लाइम डिजीज बैक्टीरिया की वजह से होने वाला संक्रामक रोग है। यह बीमारी बोरेलिया बर्गडोरफेरी बैक्टीरिया या संक्रमित ब्लैकलेग्ड टिक के काटने की वजह से फैलती है। इसके लक्षण काटने के 3 दिनों से लेकर 30 दिनों तक नजर आ सकते हैं। वैसे लक्षण इंफेक्शन पर भी निर्भर करता है कि शरीर में कितना बैक्टीरिया फैला है। लाइम रोग की वजह से बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, बदन दर्द, लिंफ नोड्स में सूजन जैसी समस्याएं होती हैं।

डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की एक रिपोर्ट के अनुसार इसके अबतक 30 हजार मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, लाइम डिजीज काफी सामान्य है। वहीं डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की नए रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में 3 लाख से ज्यादा लोगों में लाइम डिजीज के लक्षण पाए गए हैं।
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कुछ लोगों में लाइम डिजीज के कुछ और लक्षण और संकेत भी हो सकते हैं:
कुछ ऐसे भी लक्षण हो सकते हैं जो ऊपर नहीं बताए गए हों। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए।
रैश की वजह से लाइम डिजीज को समझना आसान हो जाता है। हालांकि, एंटी-बायोटिक दवाओं की मदद से इलाज करना आसान हो जाता है। यदि आपको कोई और लक्षण भी नजर आते हैं तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि हर व्यक्ति के शरीर की बनावट अलग होती है। इसलिए डॉक्टर से मिलकर और समझकर हल निकाला जा सकता है।
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संक्रमित ब्लैकलेग्ड टिक के काटने की वजह से लाइम बीमारी होती है। जो ब्लड में आसानी से पहुंच जाता है और 36 से 48 घंटों में शरीर में फैल सकता है। ऐसे में जल्द से जल्द इलाज करवाना चाहिए, अन्यथा बाद में आपकी समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है।
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कई ऐसे कारण हो सकते हैं जिस वजह से लाइम डिजीज की समस्या हो सकती है, जैसे:
ऐसे जगहों पर समय ज्यादा बिताना जहां लकड़ियां या फिर हरे घांस हों। जो बच्चे ज्यादा वक्त तक बाहर रहते हैं या फिर वैसे लोग जिनका काम ही लकड़ियों से जुड़ा हुआ हो, उनलोगों में लाइम डिजीज खतरा ज्यादा होता है।
अगर आपको इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है तो ऐसे में घांस ये लकड़ियों वाली जगहों पर जाने से परहेज करें।
अगर आपको संक्रमित ब्लैकलेग्ड टिक के काटने की वजह से लाइम बीमारी हुई है। जो ब्लड में आसानी से पहुंच जाता है और 36 से 48 घंटों में शरीर में फैल सकता है। अगर यह 2 दिनों में ठीक हो जाता है तो आपकी समस्या कम हो सकती है। लेकिन, अगर ऐसा नहीं होता है तो डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है।
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दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
डॉक्टर लक्षणों को समझकर लाइम डिजीज का इलाज करते हैं और साथ ही यह भी समझने की कोशिश करते हैं की यह पहले भी हुआ है या नहीं। CDC के अनुसार सही ब्लड टेस्ट रिपोर्ट से इलाज करना आसान हो जाता है। कई बार ऐसा भी हो सकता है कि इंफेक्शन अगर फर्स्ट स्टेज में है तो इसकी जानकारी नहीं भी मिल सकती है। जिन लोगों में लाइम डिजीज के लक्षण नहीं होते हैं उन्हें भी टेस्ट की सलाह दी जा सकती है।
लाइम रोग के इलाज के लिए एंटी-बायोटिक्स का उपयोग किया जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार इलाज जल्दी शुरू करके इससे छुटकारा पाया जा सकता है।
इलाज के बाद कभी-कभी लोगों को मसल में दर्द या फिर थकावट महसूस हो सकती है। अगर ऐसी समस्या लगातार बनी रहती है तो इसे पोस्ट-ट्रीटमेंट लाइम डिजीज सिंड्रोम कहा जाता है।
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निम्नलिखित जीवनशैली और घरेलू उपचार से लाइम डिजीज से निपटा जा सकता है:
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अगर आपके मन में कोई सवाल हैं तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए जिससे बीमारी समझकर इलाज करवाना आसान हो सकता है।
हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है।
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