जैसे ही होते हैं, जिस वजह से लोगों को इन के बीच अंतर को समझने में मुश्किल होती है। लेकिन, इस आर्टिकल में हम आपको फूड बोर्न डिजीज और फूड प्वाइजनिंग (Food poisoning) के बीच का अंतर साफ करेंगे।

फूड बोर्न डिजीज (Foodborne disease) और फूड प्वाइजनिंग में क्या अंतर है?

फूड बोर्न डिजीज वो बीमारियां या इंफेक्शन होता है, जो (add-live) बैक्टीरिया, वायरस, टॉक्सिन, पैथोजन, पैरासाइट आदि से संक्रमित फूड या पानी का सेवन करने से होता है। इस स्थिति में एलर्जिक रिएक्शन भी हो सकता है, जो कि फूड द्वारा शरीर में एलर्जेन जाने की वजह से होता है जबकि, फूड प्वाइजनिंग (Food poisoning) एक फूड बोर्न डिजीज का एक सबसेट है, जो कि फूड द्वारा कुछ खास प्रकार के टॉक्सिन शरीर में जाने की वजह से होता है। फूड में यह टॉक्सिन (Toxin) कुछ बैक्टीरिया (Bacteria) के द्वारा विकसित किए जा सकते हैं या फिर कुछ कैमिकल, हैवी मेटल या फिर अन्य तत्व के कारण हो सकते हैं।

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क्या फूड प्वाइजनिंग (Food poisoning) और फूड बोर्न डिजीज (Foodborne disease) के लक्षण एक जैसे होते हैं?

फूड बोर्न डिजीज और फूड प्वाइजनिंग के लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं, क्योंकि दोनों ही समस्याओं में सूक्ष्मजीव या टॉक्सिन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट (Gastrointestinal Tract) के द्वारा शरीर में दाखिल होते हैं। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, इन समस्याओं से कई न्यूरोलॉजिक, गायनेकोलॉजिकल और इम्युनोलॉजिकल भी परेशानी हो सकती हैं। लेकिन कुछ सामान्य लक्षण या स्वास्थ्य समस्याएं निम्नलिखित हैं।

  • इस बीमारी में आपको पेट में मरोड़ की समस्या हो सकती है और इसके साथ आपको काफी दर्द का भी सामना करना पड़ सकता है।
  • चूंकि, यह बीमारियां खाने या पानी से जुड़ी हैं, तो आपको जी मिचलाने या उलटी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। उल्टी आना सबसे आम लक्षण है।
  • आपको डायरिया की समस्या भी हो सकती है, जो कि एक लक्षण है। इस समस्या में शरीर में पानी का स्तर कम होने लगता है और व्यक्ति में कमजोरी महसूस होने लगती है।
  • इन सभी लक्षणों के अलावा, व्यक्ति को बुखार का भी सामना करना पड़ सकता है।

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कैसे बचें?

आप फूड बोर्न डिजीज (Foodborne disease) या फूड प्वाइजनिंग (Food poisoning) से बचने के लिए निम्नलिखित बचाव के तरीके अपना सकते हैं, जो कि आपको इन बीमारियों से दूर रखेंगे।

  1. सबसे पहले आपको खाना खाने या बनाने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह धोना चाहिए। अगर आपको डायरिया है या आप इससे ग्रसित किसी व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो खाना बनाने से पहले अच्छी तरह हाथ धोयें या फिर खाना बनाने से बचें।
  2. खाना बनाने से पहले फल, सब्जियां आदि को अच्छी तरह धोएं। क्योंकि, इनकी स्किन पर कई बार पैथोजन या पैरासाइट रह सकते हैं। धोने के बाद इनकी स्किन को उतारें और छीलने के बाद किसी साफ जगह फल या सब्जियां काटें।
  3. अगर आप मीट बना रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि कच्चे मांस के संपर्क में आने वाली हर सतह को अच्छी तरह साफ करें। चाहे वह कोई बर्तन हो या फिर चाकू।
  4. मीट और फल व सब्जियों को अलग-अलग रखें। इसके अलावा, इन दोनों चीजों को रखने या बनाने के लिए अलग-अलग सतह और बर्तन का इस्तेमाल करें। इससे एक चीज में मौजूद पैथोजन दूसरे चीज में नहीं पहुंचेंगे और खाना बनाने के बाद साफ प्लेट पर परोसें, कच्चा सामान रखी हुए प्लेट में नहीं।
  5. मीट, अंडा, पोल्टरी और सीफूड को अच्छी तरह पकाएं। इसके साथ ही आप कुकिंग टेंपरेचर को जांचने के लिए थर्मामीटर का उपयोग भी कर सकते हैं। ग्राउंड मीट को 160 डिग्री और पॉल्टरी को 165 डिग्री और अंडे को पीले भाग के मजबूत होने तक पकाना चाहिए।
  6. बचे हुए खाने को रेफ्रिजरेटर या फ्रीजर के अंदर रखना चाहिए।

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फूड बोर्न डिजीज (Foodborne disease) या फूड प्वाइजनिंग (Food poisoning) का ट्रीटमेंट

आमतौर पर फूड बोर्न डिजीज या फूड प्वाइजनिंग तीन से चार दिनों में ठीक हो जाती है। इस दौरान, व्यक्ति को उल्टी , थकान, डिहाइड्रेशन (Dehydration) जैसी समस्या होने लगती है। जिसमें व्यक्ति को पूरी तरह आराम करना चाहिए। डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए नमक व चीनी का घोल पीएं या फिर स्पोर्ट्स ड्रिंक्स का सेवन भी कर सकते हैं, जिससे शरीर को इलेक्ट्रोलाइट्स प्राप्त होंगे। इन बीमारियों की वजह से होने वाले लूज मोशन में इमोडियम और पेप्टो-बिस्मोल जैसी ओवर द काउंटर दवाएं ले सकते हैं। इसके अलाव नारियल का पानी पीने से काफी राहत मिलती है। वहीं, फूड बोर्न डिजीज और फूड प्वाइजनिंग की स्थिति में मसालेदार, तैलीय खाना नहीं खाना चाहिए और कैफीनयुक्त उत्पाद या कॉफी व चाय का सेवन करने से बचना चाहिए।

इसके अलावा, अगर आपके लक्षणों में कुछ दिन में आराम नहीं मिलता है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। क्योंकि, फूड बोर्न डिजीज के लक्षण गंभीर हो सकते हैं और बाद में काफी खतरनाक समस्या का कारण भी बन सकते हैं। इसलिए, बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श करना काफी जरूरी है।

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दुनिया पर प्रभाव

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, हर साल दुनियाभर में 10 में से एक व्यक्ति संक्रमित खाना खाने से बीमार पड़ता है, जिसकी वजह से 4,20,000 मृत्यु हो जाती हैं। इस समस्या की वजह से अधिकतर लोगों को डायरिया की परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन, फूड बोर्न डिजीज की वजह से किडनी और लिवर फेल होने का डर, ब्रेन और न्यूरल डिसऑर्डर, रिएक्टिव आर्थराइटिस, कैंसर और मृत्यु तक हो सकती है। फूड बोर्न डिजीज की बात करें, तो यह गरीब या मिडिल इनकम कंट्री में ज्यादा देखने को मिलती है।

वहीं फूड बॉर्न डिजीज के कारण करीब 200 बीमारियां हो सकती है। यदि कोई विशाक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करता है, तो उसके जरिए दूषित बैक्टीरिया, वायरस, पैरासाइट्स, कैमिकल्स, हेवी मेटल्स शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। इस कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है। मौजूदा समय में यह बीमारी किसी भी स्टेज में हो सकती है। फूड प्रोडक्शन से लेकर उसकी डिलीवरी और उसके उपभोग करने के चेन तक फूडबॉर्न डिजीज का खतरा होता है। कई मामलों में पर्यावरण के कारण जैसे पानी, मिट्टी, हवा, खाद्य पदार्थों का स्टोरेज सही से न हो पाने के कारण खाद्य पदार्थ खराब हो सकता है। इसलिए खाने पीने की चीजों की एक्सपायरी आदि देख कर खाएं। वहीं यदि आप स्ट्रीट फूड के शौकीन हैं, तो अच्छी जगह पर ही खाद्य पदार्थ का सेवन करें। अन्यथा आप बीमार पड़ सकते हैं और आपको फूडबॉर्न डिजीज हो सकती है।

उम्मीद है कि, अब आपको फूड बोर्न डिजीज (Foodborne disease) और फूड प्वाइजनिंग (Food poisoning) के बीच अंतर स्पष्ट हो गया होगा और इसके साथ ही आपको इसके लक्षण और ट्रीटमेंट के बारे में भी जानकारी हो गई होगी।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

What is the difference between food poisoning and foodborne illness? – https://ask.usda.gov/s/article/What-is-the-difference-between-food-poisoning-and-foodborne-illness – Accessed on 20/5/2020

Distinction Between Food-Borne Disease and Food-Poisoning – https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/8021891/ – Accessed on 20/5/2020

Food Poisoning & Food-Borne Illnesses – https://epi.dph.ncdhhs.gov/cd/diseases/food.html – Accessed on 20/5/2020

Foodborne diseases – https://www.who.int/health-topics/foodborne-diseases#tab=tab_1 – Accessed on 20/5/2020

Food safety – https://www.who.int/NEWS-ROOM/FACT-SHEETS/DETAIL/FOOD-SAFETY – Accessed on 20/5/2020

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Surender aggarwal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 02/03/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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