बोटैनिकल नाम: एरियोडिक्टियन कैलिफोर्निकम (Eriodictyon Californicum)

परिवार: बोरेज : Boraginaceae
येरबा सांता एक हर्ब है। इसे माउंटेन बाम, बीअर वीड और गम प्लांट के नाम से भी जाना जाता है। इसके फूल व्हाइट और लैवेंडर रंग में होते हैं। यह पौधा अपने औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसकी पत्तियों का इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता है। कई रेस्पिरेटरी प्रॉबल्म्स से राहत पाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
येरबा सांता झाड़ीदार पौधा होता है। येरबा संता का नाम, “पवित्र वीड’ के तौर पर स्पेनिश पुजारियों द्वारा दिया गया था, जिन्होंने इसके औषधीय गुणों की जानकारी कैलिफोर्निया के मूल जनजाति निवासियों द्वारा प्राप्त की थी। इस ताजी पत्तियों को सीधे छाड़ से तोड़कर भी चबाया जा सकता है, वहीं इसकी सूखी पत्तियों का इस्तेमाल चाय में किया जा सकता है। इसकी ताजी पत्तियां चबाने में शुरू-शुरू में कड़वी होती हैं, लेकिन फिर मीठी लगने लगती हैं।
सन 1894 में पश्चिमी चिकित्सकों ने येरबा संता को अमेरिकी दवाई के तौर पर एक पहचान दी, जो कफ, निमोनिया और ब्रोंकाइटिस जैसे स्वास्थ्य स्थितियों के उपचार में लाभकारी पाया गया।
येरबा सांता के सेवन से श्वसन पथ यानी वायु मार्ग को कीटाणु मुक्त बनाया जा सकता है। यह गले में फसें बलगम और कफ को साफ करके श्वसन संबंधी परेशानियों का इलाज करने में मददगार होती है। इसके अलावा जली या कटी त्वचा के घावों को भी भरनें में यह काफी मददगार होती है। येरबा सांता जोड़ों के दर्द को भी कम करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा, येरबा सांता का उपयोग कभी-कभी अवसाद और डिप्रेशन जैसे भावनात्मक मुद्दों के इलाज में भी किया जा सकता है।
इन सभी के अलावा इस औषधि का इस्तेमाल निम्न बड़ी बिमारियों में भी किया जाता है –
ब्रोंकाइटिस – कुछ शोध के अनुसार येरबा सांता एक ऐसी औषधि है जो फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करती है व ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारी से लड़ने में कारगर होती है। येरबा सांता की पत्तियां छाती में बनी अकड़न या ऐंठन से आराम पहुंचाने में बेहद मददगार होती हैं।
अस्थमा – अस्थमा एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति के वायुमार्ग संकुचित हो जाते हैं या उनमें सूजन आने लगती है। इस स्थिति में अत्यधिक बलगम बनने लगता है जिससे सांस लेने में मुश्किल होने लगती है।
येरबा सांता के कफ निस्सारक गुण अस्थमा के इन लक्षणों से आराम दिलाने में मदद करते हैं। इस औषधि की पत्तियों से बनी चाय या काढ़ा की मदद से क्रोनिक अस्थमा का इलजा किया जा सकता है।
पाचन – जब आप येरबा सांता की पत्तियों को चबाते हैं तो थूक अधिक मात्रा में बनता है। इस थूक में कई प्रकार के डाईजेस्टिव एंजाइम होते हैं जो अपच की समस्या को ठीक करने व खराब पेट के स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं। इससे कई प्रकार की पाचन समस्याएं में आराम मिलता है।
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येरबा सांता को मोच, घाव, कीड़े के काटने और जोड़ों के दर्द से राहत के लिए सीधे स्किन पर लगाया जाता है। खांसी, कफ, जुकाम, अस्थमा और टीबी के लिए इसके ताजा या सूखे मोटे चिपचिपे पत्तों की चाय बनाकर पी जाती है। इसकी पत्तियों का पाउडर बनाकर कई परेशानियों में उपयोग किया जाता है।
ताजा पत्तियों के पुल्टिस को जख्मों को भरने और गठिया से राहत पाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इसे लेकर कोई वैज्ञानिक जानकारी नहीं है। इसकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने के लिए अधिक शोध करने की जरूरत है।
येरबा सांता कैसे काम करता है इसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है। इस बारे में अपने हर्बलिस्ट या डॉक्टर से कंसल्ट करें। हालांकि, कुछ शोध बताते हैं कि इसमें ऐसे रसायन होते हैं जो छाती में बलगम से राहत दिलाता है। इसके अलावा ये यूरिन को बढ़ाता है जिसके जरिए शरीर में मौजूद बुरे तत्व बाहर हो जाते हैं।
येरबा सांता का उपयोग करने से पहले आपको डॉक्टर या फार्मासिस्ट या फिर हर्बल विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए, यदि –
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वैज्ञानिक अध्ययनों की कमी के कारण येरबा सांता को लेकर बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी कम है। इस बात को हमेशा ध्यान रखें कि हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरुरत है।
इस हर्बल सप्लिमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करनी जरूरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बल विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।
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अगर आप लिथियम ले रहे हैं, तो येरबा सांता का सेवन न करें, क्योंकि ये दवा के असर को प्रभावित कर सकता है। इस हर्ब और दवा को साथ में लेने से शरीर में लीथियम की मात्रा बढ़ सकती है और इसके परिणामस्वरूप गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
वैसे तो येरबा सांता को सीमित मात्रा में लेना सभी के लिए सुरक्षित है। इसे लेकर वैज्ञानिक अध्ययनों की कमी के कारण इसके साइड इफेक्टस की कोई जानकारी नहीं है।
अगर आप इसका इस्तेमाल करने वाले हैं और इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर या हर्बिलस्ट से कंसल्ट करें।
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लिक्विड एक्सट्रेक्ट
वेजी केप्स (346 मिलीग्राम कैप्सूल)
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जुकाम या गले में खराश को कम करने के लिए येरबा सांता की सूखी पत्तियों से चाय बनाएं। या इसके तीन ताजे पत्ते, एक कप पीने के पानी में उबाले और फिर पानी से पत्ते छानकर पी जाएं।
कंजेशन या बंद नाक होने पर पानी में इसके पत्ते डालकर उबालें और उसका भाप लें।
गले की मांसपेशियों या जोड़ों की सूजन की समस्या से राहत पाने के लिए इसके ताजे पत्तों को पानी में उबाले औजर फिर कॉटन के कपड़े को उस पानी में भिगोकर दर्द वाली जगह पर रखें। इससे दर्द, सूजन और अकड़न की समस्या से राहत मिलेगी।
प्रेग्नेंसी में इस औषधि का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि फिलहाल इस पर अधिक अध्ययन नहीं किए गए हैं तो इस बात का अनुमान लगाना मुश्किल है कि इसका गर्भवती महिला और उनके शिशु पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
यहां दी हुई जानकारियों का इस्तेमाल डॉक्टरी सलाह के विकल्प के रूप में न करें। डॉक्टर या हर्बलिस्ट की राय के बिना इस दवा का इस्तेमाल नहीं करें।
येरबा सांता निम्नलिखित रूपों में उपलब्ध हो सकता है:
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Current Version
01/09/2020
Mona narang द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr Sharayu Maknikar
Updated by: Shivam Rohatgi
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr Sharayu Maknikar