डोलोकाइंड प्लस में एसिक्लोफेनेक और पैरासिटामोल तत्व पाए जाते हैं। आमतौर पर इस दवा का इस्तेमाल शरीर में दर्द और सूजन को दूर करने के लिए किया जाता है। ऑस्टियोअर्थराइटिस, रयूमेटाइड अर्थराइटिस और एंक्युलोसिंग स्पोंडिलोसिस (Ankylosing Spondylitis) में ये रिकमेंड की जाती है। ये दवा शरीर में दर्द और सूजन पैदा करने वाले रसायनों को ब्लॉक करती है। बुजुर्गों को जोड़ों में दर्द के लिए भी ये दवा रिकमेंड की जाती है।

डोलोकाइंड प्लस के लेबल पर उसे स्टोर करने से जुड़े कुछ नियम लिखे होंगे। एक बार इन्हें अच्छे से पढ़ें। इसके अलावा इसे कमरे के तापमान में सीधी धूप और नमी से दूर स्टोर करना सबसे बेहतर होगा। सुरक्षा की दृष्टि से सभी दवाइयों को अपने बच्चों और पेट्स से दूर रखें। दवा को कभी भी टॉयलेट में फ्लश न करें। दवा की जरूरत ना होने या एक्सपायरी की स्थिति में दवा का समुचित तरीके से निस्तारण जरूरी है। सुरक्षित तरीके से इसका निस्तारण करने के लिए अपने फार्मासिस्ट से सलाह लें।
यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी दवा या सप्लिमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
हालांकि इसकी खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए डॉक्टर से चर्चा करें।
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इमरजेंसी या ओवरडोज होने की स्थिती में अपने स्थानीय आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें या अपने नजदीकी इमरजेंसी वॉर्ड में जाएं।
अगर डोलोकाइंड प्लस की खुराक लेना भूल जाते हैं तो याद आने पर जल्द से जल्द अपनी खुराक लें। हालांकि, अगर इसके कुछ ही समय बाद आपको अपनी अगली खुराक लेनी हो तो इसे न लें और अपनी नियमित खुराक के अनुसार ही इसका सेवन करते रहें।
डोलोकाइंड प्लस का सेवन करने से कुछ लोगों में निम्नलिखित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं:
ऊपर बताए गए साइड इफेक्ट्स के अलावा भी डोलोकाइंड के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इसमें से कुछ साइड इफेक्ट्स ऐसे भी हैं जो दुर्लभ मामलों में ही सामने आते हैं, लेकिन गंभीर होते हैं। यदि आप इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें।
प्रेग्नेंसी: महिलाओं में इस दवा का असर फर्टिलिटी पर पड़ता है। इसलिए अगर आप गर्भधारण का प्लान कर रही हैं तो इस दवा को न लें। गर्भावस्था के दौरान इस दवा का सेवन सुरक्षित नहीं है।
ब्रेस्टफीडिंग: स्तनपान के दौरान डोलोकाइंड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। यदि जरूरत पड़े तो डॉक्टर की सलाह पर सावधानीपूर्वक इसका इस्तेमाल करें।
लिथियम- डोलोकाइंड प्लस के साथ लिथियम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे शरीर में लिथियम की मात्रा अधिक हो सकती है जो नुकसानदायक हो सकती है।
कोर्टिकोस्टेरॉयड- कोर्टिकोस्टेरॉयड के साथ डोलोकाइंड प्लस लेने से जठरांत्र की ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है।
डिगोक्सिन- डिगोक्सिन हार्ट पेशेंट्स को दी जाती है। डिगोक्सिन और डोलोकाइंड प्लस को साथ में लेने की सलाह नहीं दी जाती है। इससे साइड इफेक्ट्स होने का खतरा रहता है।
एंटीहाइपरटेंसिव दवाइयां: डोलोकाइंड के साथ हाई ब्लड प्रेशर में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे बुजुर्गों में गुर्दे खराब होने का खतरा रहता है।
एल्कोहॉल के साथ ये दवा इंटरैक्ट कर सकती है। इससे पेट की ब्लीडिंग का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा किसी खास डायट के साथ इसका इस्तेमाल करें या नहीं इसके बारे में जानने के लिए अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें।
अपनी मेडिकल कंडिशन के बारे में अपने डॉक्टर संग हर एक चीज शेयर करें। यदि आपको निम्नलिखित में से कोई परेशानी है तो डोलोकाइंड प्लस का सेवन न करें:
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
https://www.medicineindia.org/pharmacology-for-generic/177/aceclofenac-paracetamol
http://www.drugsupdate.com/generic/view/651/Aceclofenac-+-Paracetamol
https://www.mims.com/india/drug/info/aceclofenac%20%2B%20paracetamol/
https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S1063458407000611
Accessed 10 Dec, 2019
Current Version
23/06/2020
Mona narang द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Nidhi Sinha