रेड मीट बन सकता है ब्रेस्ट कैंसर का कारण, खाने से पहले इन बातों का ख्याल रखना जरूरी

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जुलाई 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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प्रोसेस्ड मीट और रेड मीट से बढ़ सकती है बीमारी

भारतीय महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे आम कैंसर है। हर 4 मिनट में एक महिला को स्तन कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी मिलती है। भारत में हर 8 मिनट में एक महिला की मौत ब्रेस्ट कैंसर के कारण होती है और 30-50 साल की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ज्यादा देखा जाता है। ये आंकड़े The Pink Initiative (ब्रेस्ट कैंसर इंडिया) की ओर से जारी किए गए हैं। ये फेक्ट्स आपको परेशान और चिंतित करने के लिए नहीं हैं। लेकिन, ऐसे में सवाल उठता है की क्यों इतनी तेजी से ब्रेस्ट कैंसर से लड़ने के बजाए महिलाएं दम तोड़ देती हैं। किसी भी बीमारी से बचने के लिए हम सभी को स्वस्थ रहना जरूरी है और स्वस्थ्य रहने के लिए पौष्टिक आहार का सेवन करना जरूरी है। इस आर्टिकल में जानेंगे कि कैसे कई बार मांसाहार (रेड मीट) भी ब्रेस्ट कैंसर का कारण बन सकता है।

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प्रोसेस्ड मीट और रेड मीट से क्यों बढ़ सकती है ब्रेस्ट कैंसर की समस्या ?

कुछ रिसर्च के अनुसार, नियमित रूप से रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट खाने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। एक रिसर्च के अनुसार, रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट कार्सिनजेनिक होते हैं, जिससे ब्रेस्ट कैंसर के साथ-साथ प्रोस्टेट कैंसर और पेट के कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है। 7 वर्षों तक लगातार 42,000 से ज्यादा महिलाओं पर नजर रखी गई और पाया गया कि रेड मीट के ज्यादा सेवन से इनवेसिव ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ गया। वहीं जो महिलाएं रेड मीट की जगह चिकन (मुर्गा) खाती थीं, उनमें स्तन कैंसर का खतरा कम पाया गया।

डॉक्टर या आहार विशेषज्ञों के सलाह अनुसार, रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट का सेवन किया जा सकता है। लेकिन हर व्यक्ति का शरीर अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है। ऐसे में शरीर के जरूरत अनुसार किसी भी खाद्य पदार्थ सेवन करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है।

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रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट के साथ-साथ और किन-किन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए ?

  • फैट (वसा)- सभी फैट हेल्थ के लिए हानिकारक नहीं होते हैं लेकिन, प्रोसेस्ड फूड मौजूद फैट (वसा) ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए तले-भुने खाद्य पदार्थ, फ्रोजन फूड या डोनट जैसे खाने की चीजों पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।
  • शुगर (चीनी)- अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च (AACR) के अनुसार डाइट्री शुगर की वजह से भी स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
  • एल्कोहॉल (शराब)- एल्कोहॉल के नियमित सेवन से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। Breastcancer.org की रिपोर्ट के अनुसार एल्कोहॉल से एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ सकता है और इससे डीएनए को नुकसान हो सकता है।

और पढ़ें: ऐसे 5 स्टेज में बढ़ने लगता है ब्रेस्ट कैंसर

इन टिप्स को फॉलो करें- 

इन सभी के साथ ब्रेस्ट में हो रहे बदलाव को नजरअंदाज न करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

और पढ़ें: अंडरवायर ब्रा पहनने से होता है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा ?

क्या रेड मीट से बढ़ता है कैंसर का खतरा

कई अवलोकन अध्ययनों से पता चलता है कि रेड मीट की खपत कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है। माना जाता है कि रेड मीट कोलोरेक्टल कैंसर का कारण बन सकता है, यह दुनिया में चौथा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। इन अध्ययनों में यह भी सामने आया कि प्रोसेस्ड मीट और रेड मीट को खाने से कैंसर का खतरा बढ़ता है। वहीं कई अध्ययनों की समीक्षा करने पर सामने आया कि रेड मीट से कोलोरेक्टल कैंसर की जोखिम कम था, तो वहीं पुरुषों पर इसका इफेक्ट पाया गया। लेकिन महिलाएं इसके दायरे से बाहर थीं। वहीं अन्य अध्ययनों में पाया गया कि यह सिर्फ रेड मीट कैंसर का कारण नहीं है। बल्कि रेड मीट को पकाते समय बनने वाले हानिकारक कम्पाउंड के कारण कैंसर के जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में रेड मीट को पकाने के तरीका काफी महत्व रखता है। इसी पर निर्भर करता है कि यह आपके लिए पोषण का भंडार होने वाला है या कैंसर का कारण बन सकता है।

जब रेड मीट के सेवन की बात आती है, तो कैंसर को लेकर भी फैले कई मिथों की बात होने लगती है। अक्टूबर 2015 में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें कहा गया कि रेड मीट “मनुष्यों के लिए संभवतः कैंसर का कारण बन सकता है”, जिसका अर्थ है कि कुछ सबूत हैं कि यह कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।

इसके अतिरिक्त, डब्ल्यूएचओ ने निष्कर्ष निकाला कि प्रोसेस्ड मीट (मांस, जिसमें स्वाद बढ़ाने, संरक्षण, किण्वन, धूम्रपान या स्वाद बढ़ाने या संरक्षण में सुधार करने के लिए अन्य प्रक्रियाओं के माध्यम से बदलाव किए जाते हैं) “मनुष्यों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जिसका अर्थ है कि पर्याप्त सबूत हैं कि प्रोसेस्ड मीट के सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए डब्ल्यू एच ओ की इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च (IARC) ने 800 से अधिक अध्ययनों की समीक्षा की है। इन रिसर्च को रेड मीट या प्रोसेस्ड मीट से कैंसर के खतरे का पता लगाने के लिए किया गया था।

और पढ़ें:  ब्रेस्ट कैंसर से डरें नहीं, आसानी से इससे बचा जा सकता है

रेड मीट से हार्ट की समस्या

दुनिया भर के सभी देश हार्ट की बीमारियों से जूझ रहे हैं। यह मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं। अकेले अमेरिका में ही दिल की बीमारियों के कारण हर साल लगभग 6 लाख लोगों की मौत हो जाती है। दिल की बीमारियों के लिए असंतुलित आहार, सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल को जिम्मेदार माना जाता है। कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि रेड मीट इन तीनों के लिए एक मुख्य स्त्रोत माना जाता है। इस कारण ऐसा माना जाता है कि रेड मीट से दिल की समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। साल 2014 में स्वीडन में किए गए एक अध्ययन में सामने आया कि जिन लोगों ने रोजाना 75 ग्राम रेड मीट का सेवन किया उन्हें दिल की बीमारियां होने का खतरा 1.28 फीसदी ज्यादा था। इन लोगों की तुलना ऐसे लोगों से की गई जिन्होंने डेली 25 ग्राम रेड मीट का सेवन किया

यदि आप प्रोसेस्ड मीट और रेड मीट का सेवन करती हैं, तो एहतियात बरतें। इस लेख में आपको इससे होने वाले दुष्परिणामों के बारे में मालूम हो गया होगा। हमें उम्मीद है आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। इस आर्टिकल में प्रोसेस्ड मीट और रेड मीट के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम अधिक होता है, इसकी जानकारी दी गई है। इसके बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो अपने चिकित्सक से कंसल्ट करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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