Cocoa: कोकोआ क्या है?

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

परिचय

कोकोआ एक ऐसा पौधा है जिससे चॉकलेट का निर्माण किया जाता है। कोकोआ के बीजों को रोस्ट कर के डार्क चॉकलेट बनाई जाती है। इसके अलावा, इसके बीजों को पीस कर उसका पाउडर भी बनाया जाता है। इसको एक औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। कोकोआ बटर को कॉस्मेटिक्स, दवाइयों आदि में भी प्रयोग किया जाता है।

यह कैसे काम करता है?

कोकोआ में कई तरह के केमिकल होते हैं। इसके साथ ही कोकोआ में फ्लैवोनॉयड एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह शरीर में किस तरह से काम करता है। लेकिन, खून की नसों के रिलेक्सेशन में मददगार होता है। साथ ही ब्लड प्रेशर को निम्न रखने में भी सहायता करता है। कोकोआ शरीर में से ऐसे संघटकों (Compounds) को कम करता है जो नसों में ब्लॉकेज करते हैं। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि कोकोआ खून की नसों को ब्लॉक नहीं होने देता है।

उपयोग

इसका उपयोग किस लिए किया जाता है?

कोकोआ का उपयोग चॉकलेट और दवाओं के रूप में किया जाता है। कोकोआ का सेवन करने से दिल संबंधित बीमारियों का जोखिम कम हो जाता है। कोकोआ का उपयोग ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए भी दवा के रुप में किया जाता है। ज्यादातर रिसर्च में पाया गया है कि कोकोआ से बना हुआ डार्क चॉकलेट खाने से हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है। इसके अलावा कोकोआ शरीर में कोलेस्ट्रॉल को भी नियंत्रित रखता है।

कोकोआ का इस्तेमाल इन समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है-

कितना सुरक्षित है कोकोआ का उपयोग ?

कोकोआ का सेवन करना बहुत सुरक्षित है। ज्यादातर लोग इसे चॉकलेट के रूप में खाते हैं। कोकोआ बटर को त्वचा पर लगाना भी सुरक्षित होता है। इससे एजिंग भी नहीं होती है।

विशेष सावधानी और चेतावनी:

कोकोआ का प्रयोग करने से पहले कुछ स्थितिओं में अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से परामर्श ले लेना चाहिए…

  • अगर आप कोई अन्य दवा ले रहे हैं तो भी एक बार कोकोआ का सेवन करने से पहले डॉक्टर का परामर्श जरूरी है।
  • अगर आपको किसी तरह की एलर्जी है तो कोकोआ लेने से पहले हर्बलिस्ट से संपर्क कर लें।
  • अगर महिला गर्भवती है या स्तनपान कराती है तो कोकोआ लेने से पहे एक बार डॉक्टर का परामर्श जरूरी है। क्योंकि कोकोआ में कैफीन पाया जाता है। कैफीन मां के गर्भनाल के लिए हानिकारक होता है। कोकोआ के ज्यादा सेवन से प्रीमेच्योर डिलिवरी भी होती है। यहां तक की गर्भपात का भी खतरा रहता है।
  • स्तनपान कराने वाली मां को शरीर के लिए कैफीन अच्छा नहीं होता है। कैफीन की मात्रा ज्यादा लेने से स्तनपान से बच्चे को चिड़चिड़ापन भी हो सकता है।
  • कोकोआ के ज्यादा सेवन से ब्लड का शुगर लेवेल बढ़ जाता है। जिससे डायबिटीज होने का खतरा है।
  • कैफीन चिंता (Anxiety) को बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार होता है।
  • कोकोआ को ज्यादा खाने से शरीर में कैफीन की ज्यादा मात्रा आंत संबंधी रोग का जनक होता है। इसके अलावा डायरिया की शिकायत भी हो सकती है।
  • कोकोआ के ज्यादा सेवन से माइग्रेन की भी समस्या हो सकती है। इसके अलावा अस्थि संबंधी रोग भी होते हैं।

साइड इफेक्ट

कोकोआ में कैफीन और उससे संबंधित केमिकल्स होते हैं। कोकोआ को ज्यादा मात्रा में खाने से कैफीन संबंधित साइड इफेक्ट्स सामने आते हैं। जैसे कि इंसान खुद को नर्वस महसूस करने लगता है, ज्यादा मूत्रत्याग होना, नींद ना आना और दिल की धड़कनों का बढ़ जाना। कोकोआ त्वचा संबंधित एलर्जी भी उत्पन्न कर सकता है। गैस जैसी पेट संबंधित दिक्कतें भी होने लगती है। हालांकि ज्यादातर लोगों में किसी भा तरह का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं पाया गया है। लेकिन, आपको किसी भी तरह का साइड इफेक्ट अगर नजर आता है तो आप तुरंत अपने डॉक्टर या हर्बलिस्ट से मिलें।

प्रभाव

कोकोआ के साथ मुझ पर क्या प्रभाव पड़ता है?

कोकोआ को आप कुछ दवाओं के साथ न लें तो आपके लिए बेहतर होगा। कुछ दवाओं के साथ आपके शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। वहीं, कुछ साइड इफेक्ट्स भी सामने आ सकते है।

एडनोसिन (Adenosine)

कोकोआ के साथ एडनोसिन नहीं लेना चाहिए। एडनोसिन डॉक्टर दिल की जांच के दौरान देते हैं। इस टेस्ट को कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट कहते हैं। इस टेस्ट को कराने से पहले आपको कोकोआ का सेवन लगभग 24 घंटे पहले बंद कर देना चाहिए।

क्लोजापिन (Clozapine)

कोकोआ का कैफीन क्लोजापिन के साथ रिएक्ट करता है, जिसके कारण साइड इफेक्ट सामने आने लगते हैं। इसमें शरीर में दर्द जैसी भी समस्याएं भी सामने आती है।

डायपिरिडामोल (Dipyridamole)

डायपिरिडामोल का इस्तेमाल भी कार्डियक स्ट्रेस टेस्ट के लिए किया जाता है। इसलिए कोकोआ का सेवन टेस्ट से 24 छंटे पहले बंद कर देना चाहिए।

अर्गोटामिन (Ergotamine)

कोकोआ के कैफीन के साथ मिल कर अर्गोटामिन शरीर द्वारा किसी भी चीज को ग्रहण करने की क्षमता को बढ़ा देता है। इससे कई करह के साइड इफेक्ट्स सामने आते हैं।

एस्ट्रोजेंस (Estrogens)

एस्ट्रोजेंस के साथ कोकोआ लेने से शरीर में दर्द, सिर दर्द, दिल की धड़कनों का बढ़ना आदि समस्याएं होती हैं। कोकोआ का कैफीन शरीर की गतिविधियों को धीमा कर देता है।

लीथियम (Lithium)

लीथियम हमारे शरीर में प्राकृतिक रूप से होता है। इसलिए अगर आप लीथियम के साथ कोकोआ ले रहे हैं तो उसे धीरे-धीरे बंद कर दें, वरना आपके शरीर में साइड इफेक्ट्स नजर आने लगेंगे।

अस्थमा की दवाएं (Asthma)

कोकोआ की कैफीन दिल को उत्तेजित करता है। अस्थमा की दवाओं के साथ कोकोआ लेने से दिल से संबंधित बीमारियां हो सकती है।

डायबिटीज की दवाएं (Diabetes)

डायबिटीज की दवाओं के साथ कोकोआ नहीं लेना चाहिए। क्योंकि डायबिटीज की दवाएं आपके शुगर लेवल को कम करने के लिए होती है। लेकिन, जैसे ही आप डायबिटीज की दवाओं के साथ कोकोआ लेते हैं ब्लड शुगर लेवल कम नहीं हो पाता है और दवाओं को बेअसर कर देता है।

एंटीबायोटिक (Antibiotics)

एंटीबायोटिक के साथ कोकोआ लेने से आपको सिरदर्द, बदन दर्द, दिल की धड़कनों का धीमा होना जैसी समस्याएं हो सकती है।

गर्भनिरोधक दवाएं (Birth control pills)

गर्भनिरोधक दवाओं के साथ अगर आप कोकोआ का सेवन करती हैं तो सिरदर्द, दिल की तेज धड़कनें जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

इसके अलावा अगर आप इन दवाओं के साथ कोकोआ का सेवन करते हैं तो आपको साइड इफेक्ट्स से गुजरना पड़ सकता है।

  • फेनिलप्रोपानोलामिन (Phenylpropanolamine)
  • थीयोफायलिन (Theophylline)
  • सीमेटाडिन (Cimetidine)
  • फ्लूकोनाजोल (Fluconazole)
  • मैक्सीलिटिन (Mexiletine)
  • वरपामिल (Verapamil)

डोसेज

कोकोआ को लेने की सही खुराक क्या है ?

  • हैलो स्वास्थ्य इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि कोकोआ की कितनी खुराक लेना सुरक्षित है। आप जब भी कोकोआ का सेवन करें अपने हर्बलिस्ट या डाक्टर की सलाह पर करें।
  • दिल की बीमारी के लिए 19-54 ग्राम कोकोआ रोज ले सकते हैं। 46-100 ग्राम डार्क चॉकलेट रोज ले सकते हैं। इसके अलावा 16.6-1080 मिलीग्राम कोकोआ से बने पदार्थों का सेवन रोज किया जा सकता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर के लिए चॉकलेट या कोकोआ का सेवन 25-1080 मिलीग्राम रोज कर सकते हैं

उपलब्ध

कोकोआ किन रूपों में उपलब्ध है?

  • कोकोआ पाउडर
  • इनकैप्सूलेटेड कोकोआ एक्सट्रेक्ट (
  • कोकोआ बटर

हैलो स्वास्थ्य किसी प्रकार की चिकित्सा सलाह नहीं देता है। अधिक जानकारी के लिए आप किसी हर्बल स्पेशलिस्ट से मिलें।

रिव्यू की तारीख अक्टूबर 3, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 3, 2019