Anticentromere Antibody : एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट क्या है?

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अपडेट डेट जून 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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परिभाषा

एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट (Anticentromere Antibody) क्या है?

एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट CREST सिंड्रोम के डायग्नोस के लिए किया जाता है। सेंट्रोमियर क्रोमोसोम का मुख्य कॉन्स्ट्रिक्शन है जो क्रोमोसोम को बांटता है। कोशिका विभाजन के दौरान सेंट्रोमीटर माइटोटिक सेंट्रोसम्स के माइटोटिक स्पिंडल के ऊपर होता है। सेंट्रोमीटर एंटीबॉडी एक एंटीन्यूक्लियर एंटीबॉडी है। एंडीबॉडीज आमतौर पर CREST सिंड्रोम वाले मरीजों में पाया जाता है, जो स्क्लेरोडर्मा का एक प्रकार है। CREST सिंड्रोम की विशेषता है लाइम सिंड्रोम का इन्फिलटरेशन, रेनॉड्स फेनोमिनन, एसोफैगल पैरालिसिस, स्टिफ फिंगर्स और टेलंगीक्टेसिया। इसके विपरीत, सेंट्रोमियर एंटीबॉडी केवल स्केलेरोसिस के कुछ ही मरीजों में पाया जाता हैं, यह एक ऐसी बीमारी है जिसे CREST सिंड्रोम अलग करना मुश्किल है।

स्केलेरोसिस के कुछ मरीजों में सेंट्रोमियर एंटीबॉडी लगभग 50 से 90 फीसदी पॉजिटिव पाया जाता है, CREST सिंड्रोम वाले मरीजों में ACA करीब 82 से 96 फीसदी मौजूद होता है। इस परीक्षण की संवेदनशीलता 95 फीसदी है।

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एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट क्यों किया जाता है?

एंटीसेंट्रोमियर एंटीबॉडीज का संकेत तब मिलता है जब मरीज का एंटीइनक्लियर एंटीबॉडी टेस्ट (ANA) पॉजिटिव होता है और उसमें CREST सिंड्रोम से संबंधित एक या एक से अधिक लक्षण हों।

इन लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • कैल्सीफिकेशन – त्वचा के नीचे कैल्शियम जमा होना
  • रेनॉल्ड फेनोमिनना – हाथ और पैर की उंगलियों में रक्त के प्रवाह कम होना, जिससे उंगलियों का रंग पीला और बैंगनी हो जातै है
  • एसोफैगल डिसफंक्शन – निगलने में कठिनाई होना, हार्ट बर्न यानी सीने में जलन की समस्या, एसिड रिफ्लक्स की समस्या
  • उंगलियों के फाइबर (तंतुओं) का सख्त होनाा – उंगलियों की त्वचा और हाथ का सख्त होना या मोटा होना
  • वासोडी- केशिका मिलान के कारण त्वचा पर लाल धब्बे बनना

सावधानियां

एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

  • CREST सिंड्रोम की गंभीरता का एंटीबॉडी के स्तर के साथ कोई संबंध नहीं है।
  • ACA कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों में सकारात्मक हो सकता है, जैसे कि सिस्टमैटिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस, रुमेटीइड आर्थराइटिस या प्राइमरी बालियरी फाइब्रोसिस।
  • आमतौर पर, केवल CREST सिंड्रोम के लक्षण वालों का ही एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट किया जाता है। हालांकि, कुछ लोगों में इन लक्षणों के विकसित होने के पहले ही ACA परिणाम सकारात्मक हो सकते हैं और अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों के परीक्षण के साथ भी एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट किया जा सकता है।
  • इस एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट को कराने से पहले आपको इससे जुड़ी सावधानियों और एहतियातों को समझना जरूरी हो सकता है। यदि आपके मन में इस टेस्ट या इसके परिणामों से जुड़ा किसी भी तरह का सवाल है, तो इस बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं।

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प्रक्रिया

एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट के लिए मुझे कैसे तैयारी करनी चाहिए?

इस टेस्ट को कराने के पहले आपको निम्न तरह की तैयारियां करनी पड़ सकती है, जिनमें शामिल हो सकते हैेंः

  • डॉक्टर जब परीक्षण प्रक्रिया को समझाए तो उसकी बात ध्यान से सुनें।
  • अक्सर परीक्षण के लिए आपको उपवास करने की जरूरत नहीं पड़ती। आपके डॉक्टर टेस्ट से पहले आपको छह से आठ घंटे पहले कुछ भी न खाने की सलाह दे सकते हैं। हालांकि, इस दौरान आप पानी या अन्य तरल पदार्थ अपने डॉक्टर की सलाह पर पी सकते हैं।
  • टेस्ट के दौरान आपको छोटी बाजू के कपड़े पहन कर जाने चाहिए। ताकि, खून का नमूना प्राप्त करने में आसानी हो।

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एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी के दौरान क्या होता है?

इस टेस्ट के दौरान डॉक्टर आपके खून का नमूना ले सकते हैं, इस दौरान वे निम्न तरह की प्रक्रिया कर सकते हैं। जिनमें शामिल हो सकता हैः

  • नर्स या डॉक्टर सबसे पहले आपकी बांह के ऊपर बैंडेज या बैंड बांधेंगे, ताकि उस स्थान पर खून का प्रवाह रूक जाए, आपकी नसों में उभार आ जाए।
  • इसके बाद सुई लगाने वाली जगह को नर्स दवा से साफ करेंगे, ताकि किसी तरह के इंफेक्शन का जोखिम न हो और आपके खून का नमूना पूरी तरह से सुरक्षित हो।
  • इसके बाद डॉक्टर या नर्स आपकी बाजू के नस में सुई लगाएंगे। अगर पहली बार में उन्हें खून लेने में किसी तरह की परेशानी होती है, तो वे एक से अधिक बार भी सूई लगा सकते हैं।
  • इस सुई से अटैच एक ट्यूब होता है, जिसमें आपसे लिया गया खून एकत्र हो जाएगा।
  • आपका ब्लड सैंपल लेने के बाद आपकी बांह पर बांधी गई पट्टी को खोल दिया जाएगा।
  • सुई लगाने वाली जगह पर कॉटन या पट्टी लगा दी जाएगी, ताकि खून न बहे और उस स्थान पर खून के बहाव को रोकने के लिए कॉटल बा़ल से प्रेशर डाला जाएगा।

एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट के बाद क्या होता है?

  • जब डॉक्टर आपके खून का सैंपल ले रहे होंगे, तो इस दौरान आपको दर्द का अनुभव हो सकता है। कई बार यह दर्द का अनुभव आपको डॉक्टर और नर्स के अनुभव पर भी निर्भर कर सकता है। साथ ही, आपकी सहनशीलता पर भी यह निर्भर कर सकता है।
  • ब्लड सैंपल देने के बाद आप अपने अपने सारे दैनिक कार्य फिर से पहले की ही तरह कर सकते हैं।
  • कई बार इंजेक्सन वाली जगह पर दर्द, सूजन, लालिमा और खुजली की भी समस्या हो सकती है, जो कुछ ही घंटों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी समस्या 10 से 12 घंटों के बाद भी बने रहते हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  • एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट से जुड़े किसी सवाल और इसे बेहतर तरीके से समझने के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

और पढ़ेंः Intravenous Pyelogram: इंट्रावेनस पायलोग्राम टेस्ट क्या है?

परिणामों को समझें

मेरे परिणामों का क्या मतलब है?

सामान्य परिणाम

निगेटिव (यदि यह पॉजिटिव है, तो डॉक्टर क्वांटिटेटिव सिरम करेगा)

असामान्य परिणाम

  • कमजोर पॉजिटिव: सकारात्मक परिणाम टाइटर्स के अनुसार मिलान (1:40 एपिथिलियल सेल्स टाइप 2 [HEp-2] वाले लोगों में, 1:20 किडनी सेल्स में)।
  • औसत पॉजिटिवः पाया जाता है जब डिल्यूटिंग की बेंचमार्क से तुलना की जाती है।
  • स्ट्रॉन्ग पॉजिटिव: पाया जाता है जब स्टैंडर्ड की तुलना में दो बार डिल्यूट किया जाता है।

जब परिणाम पॉजिटिव हो: CREST सिंड्रोम

सभी लैब और अस्पताल के आधार पर एंटीसेंट्रोमेर एंटीबॉडी टेस्ट की सामान्य सीमा अलग-अलग हो सकती है। परीक्षण परिणाम से जुड़े किसी भी सवाल के लिए कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकली सलाह या उपचार की सिफारिश नहीं करता है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो कृपया इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

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