बच्चों में वैक्सीनेशन पेन को कम करने के लिए अपनाएं एक्सपर्ट की राय!

    बच्चों में वैक्सीनेशन पेन को कम करने के लिए अपनाएं एक्सपर्ट की राय!

    क्या आपके बच्चे का नेक्स् वेक्सीनेशन स्लॉट करीब है? क्या आप उसके वैक्सीनेशन पेन को लेकर चिंतित हैं? यह सच है कि पेरेंट्स बच्चों को दर्द में नहीं देख सकते हैं। बच्चों के लिए वैक्सीन कितना जरूरी है, यह सभी जानते हैं। इसलिए, वैक्सीनेशन पेन और परेशानी को जानते हुए भी पेरेंट्स के लिए यह जरूरी हाे जाता है। बच्चे के बर्थ के साथ ही उसके जरूरी वैक्सीनेशन शुरू हो जाते हैं और जो कि 12 से 15 साल की उम्र तक चलते हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण टीके शामिल हैं। बड़ों की अपेक्षा बच्चों के लिए वैक्सीनेशन काफी मुश्किल होता है। वैसे तो वैक्‍सीन लगवाने के बाद दर्द होना सामान्‍य बात है, लेकिन लेकिन यह दर्द बच्चों के लिए सहना आसान नहीं है। बच्चों में वैक्सीनेशन के बाद उन्हें दर्द के साथ बुखार भी आ सकता है। वैसे तो आजकल पेनलेस वैक्सीनेशन भी उपलब्ध हैं। लेकिन फिर भी बच्चे को हल्के दर्द का सामना करना पड़ सकता है। तो ऐसे में पेरेंट्स, कुछ टिप्‍स को फॉलो करे बच्चों में वैक्सीनेशन पेन (Baby’s Vaccination Pain) कम कर सकते हैं और उन्हें राहत दे सकते हैं, तो जानिए यहां कि बच्चों में वैक्सीनेशन पेन (Baby’s Vaccination Pain) को कम करने के टिप्स:

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    बच्चों के लिए जरूरी वैक्सीन (vaccine for children)

    बच्चे पैदा होते हैं, क्योंकि बच्चे को जन्म के साथ उनकी मां जन्म से ही एंटीबॉडी मिलती रहती है । स्तनपान करने वाले शिशुओं को मां के दूध में एंटीबॉडी मिलना जारी रहता है। लेकिन, लेकिन कुछ मामलों में तब भी शिशु का शरीर कमजोर पड़ जाता है। तो ऐसे में टीकाकरण ही कुछ रोगों से (सुरक्षा) प्रतिरक्षा करने का एक आसान तरीका है। कुछ वैक्सीनेशन बच्चों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है, जो उन्हें इस प्रकार की बीमारी से बचाती हैं:

    • चिकनपॉक्स (Chickenpox) के लिए वैक्सीन
    • डिप्थीरिया (Diphtheria) के लिए वैक्सीन
    • हीमोफिलियस इन्फ्लुएंजा टाइप बी (Haemophilus Influenza Type B) के लिए वैक्सीन
    • हेपेटाइटिस ए (Hepatitis A) के लिए वैक्सीन
    • हेपेटाइटिस बी (hepatitis B) के लिए वैक्सीन
    • खसरा (Measles) के लिए वैक्सीन
    • पोलियो वैक्सीन (Polio)
    • रोटावायरस (Rotavirus) के लिए वैक्सीन
    • रूबेला (Rubella) के लिए वैक्सीन
    • मौसमी इन्फ्लूएंजा (Seasonal influenza) के लिए वैक्सीन
    • काली खांसी (Hooping cough) के लिए वैक्सीन

    इनके अलावा, अन्य और भी कई वैक्सीन हो सकती हैं, जिसकी सलाह डॉक्टर आपको दें। इसलिए बच्चों का वैक्सीन हमेशा डॉक्टर द्वारा दिए गए चार्ट के अनुसार और उसी समय पर लगाना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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    बच्चों में वैक्सीनेशन पेन :पेरेंट्स इन बातों का ध्यान रखें (Tips for Parents)

    बच्चों का वैक्सीनेशन पेरेंट्स के लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण होता है, वैक्सीनेशन सिप्टमस के दौरान बच्चों को संभालना आसान नहीं हो है, खासतौर पर न्यूबाॅर्न से लेकिर 3 साल तक के बच्चों को। बच्चों को वैक्सीनेशन पेन से बचाने के लिए अपनाएं ये उपाय:

    • शुरूआत के कुछ महीनों में बेबी शॉट्स जल्दी दिए जाते हैं, क्योंकि बच्चों को कम उम्र में गंभीर बीमारियों का खतरा अधिक रिस्क रहता है, जैसे कि खसरा और चिकनपॉक्स का संक्रमण, जो छोटे बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है। कभी-कभी जन्म के तुरंत बाद बच्चों को कुछ खतरों से बचाने के लिए टीका जरूरी हो जाता है। यदि आप बच्चे के बड़े होने तक टीकों को स्थगित करते हैं, तो अच्छी सुरक्षा प्रदान करने में बहुत देर हो सकती है।
    • टीकाकरण के बाद, इंजेक्शन वाली जगह पर हल्के हाथों सौहलाएं। इससे बच्चे को काफी आराम मिलेगा। हल्की मालिश से विचलित करने वाली उत्तेजना आपके बच्चे को यह महसूस करने से रोक सकती है, जिससे बच्चे दर्द का अनुभव उतना नहीं कर पाएंगे।

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    • वैक्सीनेशन से कुछ समय पहले अपने बच्चे को टाइलेनॉल (एसिटामिनोफेन) देने से बाद में वैक्सीनेशन पेन को कम करने में मदद मिल सकती है। यह वैक्सीनेशन के बाद बुखार को कम करने में भी मदद करता है। यदि शिशु को बुखार तेज है, तो टीकों के बाद बुखार को रोकने के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। बुखार को रोकने के लिए टाइलेनॉल का उपयोग करने से टीकों की प्रभावशीलता कम हो सकती है।
    • बच्चे को शांति का मौहोल दें। इससे उसे एक अच्छी नींद आएगी। कुछ बच्चे वैक्‍सीन लगवाने के बाद बच्‍चे बहुत रोते हैं और इस वजह से उनमें थकान और चिड़चिड़ापन अधिक बढ़ सकता है। वैक्‍सीन लगवाने के बाद बच्‍चे को आरामदायक माहौल और सामान्‍य तापमान वाले शांत कमरे में रखें।
    • वैक्सीनेशन के बाद कई बार बच्चों को चिपके और हैवी कपड़े भी परेशान कर सकते हैं। इसलिए आप ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें।

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    • इसके अलावा वैक्‍सीन लगवाने के दौरान और बाद में शिशु को अपने पास गोद में ही लेटाएं। हो सकता है कि बच्चा आपके स्किन कॉन्‍टैक्‍ट से राहत और अच्छा महसूस करे।
    • माना जाता है कि मां के दूध में दर्द निवारक गुण होते हैं। वैक्‍सीन लगवान के दौरान और बाद में ब्रेस्‍टफीडिंग करवाना शिशु के लिए फायदेमंद होता है।
    • वैक्‍सीन लगवाने के बाद होने वाले दर्द को कम करने के लिए आप किसी दर्द निवारक क्रीम यानि कि आयनमेंट का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं। इससे बच्चे ेो काफी आराम मिल सकता है। हालांकि, डॉक्‍टर के परामर्श के बिना किसी भी दवा या क्रीम का इस्‍तेमाल न करें।

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    कई माता-पिता टीकों के बाद बच्चे के शॉट और बुखार के बारे में चिंता रहती हैं। कुछ पेरेंट्स पैनिक भी हो जाते हैं। लेकिन इसमें पेरेंट्स को पैनिक होने की जरूर नहीं है। वैक्सीनेशन पेन बच्चों में आम है। लेकिन अधिकांश टीके के हल्के दुष्प्रभाव हो सकते हैं , जैसे कि बुखार और दर्द। कुछ मामालों में ही गंभीर साइडइफेक्ट्स देखने काे मिलते हैं। बच्चों में वैक्सीनेशन पेन से बचाव के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

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    Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/07/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड