thunder god vine: थंडर गॉड वाइन क्या है?

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

परिचय

थंडर गॉड वाइन (thunder god vine) क्या है?

थंडर गॉड वाइन एक हर्ब है जिसके पत्ते और जड़ का प्रयोग दवाई बनाने में किया जाता है। इसका प्रयोग संधिशोथ (Rheumatoid arthritis or RA), मासिक धर्म के दौरान होने वाली असामान्य ब्लीडिंग, मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS), किडनी की समस्याओं आदि में किया जाता है। यह बुखार, कैंसर, HIV/AIDS और त्वचा संबंधी रोगों में राहत पाने में भी प्रभावी है। संधिशोथ (RA) के लिए इसे त्वचा पर भी लगाया जाता है। इस हर्ब का प्रयोग कीड़ों या लार्वा, चूहों और पक्षियों के लिए जहर के रूप में भी किया जाता है।

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उपयोग

थंडर गॉड वाइन (thunder god vine) का उपयोग किसलिए किया जाता है?

  • आन्त्रशोधकी बीमारी (Crohn Disease): शोध यह बताते हैं कि थंडर गॉड वाइन आन्त्रशोध की बीमारी को कम करने में मददगार है।
  • संधिशोथ (Rheumatoid arthritis RA) : इस हर्ब को मुंह के माध्यम से लेने से जोड़ों का दर्द और सूजन आदि दूर होते हैं, लेकिन इसे लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लें क्योंकि इसे लेने से कुछ लोगों को अधिक साइड-इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है।
  • पुरुष गर्भनिरोधक: थंडर गॉड वाइन को मुंह के माध्यम से लेने से यह एक पुरुष गर्भ निरोधक के रूप में प्रभावी हो सकता है।
  • किडनी संबंधी रोग (नेफ्रोटिक सिंड्रोम): शुरुआती शोध यह बताते हैं कि थंडर गॉड वाइन बच्चों में नेफ्रोटिक सिंड्रोम को दूर करने में सहायक है।
  • सिस्टमिक लुपस एरीथेमैटोसुस (SLE): कुछ शुरुआती शोध यह बताते हैं कि थंडर गॉड वाइन किडनी से संबंधित समस्याओं को दूर करने में लाभदायक है। 
  • त्वचा की समस्याओं को करे दूर (psoriasis): शोध यह भी बताते हैं कि यह जड़ी-बूटी सोरायसिस नामक त्वचा की समस्या से राहत पाने में ऐसीट्रीट नामक दवाई की तरह प्रभावशाली है।

इसके साथ ही यह जड़ी-बूटी अन्य रोगों में भी प्रयोग में लाई जाती है।

  • HIV/AIDS.
  • मासिक धर्म की दर्द
  • मल्टीप्ल स्क्लेरोसिस (MS)
  • इंफेक्शन
  • फोड़े
  • अन्य कई स्थितियां

थंडर गॉड वाइन कैसे काम करता है

थंडर गॉड वाइन में कुछ केमिकल पाए जाते हैं जो सूजन (जलन) से छुटकारा दिला सकते हैं और इम्यून सिस्टम के काम करने के तरीके को बदल सकते हैं। यह हर्ब गठिया और अन्य स्थितियों में भी मददगार हो सकती है, लेकिन थंडर गॉड वाइन में कुछ ऐसे केमिकल होते हैं जो पुरुष प्रजनन क्षमता को कम कर सकते हैं। इसलिए इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर या अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना अनिवार्य है।

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सावधानियां और चेतावनी

कितना सुरक्षित है थंडर गॉड वाइन का उपयोग?

  • गर्भावस्था और ब्रेस्ट-फीडिंग 

थंडर गॉड वाइन को जब गर्भावस्था के दौरान मुंह के माध्यम से लिया जाता है तो यह पूरी तरह से असुरक्षित है। इससे शिशु में जन्म संबंधी विकार हो सकते हैं। इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान इसका प्रयोग सुरक्षित है या नहीं इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन सुरक्षित रहने के लिए इसका प्रयोग करने से बचें।

  • कमजोर इम्यून सिस्टम

थंडर गॉड वाइन की अधिक खुराक लेने से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। अगर HIV/AIDS या किसी खास दवाई के कारण आपका इम्यून सिस्टम पहले से ही कमजोर है तो इसे हर्ब को लेना बंद कर दें।

  • कमजोर हड्डियां

थंडर गॉड वाइन के सेवन से हड्डियों की मजबूती कम हो सकती है। यदि आपको ऑस्टियोपोरोसिस है या इसके विकसित होने की संभावना है, तो थंडर गॉड वाइन का उपयोग न करें।

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साइड इफेक्ट्स

थंडर गॉड वाइन से मुझे क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं?

  • अगर इसे मुंह के माध्यम से लिया जाए: यह हर्ब को अधिकतर लोगों के लिए बिलकुल सुरक्षित माना जाता है। हालांकि, इसके कुछ मामूली साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जैसे पेट का खराब होना, ब्लड सेल का कम होना, मासिक धर्म में समस्या, त्वचा संबंधी समस्या, उल्टियां या किडनी की समस्याएं आदि।
  • अगर त्वचा पर लगाया जाए: अगर इस हर्ब को सही मात्रा में त्वचा पर लगाया जाता है तो यह बिलकुल सुरक्षित है।

इंटरेक्शन

इसे अन्य दवाओं के साथ लेने से क्या प्रभाव पड़ सकता है? 

थंडर गॉड वाइन की अधिक खुराक इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकती है। इसे अगर आप ऐसी अन्य दवाइयों के साथ लेते हैं जो इम्यून सिस्टम कमजोर कर देती हैं तो इसका बहुत अधिक प्रभाव इम्यून सिस्टम पर भी पड़ेगा। इसलिए, ऐसी दवाओं के साथ इस हर्ब को बिना डॉक्टर की सलाह के न लें। यह दवाइयां हैं आजतिओप्रिन (azathioprine) ,सीक्लोस्पोरिन (cyclosporine) ,ऑर्थोक्लोन (Orthoclone) आदि।

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डोसेज

थंडर गॉड वाइन को लेने की सही खुराक क्या है?

वैज्ञानिक रिसर्च में इसकी हर्ब को लेने की सही मात्रा इस प्रकार है:

वयस्क

मुंह के माध्यम से

  • क्रोहन रोग के लिए: रोगी को 52 हफ्तों के लिए इस जड़ी-बूटी का शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम के हिसाब से 1-2 ग्राम से प्रति किलोग्राम सेवन करना चाहिए।
  • वह स्थिति जो किडनी के रोगों को धीरे-धीरे बढ़ाती है (IgA nephropathy): रोगी को 6 महीने के लिए इस जड़ी-बूटी का शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम के हिसाब से 1-2 mg से प्रति किलोग्राम तक सेवन करना चाहिए।
  •  लक्षण जो किडनी डैमेज का संकेत देते हैं (nephrotic syndrome) : रोगी को 9 महीनों के लिए इस जड़ी-बूटी का शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम के हिसाब से  0.5-2 ग्राम से प्रति किलोग्राम सेवन करना चाहिए।
  • पपड़ीदार और खुजली वाली त्वचा (psoriasis) : रोगी को 8 हफ्तों के लिए इस जड़ी-बूटी के सत्व का प्रतिदिन तीन बार 20 mg के लगभग सेवन करना चाहिए।
  • संधिशोथ (RA):  रोगी को 24 हफ्तों के लिए इस जड़ी-बूटी से सत्व का 30-570 mg सेवन करना चाहिए।

त्वचा पर लगाने के लिए

संधिशोथ (RA):  जोड़ों की समस्या होने पर प्रतिदिन पांच से छह बार थंडर गॉड वाइन के टिंचर को लगाया जाता है।

बच्चे

मुंह के माध्यम से:

उन लक्षणों के लिए जो किडनी डैमेज का संकेत देते हैं (nephrotic syndrome): रोगी को 20 हफ्तों के लिए इस जड़ी-बूटी का शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम के हिसाब से 1mg से प्रति किलोग्राम सेवन करना चाहिए।

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