Piles : बवासीर क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

बवासीर (Hemorrhoids) क्या है?

बवासीर रोग (पाइल्स) में गुदा व मलाशय में मौजूद आसपास की नसों में सूजन आ जाती है। यह सूजन मलाशय के अंदर या गुदा के आसपास दिखाई दे सकती है। ऐसा आमतौर पर स्टूल पास करने के दौरान तनाव की वजह से होता है। बवासीर के प्रकार इस बात पर निर्भर करता है कि वह मलाशय के किस हिस्से में हुआ है।

  • अंदरूनी पाइल्स : बवासीर का यह प्रकार मलाशय के अंदर विकसित होता है। अंदरूनी बवासीर सामान्य तौर पर कोई गंभीर स्थिति पैदा नहीं करता है लेकिन, कभी-कभी दर्द रहित ब्लीडिंग हो सकती है।
  • बाहरी बवासीर : बवासीर का यह प्रकार मलाशय के ऊपर विकसित होता है। ऐसी बवासीर में दर्द के साथ खुजली भी होती है और कभी-कभी दरार और खून भी आ सकता है।

बवासीर कोई गंभीर और संक्रामक बीमारी नहीं है। आमतौर पर यहह अपने आप ही ठीक हो जाती है या इसे दवाओं से भी ठीक किया जा सकता है।

बवासीर (Hemorrhoids) कितनी सामान्य बीमारी है?

बवासीर बहुत ही आम बीमारी है। 50 वर्ष की आयु वालों पर किए गए एक शोध में लगभग आधे लोगों में बवासीर की बीमारी थी। यह बीमारी पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित करती है लेकिन, गर्भवती महिलाओं और पुरानी कब्ज या दस्त के रोगियों में यह अधिक पाई जाती है।

जानें इसके लक्षण

बवासीर के लक्षण क्या हैं?

बवासीर (Hemorrhoids) के सामान्य लक्षण हैं:

  • स्टूल पास करने के दौरान ब्लीडिंग होना
  • गुदा क्षेत्र में खुजली और जलन
  • स्टूल पास (मल त्याग) के दौरान दर्द और असुविधा
  • गुदा के आसपास सूजन
  • गुदा के पास एक संवेदनशील या दर्दनाक गांठ

ज्यादातर दर्द बाहरी बवासीर के कारण होता है। आंतरिक पाइल्स की वजह से आमतौर पर किसी भी तरह का दर्द नहीं होता है।

हो सकता है ऊपर दिए गए लक्षणों में कुछ लक्षण शामिल न हो। यदि आपको किसी भी लक्षण के बारे में कोई चिंता है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

  • जब पाइल्स दर्दनाक हो और घरेलू उपचार काम न करे
  • यदि मल का रंग काला हो
  • मल में खून आए
  • चक्कर आना

ये सब लक्षण बवासीर की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की ओर संकेत करते हैं। अपने डॉक्टर से तुरंत जांच करवाएं।

पाइल्स (Hemorrhoids) के क्या कारण हैं?

पाइल्स सूजन वाली नसों के कारण होता है, जो निचले मलाशय में बढ़े हुए दबाव से विकसित होती है। इस दबाव का कारण बनने वाले कारकों में ये मुख्य हो सकते हैं :

  • मल त्याग के दौरान तनाव
  • लंबे समय तक बैठे रहना
  • पुरानी दस्त या कब्ज होना
  • अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त होना
  • गर्भवती होने पर
  • कम फाइबर वाला आहार लेना

बवासीर (Hemorrhoids) का खतरा किसे ज्यादा होता है?

  • ऐसी नौकरी, जिसमें लोग लंबे समय तक बैठे या खड़े रहते हैं
  • पुराने दस्त या कब्ज
  • प्रेग्नेंट होना
  • एनल सेक्स (गुदा सेक्स)
  • जिसके आहार में वसा अधिक और फाइबर कम होता है
  • 60 वर्ष से अधिक होने पर

आपको अधिक जानकारी के लिए अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

बवासीर (Hemorrhoids) के निदान और उपचार को समझें

दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

पाइल्स (Hemorrhoids) का निदान कैसे किया जाता है?

उचित निदान देने के लिए आपका डॉक्टर नीचे बताए गए परीक्षण कर सकता है:

  • चिकित्सा और फिजिकल टेस्ट
  • निदान और उपचार को समझें

प्रदान की गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

बवासीर Hemorrhoids) का परीक्षण कैसे किया जाता है?

आपको एक उचित निदान देने के लिए, आपका डॉक्टर नीचे बताए गए परीक्षण कर सकता है:

  • चिकित्सा और शारीरिक परीक्षा
  • निरीक्षण- एक चिकित्सीय उपकरण के द्वारा यह टेस्ट किया जाता किया जाता है, जिसमें गुदा (एनोस्कोप, प्रोक्टोस्कोप या सिग्मोइडोस्कोप) के अंदर का निरीक्षण करते हैं।

बवासीर (Hemorrhoids) का इलाज कैसे किया जाता है?

कुछ बवासीर अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन, कुछ प्रकार के बवासीर को उपचार की आवश्यकता हो सकती है। इन उपचार विकल्पों में शामिल हो सकते हैं:

  • फाइबर सप्लिमेंट जैसे- पसीलियम (Metamucil) या मिथाइलसेल्यूलोस (Citrucel) से कब्ज में मदद करके बवासीर का इलाज किया जाता है
  • ओवर-द-काउंटर क्रीम और सपोसिटरी का उपयोग से अस्थाई रूप से बवासीर के दर्द और खुजली से छुटकारा दिला सकते हैं। 
  •  जरूरत पड़ने पर पाइल्स को हटाने के लिए हेमोराहाइडेक्टोमी प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है।

जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

क्या जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार की मदद से बवासीर (Hemorrhoids) से कैसे निपटा जा सकता है?

नीचे बताई गई जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको बवासीर से निपटने में मदद कर सकते हैं:

  • उच्च फाइबर आहार खाएं और खूब पानी पिएं।
  • दिन में कई बार 10 मिनट के लिए गर्म पानी के टब में बैठें।
  • व्यायाम करें।
  • गुदा क्षेत्र (एनल) को साफ रखें।
  • ड्राई टॉयलेट पेपर का उपयोग न करें।
  • मल त्याग के बाद गुदा क्षेत्र को साफ करने के लिए नम तौलिए या गीले टॉयलेट पेपर का उपयोग करें।
  • सूजन से राहत पाने के लिए ठंडी सिकाई करें।

अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप Hello Health Group किसी भी तरह के चिकित्सा परामर्श और इलाज नहीं देता है।

रिव्यू की तारीख अगस्त 29, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अगस्त 29, 2019

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