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laparoscopy scarless surgery: लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी क्या है?

परिचय|जोखिम|प्रक्रिया|रिकवरी
laparoscopy scarless surgery: लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी क्या है?

परिचय

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी क्या है?

लैप्रोस्कोपी एक ऐसा टर्म है, जिसमें एक छोटे चीरे के जरिये पेरीटोनियल कैविटी की जांच की जाती है। यह विषेश सर्जरी नाभि पर एक छोटे छेद या चीरे के जरिये की जाती है, जो लगभग 1/4वें हिस्से से लेकर 1 इंच लंबा होता है। इसे लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी के नाम से जाना जाता है। पूरे ऑपरेशन को टेलीस्कोपिक वीडियो कैमरे के जरिये देखा जाता है। यह कैमरा एक चीरे के जरिये अंदर रखा जाता है और पूरे ऑपरेशन का रिकॉर्ड टीवी मॉनीटर पर देखा जा सकता है। ऑपरेशन को पूरा करने की प्रक्रिया में अन्य चीरे के जरिये सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट मरीज की बॉडी में अंदर डाले जाते हैं। इस प्रक्रिया को लैप्रोस्कोपी मिनिमल इनवेसिव सर्जरी (एमआईएस) के नाम से भी जाना जाता है।

कम से कम चीरे के साथ यह सर्जरी कई हानि रहित स्त्री रोग समस्याओं के उपचार के लिए इस्तेमाल की जाती है। भले ही पारंपरिक सर्जरी हो या रोबोटिक मदद वाली सर्जरी, दोनों ही स्त्री रोग में सर्जरी की पूरी प्रक्रिया से संबंधित होती हैं। चिकित्सा जगत में तकनीकी सफलता और सर्जरी में अनुभवी चिकित्सकों के सराहनीय प्रयासों से इन उन्नत प्रक्रियाओं में कम से कम निषान पड़ने या चीरे की जरूरत रह गई है।

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी के लाभ

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी मरीजों के लिए पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कई तरह से फायदेमंद है। ऐसा माना जाता है कि लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी किसी अन्य सर्जरी की पारंपरिक विधि के मुकाबले ज्यादा प्रभावी होती है। लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी या मिनिमल इनवेसिव सर्जरी के लाभ निम्नलिखित हैंः

छोटा चीरा

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी का एक बेहद महत्वपूर्ण लाभ चीरे का छोटा आकार है। यदि हम किसी पारंपरिक सर्जरी (जिसमें ऑपरेशन करने के लिए लंबा चीरा लगाया जाता है) से इसकी तुलना करें, तो लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी में ऑपरेशन के लिए बेहद छोटे चीरे की जरूरत होती है। इस प्रक्रिया में ट्यूब, कैमरा, फाइबर-ऑप्टिक लाइट आदि जैसे मेडिकल उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है।

कम दर्द

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी के दौरान, यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद आपके शरीर में कम दर्द होता है। जबकि, पारंपरिक रूप से की जाने वाली अन्य किसी सर्जरी में यह दर्द बना रहता है। इसके अलावा, लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी के मरीजों की तुलना में अन्य सर्जरी में उन्हें दर्द निवारक दवाएं लेने की जरूरत होती है।

अस्पताल में कम समय तक भर्ती रहने की जरूरत

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी वाले मरीजों को कुछ ही दिन में घर जाने की अनुमति दे दी जाती है । वह अपने दैनिक कार्य पुनः शुरू कर सकते हैं। जबकि, पारंपरिक सर्जरी में ज्यादा आराम के लिए मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में रखने की आवश्यकता होती है।

और पढ़ें: Cholesteatoma surgery : कोलेस्टेटोमा सर्जरी क्या है?

जोखिम

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी में आमतौर पर जोखिम कम ही देखने को मिलते हैं। इस सर्जरी से शरीर में लाभ अधिक पहुंचते हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार की समस्याओं से छुटकारा मिलता है। जानिए लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी से क्या लाभ पहुंचते हैं।

हेल्थ की रिकवरी होती है तेज

जब आपके शरीर में छोटे या कम चीरे लगाए जाते हैं तो आप जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं, क्योंकि इसमें शरीर में कम टांके लगाए जाते हैं। वहीं, पारंपरिक रूप से की जाने वाली सर्जरी में आपके शरीर को चीरों या निषान से रिकवर होने में कई दिन लग जाते हैं।

पड़ते हैं कम निशान

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी में आपके शरीर पर कम संख्या में चीरे लगाए जाते हैं और इससे निशान भी कम पड़ते हैं। इससे ऑपरेशन पूरा होने के बाद कम टांके लगाए जाते हैं, जिससे आपके शरीर में कम निशान दिखते हैं। जबकि, पुरानी सर्जरी प्रक्रिया में बड़े आकार के और कई चीरे लगाए जाते हैं, जिससे आपके शरीर पर ज्यादा टांके लगते हैं।

कारगर परिणाम

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी का परिणाम पुराने जमाने की सर्जरी की तुलना में अधिक कारगर होता है। इसमें टेलीस्कोपिक कैमरे का इस्तेमाल होता है, जिससे शरीर के आंतरिक अंगों की जानकारी बेहतर तरीके से देखी जा सकती है।

मांसपेशियों और अंगों को कम नुकसान

कम चीरे और निशान के साथ आपकी मांसपेशियों और अंगों को पूरी तरह काम करने में कम तकलीफ होती है, जबकि बड़े आकार की सर्जरी में आपके शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए मांसपेशियों और अंगों पर ज्यादा दबाव पड़ता है।

और पढ़ें: Male Breast Reduction : मेल ब्रेस्ट रिडक्शन कैसे होता है?

ब्लीडिंग होती है कम

यह स्पष्ट है कि यदि चीरा छोटा हो तो ब्लीडिंग कम होगी और दूसरी तरफ यदि चीरा बड़ा लगाया गया हो या कई चीरे लगाए गए हों तो लैप्रोस्कोपिक स्कारलेस सर्जरी की तुलना में रक्तस्राव ज्यादा होगा।

लैप्रोस्कोपिक स्कारलेस सर्जरी आमतौर पर निम्नलिखित के संदर्भ में की जाती हैः

  • आपकी नाभि या पेडू के आसपास ट्यूमर जैसी असामान्य गांठ की जांच के लिए
  • एंडोमेट्रियोसिस, पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (पीआईडी) और एक्टोपिक प्रेग्नेंसी की जांच और उपचार के लिए
  • महिला को गर्भवती होने में समस्या की पहचान के लिए। ये कारण आपके शरीर में सिस्ट, फाइब्रॉएड्स या अन्य संक्रमण हो सकते हैं।
    बायोप्सी के लिए।
  • यह पता लगाने के लिए कि क्या कैंसर पेट तक फैल गया है या नहीं।

लैप्रोस्कोपिक स्कारलेस सर्जरी तेजी से लोकप्रिय हो रही ऐसी तकनीक है, जिसका इस्तेमाल चिकित्सकों द्वारा सफलतापूर्वक किया जाता है। इसका इस्तेमाल अपेंडिक्स, गॉल ब्लैडर, गर्भाशय निकालने और बेरिएट्रिक सर्जरी से संबंधित समस्याओं का उपचार तलाशने वाले मरीजों में किया जा सकता है। पेट से संबंधित कई और बड़ी सर्जरी कराने वाले मरीजों को लैप्रोस्कोपिक स्कारलेस सर्जरी कराने की सलाह नहीं दी जाती है, या गंभीर रूप से सूजन की समस्या से ग्रसित लोगों को इस तरह की सर्जरी नहीं करानी चाहिए। इसका कारण यह है कि कई सर्जरी या सूजन की समस्या मरीज के पेट में अंदर की पिक्चर या दृष्यता को सीमित कर सकती हैं।

और पढ़ें: Oophorectomy : उफोरेक्टमी क्या है?

प्रक्रिया

लैप्रोस्कोपिक स्कारलेस सर्जरी कैसे की जाती है?

यह सर्जरी आपके पेट पर एक चीरे के जरिये की जाती है, यह खास प्रक्रिया में पेरीटोनियल कैविटी या पेट में मेडिकल इक्विपमेंट लगाया जाता है। मरीज की नाभि के आसपास निशान या चीरा लगाया जाता है। स्कारलेस सर्जरी की वजह से जो आसानी से नहीं दिखता है या छिप सकता है।

इनमें भी की जाती है लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी

ऐसी सर्जरी निम्नलिखित समस्याओं से जूझ रहे लोगों में भी की जा सकती हैः

  • एशरमैन सिंड्रोम के लिए डेसियोलाइसिस
  • यूटराइन पॉलिप्स में पोलीपेक्टोमी
  • यूटराइन फाइब्रॉएड्स में मायोमेक्टोमी
  • कन्सेप्शन के रिटेन्ड प्रोडक्ट्स को हिस्टेरोस्कोपिक के जरिये हटाना
  • गर्भाशय से रक्तस्राव में हिस्टेरोस्कोपिक डी और सी
  • एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में सेल्पिनगेक्टेमी/ सेल्पिनगोस्टोमी
  • एंडोमेट्रियोसिस में एंडोमेट्रियोमा अैर एडेसियोलाइसिस को हटाना
  • यूटराइन फाइब्रॉएड्स में लैप मायोमेक्टोमी
  • ओवेरियन सिस्ट में लैप ओवरियन सिस्टेक्टोमी
  • पेल्विक ऑर्गन प्रोलैप्स में लैप सैक्रोकोलपोपेक्सी
  • टोटल लैप हिस्टेरेक्टोमी
  • पेल्विक एडेसंस में लैप एडेसियोलाइसिस
  • एंडोमेट्रियोटिक स्पॉट्स पेल्विक पेन में लैप कोटराइजेशन

मौजूदा समय में लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी प्रक्रिया में इतनी तेजी से बदलाव आ रहा है कि एक दिन हमें मरीजों को सर्जरी के दौरान छोटा चीरा भी नहीं लगाने की जरूरत होगी। एक समय ऐसा आएगा जब चिकित्सक पेट और रेक्टम का ऑपरेशन किए बगैर चीरा लगाने में सक्षम होंगे। चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ते तकनीकी विकास और तकनीकों की वजह से हर कोई मिनिमम इनवेसिव और दर्द रहित प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करेगा।

रिकवरी

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी के बाद खुद का ख्याल कैसे रखना चाहिए ?

लैप्रोस्कोपी स्कारलेस सर्जरी के बाद जब तक आप हॉस्पिटल में रहेंगे, डॉक्टर और नर्स आपकी पूरी देखभाल करेंगे। सर्जरी के बाद जब आप घर में जाएंगे तो डॉक्टर आपको बता देंगे कि किस तरह से आपको अपनी दिनचर्या में बदलाव के साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत पड़ सकती है। सर्जरी के बाद आपको कब तक आराम करना चाहिए, इसके बारे में आपका डॉक्टर आपको निर्देश दे सकते हैं।

लैप्रोस्कोपी के बाद आहार

लैप्रोस्कोपी के बाद आहार में हल्का और जल्दी पचने वाला खाना डॉक्टर खाने की सलाह देगा। आपको कुछ सब्जियां जैसे कि तरोई, लौकी, परवल आदि खाने की सलाह दी जा सकती है। साथ ही मौसमी फल का जूस लेने की भी सलाह दी जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से लैप्रोस्कोपी के बाद आहार के बारे में जरूर पूछें।

इस संबंध में आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि आपके स्वास्थ्य की स्थिति देख कर ही डॉक्टर आपको उपचार बता सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

laparoscopy scarless surgery:  https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4501972/Accessed on 6/7/2020

laparoscopy scarless surgery:https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/21197236/ Accessed on 6/7/2020

laparoscopy scarless surgery:https://columbiasurgery.org/minimal-access/scarless-and-minimal-access-surgery Accessed on 6/7/2020

laparoscopy scarless surgery:   https://health.ucsd.edu/news/2008/Pages/3-28-Scarless%20Surgery%202.aspx Accessed on 6/7/2020

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डॉ अरुणा कालरा द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 13/05/2021 को
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