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अब कोई छेड़े तो भागकर नहीं, मुंह तोड़ कर आना, जानें सेल्फ डिफेंस के टिप्स

अब कोई छेड़े तो भागकर नहीं, मुंह तोड़ कर आना, जानें सेल्फ डिफेंस के टिप्स

महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा, छेड़खानी और बुरा बर्ताव सालों से इस समाज का कड़वा सच बने हुए हैं और दुर्भाग्य से आज भी चिंता का विषय बना हुआ है। कुछ दिनों पहले मीटू मूवमेंट (#Metoo) ने पूरे विश्व को हिलाकर रख दिया था। इस मूवमेंट से पता चला कि, न सिर्फ आम व गरीब लड़कियों को छेड़खानी, यौन हिंसा, प्रताड़ना आदि से गुजरना पड़ता है, बल्कि इससे दुनिया की मशहूर व शक्तिशाली महिलाएं तक सुरक्षित नहीं रह पाई हैं। सभी को किसी न किसी मोड़ पर किसी तरह की हिंसाओं का सामना करना पड़ता है, जिसमें यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) व शारीरिक हिंसा (Physical Assault) काफी आम हैं। इस स्थिति से निकलने के लिए महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस काफी जरूरी हो जाता है।

महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस (Self Defence for Women) कैसे मददगार होगा?

न जाने कितनी लड़कियों और महिलाओं को रास्ते, बस, ऑफिस में गंदे कमेंट्स, ईव टीजिंग (Eve Teasing), शारीरिक हिंसा आदि का सामना करना पड़ता है। लेकिन, अधिकतर मामलों में वह ऐसा करने वाले अपराधियों का मुकाबला करने के बजाय बचकर चलना या नजरअंदाज करना शुरू कर देती हैं। लेकिन सेल्फ डिफेंस की मदद से न सिर्फ लड़कियों और महिलाओं को मुकाबला करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है, बल्कि इसके साथ उन्हें आत्मरक्षा करने के ऐसे तरीके सीखाए जा सकते हैं, जिससे कोई भी अपराधी किसी और के साथ बदतमीजी या छेड़छाड़ करने से पहले कई बार सोचेगा।

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लड़कियों को आत्मरक्षा सीखा रही है भारत सरकार

देश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के बढ़ते हुए मामले देखकर सरकार ने महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग ‘रक्षा’ की शुरुआत की। इसमें सभी सरकारी स्कूलों व अन्य स्कूलों में छठी क्लास से लेकर 12वीं क्लास तक की लड़कियों को सेल्फ डिफेंस तकनीक सीखाई जा रही है। जिससे वह अपनी व्यक्तिगत चीजों, जैसे चाबी का गुच्छा, दुपट्टा, स्टॉल, मफलर, बैग, पेन-पेंसिल आदि को अपना हथियार बनाकर आत्मरक्षा कर सकती हैं और किसी भी प्रकार की हिंसा व छेड़खानी का मुंहतोड़ जवाब दे सकती हैं। राज्य सरकारें भी इस तरह कई प्रोग्रामों का आयोजन करती रहती हैं, जैसे- ओडिशा की 2013 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं व लड़कियों को सशक्त करने, किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा से आत्मरक्षा करने का तरीका सीखाने व उनमें आत्मनिर्भरता व समाज में अपनी पहचान खुद बनाने का साहस बढ़ाने के लिए एक यूथ पॉलिसी बनाई गई थी।

महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस टिप्स

अगर किसी महिला या लड़की के लिए कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की शारीरिक हिंसा का कारण बन रहा है, तो वह इन आसान, लेकिन खतरनाक टिप्स की मदद से उसको मुंहतोड़ जवाब देकर आत्मरक्षा कर सकती हैं। आइए, इन मददगार टिप्स के बारे में जानते हैं।

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ग्रोइन किक (Groin Kick)

अगर किसी महिला पर कोई व्यक्ति सामने से हमला करने की कोशिश करता है, तो ग्रोइन किक उसे धराशायी करने के लिए काफी है। इससे न सिर्फ आप उसके हमले से बच पाएंगी, बल्कि वहां से दूर भी जा पाएंगी क्योंकि इस तकनीक से वह कुछ सेकेंड तो उठ नहीं पाएगा। आत्मरक्षा के लिए इस टिप का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले खुद को जितना हो सके, स्थिर कर लें। अब जो पैर आपका डोमिनेंट है, उसके घुटने को ऊपर की तरफ उठाएं और तेजी से अपने पैर को आगे फैलाते हुए सामने वाले व्यक्ति के ग्रोइन एरिया पर मारें। ग्रोइन एरिया पेट और जांघों के बीच का हिस्सा होता है। ध्यान रखें व्यक्ति आपके पैर के रडार में होना चाहिए और आपके पैर की गति तेज होनी चाहिए।

महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस टिप- एल्बो हिट (Elbow Hit)

अगर कोई हमलावर पीछे से आकर आपको दबोच लेता है, तो आप उसकी पकड़ से एल्बो हिट की मदद से निकल सकते हैं। यह टिप सामने वाले को बहुत दर्द दे सकती हैं, इसका नियमित अभ्यास इसे और भी घातक बना सकता है। इसे करने के लिए आपको सबसे पहले अपने पैरों और धड़ को स्थिर व मजबूत करना होगा। इसके बाद थोड़ा-सा आगे की तरफ कमर झुकाएं और घूमकर अपनी कोहनी से पीछे खड़े हमलावर के मुंह, गले या ठुड्डी पर हमला करें। इससे उसकी पकड़ ढीली होगी और उसके बाद उसके पेट में कोहनी मारें, इससे वह जमीन पर गिर पड़ेगा।

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फिंगर्स स्वोर्ड (Finger’s Sword)

यह टिप उस खतरनाक स्थिति में काफी मददगार साबित होता है, जब कोई हमलावर आपको किसी कोने में दबोच लेता है और आपके पास भागने या बचने के लिए कोई रास्ता नहीं बचता। लेकिन आपको भागने या बचने की क्या जरूरत है, जब आप उसे उसकी भाषा में ही जवाब दे सकती हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने शरीर को सीधा व बैलेंस्ड करें। अब अपनी इंडेक्स व मिडिल फिंगर से सामने वाले व्यक्ति की आंखों में सीधा मारें या फिर उसकी कॉलरबोन (collarbone) के बीचोबीच जहां दोनों कंधों की हड्डी मिलती है, वहां मारें। इससे वह अस्थिर हो जाएगा और फिर उसकी पसलियों या ग्रोइन एरिया में तेज और जोरदार मुक्का मारें।

आत्मरक्षा – हाथ कैसे छुड़ाएं

अगर कोई व्यक्ति आपका एक हाथ पकड़ लेता है और खींचने या रोकने की कोशिश करता है, तो आप इस तकनीक से आसानी से उससे अपना हाथ छुड़ा सकती हैं। इसके लिए आप अपने शरीर को सीधा करने की कोशिश करें और पूरा संतुलन अपने पैरों पर रखें। अब अपने हाथ की उंगलियों को कलाई की तरफ मोड़ें और फिर झटके से अपनी उंगलियों को सीधा करते हुए अपने हाथ को खीचें। इससे उसकी पकड़ ढीली हो जाएगी और इस आक्रामक जवाब के बाद वह आपके पास आने से पहले कई बार सोचेगा।

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बोनस सेल्फ डिफेंस टिप्स

ध्यान रखें ऊपर बताई गई तकनीकें काफी सामान्य है और आत्मरक्षा के लिए इनका इस्तेमाल कोई भी आसानी से कर सकता है। इससे एडवांस आत्मरक्षा के टिप्स सीखने के लिए आप कोई क्लास भी ज्वाइन कर सकती हैं। लेकिन इन तरीकों को ही प्रभावशाली बनाने के लिए आप निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें।

  1. आपका प्रहार जितना तेज और ताकतवर होगा, हमलावर को उतना ही नुकसान पहुंचाएगा।
  2. इस बात की चिंता न करें कि इससे आपके किसी मुकदमे या शिकायत में फंस सकती हैं, बल्कि भारतीय कानून के मुताबिक, कोई भी महिला ऐसी किसी खतरनाक स्थिति में अपनी आत्मरक्षा के लिए सामने वाले व्यक्ति पर प्रहार कर सकती है।
  3. अगर आपके हाथ में कोई सामान है, तो उसे हमलावर के चेहरे पर मारें।
  4. प्रहार करते हुए अपने शरीर को जितना हो सके स्थिर और शारीरिक भार अपने दोनों पैरों पर बराबर रखें
  5. महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस टिप्स का आप घर में जितना अभ्यास करेंगी, उतना प्रभावशाली प्रहार हो पाएगा।
  6. याद रखें, आप किसी भी मायने में किसी से कम नहीं है।

महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस टिप्स अपनाने के साथ-साथ अपनी रक्षा करने के लिए अन्य टिप्स को अपनाना न भूलें। इन टिप्स में शामिल है:

स्प्रे:

जब आप कहीं बाहर जा रहीं हों, तो अपने साथ परफ्यूम पेपर स्प्रे कैरी करना न भूलें। परफ्यूम पेपर स्प्रे को पॉकेट या पर्स में आसानी से कैरी किया जा सकता है और किसी भी अनुचित परिस्थिति में आपके बेहद काम की चीज है।

पेन या कॉम्ब नाइफ:

महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस टेक्निक जानने के साथ-साथ आप अपने साथ पेन या कॉम्ब नाइफ का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पेन की तरह दिखने वाला एक छोटा सा गैजेट है, जिसे आप अपने पर्स या पॉकेट में रख सकती हैं। पेन या कॉम्ब नाइफ टू इन वन की तरह है। आप इससे लिखने या अपने बालों को सवारने के साथ-साथ सेल्फ डिफेंस के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

पेपर फोम:

पेपर फोम एक तरह पेपर स्प्रे ही होता है। लेकिन पेपर फोम पेपर स्प्रे की तुलना में कम स्ट्रॉन्ग होता है। आप अपनी इच्छा अनुसार और सेफ्टी को ध्यान में रखकर इनका चुनाव कर सकते हैं। महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस के तौर पर पेपर फोम का इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैट कीचेन:

महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस सीखने के साथ-साथ कैट कीचेन जैसे छोटी-छोटे प्रोडक्ट भी अपने साथ कैरी किया जा सकता है। कैट कीचेन को इस तरह से डिजाइन किया जाता है, जिससे इसे आप अपने उंगली में फसा सकते हैं और कीचेन का सामने का हिस्सा नुकीला रखा जाता है। बिल्ली के कान की तरह दिखने वाली ये कीचेन आपके बड़े काम की चीज है।

महिलाओं के लिए सेल्फ डिफेंस के साथ-साथ ऊपर बताये प्रोडक्ट्स को भी अपने साथ कैरी किया जा सकता है और रास्तों पर चल रहे मनचले को आसानी से सबक भी सीखा सकती हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Self Defence Training (RAKSHA) – http://samagra.mhrd.gov.in/raksha.html – Accessed on 25/5/2020

SELF-DEFENCE TRAINING PROGRAMME OF GIRL STUDENTS – IN THE STATE UNDER – STATE YOUTH POLICY-20l3 – http://www.dheodisha.gov.in/DHE/PDF/SDT.pdf – Accessed on 25/5/2020

The Facts behind the metoo movement – http://www.stopstreetharassment.org/wp-content/uploads/2018/01/Full-Report-2018-National-Study-on-Sexual-Harassment-and-Assault.pdf – Accessed on 25/5/2020

“I Can Take Care of Myself”: The Impact of Self-Defense Training on Women’s Lives – https://journals.sagepub.com/doi/10.1177/1077801203256202 – Accessed on 25/5/2020

Perpetrators of Sexual Violence: Statistics – https://www.rainn.org/statistics/perpetrators-sexual-violence – Accessed on 25/5/2020

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Surender aggarwal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/11/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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