मुस्कदाना एक पौधा है। इसका साइंटिफिक नाम Abelmoschus Moschatus है। भारत में इसे कस्तूरी भिंडी के नाम से भी जाना जाता है। इसके बीज का इस्तेमाल चाय के रूप में होता है। इसका पौधा हिमालय में पाया जाता है। इसका प्रयोग प्राचीन काल से ही बतौर औषधि और इत्र बनाने के रूप में किया जाता रहा है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कस्तूरी भिण्डी को एम्ब्रेट के नाम से जाना जाता है। वहीं भारतीय बाजार में इसे कस्तूरी भिंडी या मुस्कदाना के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में इसका अलग-अलग स्थानीय नाम भी है। साथ ही, इसकी खेती के लिए किसी तरह की खास देखभाल की जरूरत भी नहीं होती है। इसकी खेती कम देखभाल के साथ भी की जा सकती है। हालांकि, अगर इसकी खेली अधिक उपजाऊ मिट्टी में की जाए, तो इसका प्रभाव भी अधिक होता है।

आमतौर पर कस्तूरी भिंडी के दानों का इस्तेमाल इत्र, सौन्दर्य प्रसाधन और औधषि के तौर पर अधिक किया जाता है। यह काफी सुगंधित होती है इस वजह से इसका इस्तेमाल चाय और तम्बाकू उत्पादों में भी किया जाता है। इसके बीजों की सुगंध जितनी तेज होती है उनसे उनती ही अधिक मात्रा में एम्ब्रेट ऑयल प्राप्त किया जाता है।
मुस्कदाना का इस्तेमाल निम्नलिखित समस्याओं में होता है:
कुछ लोग मुस्कदाना का इस्तेमाल स्टिमुलेंट के तौर पर भी करते हैं। यह सांप के काटने में भी इस्तेमाल होता है। भोजन में यह वरमाउथ्स, कड़वे और अन्य पदार्थों का घटक होता है।
मुस्कदाना कैसे कार्य करता है, इस संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें। हालांकि, कई रिसर्च में यह सामने आया है कि इसके बीज और लीफ एक्सट्रैक्ट में एंटी-ऑक्सिडेंट, एंटीकैंसर और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं।
निम्नलिखित परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें:
अन्य दवाइयों के मुकाबले औषधियों के संबंध में रेग्युलेटरी नियम अधिक सख्त नही हैं। इनकी सुरक्षा का आंकलन करने के लिए अतिरिक्त अध्ययनों की आवश्यकता है। मुस्कदाना का इस्तेमाल करने से पहले इसके खतरों की तुलना इसके फायदों से जरूर की जानी चाहिए। इसकी अधिक जानकारी के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
और पढ़ें – पर्पल नट सेज के फायदे एवं नुकसान: Health Benefits of purple nut sedge
मुस्कदाना के इस्तेमाल से निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
हालांकि, हर व्यक्ति को यह साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं। उपरोक्त दुष्प्रभाव के अलावा भी मुस्कदाना के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, जिन्हें ऊपर सूचीबद्ध नहीं किया गया है। यदि आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर या हर्बालिस्ट से सलाह लें।
और पढ़ें – पारिजात (हरसिंगार) के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Night Jasmine (Harsingar)
मुस्कदाना आपकी मौजूदा दवाइयों के साथ रिएक्शन कर सकता है या दवा का कार्य करने का तरीका परिवर्तित हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से संपर्क करें।
मुस्कदाना से निम्नलिखित रिएक्शन हो सकते हैं:
और पढ़ें – भुई आंवला के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Bhumi Amla
उपरोक्त जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं हो सकती। इसका इस्तेमाल करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।
हर मरीज के मामले में मुस्कदाना का डोज अलग हो सकता है। जो डोज आप ले रहे हैं वो आपकी उम्र, हेल्थ और दूसरे अन्य कारकों पर निर्भर करता है। औषधियां हमेशा ही सुरक्षित नही होती हैं। मुस्कदाना के उपयुक्त डोज के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
मुस्कदाना निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध है:
अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Ambrette – https://www.drugs.com/npp/ambrette.html. Accessed on 7 January, 2020.
Volatile organic nitrogen-containing constituents in ambrette seed Abelmoschus moschatus Medik (Malvaceae). https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/18656937. Accessed on 7 January, 2020.
Extraction and composition of the essential oil of ambrette (Abelmoschus moschtus) seeds. https://www.researchgate.net/publication/286907967_Extraction_and_composition_of_the_essential_oil_of_ambrette_Abelmoschus_moschtus_seeds. Accessed on 7 January, 2020.
Neurotoxic properties of musk ambrette. https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/0041008X84901947. Accessed on 7 January, 2020.
AMBRETTE. https://www.rxlist.com/ambrette/supplements.htm/. Accessed on 7 January, 2020.
Current Version
14/07/2020
Sunil Kumar द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Manjari Khare
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar