Strawberry: स्ट्रॉबेरी क्या है?

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Update Date मई 21, 2020
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परिचय

स्ट्रॉबेरी क्या है?

स्ट्रॉबेरी फ्रागर्या (Fragaria) जाति का एक पौधा है। इसके फल और पत्तियों का प्रयोग दवा बनाने के लिए किया जाता है। स्वाद में इसका फल हल्का खट्टा और हल्का मीठा होता है। मिनिरल्स से भरपूर स्ट्रॉबेरी, प्रोटीन, नियासिन और खनिजों का एक अच्छा प्राकृतिक स्त्रोत है। वैसे ये गुलाब की फैमली से आता है।

स्ट्रॉबेरी का उपयोग किस लिए किया जाता है?

निम्नलिखित तरह से इसका उपयोग किया जाता है। जैसे-

कैंसर से करे बचाव:
एक शोध के अनुसार, स्ट्रॉबेरी में कैंसर प्रिवेंटिव और कैंसर थेराप्यूटिक गुण पाए जाते हैं, जो कैंसर के उपचार के लिए बेहद प्रभावी है।

ह्दय को रखे स्वस्थ:
स्ट्रॉबेरी में पॉलीफेनॉल्स होते हैं जो ह्रदय संबंधित परेशानियों से निजात दिलाने में मददगार है।

हड्डियों को बनाए मजबूत:
बढ़ती उम्र में हड्डियां कमजोर होती जाती है। स्ट्रॉबेरी में मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होता है जो हड्डियों को मजबूत बनाने का काम करता है।

इन बीमारियों में भी करता है मदद:

  • रक्तचाप को करे नियंत्रित करने में मदद करता है
  • मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है स्ट्रॉबेरी
  • इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होता या इम्यून सिस्टम को स्ट्रॉन्ग रखने में मदद करता है
  • कब्ज के इलाज में सहायक हो सकता है
  • बल्ड शुगर लेवल को करे कंट्रोल करने में है मददगार
  • कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करता है
  • शरीर में होने वाले सूजन को कम करने में सहायक है
  • डायरिया की समस्या ठीक हो सकती है 
  • लिवर की बीमारी में है फायदेमंद 
  • पीलिया या जॉन्डिस के मरीजों को मिलता है लाभ
  • रेस्पिरेट्री ट्रैक्ट में दर्द और सूजन में हो सकती है कमी
  • गाउट की समस्या को ठीक करने में है सहायक
  • गठिया की बीमारी ठीक रह सकती है
  • नर्वस टेंशन
  • वाटर रिटेंशन (एडेमा)
  • किडनी स्टोन
  • बार-बार बुखार आने की परेशानी हो सकती है ठीक
  • रात को पसीना आना
  • एनेमिया (खून की कमी)
  • रैशेज की समस्या से मिल सकता है छुटकारा

इसका उपयोग खून को साफ करने, मेटाबॉलिज्म को स्टिम्यूलेट करने, पीरियड्स को रोकने और नेचुरल तरीके से वजन घटाने के लिए भी किया जाता है।

कैसे काम करता है स्ट्रॉबेरी?

इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी, विटामिन-ए और विटामिन-के पाया जाता है। इसके अलावा, ये फॉलिक एसिड, फॉस्फोरस, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और डायट्री फाइबर्स से भी भरा होता है। खास बात ये है कि इसमें सोडियम, कोलेस्ट्रॉल और फैट न के बराबर होता है।

स्ट्रॉबेरी में एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोकता है। इसके अलावा, एक अध्ययन में सामने आया है कि अल्जाइमर रोग के इलाज के लिए भी ये प्रभावकारी है।

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उपयोग

कितना सुरक्षित है स्ट्रॉबेरी का उपयोग ?

अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट या हर्बलिस्ट से परामर्श करें, यदि:

  • आप प्रेग्नेंट हैं या ब्रेस्ट फीडिंग करा रही हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान गर्भवती मां की इम्यूनिटी काफी कमजोर होती है, ऐसे में किसी भी तरह की दवाई लेने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।
  • आप पहले से ही दूसरी दवाइयां ले रहे हैं
  • आपको स्ट्रॉबेरी या दूसरी दवाओं या फिर हर्ब्स से एलर्जी है।
  • आपको कोई दूसरी तरह की बीमारी, डिसऑर्डर, या मेडिकल कंडीशन है।
  • आपको किसी तरह की एलर्जी है, जैसे किसी खास तरह के खाने से, डाय से , प्रिजर्वेटिव या फिर जानवर से।
  • जो लोग हेमोक्रोमैटोसिस (शरीर में ज्यादा आयरन का जमा होना) से जूझ रहे उन्हें इसके सेवन से बचना चाहिए। इससे उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है ।
  • स्ट्रॉबेरी का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है। ब्लीडिंग डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों में ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
  • इसकी ज्यादा मात्रा, खून जमने के प्रोसेस को धीमा कर सकता है। सर्जरी के दौरान या बाद में ब्लीडिंग की संभावना को बढ़ा सकती है। इसलिए सर्जरी से कम से कम दो सप्ताह पहले स्ट्रॉबेरी को इस्तेमाल करना बंद कर दें।

दवाइयों की तुलना में हर्ब्स लेने के लिए नियम ज्यादा सख्त नहीं हैं। बहरहाल स्ट्रॉबेरी कितना सुरक्षित है इस बात की जानकारी के लिए अभी और भी रिसर्च की जरूरत है। इस हर्ब को इस्तेमाल करने से पहले इसके रिस्क और फायदे को अच्छी तरह से समझ लें। हो सके तो अपने हर्बल स्पेशलिस्ट या डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसे यूज करें।

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साइड इफेक्ट्स

स्ट्रॉबेरी से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

इसके निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसे-

  • ज्यादा स्ट्रॉबेरी खाने से मुंह में जलन की शिकायत हो सकती है, जो जीभ पर सफेद धब्बे के रूप में दिखेगी इससे थोड़ा दर्द का एहसास भी हो सकता है।
  • स्ट्रॉबेरी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इसके अत्यधिक सेवन से डायरिया, पेट में ऐंठन और एसिडिटी की शिकायत हो सकती है।
  • स्ट्रॉबेरी में मौजूद विटामिन-सी को अत्यधिक मात्रा में लेने से पेट में मरोड़ उठ सकती है।
  • स्ट्रॉबेरी के ज्यादा सेवन से आपके शरीर में पोटैशियम की मात्रा बढ़ सकती है। पोटैशियम ज्यादा होने पर दिल से संबंधित परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

जरूरी नहीं कि हर कोई इन साइड इफेक्ट्स को महसूस करें। ऊपर बताए गए लिस्ट में हो सकता है कुछ साइड इफेक्ट्स शामिल नहीं भी हो सकते हैं। यदि आपको साइड इफेक्ट्स को लेकर थोड़ी भी चिंता है, तो बेहतर होगा अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से सलाह लें।

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डोजेज

स्ट्रॉबेरी को लेने की सही खुराक क्या है?

हेल्थ एक्सपर्ट और रिसर्च के अनुसार निम्नलिखित खुराक ली जा सकती है। जैसे-

  • फ्रेश स्ट्रॉबेरी को एक महीने तक दिन में 250 से 500 ग्राम लिया जा सकता है।
  • स्ट्रॉबेरी पाउडर को छह महीने तक 10 से 60 ग्राम रोजाना लिया जा सकता है।

इस हर्बल सप्लिमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई दूसरे शारीरिक स्थिति पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लिमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। कृपया अपने उचित खुराक के लिए अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

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उपलब्ध

किन रूपों में उपलब्ध है?

निम्नलिखित तरह से इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे-

  • ताजा फल
  • डायेट्री सप्लिमेंट : व्हे प्रोटीन पाउडर, शुगर फ्री स्ट्रॉबेरी टैबलेट, क्रीम।

अगर आप स्ट्रॉबेरी से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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